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Important Events: 1 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
Today Important Events
Today Important Events

1708 - टेवाफ्लोस इथियोपिया के सम्राट बनाये गए।
1745 - युद्धपोत एलिजाबेथ को बोनी प्रिंस चार्ली की फ्रिगेट डौटल में शामिल किया गया।
1747 - लाफेल में लड़ाई: फ्रांस ने ब्रिटिश / डच सेना को हराया।
1781 – मैसूर के सुल्तान हैदर अली और अंग्रेज सेना के बीच पोर्टो नाेवो (अब परांगीपेट्टई) का युद्ध हुआ।
1708 - टेवाफ्लोस इथियोपिया के सम्राट बनाये गए।
1745 - युद्धपोत एलिजाबेथ को बोनी प्रिंस चार्ली की फ्रिगेट डौटल में शामिल किया गया।
1747 - लाफेल में लड़ाई: फ्रांस ने ब्रिटिश / डच सेना को हराया।
1852 - सिन्ध के मुख्य आयुक्त सर बर्टलेफ्रोरे द्वारा सिर्फ़ सिंध राज्य में और मुंबई कराची मार्ग पर प्रयोग के लिए ' सिंध डाक (Scinde Dawk)' नामक डाक टिकट जारी किया गया।
1862 – कलकत्ता उच्च न्यायालय का उद्घाटन हुआ।
1878 – कनाडा यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन में शामिल हुआ।
1879 – भारत में पोस्टकार्ड की शुरुआत हुई।
1921 – कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की स्थापना हुई।
1949 - जब स्‍वतंत्र भारत में छोटी रियासतों का विलय हुआ तब त्रावनकोर तथा कोचीन रियासतों को मिलाकर त्रावनकोर-कोचीन राज्य बना दिया गया, किंतु मालाबार मद्रास प्रांत के अधीन रहा।
1955 – इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर इसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नाम दिया गया।
1960 - घाना अफ़्रीका का एक प्रजातंत्र राज्य , जिसे गणराज्य घोषित किया गया था।
1963 – यूएस पोस्ट ऑफिस ने जिप कोड प्रणाली को लागू किया।
1964 – भारतीय औद्योगिक विकास बैंक की स्थापना।
1965 - भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम लागू हुआ और विवाद को एक अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण के समक्ष मध्यस्थता के लिए प्रस्तुत किया गया। इस न्यायाधिकरण के फैसले में 1968 में प्रकाशित, 9/10 हिस्सा भारत को और शेष 1/10 हिस्से का अधिकार पाकिस्तान को दिया गया।
1968 – 62 देशों ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए।
1975 – तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय विकास के लिए 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की घोषणा की।
1979 – इलेक्ट्रानिक उपकरण बनाने वाली कंपनी सोनी ने वाकमैन पेश किया।
1990 - पूर्वी एवं पश्चिमी जर्मनी के बीच सीमा रेखा की समाप्ति एवं पश्चिमी जर्मनी की मुद्रा को पूर्वी जर्मनी में मान्यता।
1991 - बारसा संधि भंग की गयी।
1994 - रोमान हर्जोग द्वारा जर्मनी के नये राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण।
1994 - विश्व कप फ़ुटबाल में आत्मघाती गोल करने वाले कोलंबियाई खिलाड़ी आंद्रेस एस्कोबार की अपने देश में हत्या।
1995 - सं.रा. अमेरिका ने ताईवान के ख़िलाफ़ लगाये गये प्रतिबंध को हटाया।
1996 - आस्ट्रेलिया के उत्तरी प्रांत में स्वेच्छा मृत्यु क़ानून विश्व में पहली बार लागू।
1997 – देश की पहली साइंस सिटी कोलकाता में स्थापित की गई।
1997 - ब्रिटिश उपनिवेश हांगकांग चीन को सुपुर्द।
2000 - लार्ड्स के 100वें ऐतिहासिक टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को हराया।
2003 - समुद्र में सबसे गहराई तक जाकर विश्व कीर्तिमान बनाने वाली जापानी पनडुब्बी प्रशांत महासागर में लापता।
2004 - आसियान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने हेतु आस्ट्रेलिया से समझौता किया।
2006 - अमेरिकी संसद की समितियों ने भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते को मंजूरी प्रदान की। 
2006 - एशियाई युवा शतरंज चैम्पियनशिप में भारत ने 8 स्वर्ण जीते। 
2006 - चीन में बर्ड फ़्लू के विषाणु की पुष्टि। 
2006 - ईराक में अलकायदा के वांछित नेता अबू अमूब अल मसरी पर अमेरिका ने 50 लाख डालर का इनाम रखा। 
2006 - जापान के पूर्व प्रधानमंत्री 68 वर्षीय रियूतारो हाशीमातो का निधन।
2006 -  परिमार्जन आज तक के सबसे कम उम्र के दूसरे ग्रैंडमास्टर बने।
2007 – इंग्लैंड में सार्वजनिक स्थलों पर स्मोकिंग पर प्रतिबंध प्रभावी हुआ।
2007 - दलाईलामा के मुद्दे पर चीन के अधिकारियों के साथ तिब्बत के दूतों की वार्ता प्रारम्भ।
2008 - गाजापट्टी के फलस्तीनी विद्रोहियों ने दक्षिणी इस्रायल पर रॉकेट दागा।
2013 – नेप्च्यून के चंद्रमा एस/2004एन1 की खोज की।
2013 - क्रोएशिया यूरोपीय संघ के 28 वाँ सदस्य बना।
2014 - मार्टिन शुल्ज यूरोपीय संसद के दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित किये गए।
2017- भारत में अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया गया।
2019 - संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा गठबंधन के पहले संयुक्त सुरक्षा अभ्यास का आरम्भ हुआ।
2019 - एनएस विश्वनाथन को एक साल के लिए आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) के डिप्टी गवर्नर के रूप में पुन: नियुक्त किया गया।
2019 - अफस्पा के तहत पूरे नगालैंड को और छह महीनों (दिसंबर अंत तक) के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया।
2020 - यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआइए) की उड़ानों पर छह महीने के लिए रोक लगाई।
2020 - अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के बीच एक नया मुक्त व्यापार समझौता 1 जुलाई, 2020 से लागू हुआ। इसने तीन देशों के बीच 26 वर्ष पुराने व्यापार समझौते ‘उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (नाफ्टा)’ की जगह ली।
2020 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मंगलयान यानी मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) ने मंगल ग्रह के नजदीकी और सबसे बड़े चंद्रमा फोबोस की तस्वीर ली।
2021 - हिन्द महासागर नौसैनिक संगोष्ठी (आईओएनएस), जो एक द्विवार्षिक कार्यक्रम है, का 7वां संस्करण 28 जून से 01 जुलाई 2021 तक ला रीयुनियन में फ्रांसीसी नौसेना द्वारा आयोजित किया गया।
2022 - डीआरडीओ ने ऑटोनोम्‍स फ्लाइंग टेक्‍नालॉजी डिमोंसट्रेटर की प्रथम सफल उड़ान संचालित की।
2022 - भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक (कुल 19) वस्तुओं के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया।
2023 - महाराष्ट्र के बुलढाणा में बस में आग लग जाने से 3 बच्चों सहित 25 लोगों की मौत व आठ अन्य घायल हुए।
2023 - फ्रांस में भड़की हिंसा की आग बेल्जियम तक पहुंची, गिरफ्तार होने वालों की संख्या भी 2300 से ज्यादा तक पहुंची।
2024 - भारतीय न्याय संहिता लागु हुई।
2024 - लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने सेना के उप प्रमुख का पदभार ग्रहण किया।
2025 - भारत-पाक ने एक-दूसरे के कैदियों की सूची सौंपी, पाकिस्तान की जेलों में 246 भारतीय व भारत की जेलों में 463 पाकिस्तानी बंद।


 
1 जुलाई को जन्मे व्यक्ति

 

1882 – पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री , भारत रत्न सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक व निर्भीक स्वतंत्रता सेनानी डॉक्टर बिधान चंद्र राय का जन्म हुआ। इस दिन को डॉक्टर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1889 - बेनेगल रामा राव - भारतीय रिज़र्व बैंक के चौथे गवर्नर थे।
1913 - वसंतराव नाइक - महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री।
1915 - गुयेन वैन लिंह - वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव थे।
1925 - अमरकांत - भारत के प्रसिद्ध हिन्दी कथा साहित्यकार।
1927 - चन्द्रशेखर सिंह - भारत के 8वें प्रधानमंत्री।
1927 - सुधाकर पाण्डेय - हिन्दी साहित्य की प्रमुख विधाओं के उत्कृष्ठ लेखक और सुधारक।
1928 - राम नरेश यादव - उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।
1933 - अब्दुल हमीद- परमवीर चक्र विजेता भारतीय सैनिक।
1933 - कन्हैयालाल नंदन - वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार।
1935 - जयपाल सिंह कश्यप - वाणिज्य स्नातक, विधि स्नातक, सातवीं लोकसभा के सदस्य।
1936 - कृष्ण बिहारी मिश्र हिंदी के शिक्षक, साहित्यकार और समीक्षक।
1938 – मशहूर बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया का जन्म इलाहाबाद में हुआ।
1939 - सत्यदेव नारायण आर्य एक भारतीय राजनीतिज्ञ।
1939 - कप्तान सिंह सोलंकी - भाजपा के राजनीतिज्ञ , त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल।"
 1958 - त्रिलोक नाथ पाण्डेय - आधुनिक लेखक, साहित्यकार तथा उपन्यासकार है।
1939 - कोलकलुरी इनोच -  श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय , तिरुपति के पूर्व कुलपति।
1939 - कप्तान सिंह सोलंकी - भाजपा के राजनीतिज्ञ , त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल।"
1940 - राम गोपाल बजाज - भारतीय हिंदी फ़िल्मों के अभिनेता तथा रंगमंच निर्देशक।
1941 - कलराज मिश्र - भाजपा के राजनीतिज्ञ।
1942 - गुरबचन जगत - मणिपुर के भूतपूर्व राज्यपाल।
1943 - गुफरान आज़म - सातवीं लोकसभा के सदस्य चुने गये।
1943 - गुफरान आज़म - सातवीं लोकसभा के सदस्य चुने गये।
1944 - लीलाधर जगूड़ी - हिन्दी साहित्य के प्रतिनिधी कवि, लेखक और सम्पादक।
1949 - डॉ. तुलसीराम - दलित लेखन में अपना एक अलग स्थान रखने वाले साहित्यकार थे।
1949 - वेंकैया नायडू - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं भारतीय जनता पार्टी के भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष।
1952 - गोपाल भार्गव - मध्य प्रदेश सरकार में 'पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री'।
1958 - त्रिलोक नाथ पाण्डेय - आधुनिक लेखक, साहित्यकार तथा उपन्यासकार।
1963 - जी सतीश रेड्डी
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष।
1966 - उस्ताद राशिद ख़ान, प्रसिद्ध भारतीय शासत्रीय गायक एवं संगीतकार।
1973 - अखिलेश यादव - समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव के पुत्र व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।

 

1 जुलाई को हुए निधन

 

1936 - वनलता दास गुप्ता - ज्योतिकणा दत्त की सहपाठिनी, सक्रिय क्रांतिकारी कार्यकर्ता थीं। क्रांतिकारीयों को हथियार उपलब्ध कराने का कार्य करतीं थीं।
1941 - सी. वाई. चिन्तामणि - स्वतंत्रता पूर्व भारत के प्रतिष्ठित संपादकों तथा उदारवादी दल के संस्थापकों में से एक।
1962 - पुरुषोत्तम दास टंडन - आधुनिक भारत के प्रमुख स्वाधीनता सेनानियों में से एक।
1962 - बिधान चंद्र राय - भारत रत्न सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक, निर्भीक स्वतंत्रता सेनानी और कुशल राजनीतिज्ञ।
1999 - आबिद ख़ान - भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों में से एक थे।
2020 - वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर एवर्टन वीक्स का 95 साल की उम्र में निधन हुआ। 
2020 - मिजोरम के पूर्व विधानसभा स्पीकर उपा राकमलोवा का निधन।
2021 -  पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर एम प्रसन्नन (73) का मुंबई में निधन हुआ।
2022 - अमेरिकी संगीत वैज्ञानिक रिचर्ड टारुस्किन (77) का निधन हुआ।
2023 - फ्रांसीसी फुटबॉल खिलाड़ी क्रिश्चियन दलगर (73) का निधन हुआ।
2023 - डच रेसिंग ड्राइवर दिलानो वैन टी हॉफ (18) का निधन हुआ।
2024 - अल्बानियाई उपन्यासकार, कवि, निबंधकार, पटकथा लेखक इस्माइल कदारे (88) का निधन हुआ।

 

1 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

 

राजर्षि श्री पुरुषोत्तमदास टंडन स्मृति दिवस।
श्री चन्द्रशेखर सिंह जयन्ती।
श्री राम नरेश यादव जयन्ती।
श्री अखिलेश यादव जन्म दिवस।
सैनिक अब्दुल हमीद जयन्ती (परमवीर चक्र से सम्मानित)।
जाबांज सैनिक आबिद खान शहीदी दिवस।
भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस।
महाराष्ट्र कृषि दिवस (श्री वसंतराव नाईक जयंती)।
अन्तर्राष्ट्रीय चुटकुला दिवस।
वास्तुशिल्प दिवस (कन्फर्म नहीं)।
नेशनल चार्टर्ड एकाउंटेंट्स दिवस (National Chartered Accountants Day)।
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर विधान चंद्र राय जन्म दिवस)।
अंतर्राष्ट्रीय फल दिवस।
वन महोत्सव सप्ताह (1 से 7 जुलाई तक)।
राष्ट्रीय जीएसटी दिवस (GST , 01 July 2017)।

 

कृपया ध्यान दें 


यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

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Samsung Galaxy A27 5G
Samsung ने भारत में लॉन्च किया AI स्मार्टफोन Galaxy A27 5G, Google Gemini समेत कई स्मार्ट फीचर्स से लैस

नई दिल्ली, एजेंसियां। Samsung ने भारतीय बाजार में अपना नया AI स्मार्टफोन Galaxy A27 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस मिड-रेंज स्मार्टफोन में Google Gemini AI, Perplexity AI, Circle to Search, Object Eraser और Voice Transcription जैसे कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स दिए हैं। फोन की शुरुआती कीमत ₹28,999 रखी गई है और इसकी बिक्री 3 जुलाई से शुरू होगी।   6 साल तक मिलेगा सॉफ्टवेयर अपडेट   Galaxy A27 5G में Samsung ने 6 साल तक Android OS और Security Updates देने का वादा किया है। यह फोन Android 16 आधारित One UI 8.5 पर चलता है और इसमें Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है।   50MP कैमरा और 120Hz AMOLED डिस्प्ले   फोन में 6.7 इंच का Full HD+ Super AMOLED 120Hz डिस्प्ले, 50MP OIS ट्रिपल रियर कैमरा, 12MP फ्रंट कैमरा और 5000mAh बैटरी दी गई है, जो 25W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।   AI फीचर्स पर Samsung का बड़ा दांव   Samsung का कहना है कि Galaxy A27 5G के जरिए वह प्रीमियम AI फीचर्स को मिड-रेंज स्मार्टफोन तक पहुंचाना चाहता है। Google Gemini के अलावा इसमें Bixby और Perplexity AI का भी सपोर्ट दिया गया है, जिससे यूजर्स को अधिक स्मार्ट और व्यक्तिगत अनुभव मिलेगा।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
PM Narendra MODI

पीएम मोदी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की हाई लेवल बैठक, 'विकसित भारत 2047' एजेंडे की प्रगति की समीक्षा

A private bus and a truck engulfed in flames after a collision on the Delhi-Mumbai Expressway near Dausa, Rajasthan.

राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बस-ट्रक टक्कर के बाद लगी आग, 7 लोगों की मौत

Police investigation underway in the Pune murder case as accused Siya Goyal's brother Sahil Goyal speaks to the media about her relationship with Ketan Agrawal.

पुणे मर्डर केस: 'सिया केतन से शादी करना चाहती थी, चेतन से रिश्ता खत्म करने की बात कही थी', भाई साहिल का दावा

A passenger train at a railway station in West Bengal as services on the Haldia rail section are temporarily modified due to maintenance work.
Indian Railway: पश्चिम बंगाल के इन स्टेशनों पर बुधवार को नहीं रुकेंगी ट्रेनें, यात्रा से पहले देखें पूरी सूची

कोलकाता: रेलवे ने पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। रेलवे लाइन पर रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के चलते हल्दिया रेलखंड पर बुधवार को कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं जाएंगी, जबकि कुछ ट्रेनों का प्रारंभिक स्टेशन भी बदला गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अद्यतन शेड्यूल और प्रस्थान स्टेशन की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। ये ट्रेनें गंतव्य से पहले ही यात्रा समाप्त करेंगी रेलवे के अनुसार, निम्नलिखित ट्रेनें हल्दिया तक नहीं जाएंगी— 38051 हावड़ा–हल्दिया लोकल: यह ट्रेन हल्दिया की बजाय दुर्गाचक स्टेशन तक ही चलेगी। 38053 हावड़ा–हल्दिया लोकल: यह ट्रेन भी अपनी यात्रा दुर्गाचक स्टेशन पर समाप्त करेगी। 22330 आसनसोल–हल्दिया एक्सप्रेस: एक्सप्रेस ट्रेन हल्दिया के स्थान पर दुर्गाचक स्टेशन तक ही संचालित होगी। इन ट्रेनों का शुरुआती स्टेशन बदला गया कुछ ट्रेनों की शुरुआत भी अस्थायी रूप से बदली गई है— 38052 हल्दिया–हावड़ा लोकल: अब यह ट्रेन हल्दिया के बजाय दुर्गाचक स्टेशन से रवाना होगी। 38054 हल्दिया–पांशकुड़ा लोकल: यह ट्रेन भी दुर्गाचक से अपनी यात्रा शुरू करेगी। 38056 हल्दिया–हावड़ा लोकल: इसका प्रस्थान भी दुर्गाचक स्टेशन से होगा। 22329 हल्दिया–आसनसोल एक्सप्रेस: यह ट्रेन हल्दिया या दुर्गाचक से नहीं, बल्कि तमलुक स्टेशन से आसनसोल के लिए रवाना होगी। यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह रेलवे ने कहा है कि रखरखाव कार्य के कारण यह बदलाव केवल अस्थायी हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का समय, प्रस्थान स्टेशन और रूट की जानकारी आधिकारिक रेलवे माध्यमों से अवश्य जांच लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust members during a meeting in Ayodhya amid discussions on organisational changes and future planning.

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को होने की संभावना, इस्तीफों और भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

ABVP students protest outside the Telangana State Council of Higher Education (TGCHE) office over pending fee reimbursement and scholarships as police intervene.

हैदराबाद में फीस और स्कॉलरशिप को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, ABVP कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का आरोप

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बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, जानिए मोदी सरकार के फैसले के पीछे की रणनीति

Commercial LPG price cut
कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹183.50 सस्ता, होटल-रेस्तरां कारोबार को बड़ी राहत; घरेलू गैस के दाम स्थिर

नई दिल्ली, एजेंसियां। जुलाई महीने के पहले दिन आम लोगों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक (कमर्शियल) LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं। यह वर्ष 2026 में कमर्शियल LPG की पहली बड़ी कटौती है।   दिल्ली में नई कीमत ₹2,930 हुई   नई कटौती के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 से घटकर ₹2,930 हो गई है। अन्य महानगरों में भी कीमतों में समान अनुपात में कमी की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।   घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं   तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की  ही रेट पर गैस सिलेंडर मिलेगा।   पश्चिम एशिया में तनाव कम होने का असर   विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में आपूर्ति संबंधी दबाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है। माना जा रहा है कि इससे खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग की परिचालन लागत घटेगी और छोटे कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
Today Horoscope

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