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Water Metro to Expand Across India

देश के 18 शहरों में शुरू होगी वाटर मेट्रो सेवा, सरकार ने तैयार किया मास्टर प्लान

surbhi मई 19, 2026 0
Water Metro ferry operating on urban waterways as India plans expansion to 18 cities.
India Water Metro Expansion Plan

नई दिल्ली: केंद्र सरकार देशभर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने देश के 18 शहरों में वाटर मेट्रो ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू करने की योजना तैयार की है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल वाटर मेट्रो पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, इस ड्राफ्ट को विभिन्न मंत्रालयों के पास चर्चा और सुझावों के लिए भेजा गया है, ताकि जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देशभर में लागू किया जा सके।

दो चरणों में लागू होगी योजना

सरकार इस परियोजना को दो चरणों में लागू करेगी। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज के अलावा बिहार की राजधानी पटना और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है।

दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ जैसे शहरों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा अन्य संभावित शहरों का भी सर्वे किया जा रहा है।

कोच्चि मॉडल से मिली प्रेरणा

अधिकारियों के मुताबिक, केरल की कोच्चि वाटर मेट्रो की सफलता के बाद सरकार अब इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना चाहती है। कोच्चि में इस परियोजना को लोगों का अच्छा समर्थन मिला है और इसे ट्रैफिक कम करने के प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य उन शहरों में जलमार्ग आधारित सार्वजनिक परिवहन विकसित करना है, जहां नदियां, झीलें या नहरें मौजूद हैं।

क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि वाटर मेट्रो सिस्टम कम लागत वाला और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम है।

उन्होंने बताया कि इसमें पहले से मौजूद जलमार्गों का उपयोग किया जाता है, जिससे बड़े निर्माण कार्यों की जरूरत कम पड़ती है। साथ ही, यह परियोजना कम समय में पूरी की जा सकती है और जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता भी बेहद कम होती है।

मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड ईंधन से चलने वाली नावों के इस्तेमाल से प्रदूषण में कमी आएगी और शहरों में सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।

आम लोगों और पर्यटन को मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि वाटर मेट्रो सेवा आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। इससे यात्रा अधिक आरामदायक, सस्ती और तेज होगी।

सरकार ने इसके लिए कुछ मानक भी तय किए हैं। प्राथमिकता उन शहरों को दी जाएगी जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित और दूर-दराज के इलाकों में नियमों में छूट दी जा सकती है।

18 शहरों का सर्वे पूरा

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने इस परियोजना की व्यवहार्यता जांच के लिए Kochi Metro Rail Limited की मदद ली है।

अब तक 18 शहरों का सर्वे पूरा किया जा चुका है और 17 शहरों की रिपोर्ट भी मंत्रालय को मिल चुकी है। केवल लक्षद्वीप की रिपोर्ट आना बाकी है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Reserve Bank of India (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.09 अरब डॉलर घटकर 688.89 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह इसमें 6.29 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी और यह 696.99 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूत मांग इस गिरावट की बड़ी वजह हैं। रिकॉर्ड स्तर से लगातार गिर रहा भंडार आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बाद से इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है। क्यों घट रहा है विदेशी मुद्रा भंडार? रुपये को संभालने में जुटा RBI डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ने के बाद Reserve Bank of India लगातार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। रुपये को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक बाजार में डॉलर बेच रहा है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ रही है। पश्चिम एशिया संकट का असर Middle East में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर कच्चे तेल की सप्लाई और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने और डॉलर की मांग बढ़ने से विदेशी मुद्रा का आउटफ्लो बढ़ गया है। पीएम मोदी ने की खास अपील स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Narendra Modi ने 11 मई 2026 को देशवासियों से विशेष अपील की थी। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से: विदेशी यात्राएं कम करने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके। जानिए किस हिस्से में कितनी गिरावट आई विदेशी मुद्रा भंडार का घटक मौजूदा स्थिति गिरावट विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) $545.90 अरब $6.48 अरब घटा गोल्ड रिजर्व $119.32 अरब $1.54 अरब घटा विशेष आहरण अधिकार (SDR) $18.82 अरब $4.9 करोड़ घटा IMF में भारत की आरक्षित स्थिति $4.85 अरब $2.5 करोड़ घटा अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है? विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट से: रुपये पर दबाव बढ़ सकता है आयात महंगा हो सकता है और महंगाई में तेजी आ सकती है अभी भी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार वैश्विक मानकों के हिसाब से मजबूत माना जा रहा है और यह कई महीनों के आयात को कवर करने में सक्षम है।  

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Delhi के उत्तर-पूर्वी इलाके Shastri Park स्थित फर्नीचर बाजार में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कई दुकानें जलकर खाक हो गईं और लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग बुझाने में कथित देरी से नाराज स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। रातभर चला आग बुझाने का अभियान Delhi Fire Service (DFS) के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार रात 11 बजकर 57 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। आग New Seelampur Metro Station के पास स्थित फर्नीचर बाजार में लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि बाजार में बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए कुल 25 फायर टेंडर मौके पर भेजे। आग बुझाने का काम पूरी रात जारी रहा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकलकर्मियों पर पथराव डीएफएस के एक अधिकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय लोग आग बुझाने में देरी को लेकर नाराज हो गए और उन्होंने दमकल कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने के बाद रात करीब 12 बजकर 50 मिनट पर पुलिस सहायता मांगी गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया गया। आग लगने की वजह का पता नहीं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद जांच शुरू की जाएगी। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक बाजार में रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण नुकसान काफी ज्यादा हुआ है।  

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