झारखंड

रांची-गुमला हाईवे पर भीषण टक्कर, बोलेरो और ऑटो पलटे, 13 घायल

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Ranchi Gumla Highway Accident
Ranchi Gumla Highway Accident

रांची। रांची-गुमला मुख्य मार्ग (एनएच-43) पर शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में 13 लोग घायल हो गए। इटकी थाना क्षेत्र के पलमा पेट्रोल पंप के समीप तेज रफ्तार बोलेरो ने आगे चल रहे सवारी ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन सड़क किनारे पलट गए और उनमें सवार यात्री अंदर फंस गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तथा राहगीर तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।

 

स्थानीय लोगों ने बचाई घायलों की जान


ग्रामीणों और राहगीरों ने पलटे वाहनों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सूचना मिलते ही इटकी थाना की पुलिस, बेड़ो पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया और कुछ देर के लिए बाधित यातायात को फिर से सामान्य कराया।

 

तीन गंभीर घायलों को रिम्स भेजा गया


बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। हादसे में बोलेरो और ऑटो दोनों वाहनों में सवार लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।

 

पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच


प्राथमिक जांच में हादसे का कारण बोलेरो की तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना माना जा रहा है। इटकी पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण और नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

झारखंड

View more
Film and Television Institute
झारखंड में खुलेगा फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, एक्टिंग से फिल्म मेकिंग तक मिलेंगे प्रोफेशनल कोर्स

रांची। झारखंड में फिल्म और टेलीविजन के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार रांची में पुणे और कोलकाता के प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों की तर्ज पर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट स्थापित करने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) के बीच 22 जुलाई को समझौता (एमओयू) होगा। प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। संस्थान के लिए रांची स्थित सूचना भवन में आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।   इस संस्थान में फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फिल्म मेकिंग, स्क्रीन एक्टिंग, कंटेंट राइटिंग, स्क्रीन राइटिंग, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण और एनिमेशन जैसे प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट (एमएफए) कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। पहले सेमेस्टर में सभी विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की बुनियादी शिक्षा दी जाएगी, जबकि अंतिम सेमेस्टर में उन्हें डिग्री फिल्म और प्रोडक्शन प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा।   व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक पर रहेगा जोर संस्थान में छात्रों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्क्रीन एक्टिंग कोर्स के तहत कैमरे के सामने अभिनय, वॉयस और स्पीच ट्रेनिंग, चरित्र निर्माण, सीन एनालिसिस, थिएटर प्रशिक्षण, ऑडिशन तकनीक और मल्टी-कैमरा शूटिंग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा।   अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस संस्थान में सिने कैमरा, प्रोफेशनल लेंस, स्टूडियो, शूटिंग उपकरण, एडिटिंग लैब, साउंड रिकॉर्डिंग स्टूडियो, डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर, कलर करेक्शन सुविधा, इंडस्ट्री स्टैंडर्ड सॉफ्टवेयर, स्क्रीनिंग थिएटर, प्रोफेशनल माइक्रोफोन और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम उपलब्ध होंगे। अनुभवी फिल्म विशेषज्ञों और अतिथि फैकल्टी द्वारा नियमित वर्कशॉप, मास्टर क्लास और लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल झारखंड के युवाओं को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण फिल्म शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर पर करियर के नए अवसर प्रदान करेगी।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Sonam Wangchuk Protest

सोनम वांगचुक के समर्थन में आए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी

Hazaribagh Central Jail

हजारीबाग में जल्द शुरू होगा हाई सिक्योरिटी जेल

Ajay Mahto

अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद पत्नी बबीता संथाली ने किया सरेंडर, नक्सल संगठन को दो दिन में दूसरा बड़ा झटका

Innobox
12वीं पास छात्र का AI इनोवेशन बनेगा हाथियों से सुरक्षा की नई ढाल

रांची। झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में एक 18 वर्षीय छात्र ने बड़ी पहल की है। रांची के रहने वाले अवि मोहन कुमार शुक्ला ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिवाइस ‘इनोबॉक्स’ (Innobox) विकसित किया है, जो हाथियों की समय रहते पहचान कर ग्रामीणों को अलर्ट भेज सकता है। फिलहाल इस डिवाइस का परीक्षण पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में किया जा रहा है। यदि परीक्षण सफल रहता है तो अगस्त से इसे रांची जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित किया जाएगा।   सोलर एनर्जी और AI तकनीक से लैस डिवाइस हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने वाले अवि ने तीन महीने की मेहनत से यह डिवाइस तैयार किया है। यह सोलर एनर्जी से संचालित होता है और इसमें AI कैमरा, रडार तथा सीस्मिक सेंसर लगाए गए हैं। ये तकनीक मिलकर हाथियों और अन्य बड़े जंगली जानवरों की पहचान करती हैं और गांव वालों को समय रहते चेतावनी देती हैं। अवि के अनुसार, यह डिवाइस 80 से 85 प्रतिशत तक सटीक पहचान करने में सक्षम है।   पुरानी तकनीक से ज्यादा प्रभावी वर्तमान में उपयोग होने वाले मोशन सेंसर किसी भी हलचल पर सायरन बजा देते हैं, जिससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और कई बार फर्जी अलर्ट मिलते हैं। वहीं, ‘इनोबॉक्स’ केवल हाथी जैसे बड़े जानवर की पहचान होने पर ही अलर्ट जारी करता है। सोलर एनर्जी से संचालित होने के कारण बिजली और बैटरी की समस्या भी नहीं रहती।   वन विभाग का सहयोग और बड़ी उम्मीद अवि के इस प्रोजेक्ट को झारखंड वन विभाग, IIM रांची और अमेरिका की Emergent Ventures का सहयोग मिला है। वन विभाग ने 10 AI डिवाइस तैयार करने के लिए एक लाख रुपये की सहायता भी दी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रवि रंजन के अनुसार, शुरुआती परीक्षण उत्साहजनक रहे हैं। झारखंड में वर्ष 2019-20 से अब तक हाथियों के हमलों में 474 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में यह AI तकनीक मानव-हाथी संघर्ष कम करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Rat Menace RIMS

रिम्स में चूहों का आतंक, दवाओं से लेकर टेलीफोन की तार कुतरीं

Morabadi Vending Zone

48 घंटे में दें जवाब, नहीं तो जाएगी दुकान ....... मोरहाबादी वेंडिंग जोन में निगम ने 80 दुकानदारों को दिया नोटिस

Ranchi Gumla Highway Accident

रांची-गुमला हाईवे पर भीषण टक्कर, बोलेरो और ऑटो पलटे, 13 घायल

Bokaro Theft
बोकारो में चोरी का अनोखा तरीका, सेल कर्मी के घर से 3.5 लाख की नकदी और जेवरात उड़ाए

बोकारो। बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। चोरों ने बंद पड़े एक सेल कर्मी के आवास को निशाना बनाकर करीब 3.5 लाख रुपये की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरी के बाद आरोपी घर के मुख्य दरवाजे पर अपना ताला लगाकर फरार हो गए, ताकि घटना का खुलासा देर से हो सके।   जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, सेल कर्मी वकील प्रसाद महली बुधवार को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर गांव गए थे। दो दिन बाद जब वे वापस लौटे तो अपने घर के दरवाजे पर दूसरा ताला लगा देखकर चौंक गए। उन्होंने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि नकदी और जेवरात सहित लगभग 3.5 लाख रुपये की संपत्ति चोरी हो चुकी है।   पीड़ित ने क्या बताया पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई को ही इस नए आवास में शिफ्ट किया था। चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और जाते समय अपना ताला लगाकर घर को बंद कर दिया, जिससे आसपास के लोगों को किसी तरह का संदेह न हो और चोरी का पता देर से चल सके।   सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-12 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।   पुलिस का मानना है कि चोरों ने पहले घर की गतिविधियों पर नजर रखी और परिवार के बाहर जाने के बाद वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Encroachment Drive Ranchi

रांची में अतिक्रमण पर सख्त हुआ नगर निगम, छोटा तालाब और सरकारी जमीनों पर चला निरीक्षण अभियान

JFWC Exam Special Train

परीक्षार्थियों को राहत! JFWC एग्जाम के लिए रांची रेल मंडल चलाएगा स्पेशल ट्रेनें

Muri & Piska

पिस्का और मुरी स्टेशन का बदला स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

0 Comments

Top week

Today Horoscope
राष्ट्रीय

Today Horoscope: आज का राशिफल 13 जुलाई 2026, सोमवार

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?