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Today Horoscope: आज का राशिफल 22 अप्रैल 2026, बुधवार

Anjali Kumari अप्रैल 22, 2026 0
Today Horoscope
Today Horoscope

मेष राशि - आज आप ऊर्जा से लबरेज़ होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। आपको कमीशन, लाभांश या रोयल्टी के ज़रिए फ़ायदा होगा। किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। थोड़ी कोशिश और करें। आज भाग्य आपका साथ ज़रूर देगा, क्योंकि यह आपका दिन है। काम में धीमी प्रगति हल्का-सा मानसिक तनाव दे सकती है। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। आपके आस-पास के लोग कुछ ऐसा कर सकते हैं, जिसके चलते आपका जीवनसाथी आपकी तरफ़ फिर से आकर्षित महसूस करेगा।


उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में उन्नति के लिए फटे घिसे फीके पड़ चुके कपड़े, टूटे जूते, रद्दी सामान इकट्ठा न होने दें।

 

वृषभ राशि - मानसिक शान्ति के लिए किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता करें। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। बच्चे और परिवार दिन का केंद्र-बिंदु रहेंगे। प्रेम निःसीम होता है, सभी सीमाओं के परे; आपने ये बातें पहले भी सुनी होंगी। लेकिन आज वह दिन है जब आप अगर चाहें तो यह ख़ुद महसूस कर सकते हैं। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें।


उपाय :- सोने की अंगूठी में मंगल यंत्र खुदवाकर धारण करना स्वास्थ्य के लिए शुभ है।

 

मिथुन राशि - एक आध्यात्मिक व्यक्ति आशीर्वाद की वर्षा करेगा और मन की शांति लेकर आएगा। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। ऐसे काम करें जिनसे आपको ख़ुशी मिले, लेकिन दूसरों के मामलों में दख़लअंदाज़ी से बचें। प्यार का बुख़ार आपके सर पर चढ़ने के लिए तैयार है। इसका अनुभव कीजिए। साझीदारी की परियोजनाएँ सकारात्मक परिणाम से ज़्यादा परेशानियाँ देंगी। कोई आपका बेजा फ़ायदा उठा सकता है और उसे ऐसा करने देने के लिए आप ख़ुद से ही नाराज़ हो सकते हैं। जीवन की आपाधापी के बीच आज आप अपने बच्चों के लिए वक्त निकालेंगे। उनके साथ वक्त गुजार के आपको महसूस हो सकता है कि आपने जीवन के कई जरुरी पल गवां दिए हैं। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं।


उपाय :- चाँदी की चेन गले में धारण करने से नौकरी/बिज़नेस में सफलता मिलेगी।

 

कर्क राशि - आपकी शाम कई जज़्बातों से घिरी रहेगी और इसलिए तनाव भी दे सकती है। लेकिन ज़्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आपकी ख़ुशी आपकी निराशाओं के मुक़ाबले आपको ज़्यादा आनंद देगी। आपके द्वारा धन को बचाने के प्रयास आज असफल हो सकते हैं हालांकि आपको इससे घबराने की जरुरत नहीं है स्थिति जल्द ही सुधरेगी। परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियाँ सभी को ख़ुश रखेंगी। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। किसी ख़बसूरत याद के कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच की अनबन रुक सकती है। इसलिए वाद-विवाद की हालत में पुराने दिनों की यादों को ताज़ा करना न भूलें।


उपाय :- चन्द्र यंत्र को पूजा स्थल में स्थापित करके उसकी पूजा करने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

 

सिंह राशि - आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। आज के दिन आपको अपने उन दोस्तों से बचकर रहने की जरुरत है जो आपसे उधार मांगते हैं और फिर उसे लौटाते नहीं हैं। परिवार के साथ रिश्ते-नातों में नयी जान डालने का सही समय है। अप्रत्याशित रोमांस आपको अचानक मिल सकता है, अगर आप दोस्तों के साथ शाम को बाहर घूमने जाते हैं तो। इस राशि के कारोबारी आज किसी करीबी की गलत सलाह के कारण परेशानी में आ सकते हैं। जॉब करने वाले जातकों को आज कार्यक्षेत्र में सोच-समझकर चलने की जरुरत है। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है।


उपाय :- नौकरी/बिज़नेस में उन्नति के लिए गुलाबी कांच की बोतल में पानी भर कर सूर्य की किरणों में रखें। फिर उस पानी को नहाने वाले पानी में मिलाकर स्नान करें।

 

कन्या राशि - आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। बच्चे की पढ़ाई के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। इस समय जो समस्याएँ आपको झेलनी पड़ रही हैं, वे क्षणिक हैं और समय के साथ वे ख़ुद-ब-ख़ुद ख़त्म हो जाएंगी। रोमांटिक मनोभावों में अचानक आया बदलाव आपको काफ़ी खिन्न कर सकता है। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपको अपने दायरे से बाहर निकलकर ऐसे लोगों से मिलने-जुलने की ज़रूरत है, जो ऊँची जगहों पर हों। लोगों की दख़लअन्दाज़ी वैवाहिक जीवन में परेशानी खड़ी कर सकती है।


उपाय :- अपने इष्टदेव की तांबे की मूर्ति को घर में स्थापित कर उनकी रोज़ाना पूजा करने से प्रेम सम्बन्धों में सुधार होगा।

 

तुला राशि - अवसाद के ख़िलाफ़ आपकी मुस्कान परेशानी से उबारने वाली रहेगी। प्राप्त हुआ धन आपकी उम्मीद के मुताबिक़ नहीं होगा। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। यह दिन प्रसन्नता और ज़िन्दादिली के साथ किसी ख़ास संदेश को भी देगा । कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे। आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है।


उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए गाय को गुड खिलाएँ।

 

वृश्चिक राशि - आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। अगर आप घर से बाहर रहकर जॉब या पढ़ाई करते हैं तो ऐसे लोगों से दूर रहना सीखें जो आपका धन और समय बर्बाद करते हैं। किसी दूर के रिश्तेदार से अचानक मिली ख़बर आपका दिन बना सकती है। विवाह-प्रस्ताव के लिए सही समय है, क्योंकि आपका प्यार जीवन भर के साथ में बदल सकता है। अगर आप अपने दिमाग़ के दरवाज़े खुले रखें, तो कई उम्दा मौक़े आपको मिल सकते हैं। वह काम जो आज आप दूसरों के लिए स्वेच्छा से करेंगे, न सिर्फ़ औरों के लिए मददगार साबित होगा बल्कि आपके दिल में ख़ुद की छवि भी सकारात्मक होगी। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।


उपाय :- केले न खाना आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा रहेगा।

 

धनु राशि - ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। अपनी नई परियोजनाओं के लिए अपने माता-पिता को विश्वास में लेने का सही समय है। गर्लफ़्रेंड/बॉयफ़्रेंड के साथ अभद्र व्यवहार न करें। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। आज जितना हो सके लोगों से दूर रहें। लोगों को वक्त देने से बेहतर है अपने आपको वक्त दें। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है।


उपाय :- आर्थिक स्थिHति को अच्छा करने के लिए नियमित गायत्री मन्त्र व गायत्री चालीसा पढ़ें।

 

मकर राशि - मौज-मस्ती और मनपसंद काम करने का दिन है। आपकी माता पक्ष से आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। हो सकता है कि आपके मामा या नाना आपकी आर्थिक मदद करें। परिवार के सदस्य कई चीज़ों की मांग कर सकते हैं। आपका प्रेमी आज आपकी बातों को सुनने से ज्यादा अपनी बातें कहना पसंद करेगा जिसकी वजह से आप थोड़े खिन्न हो सकते हैं। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। तनाव से भरा दिन, जब नज़दीकी लोगों से कई मतभेद उभर सकते हैं। आप महसूस करेंगे कि शादीशुदा ज़िन्दगी आपके लिए वाक़ई ख़ुशनसीबी लेकर आई है।


उपाय :- चाँदी का चौकोर टुकड़ा अपने पास रखने अथवा गले में धारण से पारिवारिक सुख बढ़ेगा।

 

कुम्भ राशि - आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपका प्रिय आपको तोहफ़े/उपहार दे सकता है। जो लोग अब तक बेरोजगार हैं उन्हें अच्छी जॉब पाने के लिए आज और अधिक मेहनत करने की जरुरत है। मेहनत करके ही आप सही परिणाम पा पाएंगे। खाली वक्त में आप कोई फिल्म देख सकते हैं यह फिल्म आपको पसंद नहीं आएगी और आपको लगेगा कि आपने अपना कीमती वक्त जाया कर दिया। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही।


उपाय :- चाँदी का कड़ा धारण करना आर्थिक स्थिति को बेहतर करेगा।

 

मीन राशि - अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। सिर्फ़ अक़्लमंदी से किया गया निवेश ही फलदायी होगा- इसलिए अपनी मेहनत की कमाई सोच-समझ कर लगाएँ। कोशिश करें की कोई आपकी बातों या काम से आहत न हो और पारिवारिक ज़रूरतों को समझें। संभव है कि कोई आपसे अपने प्यार का इज़हार करे। काम में आपकी दक्षता की आज परीक्षा होगी। इच्छित परिणाम देने के लिए आपको अपनी कोशिशों पर एकाग्रता बनाए रखने की ज़रूरत है। आज आप व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अपने लिए समय निकाल पाने में समर्थ होंगे और इस खाली समय में अपने परिवार वालों के साथ गुफ्तगू कर सकते हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।


उपाय :- स्वस्थ पारिवारिक जीवन पानें पिछड़ी जाति से आने वाली लड़कियों की सहायता करें।

 

कृपया ध्यान दें


 यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian Army tank equipped with TRAWL system clearing mines during military operation
भारत ने 975 करोड़ का रक्षा सौदा किया, सेना की ताकत बढ़ाने के लिए TRAWL सिस्टम खरीदेगा

  सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम भारत ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय सेना के लिए TRAWL सिस्टम खरीदे जाएंगे। यह समझौता 21 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हुआ, जहां रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में इस डील को अंतिम रूप दिया गया। T-72 और T-90 टैंकों में लगेगा सिस्टम इस सौदे के तहत TRAWL सिस्टम को भारतीय सेना के T-72 और T-90 टैंकों में लगाया जाएगा। इस उपकरण की आपूर्ति Bharat Earth Movers Limited और Electro Pneumatics and Hydraulics (India) Private Limited द्वारा की जाएगी। माइनफील्ड में सुरक्षित रास्ता बनाएगा TRAWL TRAWL सिस्टम को Defence Research and Development Organisation द्वारा विकसित किया गया है। यह तकनीक युद्ध के दौरान माइनफील्ड को पार करने में मदद करती है। इसकी मदद से टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहन बारूदी सुरंगों वाले इलाकों में सुरक्षित रास्ता बना सकते हैं। खासकर उन क्षेत्रों में, जहां एंटी-टैंक माइंस लगी होती हैं, यह सिस्टम बेहद कारगर साबित होगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बढ़ावा यह सौदा “Buy (Indian–Indigenously Designed, Developed and Manufactured)” श्रेणी के तहत किया गया है, जो सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है। इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे। रोजगार और MSME सेक्टर को फायदा इस परियोजना से न सिर्फ सेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि देश के MSME सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। TRAWL सिस्टम के निर्माण में कई छोटे और मध्यम उद्योग शामिल होंगे, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।  

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
PM Narendra Modi paying tribute to Pahalgam terror attack victims at memorial site

पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का संकल्प: आतंक के आगे भारत नहीं झुकेगा

Police investigation outside homestay in Karnataka after assault case involving foreign tourist

कर्नाटक के होमस्टे में अमेरिकी महिला से दुष्कर्म, मालिक समेत 2 गिरफ्तार

Pahalgam attack

याद है पहलगाम में दिल दहला देने वाला हमला, जहां धर्म पूछकर बरसाई गई गोलियां

Supreme Court hearing on NIA Act challenge highlighting federal structure and legal debate
NIA एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

  सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर मांगा केंद्र का जवाब सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एक्ट की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई की जाएगी। अगली सुनवाई की तारीख 14 जुलाई तय की गई है। केरल के वकील ने दाखिल की PIL यह जनहित याचिका केरल के वकील मोहम्मद मुबारक अली ने दाखिल की है। खास बात यह है कि वह खुद भी NIA द्वारा जांच किए जा रहे एक मामले में आरोपी हैं। यह मामला प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे और अधिवक्ता विष्णु पी. ने कोर्ट में पक्ष रखा। NIA एक्ट पर उठाए गए गंभीर सवाल याचिका में 2008 के NIA एक्ट के कई प्रावधानों को मनमाना बताया गया है। इसमें कहा गया है कि यह कानून संविधान के संघीय ढांचे और केंद्र-राज्य के बीच शक्तियों के संतुलन का उल्लंघन करता है। सबसे बड़ा मुद्दा धारा 8 को लेकर उठाया गया है, जिसके तहत NIA किसी भी ऐसे मामले को अपने हाथ में ले सकती है जो किसी अनुसूचित अपराध से “जुड़ा” हो। इसके अलावा, NIA को जांच संभालने के लिए राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं होती, जबकि CBI को आमतौर पर राज्यों से पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है। “समानांतर राष्ट्रीय पुलिस तंत्र” का आरोप याचिका में कहा गया है कि NIA एक्ट एक “बिना नियंत्रण वाला समानांतर राष्ट्रीय पुलिस ढांचा” तैयार करता है, जो राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करता है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होती है और संविधान में तय शक्तियों का संतुलन बिगड़ता है। आगे की सुनवाई पर नजर अब इस मामले में केंद्र सरकार का जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत बहस होगी। यह मामला न सिर्फ NIA की शक्तियों, बल्कि भारत के संघीय ढांचे की व्याख्या के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
Supreme Court and Parliament context showing probe closure against Justice Yashwant Verma

जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में लोकसभा पैनल की जांच खत्म, रिपोर्ट सौंपी जाएगी

Election officials checking EVM machines at polling booth before voting in India

EVM से छेड़छाड़ पर सख्त हुआ चुनाव आयोग: परफ्यूम, स्याही या गोंद लगाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

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बंगाल-तमिलनाडु चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज: खड़गे के बयान पर बवाल, कल वोटिंग

curdled milk recipes
गर्मी में फट गया दूध? परेशान न हो, मिनटों में तैयार करें ये 2 स्वादिष्ट रेसिपी

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज तापमान और सही स्टोरेज की कमी के कारण दूध का फटना एक आम समस्या है। अक्सर लोग इसे खराब समझकर फेंक देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। फटा हुआ दूध पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इससे कई स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह रसोई में बेहद काम का साबित हो सकता है।   प्रोटीन से भरपूर, सेहत के लिए फायदेमंद फटे दूध में मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम पूरी तरह नष्ट नहीं होते। यही कारण है कि इसे पनीर या छेना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर दूध ज्यादा खराब या बदबूदार नहीं है, तो इसका सेवन सुरक्षित होता है और यह शरीर के लिए लाभकारी भी साबित हो सकता है।   पनीर भुर्जी: आसान और टेस्टी विकल्प फटे दूध से सबसे पहले पनीर तैयार किया जा सकता है। इसके लिए दूध को कपड़े में छानकर पानी अलग कर लें। तैयार पनीर को क्रम्बल कर लें। अब एक पैन में तेल गर्म करें, उसमें प्याज, टमाटर और हरी मिर्च डालकर भूनें। फिर हल्दी, नमक और मसाले डालें। अंत में पनीर डालकर कुछ मिनट पकाएं। यह पनीर भुर्जी रोटी या ब्रेड के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है।   छेना मिठाई: मीठा और लाजवाब स्वाद फटे दूध से छेना बनाकर स्वादिष्ट मिठाई भी तैयार की जा सकती है। छेना को अच्छी तरह मसलकर छोटे-छोटे बॉल्स बना लें। एक पैन में चीनी और पानी की चाशनी तैयार करें और उसमें ये बॉल्स डाल दें। 10–15 मिनट तक पकाने के बाद स्वादिष्ट छेना मिठाई तैयार हो जाती है। ठंडा करके खाने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।   ध्यान रखने वाली बातें फटे दूध का उपयोग तभी करें जब उसमें बदबू न हो। अधिक समय तक रखा या ज्यादा खट्टा दूध इस्तेमाल न करें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

Anjali Kumari अप्रैल 22, 2026 0
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Woman employee distressed in office environment highlighting workplace harassment and corporate negligence

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