मुंबई, एजेंसियां। बहुप्रतीक्षित 'मिर्जापुर: द मूवी' की रिलीज से पहले मेकर्स बड़े स्तर पर प्रमोशनल अभियान की तैयारी में हैं। हाल ही में टीजर जारी होने के बाद अब 11 अगस्त को फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया जाएगा। इसके तुरंत बाद फिल्म की स्टारकास्ट देशभर के 7 से 8 शहरों में मल्टी-सिटी प्रमोशनल टूर पर निकलेगी और फैंस के बीच फिल्म का प्रचार करेगी।
फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ट्रेलर रिलीज के बाद पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और अन्य कलाकार अलग-अलग शहरों में जाकर प्रशंसकों से मुलाकात करेंगे। मेकर्स का उद्देश्य सिनेमाघरों में रिलीज से पहले फिल्म को देशभर में बड़े स्तर पर प्रमोट करना और दर्शकों के बीच उत्साह को और बढ़ाना है।
हाल ही में रिलीज हुए टीजर में 'मिर्जापुर' की पहचान बन चुके दमदार किरदारों और एक्शन से भरपूर दुनिया की झलक देखने को मिली। बड़े पर्दे के लिए तैयार की गई इस फिल्म में वही गैंगवार, राजनीति, इमोशन और थ्रिल देखने को मिलेगा, जिसने वेब सीरीज को लोकप्रिय बनाया था।
फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा के अलावा अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
'मिर्जापुर: द मूवी' को Amazon MGM Studios और Excel Entertainment प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म के निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर हैं, वहीं कासिम जगमागिया और विशाल रामचंद्रानी सह-निर्माता हैं।
'मिर्जापुर: द मूवी' 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में रिलीज की जाएगी, ताकि इसे देशभर के अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
August 2026 Movie Release: सिनेमा प्रेमियों के लिए अगस्त 2026 बेहद खास रहने वाला है। इस महीने हिंदी के साथ-साथ साउथ इंडियन सिनेमा की कई बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही हैं। महीने की शुरुआत से लेकर आखिरी हफ्ते तक अलग-अलग जॉनर की करीब 12 फिल्मों की रिलीज तय है। स्वतंत्रता दिवस के आसपास जहां Sunny Deol और Preity Zinta स्टारर 'Batwara 1947' और Emraan Hashmi की 'Awarapan 2' आमने-सामने होंगी, वहीं महीने के आखिर में Yash की बहुप्रतीक्षित 'Toxic: A Fairytale for Grown-Ups' दर्शकों के बीच पहुंचेगी। इसी दौरान Shraddha Kapoor की 'Eetha' भी रिलीज के लिए तैयार है, हालांकि इसकी रिलीज डेट में बदलाव की चर्चा भी है। इसके अलावा 'Khosla Ka Ghosla 2', 'Jeevan Bheema Yojana', R. Madhavan की 'G.D.N.' और Dulquer Salmaan की 'I'm Game' जैसी फिल्में भी अगस्त में दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। 1. Aryabhatt Ka Zero — 7 अगस्त 2026 अगस्त की शुरुआत Himansh Kohli, Sonali Sehgal और Ravi Kishan स्टारर 'Aryabhatt Ka Zero' से होगी। कमल चंद्रा के निर्देशन में बनी यह हिंदी ड्रामा फिल्म एक 25 वर्षीय मिडिल क्लास युवक ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू की कहानी बताती है। बग्गू असफलताओं, टूटे सपनों, प्रेम में नाकामी और समाज के तानों के बीच खुद पर विश्वास खो देता है। कहानी उसके संघर्ष, पारिवारिक रिश्तों और आत्मविश्वास वापस पाने की यात्रा पर केंद्रित है। फिल्म का संदेश है कि जिंदगी में 'शून्य' भी किसी नई शुरुआत की बुनियाद बन सकता है। फिल्म में दर्शना बानिक, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, अलका अमीन, नीरज सूद और शिल्पा शिंदे भी अहम भूमिकाओं में हैं। रिलीज डेट: 7 अगस्त 2026 2. Ohh My Dog — 7 अगस्त 2026 'Oh My God 2' के निर्देशक अमित राय अब 'Ohh My Dog' के साथ एक थ्रिलर-ड्रामा कहानी लेकर आ रहे हैं। फिल्म में Pankaj Tripathi मुख्य भूमिका में हैं। कहानी एक छोटे बच्चे और एक आवारा कुत्ते के बीच बने भावनात्मक रिश्ते से शुरू होती है। जब शहर से एक आवारा कुत्ता अचानक गायब हो जाता है, तो बच्चा उसे ढूंढने निकल पड़ता है। इस तलाश के दौरान सामने आता है कि शहर से सिर्फ एक नहीं, बल्कि सैकड़ों कुत्ते गायब हो रहे हैं। फिल्म में पंकज त्रिपाठी के अलावा पवन मल्होत्रा और माही राय नजर आएंगे। ऑस्कर और ब्रूनो नाम के दो डॉग्स भी कहानी का अहम हिस्सा हैं। रिलीज डेट: 7 अगस्त 2026 3. G.D.N. — 7 अगस्त 2026 R. Madhavan स्टारर 'G.D.N.' भारतीय आविष्कारक और उद्यमी जी.डी. नायडू की जिंदगी पर आधारित बायोपिक है। उन्हें 'भारत का एडिसन' भी कहा जाता है। फिल्म में माधवन जी.डी. नायडू का किरदार निभा रहे हैं। कहानी उनके शुरुआती जीवन, स्कूल छोड़ने से लेकर इंजीनियरिंग और आविष्कार की दुनिया में अपनी पहचान बनाने तक के सफर को दिखाती है। कृष्णकुमार रामाकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सत्यराज, जयराम, प्रियामणि और दुशारा विजयन भी नजर आएंगे। फिल्म तमिल के अलावा हिंदी, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज होगी। रिलीज डेट: 7 अगस्त 2026 4. DC: The Bloody Valentine — 7 अगस्त 2026 लोकेश कनगराज की फिल्मों के प्रशंसकों के लिए 'DC: The Bloody Valentine' खास हो सकती है, क्योंकि इस फिल्म से वह एक्टिंग डेब्यू कर रहे हैं। अरुण मथेश्वरन के निर्देशन में बनी यह क्राइम-रोमांस-थ्रिलर देवदास नाम के एक बागी की कहानी है, जो चंद्रा के साथ एक ऐसी दुनिया में फंस जाता है जहां प्यार, अपराध, हिंसा और जिंदगी बचाने की जंग एक-दूसरे से जुड़ जाती है। फिल्म में लोकेश कनगराज के साथ वामिका गब्बी और संजना कृष्णमूर्ति प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह तमिल के साथ हिंदी और तेलुगू में भी रिलीज होगी। रिलीज डेट: 7 अगस्त 2026 5. Hanuman Ansh — 7 अगस्त 2026 विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी 'Hanuman Ansh' एक आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म है, जो श्री नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित बताई गई है। कहानी 13 वर्षीय लक्ष्मी नारायण की है, जो अपनी मां की मौत के बाद ईश्वर की तलाश में घर छोड़ देता है। जंगलों, नदियों और गांवों की यात्रा करते हुए वह धीरे-धीरे समझता है कि ईश्वर की तलाश दुनिया से दूर जाने में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करने में है। फिल्म में शोभिनव सत्या, चंदन के. आनंद, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे नजर आएंगे। रिलीज डेट: 7 अगस्त 2026 6. Awarapan 2 — 14 अगस्त 2026 2007 में रिलीज हुई 'Awarapan' भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन समय के साथ फिल्म को कल्ट क्लासिक का दर्जा मिला। अब करीब दो दशक बाद 'Awarapan 2' के जरिए इमरान हाशमी फिर शिवम पंडित के किरदार में वापसी कर रहे हैं। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी सीक्वल में शिवम अपने अतीत, अकेलेपन और अंदरूनी संघर्ष से जूझता दिखाई देगा। साथ ही उसे अपराध की दुनिया में नए दुश्मनों का सामना करना पड़ेगा। फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी और सुविंदर विक्की अहम भूमिकाओं में हैं। रिलीज डेट: 14 अगस्त 2026 7. Batwara 1947 — 14 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'Batwara 1947' एक ऐतिहासिक और भावनात्मक कहानी के साथ सिनेमाघरों में आएगी। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह पीरियड ड्रामा फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म को आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है। इसमें Sunny Deol, Preity Zinta, Shabana Azmi, Karan Deol, Ali Fazal, Abhimanyu Singh और अन्य कलाकार हैं। कहानी 1947 में पंजाब के विभाजन और लाहौर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। लखनऊ से पाकिस्तान पहुंचा एक मुस्लिम परिवार जिस हवेली में रहने आता है, वहां एक बुजुर्ग हिंदू महिला पहले से मौजूद होती है। इसके बाद कहानी इंसानियत, साझा पहचान, विस्थापन और सांप्रदायिक तनाव के बीच रिश्तों की परीक्षा को सामने लाती है। यह फिल्म प्रीति जिंटा की करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी भी मानी जा रही है। रिलीज डेट: 14 अगस्त 2026 8. I'm Game — 20 अगस्त 2026 Dulquer Salmaan की 'I'm Game' एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जो मूल रूप से मलयालम में बनी है। फिल्म तमिल, तेलुगू, हिंदी और कन्नड़ में भी रिलीज होगी। कहानी डैन जॉन नाम के एक निडर जुआरी की है, जो जिंदगी और जुए में किस्मत से ज्यादा एल्गोरिदम पर भरोसा करता है। वह हाई-स्टेक स्पोर्ट्स बेटिंग की दुनिया पर अपना दबदबा बनाना चाहता है, लेकिन धीरे-धीरे यह खेल अंडरवर्ल्ड से जुड़ी खतरनाक दुनिया में बदल जाता है। नाहस हिदायत के निर्देशन में बनी फिल्म में दुलकर सलमान के साथ कयादु लोहार, मिस्किन, एंटनी वर्गीस, संयुक्ता विश्वनाथन, विनय फोर्ट और कथिर नजर आएंगे। रिलीज डेट: 20 अगस्त 2026 9. Toxic: A Fairytale for Grown-Ups — 26 अगस्त 2026 अगस्त की सबसे बड़ी रिलीज में से एक Yash की 'Toxic: A Fairytale for Grown-Ups' मानी जा रही है। यह फिल्म 'KGF 2' के बाद यश की बहुप्रतीक्षित वापसी है। कई बार पोस्टपोन होने के बाद फिल्म अब 26 अगस्त 2026 को रिलीज होने की बात कही गई है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह पीरियड एक्शन-गैंगस्टर ड्रामा है। कहानी गोवा में पुर्तगाली शासन के खत्म होने के दौर की पृष्ठभूमि में है। यश इसमें डबल रोल में नजर आएंगे और उनके किरदारों में से एक 'राया' गैंगस्टर की दुनिया में अपना साम्राज्य खड़ा करता है। अपराध, धोखे और हिंसा के बीच आगे चलकर उसे इसकी भारी निजी कीमत चुकानी पड़ती है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। रिलीज डेट: 26 अगस्त 2026 10. Eetha — 26 अगस्त 2026 Shraddha Kapoor स्टारर 'Eetha' महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित बायोपिक ड्रामा है। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी फिल्म में विठाबाई के संघर्ष, गरीबी, सामाजिक भेदभाव और तमाशा की दुनिया में उनके शानदार सफर को दिखाया जाएगा। फिल्म 1940 से 1990 तक उनके जीवन की कहानी को सामने लाएगी। श्रद्धा कपूर के अलावा फिल्म में रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी नजर आएंगे। फिलहाल फिल्म की रिलीज 26 अगस्त बताई गई है, लेकिन 'Toxic' के साथ क्लैश को देखते हुए इसकी रिलीज आगे बढ़ाए जाने की चर्चा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिलीज डेट: 26 अगस्त 2026, संभावित बदलाव की चर्चा 11. Khosla Ka Ghosla 2 — 28 अगस्त 2026 2006 की लोकप्रिय फिल्म 'Khosla Ka Ghosla' के करीब 20 साल बाद इसका सीक्वल 'Khosla Ka Ghosla 2' सिनेमाघरों में आएगा। पहली फिल्म की तरह सीक्वल भी मिडिल क्लास परिवार, प्रॉपर्टी विवाद और धोखाधड़ी के इर्द-गिर्द घूमेगा। प्रशांत भागिया के निर्देशन में बनी फिल्म में Anupam Kher और Boman Irani अपने किरदारों में वापसी कर रहे हैं। फिल्म में परवीन डबास, रवि किशन और दिव्या खोसला भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। रिलीज डेट: 28 अगस्त 2026 12. Jeevan Bheema Yojana — 28 अगस्त 2026 अगस्त की आखिरी बड़ी रिलीज में 'Jeevan Bheema Yojana' भी शामिल है। यह एक डार्क क्राइम-कॉमेडी थ्रिलर है। कहानी कर्ज में डूबे कपल जीवन और योजना की है। दोनों पैसे हासिल करने के लिए जीवन की मौत का नाटक करने और उसके हमशक्ल भीमा का इस्तेमाल करने की योजना बनाते हैं। लेकिन मामला तब उलझ जाता है जब भीमा का कनेक्शन डायमंड स्मगलिंग से निकलता है और खतरनाक लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं। अभिषेक डोगरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में Arshad Warsi जीवन और भीमा के डबल रोल में हैं। संजीदा शेख, विजय राज, पूजा चोपड़ा और बृजेंद्र काला भी अहम भूमिकाओं में हैं। रिलीज डेट: 28 अगस्त 2026 अगस्त में बॉक्स ऑफिस पर किसकी होगी सबसे बड़ी टक्कर? अगस्त का आखिरी हफ्ता बॉक्स ऑफिस के लिहाज से खास रहने वाला है। एक तरफ यश की 'Toxic' जैसी बड़े पैमाने की एक्शन-गैंगस्टर फिल्म है, तो दूसरी तरफ श्रद्धा कपूर की 'Eetha' जैसी बायोपिक ड्रामा फिल्म। हालांकि, 'Eetha' की रिलीज डेट में बदलाव की संभावना बताई जा रही है। वहीं स्वतंत्रता दिवस के आसपास 'Awarapan 2' और 'Batwara 1947' की रिलीज भी दर्शकों का ध्यान खींच सकती है। महीने के अंत में 'Khosla Ka Ghosla 2' और 'Jeevan Bheema Yojana' की रिलीज अलग तरह के दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने की कोशिश करेगी। कुल मिलाकर अगस्त 2026 में दर्शकों के पास एक्शन, थ्रिलर, कॉमेडी, बायोपिक, पीरियड ड्रामा और आध्यात्मिक कहानी जैसे कई विकल्प होंगे। अब देखना यह होगा कि इनमें से कौन-सी फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ा असर छोड़ती है।
टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उनकी बेटी पलक तिवारी की कस्टडी और करीब 93 लाख रुपये कीमत वाले एक फ्लैट से जुड़ा है। श्वेता तिवारी की ओर से अतीत में किए गए दावों और अब राजा चौधरी की सफाई के बाद इस पूरे मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। तलाक समझौते में क्या हुआ था? रिपोर्ट के मुताबिक, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के तलाक के दौरान करीब 93 लाख रुपये कीमत का एक बेडरूम वाला फ्लैट राजा चौधरी के नाम ट्रांसफर किया गया था। इसके बदले राजा ने तलाक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और बेटी पलक तिवारी की कस्टडी के लिए दावा नहीं करने पर सहमति जताई थी। श्वेता तिवारी ने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि कानूनी टीम ने राजा और पलक के नाम पर संपत्ति की संयुक्त मालिकाना व्यवस्था का विकल्प रखा था, लेकिन राजा ने कथित तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया और फ्लैट का पूरा मालिकाना हक मांगा। श्वेता के मुताबिक, उस समय राजा की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि वह संपत्ति के बदले बेटी की कस्टडी छोड़ने को तैयार हैं। यही दावा बाद में दोनों के रिश्ते और तलाक की कहानी का सबसे विवादित हिस्सा बन गया। राजा चौधरी ने अब क्या कहा? अब एक नए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने इस पूरे मामले पर अपनी तरफ की कहानी सामने रखी है। उनका कहना है कि 2007 में दोनों अलग हुए और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंचा। उनके मुताबिक, 2007 से 2012 के बीच वह लगातार कोर्ट की तारीखों पर जाते रहे। राजा ने दावा किया कि अदालत के आदेश के तहत उन्हें अपनी बेटी पलक से निर्धारित स्थान पर मिलने की अनुमति थी, लेकिन उनके अनुसार उन्हें बेटी से मिलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह दूसरी परेशानियों में उलझे हुए थे और उनके लिए रहने की जगह ढूंढना मुश्किल हो गया था। इसी परिस्थिति में उन्होंने फ्लैट को अपने रहने के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर चुना। ₹9 लाख में खरीदा गया था फ्लैट राजा चौधरी के अनुसार, जिस फ्लैट की मौजूदा कीमत करीब 93 लाख रुपये बताई जा रही है, उसे शुरुआत में लगभग 9 लाख रुपये में खरीदा गया था। उनका दावा है कि उनके पिता ने इसकी डाउन पेमेंट की थी, जबकि उन्होंने और श्वेता ने मिलकर इसकी ईएमआई चुकाई थी। राजा का कहना है कि उस समय उनकी प्राथमिकता किसी बड़े आर्थिक लाभ से ज्यादा अपने लिए एक स्थायी घर हासिल करना थी। उन्होंने श्वेता के पुराने आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की रहने के लिए जगह पाने की जरूरत को बेटी या संपत्ति में से किसी एक को चुनने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राजा का दावा- दूसरी संपत्तियों में भी छोड़ा हिस्सा राजा चौधरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने उन संपत्तियों में अपना हिस्सा छोड़ दिया था, जिन्हें उन्होंने और श्वेता ने साथ मिलकर खरीदा था। उनके मुताबिक, इन संपत्तियों में उनका आर्थिक योगदान भी था। उनका तर्क है कि अगर उनका मकसद केवल संपत्ति हासिल करना होता, तो वह दूसरी संयुक्त संपत्तियों में भी अपना हिस्सा मांग सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पुराने दावों के बीच फिर बढ़ी चर्चा इस पूरे मामले में खास बात यह है कि श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की ओर से सामने आई कहानियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं। श्वेता ने जहां अतीत में संपत्ति और बेटी की कस्टडी को लेकर एक अलग तस्वीर पेश की थी, वहीं राजा अब इसे अपनी परिस्थितियों और रहने की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में इस पुराने विवाद को समझने के लिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में दोनों के आरोपों और दावों के बीच कई अंतर दिखाई देते हैं, इसलिए किसी एक पक्ष की बात को अंतिम तथ्य मानने के बजाय इसे उनके संबंधित बयानों के तौर पर देखना अधिक उचित होगा। सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा? पलक तिवारी अब खुद एक जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं और श्वेता तिवारी भी लंबे समय से टेलीविजन की लोकप्रिय हस्तियों में शामिल रही हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़ा कोई भी पुराना विवाद दोबारा सामने आने पर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि, इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू बेटी पलक तिवारी से जुड़ा है। इसलिए पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दोनों पक्षों के सार्वजनिक रूप से सामने आए दावों को सावधानी से समझना जरूरी है।
मुंबई, एजेंसियां। 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने फिल्म 'करण अर्जुन' के सुपरहिट गीत 'मुझको राणाजी माफ करना' के नए संस्करण 'राणाजी 2.0' पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नई वीडियो में माहिरा शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छा काम किया है, लेकिन ओरिजिनल गाने की पहचान और लोकप्रियता आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। 'ओरिजिनल गाना लोगों के दिलों में बसा है' ममता कुलकर्णी ने कहा कि 'राणाजी 2.0' एक नया प्रयास है और माहिरा शर्मा ने अपनी तरफ से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हालांकि, उन्होंने माना कि 1995 में रिलीज़ हुआ 'मुझको राणाजी माफ करना' आज भी लोगों की यादों में गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उसकी तुलना करना आसान नहीं है। शूटिंग के दिनों को किया याद ममता ने बताया कि ओरिजिनल गाने की शूटिंग के दौरान कई दिनों तक कड़ी रिहर्सल हुई थी। उन्होंने फिल्म के निर्देशक राकेश रोशन और पूरी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि 'करण अर्जुन' के गानों ने फिल्म को यादगार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बॉलीवुड में वापसी के लिए तैयार, लेकिन रखी शर्त ममता कुलकर्णी ने यह भी संकेत दिए कि यदि उन्हें मजबूत कहानी और उनकी मौजूदा सोच के अनुरूप किरदार मिलता है तो वह बॉलीवुड में वापसी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी सोच पहले जैसी नहीं रही और वह ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहेंगी, जिसका विषय और संदेश सार्थक हो।