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रोनाल्डो ने दिया संन्यास का संकेत, 2026-27 सीजन हो सकता है उनके करियर का आखिरी अध्याय

abhishek singh अगस्त 18, 2026 0
Cristiano Ronaldo
Ronaldo hints at retirement

रियाद, एजेंसियां। फुटबॉल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने शानदार करियर के अंत को लेकर बड़ा संकेत दिया है। 41 वर्षीय पुर्तगाली स्टार ने कहा है कि 2026-27 सीजन संभवतः फुटबॉल में उनका आखिरी साल हो सकता है। रोनाल्डो ने यह बात Vogue को दिए एक इंटरव्यू में कही।

 

25 साल के करियर के बाद संन्यास की तैयारी

 

रोनाल्डो का पेशेवर करियर करीब 25 वर्षों का रहा है। उन्होंने स्पोर्टिंग सीपी से शुरुआत करने के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड, युवेंटस और अब सऊदी अरब के अल-नस्र के लिए खेला है। इस दौरान उन्होंने पांच बैलन डी'ओर पुरस्कार समेत कई बड़े खिताब जीते। रोनाल्डो ने संकेत दिया कि वह फुटबॉल से विदाई के बाद अपनी जिंदगी के लिए भी योजनाएं बना चुके हैं और अपने परिवार, यात्रा तथा पैडल जैसे शौक पर ध्यान देना चाहते हैं।

 

1,000 गोल का ऐतिहासिक लक्ष्य

 

संन्यास के संकेत के बावजूद रोनाल्डो के सामने अभी एक बड़ा व्यक्तिगत लक्ष्य है। वह अपने क्लब और देश के लिए 1,000 करियर गोल पूरे करने की कोशिश में हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनके नाम फिलहाल 976 गोल हैं। यदि वह 1,000 गोल का आंकड़ा हासिल कर लेते हैं, तो यह उनके ऐतिहासिक करियर का बेहद खास समापन होगा।

 

फुटबॉल की दुनिया में विदाई की चर्चा तेज

 

रोनाल्डो के बयान के बाद दुनिया भर में उनके संन्यास को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा है कि वह निश्चित रूप से 2026-27 सीजन के बाद संन्यास ले लेंगे। उनका बयान फिलहाल संभावित आखिरी सीजन की ओर संकेत करता है।

 

रोनाल्डो ने अपने करियर को पीछे मुड़कर देखते हुए कहा कि वह फुटबॉल से एक शानदार विरासत छोड़ना चाहते हैं। ऐसे में आगामी सीजन उनके ऐतिहासिक करियर का अंतिम अध्याय बनता है या नहीं, इस पर दुनिया भर के प्रशंसकों की नजर रहेगी।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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BWF World Championships
BWF World Championships: आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 शी यू की को हराकर रचा इतिहास, बोले- ‘यह नई शुरुआत है’

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय बैडमिंटन के युवा स्टार आयुष शेट्टी ने BWF World Championships 2026 में बड़ा उलटफेर कर दिया है। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 21 वर्षीय आयुष ने मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी शी यू की को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में हरा दिया। आयुष ने यह मुकाबला 21-14, 13-21, 21-19 से अपने नाम किया। यह शी यू की के खिलाफ चार मुकाबलों में आयुष की पहली जीत है।   पहले गेम से ही दिखाया आक्रामक खेल   मुकाबले की शुरुआत से ही आयुष ने आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने स्मैश और तेज रफ्तार शॉट्स के साथ शानदार डिफेंस का भी प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती गेम में शी यू की को ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-14 से गेम जीतकर बढ़त बना ली।   दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की और अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए आयुष पर दबाव बनाया। शी यू की ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।   निर्णायक गेम में नहीं छोड़ा हौसला   तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक समय मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच गया और दबाव लगातार बढ़ता गया। हालांकि, आयुष ने महत्वपूर्ण मौकों पर संयम बनाए रखा और शानदार शॉट्स के साथ 21-19 से निर्णायक गेम जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के अगले दौर में जगह बना ली।   'फैंस ने मुझे बहुत ऊर्जा दी'   जीत के बाद आयुष ने घरेलू दर्शकों को अपनी सफलता का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों की जोरदार चीयरिंग ने उन्हें थकान के बावजूद अतिरिक्त ऊर्जा दी। आयुष ने माना कि निर्णायक गेम में शी यू की ने वापसी की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी तरह खुद को संभाला और मुकाबला अपने नाम कर लिया।   पिछली हार से लिया सबक   शी यू की के खिलाफ इससे पहले आयुष को तीनों मुकाबलों में हार मिली थी। इनमें इसी साल बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप का फाइनल भी शामिल था, जहां चीनी खिलाड़ी ने उन्हें सीधे गेम में हराया था। इस बार आयुष की टीम ने पिछली भिड़ंत का विश्लेषण किया और उसी के आधार पर रणनीति तैयार की। आयुष ने कहा कि इस बार उनकी तैयारी बेहतर थी और वह मुकाबले के दौरान अपनी योजना पर टिके रहने में सफल रहे।   'यह मेरे लिए खास जीत है'   आयुष ने अपनी जीत को करियर की खास उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि घर पर खेलना, विश्व चैंपियनशिप में डेब्यू करना और वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल करना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने इस जीत को अपने करियर की नई शुरुआत भी बताया।   कर्नाटक के छोटे इलाके से विश्व मंच तक का सफर   आयुष शेट्टी कर्नाटक के कर्कला के पास स्थित सानूर से आते हैं। उनके पिता ने महज आठ साल की उम्र में उन्हें बैडमिंटन से परिचित कराया था। शुरुआती दिनों में वह घर के पीछे ही अभ्यास करते थे। आयुष की प्रतिभा को बेहतर मंच देने के लिए उनका परिवार बाद में बंगलूरू चला गया। वहां उन्होंने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया और अपने खेल को नई ऊंचाई दी।   2025 में जीता पहला बड़ा BWF खिताब   आयुष के करियर को 2025 में बड़ा ब्रेक मिला, जब उन्होंने यूएस ओपन का खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने कनाडा के ब्रायन यांग को सीधे गेम में हराया। यह उनका पहला BWF World Tour खिताब था।   इसके बाद उन्होंने कई शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।   एशियन चैंपियनशिप में भी बनाया इतिहास   2026 में आयुष ने बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर भारतीय पुरुष एकल में खास उपलब्धि हासिल की। वह 61 साल बाद इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बने।   हालांकि फाइनल में उन्हें शी यू की के हाथों हार मिली थी, लेकिन अब विश्व चैंपियनशिप में उसी खिलाड़ी को हराकर आयुष ने अपनी पिछली हार का हिसाब बराबर कर दिया है।   उंगली से खून निकलने के बावजूद जारी रखा मुकाबला   मुकाबले के दौरान आयुष को मेडिकल टाइमआउट भी लेना पड़ा। उनकी उंगली से खून निकल रहा था, हालांकि चोट गंभीर नहीं बताई गई। मेडिकल ब्रेक के बाद उन्होंने दोबारा कोर्ट पर वापसी की और निर्णायक गेम में जीत हासिल कर ली।   शी यू की जैसे वर्ल्ड नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन को हराकर आयुष शेट्टी ने भारतीय बैडमिंटन में अपनी दस्तक बेहद प्रभावशाली अंदाज में दी है। अब सभी की नजरें टूर्नामेंट के अगले दौर में उनके प्रदर्शन पर रहेंगी।

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
Bangladesh Women's Team

एशिया कप 2026 के लिए बांग्लादेश टीम का ऐलान, निगार सुल्ताना संभालेंगी कप्तानी

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भुवनेश्वर कुमार की टीम ने दर्ज की पहली जीत, नोएडा सुपर किंग्स को 3 विकेट से हराया

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India VS England Match
हॉकी विश्व कप में भारत को झटका, इंग्लैंड ने 4-2 से हराया

एम्सटेलवीन, एजेंसियां। एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। पूल डी के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हरा दिया। इस हार के बाद भारत के लिए अगले चरण में पहुंचने का समीकरण मुश्किल हो गया है।   हाफ टाइम तक भारत आगे था   भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना रखी थी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने भारत के लिए गोल किए। ऐसा लग रहा था कि भारत इंग्लैंड के खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप के खराब रिकॉर्ड को बदल देगा।   दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने पलटा मैच   दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी की। भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाते हुए इंग्लैंड ने तीन गोल दागे और मुकाबला 4-2 से अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का 32 साल का जीत का इंतजार जारी रहा।   अब पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला   इंग्लैंड से हार के बाद भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अगला मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारत अगर पाकिस्तान को हराता है तो अगले चरण में पहुंचने की उसकी उम्मीदें मजबूत रहेंगी। वहीं ड्रॉ की स्थिति में गोल अंतर और पूल के अन्य मुकाबलों के नतीजे अहम होंगे। हार की स्थिति में भारत की आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी कमजोर हो जाएंगी। भारत ने इससे पहले विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। अब टीम को पाकिस्तान के खिलाफ दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

abhishek singh अगस्त 18, 2026 0
WTC Points Table

डार्विन में बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत से बदला WTC समीकरण, भारत की राह हुई और मुश्किल

Matthew Renshaw

बांग्लादेश से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के लिए टीम में किया बदलाव, जेक वेदराल्ड बाहर

Manchester Super Giants

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहली बार जीता मेन्स द हंड्रेड खिताब

Dhruv Jurel
ध्रुव जुरेल का बड़ा बयान, बोले- गॉल की पिच तेजी से बदल रही है, हमें हालात के हिसाब से ढलना होगा

गॉल, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अर्धशतक लगाने के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने गॉल की पिच और मैच की परिस्थितियों को लेकर बड़ा बयान दिया। जुरेल ने कहा कि इस मैदान की पिच मौसम के साथ तेजी से बदल सकती है और भारतीय टीम को परिस्थितियों के मुताबिक लगातार खुद को ढालना होगा।   पिच को लेकर क्या बोले जुरेल?   जुरेल के मुताबिक जब पिच पर नमी रहती है और मैदान पर कवर होता है, तो गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिल सकती है। वहीं धूप निकलने के बाद पिच के सूखने पर परिस्थितियां अलग हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि टीम को इन बदलावों को समझकर उसी के अनुसार खेलना होगा।   सात पारियों बाद जड़ा अर्धशतक   जुरेल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 51 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका दूसरा अर्धशतक और भारत के बाहर पहला टेस्ट अर्धशतक रहा। इससे पहले वह लगातार सात टेस्ट पारियों में 50 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके थे। उनकी पारी ने भारत को 400 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने पहली पारी में 460/9 का मजबूत स्कोर बनाया।   भारत की नजर अब 20 विकेट पर   जुरेल ने टीम की रणनीति पर भी बात करते हुए संकेत दिया कि भारत का लक्ष्य केवल बड़ा स्कोर बनाना नहीं, बल्कि श्रीलंका के सभी 20 विकेट हासिल करके मैच जीतना है। उन्होंने बताया कि टीम तेजी से रन बनाना चाहती थी, लेकिन बिना नियंत्रण खोए।   गॉल में भारत मजबूत स्थिति में   भारत ने श्रीलंका को पहली पारी में 284 रन पर समेटकर 178 रन की बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय स्पिनरों में मानव सुथार ने चार और रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बनाया। अब भारत की कोशिश दूसरी पारी में पर्याप्त रन बनाकर श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने और टेस्ट को निर्णायक स्थिति में पहुंचाने की होगी।

abhishek singh अगस्त 18, 2026 0
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पुजारा ने चुने भारत के टॉप-3 टेस्ट ओपनर्स, मुरली विजय के साथ गावस्कर और सहवाग को दी जगह

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टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट के एलीट क्लब में शामिल हुए रवींद्र जडेजा, कपिल देव के खास रिकॉर्ड की बराबरी

Manav Suthar

गॉल टेस्ट में मानव सुथार की शानदार गेंदबाजी, जडेजा और कुलदीप से भी ज्यादा टर्न कराया

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surbhi अगस्त 12, 2026 0

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