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नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में 4 बार भूकंप

नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके, 4 बार कांपी धरती

ranjan kumar tiwari अगस्त 14, 2026 0
नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके
नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में भूकंप, चार बार कांपी धरती

नई दिल्ली, एजेंसियां। शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के नासिक, हिमाचल प्रदेश के चंबा और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके दर्ज किए गए। उपलब्ध भूकंपीय आंकड़ों के मुताबिक, करीब सात घंटे के दौरान इन इलाकों में कुल चार भूकंप आए। इनमें सबसे तेज झटका अफगानिस्तान में 4.4 तीव्रता का रहा।

फिलहाल इन भूकंपों से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

 

नासिक में 3.4 तीव्रता का भूकंप

 

महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार सुबह 5:32 बजे भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। भूकंप की गहराई करीब तीन किलोमीटर बताई गई है।

झटके महसूस होने के बाद लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बना, लेकिन अभी तक किसी नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।

 

चंबा में 3.0 तीव्रता के झटके

 

हिमाचल प्रदेश के चंबा में सुबह 6:36 बजे भूकंप आया। इसकी तीव्रता 3.0 रही और भूकंप करीब पांच किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।

चंबा में भी भूकंप के कारण किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

 

अफगानिस्तान में दो बार कांपी धरती

 

अफगानिस्तान में शुक्रवार तड़के करीब 12 मिनट के अंतराल में दो भूकंप दर्ज किए गए। पहला भूकंप सुबह 4:29 बजे आया, जिसकी तीव्रता 4.0 रही और गहराई करीब 147 किलोमीटर थी।

इसके करीब 12 मिनट बाद 4:41 बजे दूसरा भूकंप आया। इसकी तीव्रता 4.4 और गहराई करीब 136 किलोमीटर दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन झटकों से भी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

 

पालघर में भी हाल में आए थे भूकंप

 

महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीन दिन पहले भी करीब एक घंटे के भीतर दो भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दोनों की तीव्रता 3.4 रही थी। अधिकारियों के अनुसार, इन झटकों से भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था।

 

भूकंप के दौरान क्या करें?

 

भूकंप के दौरान घर के अंदर होने पर तुरंत जमीन पर झुकें और किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे शरण लें। सिर और चेहरे को हाथों से ढककर रखें और खिड़की, कांच, दरवाजे तथा ऐसी वस्तुओं से दूर रहें जो गिर सकती हैं।

अगर आप बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के तारों और स्ट्रीट लाइट से दूर किसी खुले स्थान पर रहें। झटके रुकने तक सुरक्षित स्थान पर बने रहें।

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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ग्रेटर नोएडा, एजेंसियां। गौतमबुद्ध नगर के शाहबेरी इलाके में शुक्रवार को एक CNC वुड-कटिंग दुकान में भीषण आग लग गई। हादसे में दुकान के अंदर मौजूद एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   दुकान में काम के दौरान लगी आग     प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाहबेरी स्थित CNC वुड-कटिंग की दुकान में अचानक आग भड़क उठी। लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद दुकान में काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।     एक कर्मचारी की मौके पर मौत     आग की चपेट में आने से एक कर्मचारी की जान चली गई। वहीं दूसरे कर्मचारी को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।     दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू     सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद दुकान के अंदर तलाशी अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा न हो।     आग लगने के कारण की जांच जारी     फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटना की जांच कर रही है। शॉर्ट सर्किट समेत आग लगने के अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।  

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नई दिल्ली, एजेंसियां। एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान AI2379 से जुड़े 4 अगस्त के गंभीर विमानन हादसे की जांच में नया खुलासा हुआ है। Airbus के शुरुआती फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर विश्लेषण के मुताबिक, विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ दबाव खत्म होने के कारण करीब 4 सेकंड तक महत्वपूर्ण फ्लाइट कंट्रोल काम नहीं कर रहे थे। इसी दौरान Airbus A320 करीब 300 फीट नीचे गिर गया। घटना में 24 यात्री और चालक दल के सदस्य घायल हुए थे।   चार सेकंड तक काम नहीं कर रहे थे अहम कंट्रोल     Airbus के शुरुआती विश्लेषण में सामने आया है कि विमान के एलेवेटर और एलेरॉन कुछ सेकंड के लिए प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। ये विमान की ऊंचाई और दिशा नियंत्रित करने वाले बेहद महत्वपूर्ण फ्लाइट कंट्रोल होते हैं। तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम—Green, Blue और Yellow—में एक साथ दबाव कम होने से यह स्थिति बनी।     पायलट के कंट्रोल इनपुट का भी तुरंत असर नहीं हुआ     रिपोर्ट के अनुसार, विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान फर्स्ट ऑफिसर ने नाक नीचे करने का पूरा कंट्रोल इनपुट दिया, लेकिन फ्लाइट कंट्रोल सतहों ने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। करीब चार सेकंड बाद सिस्टम दोबारा काम करने लगा और चालक दल विमान को स्थिर करने में सफल रहा। इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा।     हादसे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं     Airbus की शुरुआती जांच से तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आई है, लेकिन तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ क्यों प्रभावित हुए, इसका मूल कारण अभी तय नहीं हुआ है। Airbus ने एयर इंडिया से विमान के विस्तृत मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त तकनीकी जानकारी मांगी है। भारत की Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) इस मामले की जांच Airbus और फ्रांस की BEA की मदद से कर रही है।     24 लोग हुए थे घायल     AI2379 विमान 4 अगस्त 2026 को फुकेत से दिल्ली जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान ने अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी, जिससे यात्रियों और चालक दल को चोटें आईं। विमान बाद में सुरक्षित दिल्ली पहुंचा। जांच एजेंसियों ने इसे गंभीर विमानन घटना के तौर पर लिया है और अंतिम निष्कर्ष आने तक तकनीकी कारणों की जांच जारी है।  

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