राष्ट्रीय

भूख हड़ताल के बीच अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक, पत्नी ने उठाए इलाज पर सवाल

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Sonam Wangchuk
Sonam Wangchuk went to Safdarjung Hospital

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देश और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के बाद उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह कदम उठाया गया। लंबे समय से उपवास और डिहाइड्रेशन के कारण उनकी स्थिति कमजोर हो गई थी।

 

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार


सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, सोनम वांगचुक को सुबह करीब 7:40 बजे भर्ती किया गया। अस्पताल ने बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। शरीर में पानी की कमी और लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

 

गीतांजलि डी. अंगमो ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखा 


इस बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक का पोटेशियम स्तर 17 जुलाई की शाम 4.3 से घटकर 18 जुलाई की सुबह 2.9 हो गया है। गीतांजलि ने सफदरजंग अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह अस्पताल नहीं, बल्कि "जेल" जैसा माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे आंदोलन का संचालन प्रभावित हो रहा है।

 


गीतांजलि ने यह भी घोषणा की


गीतांजलि ने यह भी घोषणा की कि अब यह आंदोलन पूरे देश में यात्रा के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक स्वास्थ्य कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पाए, तो वह स्वयं उनका प्रतिनिधित्व करेंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न संस्थाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।


उधर, जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे तीन अन्य छात्र कार्यकर्ताओं की भी तबीयत बिगड़ने की खबर है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की।

 

इस घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी और सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बजाय सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था। विपक्ष ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की भावना के लिए चिंताजनक बताया।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

राष्ट्रीय

View more
Hariyali Teej
15 अगस्त को रखा जाएगा हरियाली तीज का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा के नियम

नई दिल्ली, एजेंसियां। हरियाली तीज का पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और यह विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि के लिए निर्जला या फलाहार व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और स्थिरता बनी रहती है।   पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में तृतीया तिथि 14 अगस्त की शाम 6:46 बजे से शुरू होकर 15 अगस्त की शाम 5:28 बजे तक रहेगी। चूंकि व्रत और पर्व उदयातिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, इसलिए हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी।   जानें शुभ मुहूर्त और व्रत के नियम हरियाली तीज के दिन पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:50 से 5:35 बजे तक, अभिजित मुहूर्त 12:17 से 1:08 बजे तक और विजय मुहूर्त 2:51 से 3:42 बजे तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त 7:06 से 7:29 बजे और अमृत काल रात 8:18 से 9:53 बजे तक रहेगा। चौघड़िया के अनुसार शुभ, लाभ और अमृत काल भी पूजा के लिए अनुकूल माने गए हैं।   इस दिन महिलाओं को क्या पहना चाहिए ? इस दिन महिलाओं को हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनने, सोलह श्रृंगार करने और हाथों में मेहंदी रचाने की परंपरा है। पूजा में मायके से प्राप्त श्रृंगार सामग्री का उपयोग शुभ माना जाता है। व्रत के दौरान विवाद और नकारात्मकता से दूर रहने, शुभ मुहूर्त से पहले पारण न करने तथा रात्रि में भजन-कीर्तन और शिव-पार्वती के जागरण का विशेष महत्व बताया गया है।   उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में हरियाली तीज बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर मायके से विवाहित बेटियों को वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, घेवर, मिठाइयां और उपहार भेजने की परंपरा भी निभाई जाती है, जो पारिवारिक स्नेह और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक मानी जाती है।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Sonam Wangchuk

भूख हड़ताल के बीच अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक, पत्नी ने उठाए इलाज पर सवाल

Abhijeet Dipke

सोनम वांगचुक अस्पताल पहुंचे तो आंदोलन ने पकड़ी नई रफ्तार, अभिजीत दिपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे

Indian Air Force

ऑस्ट्रेलिया में 'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026' में भारतीय वायुसेना की एंट्री, राफेल और C-17 विमानों ने संभाला मोर्चा

Sonam Wangchuk Safdarjung Hospital
21वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती

नई दिल्ली, एजेंसियां। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद की गई, जिसमें उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप करने को कहा गया था।   जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया   शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस और मेडिकल टीम जंतर-मंतर पहुंची, जहां वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट और डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान कुछ समर्थकों ने विरोध भी किया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।   हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई   दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रशासन को निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराई जाए और हालत गंभीर होने पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पुलिस का कहना है कि अस्पताल ले जाने का फैसला पूरी तरह मेडिकल सलाह के आधार पर लिया गया।   पत्नी ने इलाज को लेकर रखी शर्त   अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि उनकी स्पष्ट सहमति के बिना कोई चिकित्सा प्रक्रिया या उपचार शुरू नहीं किया जाए। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल ले जाने से पहले परिवार को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।   समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया   वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद उनके समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा और आगामी दिनों में विरोध कार्यक्रमों को और तेज किया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Droupadi Murmu Visit

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल से तीन देशों के दौरे पर, मोल्दोवा से होगी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की शुरुआत

Voter List Issue

'मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब नागरिकता खत्म नहीं', सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

India First Hydrogen Train

कैसे चलती है भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन? जानिए इसकी तकनीक, रूट और खासियत

Jio 5G Growth
Jio ने 12 महीनों में जोड़े 7.3 करोड़ नए 5G ग्राहक, आकाश अंबानी बोले- अब AI और डीप-टेक पर रहेगा फोकस

मुंबई, एजेंसियां। रिलायंस जियो ने पिछले 12 महीनों में 7.3 करोड़ (73 मिलियन) नए True 5G ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा है। कंपनी ने अपने ताज़ा वित्तीय नतीजों के साथ यह जानकारी साझा की। इसके साथ ही जियो का 5G नेटवर्क देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला नेटवर्क बन गया है।   तीन महीने में जुड़े 89 लाख नए ग्राहक   कंपनी के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच ही जियो ने 89 लाख नए मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े। बढ़ते ग्राहक आधार के साथ कंपनी का कुल मोबाइल ग्राहक आधार 53.3 करोड़ के पार पहुंच गया है।   4G से आगे निकला 5G डेटा ट्रैफिक   जियो ने बताया कि उसके नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G की तुलना में करीब डेढ़ गुना हो चुका है। कंपनी का कहना है कि हाई-स्पीड इंटरनेट और बढ़ते 5G उपयोग के कारण डेटा खपत में लगातार रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।   आकाश अंबानी बोले- जियो बनेगी डीप-टेक कंपनी   रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी अब केवल टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं रहना चाहती, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई डिजिटल तकनीकों पर आधारित एक मजबूत डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।   5G, ब्रॉडबैंड और AI पर रहेगा अगला दांव   जियो का कहना है कि आने वाले समय में उसका फोकस 5G सेवाओं के विस्तार, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, AI आधारित डिजिटल सेवाओं और अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी तकनीकों पर रहेगा। कंपनी का लक्ष्य देशभर में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाना है।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Sonam Wangchuk Movement

किरण राव ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को दिया समर्थन, सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील

Damaged car carrying Amarnath pilgrims after crashing into a dumper in Udhampur

अमरनाथ यात्रा के दौरान हादसा, डंपर से टकराई श्रद्धालुओं की कार; 4 घायल

Police investigating the house where five members of a family were found dead in Raipur

रायपुर में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, पति का शव फंदे पर मिला; पत्नी और तीन बच्चों के शव घर में मिले

0 Comments

Top week

Today Horoscope
राष्ट्रीय

Today Horoscope: आज का राशिफल 13 जुलाई 2026, सोमवार

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?