राष्ट्रीय

Fuel Prices Updated Today

Petrol Diesel Price Today: 16 मई को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में क्या है भाव

surbhi मई 16, 2026 0
Petrol and diesel prices displayed at an Indian fuel station on 16 May 2026
Petrol Diesel Price Today 16 May 2026

देश की तेल कंपनियों ने 16 मई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। कई बड़े शहरों में आज ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ राज्यों के जिलों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। Mumbai और New Delhi जैसे महानगरों में कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पेट्रोल के ताजा रेट

आज Mumbai में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं Kolkata में पेट्रोल 4 पैसे महंगा हुआ है। Noida में 19 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Patna में पेट्रोल 51 पैसे महंगा हुआ, जबकि Ranchi में 41 पैसे की तेजी देखने को मिली। दूसरी तरफ Lucknow, Bengaluru और Bhopal में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल के रेट

शहर

आज का भाव (₹/लीटर)

बदलाव

लखनऊ

97.39

-0.16

नोएडा

97.97

+0.19

पटना

109.06

+0.51

रांची

101.25

+0.41

मुंबई

106.68

स्थिर

नई दिल्ली

97.77

स्थिर

कोलकाता

108.74

+0.04

चेन्नई

103.67

स्थिर

बेंगलुरु

106.17

-0.04

भोपाल

109.63

-0.08

डीजल के दामों में कहां हुआ बदलाव?

डीजल की कीमतों में भी कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखने को मिला है। Noida में डीजल 18 पैसे महंगा हुआ है। Gaya और Patna में 47 पैसे की बढ़त दर्ज की गई है।

वहीं Deoghar में डीजल 51 पैसे और Ranchi में 34 पैसे महंगा हुआ है। दूसरी ओर Lucknow और Darbhanga में कीमतों में गिरावट आई है।

प्रमुख शहरों में डीजल के रेट

शहर

आज का भाव (₹/लीटर)

बदलाव

लखनऊ

90.69

-0.13

नोएडा

91.20

+0.18

पटना

95.10

+0.47

रांची

96.10

+0.34

मुंबई

93.14

स्थिर

नई दिल्ली

90.67

स्थिर

कोलकाता

95.13

स्थिर

चेन्नई

95.25

स्थिर

गुरुग्राम

90.89

-0.05

भोपाल

94.82

-0.06

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स के आधार पर आने वाले दिनों में फ्यूल प्राइस में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
Amit Shah
सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे, अमित शाह बोले- 30 करोड़ लोगों के जीवन में आया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय ने देश के सहकारी क्षेत्र को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की पहल से सहकारिता से जुड़े 30 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, पारदर्शी तथा तकनीक-सक्षम बनाया गया है।   सहकारिता क्षेत्र को मिली नई पहचान   अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद सहकारी संस्थाओं को एक अलग पहचान मिली। मंत्रालय ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और बहुउद्देशीय गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार लागू किए हैं।   नई योजनाओं का भी किया ऐलान   कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने और 'भारत टैक्सी' को अगले दो वर्षों में 500 शहरों तक विस्तार देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन पहलों से सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।   'सहकार से समृद्धि' विजन पर जोर   अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन और किसानों की आय बढ़ाने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Mumbai Rain

मुंबई में लगातार बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज आज भी बंद, BMC ने लोगों से घर में रहने की अपील

Government school classroom in Ramban where a Class 7 student was accidentally locked inside for nearly four hours after the school closed for summer vacation.

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूल में ग्रीष्मकालीन छुट्टियों से पहले बड़ी लापरवाही: कक्षा में बंद रह गया 7वीं का छात्र, पूरा स्टाफ निलंबित

Prime Minister Narendra Modi departs for Australia to attend the India-Australia Annual Leaders' Summit and address the Indian community in Melbourne.

पीएम मोदी 8-10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर, रक्षा से ग्रीन एनर्जी तक कई अहम समझौतों की उम्मीद

Delhi Police Special Cell officials display seized weapons, petrol bombs and a stolen motorcycle after busting two alleged terror-linked modules.
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR) ने राजधानी में संभावित बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए कथित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' से जुड़े दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दिल्ली और पंजाब से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से पेट्रोल बम, आधुनिक पिस्तौल, चोरी की मोटरसाइकिल और कई एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों मॉड्यूल अलग-अलग तरह की आपराधिक और आतंकी गतिविधियों में सक्रिय थे और उनके तार कई राज्यों तक फैले हुए थे। दो मॉड्यूल में काम कर रहा था नेटवर्क स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां, तैयब, अली फजल, जुबैर और मलकीत शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दो अलग-अलग मॉड्यूल के माध्यम से संचालित हो रहा था। पहला मॉड्यूल: पेट्रोल बम हमलों की साजिश पुलिस के मुताबिक पहला मॉड्यूल कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। इस मॉड्यूल से जुड़े सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इनका काम पेट्रोल बम हमलों को अंजाम देना था। छापेमारी के दौरान इनके पास से तीन पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिलबरामद की गई। पुलिस का दावा है कि इस मॉड्यूल का संचालन कथित रूप से हुनैन राणा, जो शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, कर रहा था। दूसरा मॉड्यूल: हथियार तस्करी का नेटवर्क दूसरा मॉड्यूल कथित रूप से आधुनिक हथियारों की अवैध तस्करी में शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों में शाहीन बाग निवासी तैयब, उसका जीजा अली फजल, जुबैर और अमृतसर निवासी मलकीत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अली फजल का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इस मॉड्यूल के पास से तीन आधुनिक हथियार और कई एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ठिकाने और भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों के संभावित निशानों में पुलिस प्रतिष्ठान और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानशामिल थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनकी साजिश कितनी आगे बढ़ चुकी थी और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। जांच जारी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अब बरामद डिजिटल साक्ष्यों, हथियारों के स्रोत और आरोपियों के अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नेटवर्क को किस स्तर पर संचालित किया जा रहा था और इसके तार किन अन्य राज्यों या संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Krishna Mohan

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल, चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन को मिली महासचिव की जिम्मेदारी

Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust members during a meeting in Ayodhya announcing Krishna Mohan as interim General Secretary.

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: अंतरिम महासचिव बने कृष्ण मोहन, बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त सजा

SIT officials investigating the alleged donation theft case at Ayodhya Ram Temple, with CCTV footage under review during the probe.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कपड़ों-जूतों में छिपाए जाते थे नोट; चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित

Collapsed section of the Kalindi River embankment in Hingalganj, North 24 Parganas, raising flood fears among nearby villages during the monsoon.
पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज में कालिंदी नदी का बांध धंसा, 300 फुट हिस्से में दरार से बाढ़ का खतरा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज क्षेत्र में कालिंदी नदी के तटबंध (बांध) का करीब 300 फुट हिस्सा धंस जाने से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। घटना के बाद साहेबखाली और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बांध और कमजोर हुआ तो नदी का पानी गांवों, कृषि भूमि और मछली पालन के तालाबों में घुस सकता है। साहेबखाली इलाके में बढ़ी लोगों की चिंता स्थानीय लोगों के मुताबिक, कालिंदी नदी का यह तटबंध पहले से ही कमजोर स्थिति में था। लगातार कटाव और बारिश के बीच अचानक करीब 300 फुट हिस्से में धंसाव होने से हालात गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की है ताकि संभावित बाढ़ से जान-माल की रक्षा की जा सके। आयला और अम्फान जैसी तबाही का डर ग्रामीणों ने वर्ष 2009 के चक्रवात आयला और 2020 के चक्रवात अम्फान को याद करते हुए कहा कि उन आपदाओं के दौरान भी तटबंध टूटने से भारी नुकसान हुआ था। उनका कहना है कि अस्थायी मरम्मत की बजाय कालिंदी नदी के किनारे स्थायी कंक्रीट तटबंध बनाया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने सिंचाई विभाग को किया अलर्ट हिंगलगंज के बीडीओ देवदास गंगोपाध्याय ने बताया कि तटबंध धंसने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग को अवगत करा दिया गया है। विभाग की टीम आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में जुटी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें मौके से प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर आपदा प्रबंधन टीम भी भेजी जाएगी। मरम्मत कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद प्रशासन का कहना है कि प्रभावित हिस्से की तकनीकी जांच के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही नदी के जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि मानसून के दौरान तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी भी लापरवाही आसपास के गांवों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
IMD Weather Alert

IMD ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की

NIA Pahalgam Terror Attack

NIA ने पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद को बनाया आरोपी

Pm modi indonesia visit

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया दौरे पर पहुंचे, लड़ाकू विमानों ने किया एस्कॉर्ट

0 Comments

Top week

Bihar Assistant Professor
जॉब्स

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?