राष्ट्रीय

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर हो सकता है सस्ता, सरकार नए टोल शुल्क फॉर्मूले पर कर रही काम

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर सस्ता करने के लिए नए टोल टैक्स फॉर्मूले और जीपीएस आधारित टोल वसूली पर काम करती सरकार
National Highway New Toll Tax Formula Distance Based GPS Tolling System

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक किफायती बनाने के लिए नए टोल शुल्क फॉर्मूले पर काम कर रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) टोल वसूली प्रणाली में बदलाव के विभिन्न विकल्पों का अध्ययन कर रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर निजी वाहन चालकों को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कम टोल देना पड़ सकता है।

 

क्या है नया प्रस्ताव?

 

सरकार दो प्रमुख मॉडलों पर विचार कर रही है। पहला, दूरी के आधार पर टोल (Distance-Based Tolling), जिसमें वाहन चालक से केवल उतनी दूरी का शुल्क लिया जाएगा, जितनी दूरी उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर तय की है। दूसरा, वार्षिक टोल पास (Annual Toll Pass), जिसके तहत एक निश्चित शुल्क देकर पूरे वर्ष राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग किया जा सकेगा। इन प्रस्तावों का उद्देश्य टोल प्रणाली को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।

 

GPS आधारित टोल प्रणाली पर भी चल रहा काम

 

सरकार FASTag के साथ-साथ GPS और GNSS (Global Navigation Satellite System) आधारित टोल वसूली प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस तकनीक के माध्यम से वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी के अनुसार स्वतः टोल शुल्क कटेगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता कम होगी और ट्रैफिक जाम में भी राहत मिलेगी।

 

निजी वाहन चालकों को मिल सकती है बड़ी राहत

 

यदि नया टोल फॉर्मूला लागू होता है तो नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों निजी वाहन चालकों को आर्थिक राहत मिल सकती है। साथ ही, मालवाहक वाहनों के लिए भी अधिक पारदर्शी और दूरी आधारित शुल्क व्यवस्था विकसित होने की संभावना है।

 

अभी अंतिम फैसला नहीं

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया टोल फॉर्मूला अभी विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही नई व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी टोल प्रणाली विकसित करना है जो यात्रियों के लिए सुविधाजनक होने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए आवश्यक राजस्व भी सुनिश्चित कर सके।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

राष्ट्रीय

View more
Central Delhi Liquor Shop Timings
दिल्ली में छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कड़ी, वीकेंड में शराब की दुकानें रात 8 बजे तक ही खुलेंगी

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में छात्र संगठनों के जारी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। एहतियात के तौर पर वीकेंड (शनिवार और रविवार) को दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को सामान्य समय से दो घंटे पहले यानी रात 8 बजे बंद करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला दिल्ली पुलिस की सुरक्षा संबंधी सिफारिश के बाद लिया गया है।   प्रदर्शन वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई   प्रशासन ने जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।   वीकेंड में रात 8 बजे तक ही खुलेंगी शराब की दुकानें   सुरक्षा कारणों से वीकेंड के दौरान दिल्ली की सभी लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकानों को रात 8 बजे तक ही संचालन की अनुमति दी गई है। सामान्य दिनों में ये दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय में अस्थायी बदलाव किया गया है।   यातायात और मेट्रो सेवाओं पर भी असर   प्रदर्शन के मद्देनज़र मध्य दिल्ली के कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई मेट्रो स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी गई है और यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक एवं मेट्रो एडवाइजरी देखने की सलाह दी गई है।   स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर   दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

abhishek singh जुलाई 25, 2026 0
Draupadi Murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज़ ने मानद डॉक्टरेट से किया सम्मानित

UP CM Yogi Adityanath

कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Rahul Gandhi meets injured student alleging pellet gun use during Jantar Mantar protest

राहुल गांधी ने घायल छात्र से की मुलाकात, बोले- तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहा था, पुलिस ने चलाई पैलेट गन

Maharashtra TET paper leak mastermind Bijendra Gupta arrested by police in Bihar
महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बिहार से दबोचा गया बिजेंद्र गुप्ता

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने साथी सोनू सिंह के साथ मिलकर प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को लालच देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था। जांच में सामने आया है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र जूते में छिपाकर प्रिंटिंग हाउस से बाहर निकाला गया। आरोप है कि इसे करीब ₹8 हजार में हासिल किया गया और बाद में भिवंडी व पुणे समेत कई जगहों पर ऊंची कीमत पर बेचा गया। पुलिस के अनुसार, पूरे रैकेट से करीब ₹1.5 करोड़ की कमाई होने की आशंका है। भिवंडी पुलिस ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया और कोंगांव के एक होटल से आरोपियों को पेपर बेचने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया। मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। बिहार से गिरफ्तारी, जल्द भिवंडी लाया जाएगा आरोपी भिवंडी पुलिस ने बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर पुणे एयरपोर्ट पहुंचाया है। वहां से उसे भिवंडी लाकर अदालत में पेश किया जाएगा। कपिल दहिया समेत अन्य आरोपी भी गिरफ्तार एसआईटी ने इस मामले में वांछित आरोपी कपिल दहिया को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। इसके अलावा सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सोनू ने फर्जी पहचान पत्र तैयार किए और अपनी फोटोकॉपी दुकान से लीक प्रश्नपत्रों की प्रतियां निकालीं, जबकि मिथुन सिंह कथित तौर पर संभावित खरीदारों की तलाश में शामिल था। पत्नी पर भी जांच की आंच पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने फरार आरोपी के संपर्क में रहते हुए जांच में सहयोग नहीं किया और मैसेजिंग ऐप के जरिए उससे लगातार संपर्क बनाए रखा। कैसे हुआ खुलासा? भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि TET का प्रश्नपत्र बेचा जा रहा है। इसके बाद एक पुलिस अधिकारी खरीदार बनकर आरोपियों के संपर्क में पहुंचा। जैसे ही सौदा तय हुआ, पुलिस ने कोंगांव के होटल में छापा मारकर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने जांच में पता चला है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता पहले भी कई राज्यों के पेपर लीक मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज है। पुलिस का दावा है कि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन जमानत मिलने के बाद फर्जी पहचान के साथ दूसरे राज्यों में सक्रिय हो जाता था।  

kalpana जुलाई 25, 2026 0
US imposes 10% forced labour tariff on Indian imports after Section 301 investigation

AI से बनाए गए फर्जी वीडियो पर भड़के पीयूष गोयल, चाणक्यपुरी थाने में FIR दर्ज

Kumari Selja on Student Protest

कुमारी सैलजा ने छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोलीं- छात्रों के सवालों का जवाब दे सरकार

Supreme Court Hearing

छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई

PM Speech
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं का जताया आभार, बोले- आपके सुझाव सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझाव और विचार सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से नीतियां अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनती हैं तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे अहम है।   युवाओं के सुझावों को बताया विकास की ताकत   प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं के विचारों और सुझावों को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, नवाचार, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में युवाओं के सुझावों को नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जा रहा है। उनके अनुसार, नई पीढ़ी के विचार देश को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।   'विकसित भारत' अभियान में भागीदारी का आह्वान   प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विकास में हर युवा का योगदान महत्वपूर्ण है और सरकार उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।   सोशल मीडिया के जरिए दिया संदेश   प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहा कि युवाओं से प्राप्त सुझाव सरकार को बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं। उन्होंने सभी युवाओं से रचनात्मक सुझाव देते रहने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया।   नवाचार और जनभागीदारी पर सरकार का जोर   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी सबसे बड़े आधार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचार देश को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

anjali kumari जुलाई 25, 2026 0
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून सक्रिय होने के बाद झमाझम बारिश और IMD द्वारा जारी भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई राज्यों में सक्रिय हुआ मानसून, IMD ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर सस्ता करने के लिए नए टोल टैक्स फॉर्मूले और जीपीएस आधारित टोल वसूली पर काम करती सरकार

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर हो सकता है सस्ता, सरकार नए टोल शुल्क फॉर्मूले पर कर रही काम

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के काडू नाला के पास भूस्खलन के बाद जारी राहत एवं बचाव अभियान

हिमाचल के लाहौल-स्पीति में दर्दनाक भूस्खलन, चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत; राहत एवं बचाव अभियान जारी

0 Comments

Top week

Explosion reported in Iran after US airstrikes near Bandar Abbas
दुनिया

ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी बम, बंदर अब्बास समेत कई शहरों में धमाके; मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 21, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?