टेक्नोलॉजी

Tecno Pova 8 Pro 5G भारत में लॉन्च, Alive Matrix Display खास

Tecno Pova 8 Pro 5G आज भारत में लॉन्च, ट्रांसपेरेंट डिजाइन और Alive Matrix Display ने बढ़ाई उत्सुकता

ranjan kumar tiwari अगस्त 18, 2026 0
Tecno Pova 8 Pro 5G स्मार्टफोन का ट्रांसपेरेंट डिजाइन और Alive Matrix Display
Tecno Pova 8 Pro 5G भारत में लॉन्च, 144Hz AMOLED और 6500mAh बैटरी

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक्नो ने आज भारत में अपने नए स्मार्टफोन Tecno Pova 8 Pro 5G को लॉन्च कर दिया है। फोन को कंपनी ने खास तौर पर आकर्षक ट्रांसपेरेंट-स्टाइल डिजाइन, Alive Matrix Display और गेमिंग-केंद्रित फीचर्स के साथ पेश किया है। लॉन्च से पहले ही इन फीचर्स को लेकर स्मार्टफोन यूजर्स के बीच काफी उत्सुकता देखने को मिल रही थी।

 

ट्रांसपेरेंट डिजाइन बना सबसे बड़ा आकर्षण

 

 

Tecno Pova 8 Pro 5G का सबसे खास फीचर इसका रियर डिजाइन है। फोन के पीछे कंपनी ने Alive Matrix Display दिया है, जो मिनी-LED लाइटिंग सिस्टम के जरिए अलग-अलग पैटर्न और विजुअल इफेक्ट दिखाता है। यह सिस्टम नोटिफिकेशन, कॉल और अन्य गतिविधियों के दौरान यूजर को विजुअल संकेत देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

कंपनी ने फोन के डिजाइन को युवाओं और गेमिंग यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया है। रियर पैनल पर मौजूद लाइटिंग सिस्टम फोन को सामान्य स्मार्टफोन से अलग लुक देता है।

 

144Hz AMOLED डिस्प्ले और गेमिंग पर फोकस

 

 

फोन में 6.78 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। हाई रिफ्रेश रेट की वजह से स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग के दौरान स्क्रीन का अनुभव ज्यादा स्मूथ रहने की उम्मीद है।

 

परफॉर्मेंस के लिए स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 7400 Ultimate 5G प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ कंपनी ने गेमिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए अलग गेमिंग चिप भी दी है। इससे हाई-ग्राफिक्स वाले गेम खेलने वाले यूजर्स को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।

 

6500mAh बैटरी और 50MP कैमरा

 

 

Tecno Pova 8 Pro 5G में 6,500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। फोन में 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। बड़ी बैटरी के चलते सामान्य इस्तेमाल के साथ गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग करने वाले यूजर्स को भी लंबे बैकअप की उम्मीद होगी।

 

फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP का मुख्य कैमरा दिया गया है। इसके साथ अल्ट्रा-वाइड कैमरा और फ्रंट कैमरा भी मिलता है। कंपनी ने कैमरा सिस्टम में कई AI आधारित फीचर्स भी शामिल किए हैं।

 

Android 16 और स्टोरेज विकल्प

 

 

Tecno Pova 8 Pro 5G Android 16 आधारित HiOS 16 पर काम करता है। फोन को अलग-अलग RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है, जिससे यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से मॉडल चुन सकेंगे।

 

कंपनी ने इस स्मार्टफोन को मुख्य रूप से ऐसे यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया है, जो आकर्षक डिजाइन के साथ अच्छी डिस्प्ले, बड़ी बैटरी और गेमिंग परफॉर्मेंस चाहते हैं। Alive Matrix Display इसे इस सेगमेंट के दूसरे स्मार्टफोन्स से अलग पहचान देने वाला फीचर बन सकता है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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नई दिल्ली, एजेंसियां। Apple के आगामी iPhone 18 को लेकर नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। कंपनी के अगले आईफोन में 12GB RAM दिए जाने की संभावना है, जो iPhone 17 के 8GB RAM से काफी ज्यादा होगी। इस अतिरिक्त RAM का प्रमुख उद्देश्य डिवाइस पर ज्यादा शक्तिशाली AI मॉडल और एडवांस्ड Siri को बेहतर तरीके से चलाना बताया जा रहा है।   एडवांस्ड Siri के लिए 12GB RAM अहम   रिपोर्ट के मुताबिक Apple के नए AI सिस्टम को ज्यादा मेमोरी की जरूरत होगी। खासतौर पर Siri के ऑन-डिवाइस AI फीचर्स के लिए 12GB यूनिफाइड मेमोरी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। इससे Siri को ज्यादा जटिल सवाल समझने, व्यक्तिगत संदर्भ के आधार पर जवाब देने और कुछ AI कार्यों को सीधे फोन पर प्रोसेस करने में मदद मिल सकती है।   iPhone 18 की लॉन्च टाइमलाइन बदली   ताजा रिपोर्टों के अनुसार Apple इस बार iPhone लॉन्च रणनीति में बदलाव कर सकता है। iPhone 18 Pro सीरीज सितंबर 2026 में आ सकती है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 18 को 2027 की शुरुआत तक टाला जा सकता है। हालांकि Apple ने अभी आधिकारिक लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं की है।   कीमत में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होने की उम्मीद   कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि RAM को 8GB से बढ़ाकर 12GB करने के बावजूद Apple स्टैंडर्ड iPhone 18 की शुरुआती कीमत में बड़ी बढ़ोतरी नहीं कर सकता है। हालांकि, यह जानकारी अभी रिपोर्ट और विश्लेषकों के अनुमानों पर आधारित है।

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WhatsApp Visual Preview फीचर से फोटो वीडियो और स्टिकर्स खोजते यूजर
WhatsApp का नया Visual Preview फीचर, चैट में फोटो, वीडियो और स्टिकर्स ढूंढना होगा आसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। WhatsApp यूजर्स के लिए कंपनी एक उपयोगी नया फीचर रोलआउट कर रही है। इस फीचर के जरिए चैट में शेयर की गई फोटो, वीडियो और स्टिकर्स का विजुअल प्रीव्यू दिखेगा, जिससे पुरानी मीडिया फाइलों को ढूंढना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा। खासतौर पर लंबी चैट में किसी पुराने फोटो या वीडियो को खोजने वाले यूजर्स को इसका फायदा मिलेगा।   मीडिया फाइल खोजने में मिलेगी सुविधा     WhatsApp में किसी चैट की मीडिया, लिंक और डॉक्यूमेंट सेक्शन खोलने पर अब संबंधित मीडिया की पहचान करना आसान बनाने के लिए विजुअल संकेत और प्रीव्यू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे यूजर्स को केवल फाइल के नाम या छोटे थंबनेल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।     फोटो, वीडियो और स्टिकर्स का दिखेगा प्रीव्यू     नए बदलाव का सबसे बड़ा फायदा स्टिकर्स और अन्य मीडिया कंटेंट को खोजने में होगा। किसी चैट में लंबे समय पहले भेजे गए स्टिकर या वीडियो को ढूंढते समय विजुअल प्रीव्यू से यूजर जल्दी पहचान सकेगा कि उसे कौन-सी फाइल चाहिए।     अभी सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध     रिपोर्ट के मुताबिक यह फीचर फिलहाल WhatsApp के बीटा संस्करण में चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी इसे चरणबद्ध तरीके से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचा सकती है। सभी यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।     पुराने मीडिया कंटेंट तक पहुंच होगी आसान     WhatsApp लगातार अपने मीडिया मैनेजमेंट और सर्च अनुभव को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। नया Visual Preview फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जिनकी चैट में बड़ी संख्या में फोटो, वीडियो और स्टिकर्स मौजूद हैं। इससे पुराने कंटेंट को खोजने में लगने वाला समय कम हो सकता है।  

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iPhone 15 में ओवरहीटिंग और नेटवर्क की दिक्कत, Apple India को ₹45,500 देने का आदेश

नई दिल्ली, एजेंसियां। Apple के iPhone 15 को लेकर उपभोक्ता विवाद का एक मामला सामने आया है। हरियाणा के रोहतक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने iPhone 15 में ओवरहीटिंग और नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं की शिकायत पर Apple India को ग्राहक को ₹45,500 का भुगतान करने का आदेश दिया है।   जनवरी 2024 में खरीदा था iPhone 15   मामले के अनुसार, राजबिर फोगाट नाम के ग्राहक ने जनवरी 2024 में ₹64,999 में iPhone 15 खरीदा था। ग्राहक का आरोप था कि फोन इस्तेमाल करने के दौरान उसे लगातार ओवरहीटिंग, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और नेटवर्क से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा।   समस्या दूर कराने के लिए ग्राहक कई बार Apple के अधिकृत सर्विस सेंटर पहुंचा। वहां फोन की सेटिंग्स में बदलाव और सॉफ्टवेयर अपडेट समेत कई उपाय किए गए, लेकिन शिकायत दूर नहीं हुई।   सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिली राहत   ग्राहक ने 29 अप्रैल 2024 को Apple कस्टमर केयर से भी संपर्क किया और कंपनी की ओर से बताए गए निर्देशों का पालन किया। इसके बावजूद फोन की समस्या बनी रही।   इसके बाद ग्राहक को iCloud स्टोरेज लेने और मोबाइल नेटवर्क बदलने की सलाह दी गई। उन्होंने ₹75 प्रति माह की दर से iCloud स्टोरेज लिया और अपना मोबाइल कनेक्शन Jio से Airtel में भी बदल लिया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।   ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग में की शिकायत   लगातार परेशानी के बाद राजबिर फोगाट ने उपभोक्ता आयोग का रुख किया। उन्होंने फोन बदलने या ₹64,999 की पूरी राशि वापस करने की मांग की। ग्राहक ने अपनी शिकायत के समर्थन में टैक्स इनवॉयस, कॉल से जुड़े स्क्रीनशॉट और फोन की समस्या से संबंधित सर्विस रिकॉर्ड समेत अन्य दस्तावेज आयोग के समक्ष पेश किए।   Apple ने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से किया इनकार   सुनवाई के दौरान Apple India ने फोन में किसी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से इनकार किया। कंपनी ने दावा किया कि डिवाइस में अनधिकृत बदलाव किए गए थे। Apple के अनुसार, अधिकृत सर्विस सेंटर को फोन के निचले हिस्से में धूल के कण मिले थे। कंपनी ने फोन के रियर कैमरा, बैक ग्लास और रियर माइक्रोफोन से जुड़ी कथित समस्याओं का भी उल्लेख किया। कंपनी ने कहा कि अनधिकृत मॉडिफिकेशन उसकी एक साल की वारंटी के दायरे में नहीं आते।   आयोग ने ग्राहक के पक्ष में सुनाया फैसला   मामले की सुनवाई के बाद रोहतक उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने Apple India को प्रभावित ग्राहक को ₹45,500 का भुगतान करने का निर्देश दिया।   यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब स्मार्टफोन में खराबी और बिक्री के बाद सर्विस से जुड़ी शिकायतें उपभोक्ता आयोगों तक पहुंच रही हैं। मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि यदि किसी उत्पाद में लगातार समस्या बनी रहती है और उपभोक्ता को उचित समाधान नहीं मिलता, तो वह उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है।

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surbhi अगस्त 12, 2026 0

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अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?