फ़ूड रेसिपी

Homemade Crispy Potato Chips Recipe

Market जैसे Crispy Potato Chips अब घर पर बनाएं, बच्चों की बार-बार चिप्स की डिमांड होगी पूरी

anmol जुलाई 13, 2026 0
Homemade crispy potato chips seasoned with spices, served in a bowl as a healthy snack.
Homemade Crispy Potato Chips Recipe

Homemade Potato Chips Recipe: अगर आपके बच्चे बार-बार बाजार के पैकेट वाले चिप्स खाने की जिद करते हैं, तो इस बार उन्हें घर पर बने कुरकुरे Potato Chips से सरप्राइज दें। सही तकनीक अपनाकर आप बिना प्रिजर्वेटिव और अपनी पसंद के मसालों के साथ बिल्कुल Crispy Chips तैयार कर सकते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • 2 बड़े आलू
  • 2 चम्मच नमक
  • 2 बड़े चम्मच सफेद सिरका
  • तलने के लिए तेल
  • स्वादानुसार नमक
  • काली मिर्च पाउडर
  • चाट मसाला
  • पुदीना पाउडर
  • पेरी-पेरी मसाला (वैकल्पिक)

ऐसे बनाएं Crispy Potato Chips

सबसे पहले आलू धोकर छील लें और स्लाइसर की मदद से बेहद पतले स्लाइस काटें। एक बाउल में ठंडा पानी और नमक मिलाकर स्लाइस को 15–20 मिनट तक भिगो दें ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए।

अब एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें सफेद सिरका डालें। आलू के स्लाइस को 3–4 मिनट तक हल्का उबालें। इसके बाद स्लाइस को किचन टॉवल पर अच्छी तरह सुखा लें।

कढ़ाही में तेल गर्म करें और आलू के स्लाइस को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। अतिरिक्त तेल निकालने के बाद गर्म चिप्स पर नमक, काली मिर्च, चाट मसाला, पुदीना पाउडर या पेरी-पेरी मसाला छिड़ककर अच्छी तरह मिलाएं।

स्टोर करने का सही तरीका

चिप्स पूरी तरह ठंडे होने के बाद उन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखें। इससे वे कई दिनों तक कुरकुरे बने रहते हैं।

प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण

  • कैलोरी: 180–220 kcal
  • कार्बोहाइड्रेट: 24–28 ग्राम
  • प्रोटीन: 2–3 ग्राम
  • फैट: 9–12 ग्राम
  • फाइबर: 2–3 ग्राम

ध्यान दें: डीप फ्राइड चिप्स का सेवन सीमित मात्रा में करें। अधिक हेल्दी विकल्प के लिए इन्हें एयर फ्रायर या बेक करके भी तैयार किया जा सकता है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anmol Manisha

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Diabetes Diet: ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए खाएं हाई-प्रोटीन मेथी-मूंग स्प्राउट्स सलाद, स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर पोषण

Healthy Recipe for Diabetes: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और ऐसा भोजन चाहते हैं जो पौष्टिक होने के साथ ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सके, तो मेथी-मूंग स्प्राउट्स सलाद एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर है और इसे नाश्ते, लंच या शाम के स्नैक में शामिल किया जा सकता है। डायबिटीज में क्यों फायदेमंद है मेथी-मूंग स्प्राउट्स सलाद? डायबिटीज में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहतर माना जाता है जो लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) वाले हों और जिनमें फाइबर व प्रोटीन भरपूर मात्रा में हो। अंकुरित मूंग (Sprouted Moong) और मेथी की पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। यह संयोजन लंबे समय तक पेट भरा रखने, ऊर्जा बनाए रखने और संतुलित आहार का हिस्सा बनने में मदद कर सकता है। आवश्यक सामग्री 1 कप अंकुरित मूंग 1 कप बारीक कटी ताजी मेथी 1 छोटा खीरा (कटा हुआ) 1 छोटा टमाटर (बीज निकालकर कटा हुआ) 1 छोटा प्याज (वैकल्पिक) 1 बड़ा चम्मच भुने कद्दू के बीज 1 छोटा चम्मच भुना अलसी पाउडर 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस काली मिर्च पाउडर सेंधा नमक या सामान्य नमक (सीमित मात्रा में) बनाने की विधि अंकुरित मूंग को 2–3 मिनट हल्का स्टीम कर लें। अब एक बड़े बाउल में मूंग, मेथी, खीरा, टमाटर और प्याज मिलाएं। इसमें भुने कद्दू के बीज, अलसी पाउडर, नींबू का रस, काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह टॉस करें। हेल्दी सलाद तैयार है। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 170–210 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 18–22 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम फैट: 5–7 ग्राम संभावित फायदे हाई फाइबर और प्रोटीन से भरपूर। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है। पाचन और वजन प्रबंधन में सहायक। एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर। कब खाएं? सुबह के नाश्ते में दोपहर के भोजन के साथ शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में ध्यान दें : यह रेसिपी डायबिटीज-फ्रेंडली संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है, लेकिन यह डायबिटीज का इलाज नहीं है। यदि आप डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेते हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

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जिम, ऑफिस और डाइटिंग करने वालों के लिए 3 हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट, जानें कौन-सा ड्रिंक करें रोज डाइट में शामिल

Healthy Breakfast for Weight Loss: अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, नियमित जिम जाते हैं या ऑफिस की व्यस्त दिनचर्या में हेल्दी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढ रहे हैं, तो हाई-प्रोटीन और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा नाश्ता लंबे समय तक पेट भरा रखने, मसल्स रिकवरी को सपोर्ट करने और मेटाबॉलिक हेल्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, केवल कोई एक फूड या ड्रिंक मेटाबॉलिज्म को चमत्कारी तरीके से तेज नहीं करता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी उतनी ही जरूरी हैं। सुबह का नाश्ता क्यों जरूरी है? रातभर के उपवास के बाद शरीर को ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर नाश्ता दिनभर की एनर्जी बनाए रखने, अनहेल्दी स्नैकिंग कम करने और कैलोरी कंट्रोल में मदद कर सकता है। जिम जाने वालों के लिए यह मसल्स रिकवरी और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में भी सहायक हो सकता है। 1. हाई-प्रोटीन पनीर-वेज सैंडविच बनने का समय: 10–15 मिनट सामग्री 2 स्लाइस मल्टीग्रेन ब्रेड 80 ग्राम लो-फैट पनीर खीरा, टमाटर, शिमला मिर्च पुदीना-धनिया चटनी काली मिर्च और ओरिगैनो कैसे बनाएं? ब्रेड पर चटनी लगाएं। पनीर और सब्जियां रखें, हल्का टोस्ट करें और गर्मागर्म सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 300 kcal प्रोटीन: 22 ग्राम फाइबर: 7 ग्राम किसके लिए बेहतर? वेट लॉस ऑफिस जाने वाले जिम करने वाले 2. ग्रीक योगर्ट फ्रूट-सीड्स बाउल बनने का समय: 10 मिनट सामग्री 1 कप ग्रीक योगर्ट सेब या अनार चिया सीड्स अलसी कद्दू के बीज प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 300 kcal प्रोटीन: 20 ग्राम फाइबर: 9 ग्राम फायदे गट हेल्थ को सपोर्ट हेल्दी फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद 3. सोया-ओट्स वेज उपमा बनने का समय: 20 मिनट सामग्री ½ कप ओट्स ½ कप उबले सोया ग्रैन्यूल्स गाजर, मटर, शिमला मिर्च सरसों, करी पत्ता 1 छोटा चम्मच तेल कैसे बनाएं? हल्के तेल में मसालों का तड़का लगाएं। सब्जियां, सोया और ओट्स डालकर 5–7 मिनट पकाएं। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 290 kcal प्रोटीन: 21 ग्राम फाइबर: 8 ग्राम फायदे हाई प्रोटीन और हाई फाइबर एनर्जी बनाए रखने में मदद ऑफिस और जिम रूटीन के लिए उपयुक्त रोज डाइट में शामिल करें यह हेल्दी ड्रिंक जीरा-अदरक-नींबू ड्रिंक कब पिएं? नाश्ते के 20–30 मिनट बाद या वर्कआउट के बाद सामग्री 1 गिलास गुनगुना पानी ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर थोड़ा कद्दूकस किया अदरक ½ नींबू संभावित फायदे शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद पाचन को सपोर्ट कम कैलोरी वाला हेल्दी विकल्प जिम और ऑफिस जाने वालों के लिए आसान डाइट चार्ट सुबह: गुनगुना पानी ब्रेकफास्ट (8–9 बजे): ऊपर दिए गए 3 विकल्पों में से कोई एक मिड मॉर्निंग: 1 मौसमी फल + 5 बादाम लंच: 2 रोटी + दाल + सब्जी + सलाद + दही शाम: जीरा-अदरक-नींबू ड्रिंक + भुना चना वर्कआउट के बाद: दूध/दही + हाई-प्रोटीन स्नैक डिनर: पनीर, सोया या दाल के साथ हल्का भोजन क्या ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं? कोई भी एक रेसिपी या ड्रिंक अकेले मेटाबॉलिज्म को तेज नहीं करती। लेकिन हाई-प्रोटीन नाश्ता, पर्याप्त फाइबर, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और संतुलित आहार मिलकर बेहतर मेटाबॉलिक हेल्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हफ्ते में कितने दिन खाएं? इन तीनों ब्रेकफास्ट को सप्ताह में 5–6 दिन रोटेशन में शामिल किया जा सकता है ताकि शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व मिलते रहें। ध्यान दें: यदि आपको किडनी रोग, लिवर की बीमारी, डायबिटीज या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो हाई-प्रोटीन डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।  

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Three satvik fasting recipes including sabudana khichdi, samak rice kheer and singhare flour paneer chilla for Jagannath Rath Yatra 2026.
Jagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा के व्रत में बनाएं ये 3 सात्विक रेसिपीज, स्वाद भी मिलेगा और उपवास भी रहेगा आसान

Jagannath Rath Yatra Fasting Recipes: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं। ऐसे में फलाहारी और सात्विक भोजन का विशेष महत्व होता है। अगर आप इस पावन अवसर पर घर में स्वादिष्ट और पौष्टिक व्रत का भोजन बनाना चाहते हैं, तो ये तीन आसान रेसिपीज आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। रथ यात्रा पर क्यों बनाया जाता है सात्विक भोजन? भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आस्था, भक्ति और सेवा का महापर्व माना जाता है। इस दौरान कई भक्त उपवास रखते हैं और बिना प्याज-लहसुन वाला सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत में ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाती है जो हल्के हों, ऊर्जा दें और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करें। यहां जानिए तीन ऐसी आसान रेसिपीज, जिन्हें आप रथ यात्रा के दिन कम समय में तैयार कर सकते हैं। 1. साबूदाना मूंगफली खिचड़ी आवश्यक सामग्री 1 कप साबूदाना (5–6 घंटे भिगोया हुआ) ½ कप भुनी मूंगफली (दरदरी पिसी) 2 उबले आलू 2 हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच जीरा 8–10 करी पत्ते (यदि व्रत की परंपरा में स्वीकार्य हों) सेंधा नमक 1 बड़ा चम्मच घी हरा धनिया नींबू बनाने की विधि घी गर्म करें, जीरा डालें। आलू और हरी मिर्च हल्का भूनें। अब साबूदाना और मूंगफली मिलाकर 4–5 मिनट पकाएं। अंत में नींबू और हरा धनिया डालकर सर्व करें। बनने में समय: 20 मिनट प्रति सर्विंग कैलोरी: लगभग 320–350 kcal 2. सामक चावल की खीर आवश्यक सामग्री ½ कप सामक चावल 500 ml दूध 1 बड़ा चम्मच गुड़ या मिश्री इलायची पाउडर बादाम और काजू केसर (वैकल्पिक) बनाने की विधि दूध उबालें, उसमें सामक चावल डालकर धीमी आंच पर पकाएं। गाढ़ा होने पर गुड़, इलायची और ड्राई फ्रूट्स मिलाकर सर्व करें। बनने में समय: 30 मिनट प्रति सर्विंग कैलोरी: लगभग 240–280 kcal 3. सिंघाड़े के आटे के पनीर चीला आवश्यक सामग्री 1 कप सिंघाड़े का आटा 100 ग्राम पनीर हरी मिर्च हरा धनिया सेंधा नमक जीरा 1 छोटा चम्मच घी बनाने की विधि आटे में पानी मिलाकर घोल तैयार करें। पनीर, धनिया और मसाले मिलाएं। नॉन-स्टिक तवे पर दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेक लें। बनने में समय: 20–25 मिनट प्रति सर्विंग कैलोरी: लगभग 280–330 kcal व्रत में इन बातों का रखें ध्यान :- पर्याप्त मात्रा में पानी और नारियल पानी पीते रहें। सेंधा नमक का ही उपयोग करें (यदि आपकी व्रत परंपरा में यही प्रचलित हो)। अधिक तला-भुना भोजन खाने से बचें। फल और दही को भी डाइट में शामिल करें। यदि मधुमेह, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है तो व्रत का भोजन अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चुनें और जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लें। ध्यान दें: अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं। किसी भी सामग्री का उपयोग अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार करें।  

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