मुंबई, एजेंसियां। आर्थिक संकट से जूझ रहे BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) उपक्रम को आधुनिक बनाने के लिए मुंबई नगर निगम की आम सभा ने 22 बस डिपो के रीडेवलपमेंट से जुड़े पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंगलवार, 18 अगस्त को हुई बैठक में प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
सत्ताधारी बीजेपी, शिवसेना और NCP ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित करा दिया, जबकि शिवसेना (UBT), कांग्रेस और MNS ने इसका जोरदार विरोध किया।
प्रस्ताव का विरोध करते हुए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ कॉर्पोरेटर यशोधन फांसे ने BEST की 22 डिपो की जमीन निजी कंपनियों को देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि BEST की जमीन निजी कंपनियों को सौंपना मुंबई के हित में नहीं है।
फांसे ने मांग की कि BEST को निजी हाथों में देने के बजाय BMC को इसकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पिछले 25 वर्षों में BEST के लिए किए गए कामों पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाने की भी मांग की।
प्रस्ताव पारित होने के बाद आम सभा की बैठक में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेजने की मांग की।
वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के निजीकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि BEST की जमीन बेची नहीं जा रही है, बल्कि उसे लीज पर दिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि PPP मॉडल के जरिए BEST के डिपो का आधुनिक विकास किया जा सकेगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने पहले सौंपे गए डिपो से मुंबई को हुए फायदे का हिसाब सार्वजनिक करने के लिए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया की कई सार्वजनिक परिवहन कंपनियां आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, तो BEST के डिपो निजी कंपनियों को क्यों दिए जा रहे हैं।
आजमी ने कहा कि BEST का निजीकरण मुंबई के लोगों के हित में नहीं है और पुराने फैसलों की गलतियों को दोहराया नहीं जाना चाहिए।
शिवसेना (UBT) के कॉर्पोरेटर सचिन पडवाल ने भी PPP प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से मुंबई की सार्वजनिक संपत्तियां निजी हाथों में जाने का रास्ता साफ होगा।
उन्होंने मांग की कि BEST को BMC में विलय किया जाए और उसके विकास के लिए प्रशासन स्तर पर दोबारा प्रस्ताव लाया जाए।
दूसरी ओर, PPP मॉडल के समर्थकों का कहना है कि BEST की आर्थिक स्थिति सुधारने और मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है। अब 22 BEST डिपो के रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया PPP मॉडल के तहत आगे बढ़ेगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल से जुड़े 2013 के बलात्कार मामले में कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच द्वारा तेजपाल को 10 साल की कठोर सजा सुनाए जाने के बाद गोवा सरकार ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत का रुख किया है। सरकार ने अपनी याचिका में मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए तेजपाल को उम्रकैद की सजा देने की मांग की है। खास बात यह है कि गोवा सरकार ने हाई कोर्ट के उस निष्कर्ष को चुनौती नहीं दी है, जिसमें तेजपाल को दोषी ठहराया गया था। सरकार की अपील मुख्य रूप से सजा की अवधि से संबंधित है। सरकार ने कहा- समय बीतना सजा कम करने का आधार नहीं गोवा सरकार का तर्क है कि केवल इस वजह से आरोपी को कम सजा का लाभ नहीं दिया जा सकता कि घटना को कई वर्ष बीत चुके हैं। हाई कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को मामले में तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद सुनाई थी। कोर्ट ने माना था कि मामले में निर्धारित न्यूनतम सजा लागू होती है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा के रूप में उम्रकैद की मांग की थी। अब गोवा सरकार का कहना है कि अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए सजा बढ़ाई जानी चाहिए। हाई कोर्ट ने 2021 के बरी करने के फैसले को पलटा था यह मामला नवंबर 2013 का है। तब तरुण तेजपाल तहलका के संपादक थे। एक जूनियर महिला सहयोगी ने उन पर गोवा के एक होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न और बलात्कार का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के बाद 2021 में गोवा की सेशन कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और तेजपाल को बलात्कार, यौन उत्पीड़न तथा संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया। हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई दोषसिद्धि के बाद हाई कोर्ट ने तेजपाल को 10 साल की कठोर कैद की सजा दी। अदालत ने घटना को पुराना होने और इस अवधि में आरोपी के किसी अन्य आपराधिक कृत्य की जानकारी सामने नहीं आने जैसे पहलुओं पर भी विचार किया। हालांकि, अभियोजन पक्ष का कहना था कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब यही मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है। सुप्रीम कोर्ट में क्या चाहती है गोवा सरकार? गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि तेजपाल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद किया जाए। यानी सरकार इस स्तर पर उनकी दोषसिद्धि को चुनौती नहीं दे रही है, बल्कि यह कह रही है कि हाई कोर्ट द्वारा तय की गई 10 साल की सजा अपराध की गंभीरता के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। अब सुप्रीम कोर्ट में यह तय होना है कि क्या मौजूदा सजा में बढ़ोतरी की आवश्यकता है और यदि हां, तो सजा कितनी होनी चाहिए। मामले में आगे क्या होगा? गोवा सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कानूनी कड़ी होगी। अदालत सरकार की दलीलों, हाई कोर्ट के फैसले और मामले से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।
मुंबई, एजेंसियां। आर्थिक संकट से जूझ रहे BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) उपक्रम को आधुनिक बनाने के लिए मुंबई नगर निगम की आम सभा ने 22 बस डिपो के रीडेवलपमेंट से जुड़े पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंगलवार, 18 अगस्त को हुई बैठक में प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सत्ताधारी बीजेपी, शिवसेना और NCP ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित करा दिया, जबकि शिवसेना (UBT), कांग्रेस और MNS ने इसका जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने लगाया निजीकरण का आरोप प्रस्ताव का विरोध करते हुए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ कॉर्पोरेटर यशोधन फांसे ने BEST की 22 डिपो की जमीन निजी कंपनियों को देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि BEST की जमीन निजी कंपनियों को सौंपना मुंबई के हित में नहीं है। फांसे ने मांग की कि BEST को निजी हाथों में देने के बजाय BMC को इसकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पिछले 25 वर्षों में BEST के लिए किए गए कामों पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाने की भी मांग की। सत्ता पक्ष ने कहा- जमीन बेची नहीं जा रही प्रस्ताव पारित होने के बाद आम सभा की बैठक में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेजने की मांग की। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के निजीकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि BEST की जमीन बेची नहीं जा रही है, बल्कि उसे लीज पर दिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि PPP मॉडल के जरिए BEST के डिपो का आधुनिक विकास किया जा सकेगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा। कांग्रेस ने मांगा श्वेत पत्र कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने पहले सौंपे गए डिपो से मुंबई को हुए फायदे का हिसाब सार्वजनिक करने के लिए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया की कई सार्वजनिक परिवहन कंपनियां आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, तो BEST के डिपो निजी कंपनियों को क्यों दिए जा रहे हैं। आजमी ने कहा कि BEST का निजीकरण मुंबई के लोगों के हित में नहीं है और पुराने फैसलों की गलतियों को दोहराया नहीं जाना चाहिए। 'मुंबई बिक गई' के आरोप शिवसेना (UBT) के कॉर्पोरेटर सचिन पडवाल ने भी PPP प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से मुंबई की सार्वजनिक संपत्तियां निजी हाथों में जाने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने मांग की कि BEST को BMC में विलय किया जाए और उसके विकास के लिए प्रशासन स्तर पर दोबारा प्रस्ताव लाया जाए। BEST के आधुनिकीकरण पर जोर दूसरी ओर, PPP मॉडल के समर्थकों का कहना है कि BEST की आर्थिक स्थिति सुधारने और मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है। अब 22 BEST डिपो के रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया PPP मॉडल के तहत आगे बढ़ेगी।
1591 – फ्रांसीसी राजा हेनरी चतुर्थ ने उत्तरी फ्रांस के शहर रोएन पर कब्जा किया। 1600 – मुगल बादशाह अकबर ने अहमदनगर पर कब्जा किया। 1666 - शिवाजी आगरा में फलों की टोकरी में छिपकर औरंगजेब की कैद से फरार। 1691 – स्जालंकमेन के युद्ध में ऑस्ट्रिया ने तुर्कों को पराजित किया। 1757- ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पहला एक रुपये का सिक्का कलकत्ता टकसाल में ढाला गया। 1796 - स्पेन और फ्रांस ने ब्रिटेन गठबंधन के खिलाफ हस्ताक्षर किये। 1839 – फोटो तत्व की खोज को लेकर रिपोर्ट पेश होने पर विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत हुई। 1895 – जापान के साथ युद्ध में पराजय के पश्चात चीन ने शीमोनोस्की समझौते के अनुसार ताइवान नामक द्वीप जापान के हवाले कर दिया। 1897 – लंदन में पहली इलेक्ट्रिक टैक्सी का परिचालन किया गया। 1915 – नीदरलैंड में राशन कानून प्रभावी हुआ। 1919 - अफ़ग़ानिस्तान ने ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। 1944- भारत से जापान की अंतिम सैन्य टुकडी को खदेडा गया। 1949 - भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी बनी। 1964 - संचार उपग्रह सिनकोम 3 का प्रक्षेपण। 1970 – दक्षिण अफ्रीका में चीनी समुदाय के लोगों को श्वेत का दर्जा मिला। 1973 – फ्रांस ने मुरूओरा द्वीप में परमाणु परीक्षण किया। 1977 - सोवियत संघ ने सेरी सागान में परमाणु परीक्षण किया। 1978 - ईरान के सिनेमा घर में आग लगने से 422 की मौत। 1998 - सूडान एवं अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिसाइलों से हमला किया। 1999 - भारत की परमाणु नीति मसौदे पर नाराज़ जी-8 ने सभी तरह की मदद पर रोक लगाने की घोषणा की। 2000 - हिना जलाली विश्व की पहली मानवाधिकार संरक्षक प्रतिनिधि नियुक्त। 2003 - संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान को 5 साल में 11 करोड़ 57 लाख डालर का अनुदान देने का निर्णय लिया। 2004 - वान डेन हुगेनबैंड ओलम्पिक सबसे तेज तैराक बने। 2004 – गूगल ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) जारी कर 1.67 अरब डॉलर जुटाए। 2005 - श्रीलंका सरकार व लिट्टे में शांति वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति। 2006 - इस्रायल ने फ़िलिस्तीनी उपप्रधानमंत्री को गिरफ़्तार किया। 2007 - अंतरिक्ष स्टेशन पर गये मिशन एण्डेवर के यात्रियों ने स्पेसवॉक पूरा किया। 2008 - पाइमान की सहायक कार्यकारी निदेशक मोसारत कदीय व एसोमैच के अध्यक्ष साजन जिंदल ने भारत-पाक व्यापार संबंधी रिपोर्ट जारी की। 2009 - नौसेना के कमांडर दिलीप डोंडी स्वदेश निर्मित नैसेना नौका महादेई के द्वारा सम्पूर्ण विश्व की यात्रा के अभियान पर रवाना हुये। 2009 - ईराक के बगदाद में सिलसिलेवार बम विस्फोट में 101 लोगों की मौत और 565 घायल। 2010 – अमेरिकी सेना की अंतिम ब्रिगेड के कुवैत जाने के साथ आॅपरेशन इराकी फ्रीडम खत्म हुआ। 2019 - राजीव गांधी विश्वविद्यालय (आरजीयू) के जूलॉजी विभाग से मत्स्य और जलीय पारिस्थितिकी अनुसंधान दल ने अरुणाचल के विभिन्न जिलों से मछली की 5 प्रजातियों की खोज की । 2019 - गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की रिटायरमेंट उम्र 60 साल करने का फैसला किया। 2019 - श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल शैवेंद्र सिल्वा को श्रीलंका सेना का 23 वां कमांडर नियुक्त किया । 2019 - भारतीय पैरा स्विमर सत्येंद्र सिंह लोहिया (32) ने अमेरिका में 42 किलोमीटर लंबे कैटलीना चैनल को 11 घंटे 33 मिनट के समय में पार कर नया इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वे एशिया के पहले दिव्यांग तैराक बने। 2020 - कीथ किस्टोफर रोवले (Keith Christopher Rowley) लगातार दूसरी बार त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के प्रधानमंत्री बने। 2021 - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज का 5वां संस्करण शुरू किया। 2021 - भारत और एशियाई विकास बैंक ने बेंगलुरु मेट्रो के लिए 500 मिलियन डालर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2022 - राजस्थान के पाली रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से ट्रेलर की जोरदार भिड़ंत से लगभग 8 की मौत हुई 20 घायल। 2022 - ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में 19-08-2022 से 08-09-2022 तक होने वाले अभ्यास पिच ब्लैक 2022 में भाग लेने के लिए भारतीय वायुसेना का एक दल ऑस्ट्रेलिया पहुंचा। 2023 - चंद्रमा पर उतरने से पहले रूस के लूना-25 को एक "आपातकालीन स्थिति" में पहुंचा। 2023 - लद्दाख के लेह में एक सैन्य वाहन गहरी खाई में गिरने से लगभग 9 सैनिक शहीद हुए। 2023 - चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्वी थिएटर कमांड ने नौसेना और वायु सेना की संयुक्त हवाई तथा समुद्री गश्त और सैन्य अभ्यास शुरू किया।ताइवान ने दावा किया ताइवान सीमा में चीन के 42 लड़ाकू विमान घुसे। 2023 - हवाई के जंगल में लगी आग में मरने वालों की संख्या 114 पहुंची, पीड़ितों की तलाश जारी रही। 2024 - जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में CRPF इंस्पेक्टर शहीद हुए। 2025 - कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने एक ही दिन में दो पदक अपने नाम किए। 19 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1887 - एस. सत्यमूर्ति - भारत के क्रांतिकारी नेता । 1891 - हरिशंकर शर्मा - भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक, व्यंग्यकार और पत्रकार। 1907 - हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, निबन्धकार, उपन्यासकार, आलोचक, चिन्तक तथा शोधकर्ता। 1908 - अब्दुल राशिद ख़ान- पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक। 1911 - आरसी प्रसाद सिंह - भारत के प्रसिद्ध कवि, कथाकार और एकांकीकार। 1918 - शंकरदयाल शर्मा - भारत के नवें राष्ट्रपति। 1928 - शिवप्रसाद सिंह - हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार। 1941 - राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एमवीसी भारतीय थलसेना में सेवारत एक भारतीय सेना के सैनिक थे। 1950 - सुधा मूर्ति - इन्फोसिस फाउंडेशन के संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति की पत्नी एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता। 1967 - नंदना सेन - एक भारतीय अभिनेत्री । 1982 - अरुंधति काटजू - भारतीय अधिवक्ता (वकील) जिन्होंने समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 खत्म करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। 1985 - सूबेदार मेजर विजय कुमार ओलंपिक एथलीट। 1989 - रोहित खंडेलवाल एक भारतीय मॉडल, अभिनेता, और टेलीविजन व्यक्तित्व हैं। 19 अगस्त को हुए निधन 1909- बदरुद्दीन तैयब जी- प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और नेता। 1927 - स्वामी सारदानन्द रामकृष्ण परमहंस के संन्यासी शिष्यों में से एक थे। 1987 - सचिन नाग एक भारतीय तैराक थे। 1987 - लक्ष्मीनारायण मिश्र, हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार थे। 1993 - उत्पल दत्त - हिन्दी तथा बांग्ला फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता। 2013 - रोनाल्ड स्टुअर्ट मेक्ग्रेगॉर - शीर्षस्थ भाषा विज्ञानी, व्याकरण के विद्वान , अनुवादक और हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध इतिहासकार थे। 2019 - मोहम्मद ज़हूर "खय्याम" हाशमी, जिन्हें "खय्याम" नाम से जाना जाता था, भारतीय फ़िल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार थे। 2019 - डॉ जगन्नाथ मिश्र- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री थे। 2020 - पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्कर मैती का 67 साल की उम्र में निधन । 2020 - पूर्व भारतीय क्रिकेटर गोपालस्वामी कस्तूरीरंगन का निधन। 2021 - भारत की महान धाविका पीटी उषा के कोच ओ.एम. नांबियार (89) का निधन हो गया। 2023 - अमेरिकी अभिनेता रॉन सीफास जोन्स (66) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन वारनूक (82) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी संगीत रचयिता ग्लोरिया कोट्स (89) का निधन हुआ। 2023 - इतालवी फुटबॉल खिलाड़ी कार्लो मज़ोने (86) का निधन हुआ। 2024 - मारिया ब्रान्यास, दूसरी सबसे बुजुर्ग अमेरिकी - कैटलन सुपरसेंटेनेरियन (जन्म 1907) का 117 वर्ष, 168 दिन की आयु में निधन हुआ। 19 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव गोस्वामी श्री तुलसीदास जी जयन्ती (529वीं , श्रावण शुक्ल सप्तमी)। भगवान श्री पार्श्वनाथ मोक्ष (जैन , श्रावण शुक्ल सप्तमी)। श्री शंकरदयाल शर्मा जयन्ती। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जयन्ती। डॉ जगन्नाथ मिश्र - जयन्ती। राइफलमैन जसवंत सिंह रावत जयंती। बलिया बलिदान दिवस। अफ़ग़ानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस। अंतर्राष्ट्रीय ऑरंगुटन दिवस। विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस। विश्व मानवतावादी / मानवता दिवस (World Humanitarian Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।