टेक्नोलॉजी

Nvidia और पूर्व OpenAI वैज्ञानिक की AI कंपनी के बीच बड़ी साझेदारी, सुपर इंटेलिजेंस पर बढ़ा फोकस

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Nvidia-SSI AI Partnership
Nvidia-SSI AI Partnership

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में बड़ी हलचल के बीच Nvidia ने पूर्व OpenAI चीफ साइंटिस्ट इल्या सुत्सकेवर (Ilya Sutskever) की कंपनी Safe Superintelligence Inc. (SSI) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य अत्याधुनिक AI सिस्टम के विकास के लिए बेहतर कंप्यूटिंग क्षमता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है।

 

सुपर इंटेलिजेंस पर कंपनियों का बढ़ा ध्यान

 

इल्या सुत्सकेवर AI रिसर्च की दुनिया के प्रमुख नामों में शामिल हैं। उन्होंने OpenAI में रहते हुए ChatGPT जैसे बड़े भाषा मॉडल  के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। OpenAI छोड़ने के बाद उन्होंने SSI की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य सुरक्षित और बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम विकसित करना है।

 

Nvidia की AI चिप्स होंगी अहम

 

Nvidia वर्तमान समय में AI इंडस्ट्री के लिए सबसे महत्वपूर्ण हार्डवेयर कंपनियों में से एक है। कंपनी के अत्याधुनिक GPU और AI चिप्स का इस्तेमाल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए करती हैं। इस साझेदारी के जरिए SSI को Nvidia की कंप्यूटिंग क्षमता का फायदा मिलने की उम्मीद है।

 

AI सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस

 

SSI का मुख्य उद्देश्य केवल ज्यादा शक्तिशाली AI बनाना नहीं, बल्कि ऐसी AI तकनीक विकसित करना है जो सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से काम करे। कंपनी का मानना है कि भविष्य की सुपर इंटेलिजेंस को मानव हितों के अनुरूप विकसित करना जरूरी होगा।

 

AI रेस में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

 

इस साझेदारी को Google DeepMind, OpenAI, Anthropic और अन्य बड़ी AI कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के रूप में भी देखा जा रहा है। दुनियाभर की टेक कंपनियां अब ऐसे AI सिस्टम विकसित करने की दौड़ में हैं जो इंसानी सोच और निर्णय लेने की क्षमता के और करीब पहुंच सकें।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

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Honor लाएगी 'रोबोट फोन', स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी में नई दिशा की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Honor अपने नए इनोवेटिव डिवाइस Robot Phone को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने इसे एक ऐसे स्मार्टफोन के रूप में पेश किया है, जिसमें AI तकनीक के साथ रोबोटिक क्षमताओं को जोड़ा गया है। Honor का दावा है कि यह डिवाइस स्मार्टफोन इस्तेमाल के तरीके को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।   AI के साथ खुद मूवमेंट करने वाला कैमरा सिस्टम   Honor Robot Phone में सबसे खास फीचर इसका रोबोटिक कैमरा सिस्टम बताया जा रहा है। इसमें जिम्बल आधारित कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जो जरूरत के अनुसार घूम सकता है और ऑब्जेक्ट को ट्रैक कर सकता है। कंपनी के अनुसार, यह फीचर वीडियो कॉलिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्मार्ट और इंटरैक्टिव बना सकता है।   200MP कैमरा और AI ट्रैकिंग फीचर की चर्चा   रिपोर्ट्स के अनुसार, Robot Phone में हाई-रेजोल्यूशन कैमरा सेंसर और AI आधारित ट्रैकिंग फीचर्स दिए जा सकते हैं। कैमरा सिस्टम का उद्देश्य सिर्फ फोटो खींचना नहीं बल्कि यूजर की गतिविधियों को समझकर बेहतर विजुअल अनुभव देना है।   स्मार्टफोन से AI साथी बनने की कोशिश   Honor का कहना है कि भविष्य के फोन केवल स्क्रीन और ऐप तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे यूजर के साथ ज्यादा प्राकृतिक तरीके से बातचीत करने वाले AI साथी बन सकते हैं। Robot Phone इसी दिशा में कंपनी की "Embodied AI" सोच का हिस्सा है।   लॉन्च को लेकर बढ़ी उम्मीदें   Honor ने संकेत दिया है कि Robot Phone को 2026 की दूसरी छमाही में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि भारत में इसकी उपलब्धता और कीमत को लेकर कंपनी ने अभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।   स्मार्टफोन बाजार में नई प्रतिस्पर्धा   टेक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर Honor का यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियां AI और रोबोटिक्स को मिलाकर नए तरह के डिवाइस बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। यह फोल्डेबल फोन के बाद स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अगला बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।  

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BMW X5 2026
BMW X5 LWB और iX5 का खुलासा, 130mm लंबे व्हीलबेस के साथ मिलेगा लग्जरी और ज्यादा कम्फर्ट

हैदराबाद, एजेंसियां। लग्जरी कार निर्माता कंपनी BMW ने अपनी नई-जेनरेशन BMW X5 लॉन्ग व्हीलबेस (LWB) और पूरी तरह इलेक्ट्रिक BMW iX5 LWB का खुलासा कर दिया है। दोनों मॉडल खास तौर पर चीनी बाजार के लिए तैयार किए गए हैं और इन्हें कंपनी के नए Neue Klasse प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है।   व्हीलबेस में 130mm की बढ़ोतरी, पीछे बैठने वालों को ज्यादा जगह   नई BMW X5 LWB में सबसे बड़ा बदलाव इसके व्हीलबेस को लेकर किया गया है। कंपनी ने इसमें 130mm की बढ़ोतरी की है, जिससे इसका कुल व्हीलबेस 3,165mm हो गया है। इससे पीछे बैठने वाले यात्रियों को ज्यादा लेगरूम, बेहतर आराम और हाई स्पीड पर ज्यादा स्थिरता मिलने का दावा किया गया है।   नए डिजाइन के साथ मिलेगा प्रीमियम एक्सटीरियर लुक   BMW X5 LWB और iX5 LWB को नए डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें नए डायगोनल LED लाइटिंग सिग्नेचर दिए गए हैं। वहीं, ग्राहकों को ज्यादा आकर्षक लुक के लिए ऑप्शनल डबल-X लाइटिंग पैटर्न का विकल्प भी मिलेगा।   इंटीरियर में हाई-टेक फीचर्स और लग्जरी का मेल   नई BMW X5 LWB के केबिन को आधुनिक और साफ-सुथरे डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। इसमें प्रीमियम मटीरियल, बेहतर सीट डिजाइन और ज्यादा आरामदायक इंटीरियर दिया गया है। कंपनी ने इसमें लग्जरी के साथ टेक्नोलॉजी पर भी खास ध्यान दिया है।   पैनोरमिक iDrive और 8K थिएटर स्क्रीन से लैस होगा केबिन   SUV में नया Operating System X, पैनोरमिक iDrive, फ्लोटिंग सेंट्रल टचस्क्रीन और पैनोरमिक विजन डिस्प्ले जैसे फीचर्स दिए गए हैं। पहली बार BMW X5 में पैसेंजर डिस्प्ले भी मिलेगा। पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए BMW थिएटर स्क्रीन दी गई है, जिसमें 8K स्ट्रीमिंग, गेमिंग और वीडियो कॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।   BMW X5 में मिलेंगे पेट्रोल, डीजल और हाइब्रिड विकल्प   कंपनी ने अभी चीन के लिए BMW X5 LWB के पावरट्रेन की पूरी जानकारी साझा नहीं की है। हालांकि, उम्मीद है कि इसे पेट्रोल, डीजल और प्लग-इन हाइब्रिड विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा। इसमें 40 xDrive, 40d xDrive, 50e xDrive और M60e xDrive जैसे वेरिएंट शामिल हो सकते हैं।   BMW iX5 में मिलेगी 1000km तक की ड्राइविंग रेंज   इलेक्ट्रिक BMW iX5 LWB में कंपनी की छठी जनरेशन eDrive टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 141kWh बैटरी पैक दिया गया है, जो चीनी CLTC टेस्ट साइकिल के अनुसार करीब 1000 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है।   2027 में शुरू होगी बिक्री, भारत लॉन्च पर अभी जानकारी नहीं   BMW X5 LWB और iX5 LWB की बिक्री चीन में 2027 की शुरुआत से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी ने भारत समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

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