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Flipkart Offers Free Netflix Subscription

Flipkart Shopping Offer: 4 बार खरीदारी करते ही मिलेगा Netflix का Free Subscription, जानें कैसे उठा सकते हैं फायदा

surbhi अगस्त 1, 2026 0
Flipkart shopping offer providing free Netflix Mobile subscription to eligible Plus members
Flipkart Netflix Free Subscription Offer

अगर आप हर महीने Flipkart से खरीदारी करते हैं और OTT कंटेंट देखना पसंद करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Flipkart और Netflix ने एक नई साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत Flipkart Plus मेंबर्स को अपनी खरीदारी के बदले Netflix का मोबाइल प्लान मुफ्त में मिल सकेगा।

यह सुविधा 1 अगस्त 2026 से शुरू होने की बात कही गई है। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों को अलग से Netflix का सब्सक्रिप्शन खरीदने या किसी मोबाइल रिचार्ज के साथ बंडल प्लान लेने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे मिलेगा Free Netflix Subscription?

इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए Flipkart Plus मेंबर्स को एक कैलेंडर महीने में कुछ खास शॉपिंग शर्तें पूरी करनी होंगी।

  • एक महीने में कम से कम 299 रुपये के 4 क्वालिफाइंग ऑर्डर पूरे करने होंगे।
  • ये ऑर्डर Flipkart, Flipkart Minutes और Flipkart Grocery पर किए जा सकते हैं।
  • चौथा क्वालिफाइंग ऑर्डर पूरा होते ही 30 दिनों के लिए Netflix Mobile Plan अनलॉक हो जाएगा।
  • इसके लिए अलग से Netflix पर पेमेंट करने की जरूरत नहीं होगी।
  • उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह लाभ Flipkart ऐप के जरिए एक्टिव किया जाएगा।
  • 30 दिन पूरे होने के बाद Netflix का यह लाभ अपने आप समाप्त हो जाएगा।

यानी आसान भाषा में समझें तो अगर आप एक कैलेंडर महीने में 299 रुपये या उससे अधिक के चार योग्य ऑर्डर करते हैं, तो आपको अगले 30 दिनों के लिए Netflix Mobile Plan का लाभ मिल सकता है।

Flipkart Minutes से भी कर सकते हैं शॉपिंग

इस ऑफर की खास बात यह है कि ग्राहकों को सिर्फ सामान्य Flipkart शॉपिंग तक सीमित नहीं रखा गया है। खबर के मुताबिक, Flipkart Minutes और Flipkart Grocery पर किए गए योग्य ऑर्डर भी इस ऑफर के लिए गिने जा सकते हैं।

इससे उन ग्राहकों के लिए भी ऑफर हासिल करना आसान हो सकता है, जो रोजमर्रा की जरूरतों का सामान क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए खरीदते हैं।

हर महीने दोबारा लेना होगा फायदा

यह कोई ऐसा Netflix सब्सक्रिप्शन नहीं है जो एक बार मिलने के बाद लंबे समय तक चलता रहे। इसका लाभ 30 दिनों के लिए मिलेगा।

अगर ग्राहक अगले महीने भी Netflix का यह फायदा लेना चाहता है, तो उसे फिर से उसी खरीदारी पैटर्न को पूरा करना होगा। यानी एक नए कैलेंडर महीने में फिर से 299 रुपये या उससे अधिक के चार क्वालिफाइंग ऑर्डर पूरे करने होंगे।

Flipkart Plus Membership जरूरी

ध्यान रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ऑफर Flipkart Plus Members के लिए है। अगर आप Flipkart Plus के सदस्य नहीं हैं, तो खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।

इसलिए सिर्फ Flipkart से चार बार खरीदारी कर लेने से हर ग्राहक को मुफ्त Netflix सब्सक्रिप्शन मिल जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा। ऑफर की पात्रता और क्वालिफाइंग ऑर्डर की शर्तें पूरी करना जरूरी है।

पहली बार ई-कॉमर्स और Netflix की ऐसी साझेदारी

अब तक Netflix का मुफ्त सब्सक्रिप्शन आमतौर पर मोबाइल या टेलीकॉम प्लान के साथ मिलने वाले ऑफर्स में देखा जाता रहा है। इस साझेदारी को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यहां Netflix का लाभ मोबाइल रिचार्ज के बजाय ई-कॉमर्स शॉपिंग के आधार पर दिया जा रहा है।

Flipkart Plus ग्राहकों के लिए यह ऑफर खास तौर पर दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि नियमित खरीदारी करने वाले ग्राहक अपनी सामान्य शॉपिंग के साथ OTT बेनिफिट भी हासिल कर सकेंगे।

Flipkart Plus नहीं है तो क्या करें?

अगर आपके पास Flipkart Plus Membership नहीं है, तो इस ऑफर का फायदा नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में Netflix का सब्सक्रिप्शन लेने के लिए मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के उन रिचार्ज प्लान को देखा जा सकता है, जिनमें Netflix का लाभ शामिल होता है।

खबर में Netflix Mobile Plan की कीमत 199 रुपये प्रति माह बताई गई है।

खरीदारी करने से पहले शर्तें जरूर समझें

यह ऑफर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो वैसे भी हर महीने Flipkart से खरीदारी करते हैं। लेकिन केवल Netflix पाने के लिए गैर-जरूरी सामान खरीदना आर्थिक रूप से समझदारी नहीं होगी।

अगर आपकी नियमित खरीदारी पहले से ही इस सीमा और ऑर्डर पैटर्न को पूरा करती है, तभी यह ऑफर आपके लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है। खरीदारी करने से पहले Flipkart ऐप में अपने अकाउंट पर ऑफर की पात्रता, क्वालिफाइंग ऑर्डर और लागू नियम जरूर जांच लें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Clean Energy Crisis: 2040 तक लिथियम और कॉपर की किल्लत बढ़ने की आशंका

नई दिल्ली: दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी और सौर-पवन ऊर्जा जैसी क्लीन एनर्जी तकनीकों का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही लिथियम, कॉपर, निकल और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2040 तक इन खनिजों की मांग में भारी वृद्धि होगी, लेकिन आपूर्ति इसकी तुलना में पीछे रह सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर संकट गहराने की आशंका है।   2040 तक भारी निवेश की जरूरत   IEA के मुताबिक, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वर्ष 2040 तक खनन और रिफाइनिंग क्षेत्र में 750 अरब डॉलर से अधिक निवेश की आवश्यकता होगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कॉपर (310 अरब डॉलर) और निकल (280 अरब डॉलर) के उत्पादन और प्रसंस्करण पर खर्च होने का अनुमान है।   किन खनिजों की कितनी बढ़ेगी मांग?   लिथियम की मांग 2040 तक तीन गुना से अधिक हो सकती है। ग्रेफाइट की जरूरत लगभग दोगुनी होने का अनुमान है। निकल की मांग करीब 65 प्रतिशत और रेयर अर्थ मिनरल्स की मांग 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। कॉपर की मांग 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ेगी, जिसके लिए दुनिया को अतिरिक्त 70 लाख टन तांबे की आवश्यकता होगी।   चीन की सप्लाई चेन पर निर्भरता चिंता का विषय   रिपोर्ट में कहा गया है कि खनिजों के रिफाइनिंग सेक्टर में चीन का दबदबा वैश्विक सप्लाई चेन के लिए बड़ा जोखिम है। वर्तमान में दुनिया का लगभग 90 प्रतिशत ग्रेफाइट, 75 प्रतिशत कोबाल्ट, 70 प्रतिशत लिथियम और 50 प्रतिशत कॉपर चीन में रिफाइन किया जाता है। ऐसे में यदि किसी कारण से चीन की सप्लाई प्रभावित होती है, तो वैश्विक क्लीन एनर्जी परियोजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।   रिसाइक्लिंग से कम हो सकता है संकट   IEA का मानना है कि भविष्य में खनिजों की कमी से निपटने के लिए बैटरियों और अन्य उपकरणों की रिसाइक्लिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फिलहाल दुनिया में केवल करीब 10 प्रतिशत महत्वपूर्ण खनिजों की रिसाइक्लिंग होती है। रिपोर्ट का लक्ष्य 2040 तक इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का है, जिससे नए खनन पर निर्भरता कम हो सकेगी और सप्लाई संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने अपने बड़े शॉपिंग इवेंट ग्रेट फ्रीडम सेल 2026 की घोषणा कर दी है। यह सेल 7 अगस्त 2026 से Amazon.in पर शुरू होगी। इस बार कंपनी ने ग्राहकों के खरीदारी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए AI आधारित शॉपिंग टूल्स भी शामिल किए हैं, जो ग्राहकों को बेहतर प्रोडक्ट खोजने और सही डील चुनने में मदद करेंगे।   AI फीचर्स से मिलेगी स्मार्ट शॉपिंग की सुविधा   अमेज़न इस सेल में अपने AI शॉपिंग असिस्टेंट Rufus को और बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है। यह AI टूल ग्राहकों को प्रोडक्ट की जानकारी, तुलना, कीमतों का विश्लेषण और खरीदारी से जुड़े सुझाव देने में मदद करेगा। कंपनी का उद्देश्य है कि ग्राहक हजारों विकल्पों में से अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रोडक्ट आसानी से चुन सकें।   मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स पर मिलेंगे बड़े ऑफर   ग्रेट फ्रीडम सेल 2026 में स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण और अन्य कैटेगरी में भारी छूट मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा ग्राहकों को बैंक ऑफर, नो-कॉस्ट EMI, एक्सचेंज ऑफर और Amazon Pay से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे।   Prime मेंबर्स को मिल सकता है शुरुआती एक्सेस   रिपोर्ट्स के अनुसार, Amazon Prime ग्राहकों को सेल में आम यूजर्स से पहले खरीदारी का मौका मिल सकता है। कंपनी बड़ी संख्या में प्रोडक्ट्स पर विशेष डील और शुरुआती एक्सेस की सुविधा देने की तैयारी कर रही है।   AI और ई-कॉमर्स के नए दौर की शुरुआत   टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित शॉपिंग फीचर्स आने वाले समय में ऑनलाइन खरीदारी के तरीके को बदल सकते हैं। अमेज़न का लक्ष्य सिर्फ डिस्काउंट देना नहीं, बल्कि AI की मदद से ग्राहकों को तेज, आसान और व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव देना है। ग्रेट फ्रीडम सेल 2026 में कंपनी इसी दिशा में नए प्रयोग कर रही है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0

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