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Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, जानिए गिरावट की बड़ी वजहें

surbhi मई 12, 2026 0
Indian rupee notes placed beside US dollar bills as rupee falls to record low against the dollar
Rupee Hits Record Low Against Dollar

भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.57 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान टूटकर 95.63 के ऑल टाइम लो तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 35 पैसे की गिरावट है।

सोमवार को भी रुपया 79 पैसे टूटकर 95.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। लगातार गिरते रुपये ने निवेशकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

कच्चे तेल में उछाल से बढ़ा दबाव

रुपये में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने तेल बाजार को प्रभावित किया है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।

Saudi Aramco ने भी चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर तेल का भंडार काफी कम हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल में OPEC देशों का उत्पादन साल 2000 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

होर्मुज स्ट्रेट संकट का असर

Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल सप्लाई पर दिखाई दे रहा है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण कुवैत और इराक जैसे देश तेल निर्यात में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रुपये पर दबाव बढ़ा रही है। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय बाजार में करीब 8,437 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।

ईरान संकट शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 20 अरब डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ी और रुपया कमजोर हुआ।

शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट

कमजोर रुपये और वैश्विक तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 525 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि NIFTY 50 में भी 164 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

क्यों गिर रहा है रुपया?

  • डॉलर के मुकाबले रुपया 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
  • अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
  • ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार
  • विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
  • शेयर बाजार में कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता

आम लोगों पर क्या होगा असर?

रुपये में गिरावट का सीधा असर आयात पर पड़ता है। भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान, विदेश यात्रा और आयातित वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Stock Market: भारी गिरावट के साथ बंद शेयर बाजार, सेंसेक्स 1456 अंक टूटा, निफ्टी 23400 के नीचे बंद

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को एक बार फिर बड़े दबाव में नजर आया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर हो गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और भारी बिकवाली देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक यानी लगभग 2% टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 436.30 अंक गिरकर 23,379.55 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में दोनों प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे और लगातार गिरावट दर्ज की गई।   रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपया भी मंगलवार को गिरकर 95.63 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।   निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान बाजार में आई इस तेज गिरावट का असर व्यापक रूप से देखा गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 10 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 457 लाख करोड़ रुपये रह गया।   इंडिया VIX में बढ़ोतरी, अस्थिरता का संकेत बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX लगभग 4% बढ़कर 19.26 पर पहुंच गया, जो निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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Share Market Crash: दो दिन में करीब 2,000 अंक टूटा Sensex, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर

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Stock Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भी कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। सप्ताह की शुरुआत से जारी गिरावट के बीच निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 525 अंकों से ज्यादा टूटकर 75,489 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 164 अंक गिरकर 23,651 के करीब कारोबार करता दिखा। सोमवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।   पश्चिम एशिया तनाव का असर विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बाद वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद बाजार में दबाव और बढ़ गया।   कच्चे तेल और रुपये पर दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। वहीं रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटकर 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी को बढ़ाया। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 8,400 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की।   आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में बड़ी गिरावट सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में आईटी और वित्तीय सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। Infosys, Tata Consultancy Services, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक में भारी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर Bharti Airtel और NTPC Limited के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।   निवेशकों में बढ़ी चिंता बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Anjali Kumari मई 12, 2026 0
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Stock Market: भारी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

Traders monitor falling Sensex and Nifty screens amid crude oil surge and market selloff

शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

Titan jewellery showroom amid sharp fall in jewellery stocks after PM Modi’s gold buying appeal

PM मोदी की अपील के बाद टूटे ज्वेलरी शेयर, Titan समेत कई कंपनियों में बड़ी गिरावट

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Stock Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक टूटा; निफ्टी 24 हजार से नीचे

मुंबई, एजेंसियां। BSE Sensex और Nifty 50 में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक टूटकर 76,400 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24 हजार के अहम स्तर से फिसलकर 23,950 के नीचे कारोबार करता दिखा।   विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए लोगों से किफायत बरतने की अपील, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 845 अंकों से अधिक गिरकर 76,482 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 238 अंक टूटकर 23,936 पर कारोबार करता दिखा।   ज्वैलरी सेक्टर में भारी बिकवाली   प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह के बाद ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। Senco Gold का शेयर करीब 9 प्रतिशत तक टूट गया। वहीं Kalyan Jewellers, Titan Company और PC Jeweller के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।   रुपये में कमजोरी और महंगाई की चिंता   डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ और शुरुआती कारोबार में 94.90 के स्तर तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है।   विशेषज्ञों के मुताबिक, इस्राइल-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था अभी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन बढ़ती तेल कीमतें और विदेशी मुद्रा पर दबाव आने वाले समय में बाजार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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