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सावन में बिना प्याज-लहसुन भी मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा स्वाद, ये 5 इंस्टेंट सात्विक रेसिपीज

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
Sawan Recipes
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नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन के महीने में बड़ी संख्या में लोग सात्विक भोजन अपनाते हैं और प्याज-लहसुन का सेवन पूरी तरह छोड़ देते हैं। ऐसे में रोजाना रात के खाने में क्या बनाया जाए, यह सबसे बड़ा सवाल बन जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट खाना बनाना मुश्किल है, लेकिन सही मसालों और आसान कुकिंग तकनीक की मदद से घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाया जा सकता है। अगर आप भी सावन में स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो ये इंस्टेंट सात्विक रेसिपीज आपके डिनर को खास बना सकती हैं।

 

1. बिना प्याज-लहसुन वाली पनीर मखनी


पनीर मखनी सावन के दौरान प्रोटीन से भरपूर और स्वादिष्ट विकल्प है। इसे बनाने के लिए टमाटर, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार करें। घी में जीरा, तेजपत्ता और हींग का तड़का लगाने के बाद इस पेस्ट को अच्छी तरह भूनें। फिर हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और काजू का पेस्ट मिलाकर ग्रेवी तैयार करें। आखिर में पनीर के टुकड़े और गरम मसाला डालकर कुछ मिनट पकाएं। तैयार पनीर मखनी को रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ परोसें।

 

2. दही वाले आलू की झटपट सब्जी


अगर आपके पास समय कम है तो दही वाले आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं। उबले आलू को हल्के मसालों के साथ भूनकर उसमें दही और बेसन का मिश्रण मिलाया जाता है। धीमी आंच पर पकाने से दही फटती नहीं और सब्जी का स्वाद बेहद लाजवाब बनता है। हरे धनिये की गार्निश इसे और भी स्वादिष्ट बना देती है।

 

3. मिक्स वेज पनीर भुर्जी


गाजर, बीन्स, शिमला मिर्च, मटर जैसी सब्जियों को हल्के मसालों के साथ पकाकर उसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाएं। अमचूर पाउडर और हरा धनिया इसका स्वाद बढ़ा देते हैं। यह डिश सिर्फ 15 मिनट में तैयार हो जाती है और रोटी, पराठे या ब्रेड के साथ खाई जा सकती है।

 

4. जीरा मटर पुलाव


बासमती चावल, हरे मटर, जीरा, तेजपत्ता, लौंग और दालचीनी जैसे साबुत मसालों से तैयार जीरा मटर पुलाव सात्विक भोजन का बेहतरीन विकल्प है। इसमें घी की हल्की खुशबू और साबुत मसालों का स्वाद इसे खास बनाता है। इसे बूंदी रायता या दही के साथ परोस सकते हैं।

 

5. कढ़ी पकोड़ा (बिना प्याज)


बेसन और दही से तैयार कढ़ी में बिना प्याज वाले बेसन के पकोड़े डालकर इसे आसानी से बनाया जा सकता है। जीरा, मेथी दाना, करी पत्ता, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। इसे सादे चावल या जीरा राइस के साथ परोसकर स्वादिष्ट और संतुलित भोजन का आनंद लिया जा सकता।

 

सात्विक भोजन को स्वादिष्ट बनाने के आसान टिप्स

 

बिना प्याज-लहसुन के भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए हींग, अदरक, हरी मिर्च, टमाटर, काजू का पेस्ट, कसूरी मेथी और साबुत मसालों का संतुलित उपयोग करें। घी में तड़का लगाने से व्यंजन का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं। इस तरह सावन के दौरान भी स्वाद और सेहत से भरपूर डिनर आसानी से तैयार किया जा सकता है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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सावन में बिना प्याज-लहसुन भी मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा स्वाद, ये 5 इंस्टेंट सात्विक रेसिपीज

नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन के महीने में बड़ी संख्या में लोग सात्विक भोजन अपनाते हैं और प्याज-लहसुन का सेवन पूरी तरह छोड़ देते हैं। ऐसे में रोजाना रात के खाने में क्या बनाया जाए, यह सबसे बड़ा सवाल बन जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट खाना बनाना मुश्किल है, लेकिन सही मसालों और आसान कुकिंग तकनीक की मदद से घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाया जा सकता है। अगर आप भी सावन में स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो ये इंस्टेंट सात्विक रेसिपीज आपके डिनर को खास बना सकती हैं।   1. बिना प्याज-लहसुन वाली पनीर मखनी पनीर मखनी सावन के दौरान प्रोटीन से भरपूर और स्वादिष्ट विकल्प है। इसे बनाने के लिए टमाटर, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार करें। घी में जीरा, तेजपत्ता और हींग का तड़का लगाने के बाद इस पेस्ट को अच्छी तरह भूनें। फिर हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और काजू का पेस्ट मिलाकर ग्रेवी तैयार करें। आखिर में पनीर के टुकड़े और गरम मसाला डालकर कुछ मिनट पकाएं। तैयार पनीर मखनी को रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ परोसें।   2. दही वाले आलू की झटपट सब्जी अगर आपके पास समय कम है तो दही वाले आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं। उबले आलू को हल्के मसालों के साथ भूनकर उसमें दही और बेसन का मिश्रण मिलाया जाता है। धीमी आंच पर पकाने से दही फटती नहीं और सब्जी का स्वाद बेहद लाजवाब बनता है। हरे धनिये की गार्निश इसे और भी स्वादिष्ट बना देती है।   3. मिक्स वेज पनीर भुर्जी गाजर, बीन्स, शिमला मिर्च, मटर जैसी सब्जियों को हल्के मसालों के साथ पकाकर उसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाएं। अमचूर पाउडर और हरा धनिया इसका स्वाद बढ़ा देते हैं। यह डिश सिर्फ 15 मिनट में तैयार हो जाती है और रोटी, पराठे या ब्रेड के साथ खाई जा सकती है।   4. जीरा मटर पुलाव बासमती चावल, हरे मटर, जीरा, तेजपत्ता, लौंग और दालचीनी जैसे साबुत मसालों से तैयार जीरा मटर पुलाव सात्विक भोजन का बेहतरीन विकल्प है। इसमें घी की हल्की खुशबू और साबुत मसालों का स्वाद इसे खास बनाता है। इसे बूंदी रायता या दही के साथ परोस सकते हैं।   5. कढ़ी पकोड़ा (बिना प्याज) बेसन और दही से तैयार कढ़ी में बिना प्याज वाले बेसन के पकोड़े डालकर इसे आसानी से बनाया जा सकता है। जीरा, मेथी दाना, करी पत्ता, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। इसे सादे चावल या जीरा राइस के साथ परोसकर स्वादिष्ट और संतुलित भोजन का आनंद लिया जा सकता।   सात्विक भोजन को स्वादिष्ट बनाने के आसान टिप्स   बिना प्याज-लहसुन के भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए हींग, अदरक, हरी मिर्च, टमाटर, काजू का पेस्ट, कसूरी मेथी और साबुत मसालों का संतुलित उपयोग करें। घी में तड़का लगाने से व्यंजन का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं। इस तरह सावन के दौरान भी स्वाद और सेहत से भरपूर डिनर आसानी से तैयार किया जा सकता है।

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Crispy Onion Pakoda Recipe: बिना डीप फ्राई किए बनाएं कुरकुरे प्याज के पकोड़े, शेफ संजीव कपूर की आसान Air Fryer रेसिपी

नई दिल्ली: बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम चाय के साथ कुरकुरे प्याज के पकोड़े न हों, ऐसा कम ही होता है। लेकिन डीप फ्राई पकोड़ों में ज्यादा तेल और कैलोरी होने की वजह से कई लोग इन्हें खाने से बचते हैं। अगर आप भी स्वाद के साथ सेहत का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर की यह Air Fryer Onion Pakoda Recipe आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस आसान रेसिपी की मदद से आप बिना डीप फ्राई किए भी बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम प्याज के पकोड़े तैयार कर सकते हैं। सामग्री 2 मीडियम आकार के प्याज ¾ कप बेसन 1 छोटा चम्मच नमक 1 छोटा चम्मच कुटा हुआ साबुत धनिया 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर 1½ छोटा चम्मच अजवाइन ब्रश करने के लिए थोड़ा-सा तेल स्टेप 1: प्याज तैयार करें सबसे पहले प्याज को पतले और लंबे स्लाइस में काट लें। अब इन्हें एक बड़े बाउल में डालकर नमक मिलाएं और हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें। इसके बाद प्याज को 10–15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे प्याज अपना प्राकृतिक पानी छोड़ देगा, जिससे बैटर बनाने के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टेप 2: बेसन और मसाले मिलाएं अब उसी बाउल में बेसन, कुटा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा पाउडर और अजवाइन डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं ताकि बेसन और मसाले प्याज पर समान रूप से चिपक जाएं। जरूरत पड़े तो बहुत थोड़ा पानी डाल सकते हैं, लेकिन मिश्रण ज्यादा पतला न करें। स्टेप 3: Air Fryer को Preheat करें Air Fryer को 200°C पर 2–3 मिनट के लिए प्रीहीट करें। इसके बाद बास्केट में पार्चमेंट पेपर बिछाएं और उस पर हल्का-सा तेल ब्रश कर दें, ताकि पकोड़े चिपकें नहीं। स्टेप 4: पकोड़े सेट करें तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे पकोड़े बनाकर Air Fryer बास्केट में रखें। ध्यान रखें कि सभी पकोड़े एक ही लेयर में हों और उनके बीच थोड़ी दूरी रहे, ताकि गर्म हवा चारों ओर समान रूप से पहुंच सके। ऊपर से हल्का-सा तेल ब्रश कर दें। स्टेप 5: पहली बार Air Fry करें Air Fryer को 200°C पर 6 मिनट के लिए चलाएं। इस दौरान पकोड़ों की बाहरी परत सुनहरी और हल्की कुरकुरी होने लगेगी। स्टेप 6: पलटकर दोबारा पकाएं 6 मिनट बाद पकोड़ों को सावधानी से पलट दें। दोबारा हल्का-सा तेल ब्रश करें और 8 मिनट के लिए फिर से Air Fry करें। जब पकोड़े सुनहरे और पूरी तरह कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें बाहर निकाल लें। ऐसे करें सर्व गरमा-गरम प्याज के पकोड़ों को हरी चटनी, टमाटर केचप और एक कप अदरक वाली चाय के साथ परोसें। बिना डीप फ्राई किए तैयार ये पकोड़े स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल हैं।  

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घर में रखे दही से झटपट बनने वाले स्वादिष्ट और सेहतमंद स्नैक्स की आसान रेसिपी
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नई दिल्ली, एजेंसियां। दही भारतीय रसोई का ऐसा सुपरफूड है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माना जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल रायता, लस्सी और कढ़ी बनाने में किया जाता है, लेकिन इससे कई स्वादिष्ट स्नैक्स भी तैयार किए जा सकते हैं। अगर अचानक मेहमान आ जाएं या शाम की चाय के साथ कुछ अलग खाने का मन हो, तो दही से बनी रेसिपीज़ बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं।   दही ब्रेड रोल   दही में बारीक कटी सब्जियां, पनीर, काली मिर्च और चाट मसाला मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। इसे ब्रेड में भरकर हल्का तेल लगाकर तवे या एयर फ्रायर में सेंक लें। यह स्नैक चाय के साथ और बच्चों के टिफिन के लिए शानदार विकल्प है।   दही सूजी टिक्की   सूजी, दही और बारीक कटी सब्जियों को मसालों के साथ मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। छोटी-छोटी टिक्कियां बनाकर नॉन-स्टिक तवे पर हल्के तेल में सेंक लें। यह हल्का और पौष्टिक शाम का नाश्ता है।   दही सैंडविच   दही में कद्दूकस किया हुआ खीरा, गाजर, शिमला मिर्च, नमक, काली मिर्च और हर्ब्स मिलाकर स्प्रेड तैयार करें। इसे ब्राउन ब्रेड पर लगाकर टोस्ट करें या बिना टोस्ट किए परोसें। यह हल्का और पौष्टिक स्नैक है।   दही आलू चाट   उबले हुए आलू पर फेंटा हुआ दही डालें और ऊपर से हरी चटनी, इमली की चटनी, भुना जीरा, लाल मिर्च, चाट मसाला, अनार के दाने और सेव डालकर परोसें। यह स्वाद और रंग दोनों में शानदार होती है।   दही ओट्स कटलेट   ओट्स, दही, उबली सब्जियां और मसालों को मिलाकर कटलेट तैयार करें। इन्हें कम तेल में तवे पर सेंकें या एयर फ्रायर में पकाएं। यह हेल्दी स्नैक फिटनेस पसंद लोगों और बच्चों दोनों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 28, 2026 0
Fresh homemade tomato basil pasta garnished with basil leaves, cheese, and cherry tomatoes in a serving bowl.

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