फाइनेंस

SBI, Titan Stocks in Focus Today

शेयर बाजार पर ग्लोबल तनाव का असर, आज SBI-Titan समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

surbhi मई 8, 2026 0
Traders monitor falling stock market as crude oil prices surge amid US-Iran geopolitical tensions
Global Tension Hits Indian Stock Market

कमजोर संकेतों के साथ खुल सकता है बाजार

BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को दबाव देखने को मिल सकता है। ग्लोबल बाजारों में कमजोरी, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

गिफ्ट निफ्टी करीब 102 अंकों की गिरावट के साथ 24,283 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की टेंशन

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया सैन्य घटनाओं के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और लागत दोनों बढ़ सकती हैं।

सोने और डॉलर में भी तेजी

अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है, जबकि डॉलर इंडेक्स भी मजबूत बना हुआ है।

ग्लोबल बाजारों का क्या रहा हाल?

अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। टेक शेयरों में मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक तनाव का असर वॉल स्ट्रीट पर देखने को मिला।

  • Dow Jones Industrial Average में 0.63% की गिरावट
  • S&P 500 0.38% नीचे बंद
  • NASDAQ Composite 0.13% टूटा

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

आज आएंगे इन बड़ी कंपनियों के नतीजे

शुक्रवार को कई दिग्गज कंपनियां अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी करेंगी। बाजार की नजर खासतौर पर इन कंपनियों पर रहेगी:

इन शेयरों में दिख सकता है एक्शन

BSE India

कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 61% से ज्यादा बढ़ा है, जिसके बाद शेयर चर्चा में रह सकता है।

Lenskart

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। इससे शेयर बाजार में हलचल बढ़ सकती है।

Cochin Shipyard

कंपनी की सहयोगी इकाई को नया बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी रहेगी।

Britannia Industries

एफएमसीजी कंपनी ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। मुनाफे में 21% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

PNC Infratech

कंपनी को लखनऊ विकास प्राधिकरण से बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला है, जिससे शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।

निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आज का कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। निवेशकों को अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी होगी।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

फाइनेंस

View more
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
ICICI Prudential Multi-Asset Active Fund of Funds offering diversified exposure to equity, debt, gold, and silver investments.

Mutual Fund NFO: ICICI Prudential ने लॉन्च किया Multi-Asset Active FoF, एक ही फंड में मिलेगा इक्विटी, डेट, गोल्ड और सिल्वर का फायदा

Today Stock Market

Stock Market: सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,100 के पार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

Share Market

जोरदार उछाल  के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

Gold Silver Rate
जुलाई के पहले दिन सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, एजेंसियां। जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार में गिरावट के साथ हुई है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का असर घरेलू बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) दोनों पर देखने को मिला। शादी-ब्याह के सीजन के बीच आई इस नरमी से ग्राहकों को राहत मिली है, जबकि निवेशक बाजार की अगली चाल पर नजर बनाए हुए हैं।   एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेज गिरावट एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.08 फीसदी से अधिक टूटकर 1,40,998 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.24 फीसदी की गिरावट के साथ 2,23,451 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बना हुआ है।   देशभर में खुदरा कीमतों में भी नरमी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। वहीं खुदरा बाजार में चांदी का भाव करीब 2,24,460 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि कुछ बाजारों में इसकी कीमत 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक रही।   खरीदारों के लिए अच्छा अवसर, विशेषज्ञों की सलाह बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहा है तो मौजूदा गिरावट उसके लिए अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी लेना, हॉलमार्क की जांच करना और केवल विश्वसनीय जौहरियों से ही खरीदारी करना जरूरी है। इससे ग्राहकों को सही गुणवत्ता और उचित कीमत का लाभ मिल सकेगा।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
GST Collection

सरकार की टैक्स कमाई में बड़ा उछाल, जून में GST संग्रह 13.9% बढ़कर ₹1.94 लाख करोड़

Commercial LPG cylinders and a 5kg LPG cylinder displayed after a price cut announced for July 1, 2026.

LPG Price Update: जुलाई के पहले दिन मिली राहत, कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹183.50 और 5 किलो 'छोटू' सिलेंडर ₹13 हुआ सस्ता

Advit Jewels IPO shares debut with a strong premium, delivering impressive listing gains to investors on stock exchanges.

Advit Jewels IPO Listing: निवेशकों की पहले ही दिन हुई शानदार कमाई, 36% प्रीमियम पर लिस्ट हुए शेयर

Gold and silver jewelry displayed in a showroom as precious metal prices fall sharply on July 1, 2026.
Gold Silver Price Today, 1 July 2026: जुलाई के पहले दिन सोना ₹1,600 तक टूटा, चांदी ₹5,700 सस्ती; जानें ताजा भाव

जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए गिरावट के साथ हुई है। 1 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत में ₹1,600 से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी करीब ₹5,700 तक सस्ती हो गई। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में दोनों कीमती धातुओं में लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। सोने का ताजा भाव एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,42,531 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार को बाजार खुलने पर सोना ₹1,41,634 प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत गिरकर ₹1,40,810 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹1,608 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक सोना ₹1,41,196 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹1,335 (0.94%) कम था। चांदी भी हुई सस्ती एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का पिछला बंद भाव ₹2,28,563 प्रति किलोग्राम था। आज इसकी शुरुआत ₹2,25,000 प्रति किलोग्राम से हुई। शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत गिरकर ₹2,22,901 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹5,662 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक चांदी ₹2,24,325 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से ₹4,238 (1.85%) कम थी। निवेशकों की नजर बाजार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर निवेशकों और आभूषण खरीदारों दोनों पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यदि गिरावट का यह रुख जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Share Market

शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद शानदार वापसी, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा; निफ्टी 23,900 के पार

Stock market news

Stock Market: गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 250 अंक टूटा

Rajeev Kumar

HDFC Bank के नए चेयरमैन बने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, RBI की मंजूरी का इंतजार

0 Comments

Top week

Italian Prime Minister Giorgia Meloni addresses reporters amid controversy over Italy's role during the Iran conflict.
दुनिया

NATO चीफ के बयान से इटली में सियासी बवाल, PM जॉर्जिया मेलोनी ने दी सफाई; ईरान को भी कराया फोन

Deepshikha जून 26, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?