धनबाद

धनबाद के बड़ापिछरी में छह एकड़ जमीन पर कचरा प्रबंधन संयंत्र
धनबाद में कचरा प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार, बड़ापिछरी में 6 एकड़ जमीन पर बनेंगे दो संयंत्र

धनबाद। नगर निगम क्षेत्र में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गोविंदपुर अंचल के बड़ापिछरी मौजा में छह एकड़ सरकारी जमीन नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गयी है। इस जमीन पर निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन तथा जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के लिए संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। जमीन की अनुमानित कीमत 109.83 करोड़ रुपये आंकी गयी है। हालांकि, सरकारी विभागों के बीच अंतर्विभागीय हस्तांतरण के प्रावधान के तहत इसे बिना किसी राशि के हस्तांतरित किया जा रहा है।   निर्माण और जैव-चिकित्सीय कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण     बड़ापिछरी मौजा संख्या 86 में स्थित यह जमीन हाल सर्वे खाता संख्या 401 और प्लॉट संख्या 2694 में है। छह एकड़ भूमि पर निर्माण एवं मलबा प्रबंधन व प्रसंस्करण संयंत्र तथा जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के उपचार और प्रबंधन संयंत्र स्थापित करने की योजना है।   इन संयंत्रों के बनने के बाद नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाले निर्माण मलबे और जैव-चिकित्सीय कचरे के वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा।   109.83 करोड़ रुपये है जमीन का अनुमानित मूल्य     राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन का मूल्यांकन किया गया। पिछले तीन वर्षों में दर्ज दस्तावेजों के आधार पर अधिकतम मूल्य वाली 50 फीसदी पंजीकृत दस्तावेजों के औसत मूल्य के अनुसार जमीन की दर 4,50,595.5285 रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की गयी।   इस आधार पर छह एकड़ जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब 109.83 करोड़ रुपये तय हुई है। सरकारी विभागों के बीच निःशुल्क अंतर्विभागीय हस्तांतरण के कारण इसके लिए कोई राशि नहीं ली जा रही है।   छह महीने में काम शुरू नहीं हुआ तो वापस होगी जमीन     जिला प्रशासन ने जमीन हस्तांतरण के साथ समयसीमा भी तय की है। संबंधित विभाग को छह महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना होगा। निर्धारित समय में काम शुरू नहीं होने पर जमीन स्वतः राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को वापस हो जायेगी।   वहीं, 12 महीने के भीतर जमीन का उपयोग नहीं होने पर भी इसे वापस करने का प्रावधान रखा गया है।   अधिकारियों की अनुशंसा के बाद मिली मंजूरी     भूमि हस्तांतरण के लिए गोविंदपुर अंचल अधिकारी के प्रस्ताव पर एलआरडीसी और धनबाद एसडीओ की अनुशंसा ली गयी। इसके बाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी।   प्रशासन का यह कदम धनबाद नगर निगम क्षेत्र में बढ़ते कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रसंस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संयंत्रों के निर्माण से निर्माण मलबे और जैव-चिकित्सीय कचरे के व्यवस्थित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 20, 2026 0
Old Boundary Wall Collapses
धनबाद में भारी बारिश के बीच पुरानी चारदीवारी गिरी, चार दोपहिया वाहन मलबे में दबे

धनबाद। लगातार हो रही बारिश के बीच धनबाद में दीनबंधु स्कूल के पास एक जर्जर पुरानी चारदीवारी अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में वहां खड़े कई दोपहिया वाहन आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में चार बाइक के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।    बारिश के बीच अचानक गिरी दीवार   घटना दीनबंधु स्कूल के आसपास की बताई जा रही है। लगातार बारिश के कारण पहले से जर्जर चारदीवारी कमजोर हो गई थी। अचानक दीवार का बड़ा हिस्सा गिरने से आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।   मलबे में दबे दोपहिया वाहन   दीवार के पास खड़े दोपहिया वाहन मलबे की चपेट में आ गए। घटनास्थल की तस्वीरों और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कई बाइक क्षतिग्रस्त हुई हैं। एक रिपोर्ट में चार बाइक के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है।   बड़ा हादसा टला   दीवार गिरने के समय आसपास लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन घटना में किसी व्यक्ति के दबने या गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। बारिश के कारण शहर में पहले से ही कई जगह जलजमाव और जर्जर निर्माण को लेकर खतरा बना हुआ है।   जर्जर दीवारों को लेकर उठे सवाल   घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जर्जर और कमजोर दीवारों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। लगातार बारिश के दौरान ऐसी पुरानी संरचनाओं के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने की मांग की जा रही है।

abhishek singh अगस्त 19, 2026 0
धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल में भर्ती
धनबाद के मेयर संजीव सिंह की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती; समर्थकों की जुटी भीड़

धनबाद। धनबाद के मेयर संजीव सिंह की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसजेएएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेयर के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके समर्थक और शुभचिंतक बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचने लगे।   डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज     अस्पताल में चिकित्सकों की टीम मेयर संजीव सिंह के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। जरूरी जांच और उपचार किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल उनकी तबीयत बिगड़ने की सटीक वजह और स्वास्थ्य की विस्तृत स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।     अस्पताल के बाहर जुटे समर्थक     मेयर के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना शहर में फैलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनका हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।   अस्पताल परिसर में भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर मेयर संजीव सिंह के स्वास्थ्य से जुड़ी अगली जानकारी पर है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
धनबाद के छाताबाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों के समर्थन में कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन
छाताबाद भू-धंसान प्रभावितों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, बीसीसीएल सीएमडी से वार्ता का ऐलान

धनबाद। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में 7 अगस्त को हुए भू-धंसान के बाद प्रभावित परिवारों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले नौ दिनों से प्रभावित लोग STG आउटसोर्सिंग कंपनी के स्थल के सामने धरने पर बैठे हैं। अब मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रभावितों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और बीसीसीएल प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया।   कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने किया घटनास्थल का दौरा     कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, बेरमो विधायक अनूप सिंह, पूर्व विधायक जलेश्वर महतो, अंबा प्रसाद और कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कई नेता आंदोलन स्थल पर पहुंचे।   इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का भी जायजा लिया। नेताओं ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।   बीसीसीएल सीएमडी से होगी वार्ता     कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने घोषणा की कि प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर बीसीसीएल सीएमडी से बातचीत की जाएगी। इस दौरान बेरमो विधायक अनूप सिंह ने धरने पर बैठे लोगों की फोन पर बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल से बात भी कराई।   बताया गया कि गैर-रैयत प्रभावितों के लिए ढाई लाख रुपये और रैयतों को जमीन के मूल्य की चार गुना राशि देने के साथ दो फ्लैट उपलब्ध कराने की मांग पर चर्चा हुई। प्रभावितों के प्रतिनिधिमंडल की बीसीसीएल कार्यालय में वार्ता कराने की बात भी कही गई।   स्वास्थ्य मंत्री ने दिया मदद का भरोसा     स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि भू-धंसान में करीब 15 घर जमींदोज हुए हैं और प्रभावित परिवार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल सीएमडी से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।   मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो वह बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन के गेट पर धरना देंगे।   कांग्रेस नेताओं ने सांसद पर लगाए आरोप     मौके पर कांग्रेस नेताओं ने धनबाद सांसद ढुल्लू महतो पर भी निशाना साधा। बेरमो विधायक अनूप सिंह ने सांसद पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि छाताबाद के प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।   वहीं, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुध्न महतो की ओर से कांग्रेस पर घटना के बाद प्रभावितों की मदद नहीं करने का आरोप लगाया गया है।   कांग्रेस प्रभारी बोले- दोबारा नहीं हो ऐसी घटना     प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी छाताबाद के प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी भू-धंसान की घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना बीसीसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।   फिलहाल प्रभावित परिवारों की नजर बीसीसीएल प्रबंधन के साथ होने वाली बातचीत पर है। मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास को लेकर समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है, यह वार्ता के नतीजे पर निर्भर करेगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
SNMMCH धनबाद के सर्जरी विभाग में ECG सुविधा प्रभावित
SNMMCH: सर्जरी विभाग में ECG की सुविधा ठप, मरीजों को जांच के लिए इमरजेंसी का लगाना पड़ रहा चक्कर

धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के सर्जरी विभाग में इन दिनों ECG जांच की सुविधा प्रभावित है। ECG के लिए इस्तेमाल होने वाले रोल का स्टॉक खत्म होने के कारण सर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों को जांच के लिए इमरजेंसी भेजा जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   ECG के लिए इमरजेंसी जाने को मजबूर मरीज     सर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों को जब डॉक्टर ECG कराने की सलाह देते हैं, तो उन्हें विभाग में जांच की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में मरीजों को सर्जरी वार्ड से इमरजेंसी तक ले जाना पड़ता है।   खासकर गंभीर मरीजों, ऑपरेशन के बाद बिस्तर पर पड़े मरीजों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।   तकनीशियन के इंतजार में लग रहा समय     मरीजों के परिजनों के अनुसार, इमरजेंसी में ECG कराने के लिए कई बार घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सर्जरी विभाग से मरीज को इमरजेंसी तक ले जाने के बाद भी तकनीशियन के उपलब्ध होने पर ही जांच हो पाती है।   इस पूरी प्रक्रिया में मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।   समय पर रोल की खरीद नहीं होने से समस्या     जानकारी के मुताबिक, सर्जरी विभाग में ECG मशीन के लिए इस्तेमाल होने वाला रोल खत्म हो गया है। समय पर इसकी खरीद नहीं होने के कारण विभाग में जांच प्रभावित हुई है।   डॉक्टरों द्वारा ECG लिखे जाने के बावजूद मरीजों को दूसरे विभाग में भेजना पड़ रहा है। इससे न केवल मरीजों को परेशानी हो रही है, बल्कि उनकी इलाज की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है।   गंभीर मरीजों के लिए बढ़ी मुश्किल     अस्पताल में भर्ती ऐसे मरीज जिन्हें तत्काल ECG की जरूरत होती है, उनके लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से चिंता का विषय है। एक विभाग से दूसरे विभाग तक मरीज को ले जाने और फिर जांच के लिए इंतजार करने से इलाज में समय लग रहा है।   अस्पताल प्रबंधन की ओर से ECG रोल की उपलब्धता सुनिश्चित कर सर्जरी विभाग में ही जांच की सुविधा बहाल करना जरूरी है, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से इमरजेंसी का चक्कर न लगाना पड़े।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
Dhanbad-Coimbatore Amrit Bharat Express
धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, सप्ताह में एक दिन होगा संचालन

धनबाद। झारखंड के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। धनबाद और कोयंबटूर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने के रेलवे बोर्ड के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यह ट्रेन धनबाद से गया, डीडीयू और सासाराम-भभुआ के रास्ते दक्षिण भारत को जोड़ेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में सप्ताह में एक-एक दिन चलेगी।   शनिवार को धनबाद से खुलेगी ट्रेन   प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार 22363 धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस हर शनिवार को धनबाद से शाम 4:10 बजे रवाना होगी और सोमवार शाम करीब 6:30 बजे कोयंबटूर पहुंचेगी। वापसी में 22364 कोयंबटूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस मंगलवार सुबह 7:50 बजे कोयंबटूर से चलेगी और गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे धनबाद पहुंचेगी।   दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को फायदा   नई ट्रेन के शुरू होने से झारखंड, बिहार और आसपास के क्षेत्रों से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। खासकर कोयंबटूर और आसपास के इलाकों में इलाज, रोजगार और कारोबार के लिए जाने वाले लोगों को इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh अगस्त 12, 2026 0
धनबाद सदर अस्पताल में बच्चों के मुफ्त इलाज और RBSK स्क्रीनिंग कैंप
Dhanbad: 18 साल तक के बच्चों का मुफ्त इलाज, 700 की स्क्रीनिंग

धनबाद। बच्चों के इलाज को लेकर धनबाद सदर अस्पताल में बड़ी पहल शुरू की गई है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में जन्मजात बीमारी, हृदय, आंख, कान, हाथ-पैर और दांत से जुड़ी गंभीर समस्याओं का इलाज और जरूरत पड़ने पर सर्जरी मुफ्त कराई जाएगी। इसके लिए सदर अस्पताल में 11 से 22 अगस्त तक विशेष RBSK कैंप लगाया गया है। जिन बच्चों की सर्जरी या इलाज सदर अस्पताल में संभव नहीं होगा, उन्हें बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा जाएगा। इसका खर्च भी सरकारी व्यवस्था के तहत वहन किया जाएगा।   स्कूल और आंगनबाड़ी में 700 बच्चों की स्क्रीनिंग   राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत पिछले तीन से चार महीनों में जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब 700 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब जांच में सामने आई बीमारियों के आधार पर बच्चों का चरणबद्ध तरीके से इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि अधिक से अधिक बच्चों का इलाज और सर्जरी धनबाद सदर अस्पताल में ही हो, ताकि परिवारों को दूसरे शहरों में जाने की परेशानी न हो।   किन बीमारियों का मिलेगा मुफ्त इलाज?   RBSK कैंप के जरिए बच्चों में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उपचार किया जा रहा है। इनमें जन्मजात बीमारियां, हृदय रोग, आंख-कान से जुड़ी समस्याएं, हाथ-पैर की दिक्कतें और दांतों से संबंधित गंभीर रोग शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर बच्चों की सर्जरी भी मुफ्त कराई जाएगी।   इलाज की होगी डिजिटल निगरानी   बच्चों के इलाज की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाएगा। इसके लिए GAPs सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें बच्चे की जांच, उपचार और फॉलोअप से जुड़ी जानकारी दर्ज रहेगी, ताकि उसके पूरी तरह स्वस्थ होने तक इलाज की निगरानी की जा सके।   अधिकारियों ने किया अस्पताल का निरीक्षण   बुधवार को उपायुक्त आदित्य रंजन और उप विकास आयुक्त सनी राज ने सदर अस्पताल में मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, पार्किंग शेड और RBSK विशेष जांच शिविर का उद्घाटन किया। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण कर रजिस्ट्रेशन काउंटर और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया।   सदर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर   उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि पिछले एक साल में सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है। प्रशासन का लक्ष्य सदर अस्पताल के साथ-साथ जिले के CHC और PHC में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर भरोसा करने और उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। RBSK कैंप के जरिए बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर गंभीर बीमारी के इलाज और सर्जरी तक मुफ्त सुविधा मिलने से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
धनबाद में होमगार्ड अभ्यर्थियों के मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया
धनबाद में होमगार्ड अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट और कागजात सत्यापन 17 अगस्त से

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में होमगार्ड बहाली प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। चयनित 1,096 अभ्यर्थियों के मेडिकल टेस्ट और मूल प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से शुरू होगी। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।   17 से 31 अगस्त तक चलेगी प्रक्रिया   अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच, मूल दस्तावेज सत्यापन, पुलिस चरित्र सत्यापन और बॉन्ड निष्पादन की प्रक्रिया 17 से 31 अगस्त तक चलेगी। सत्यापन शिविर धनबाद समाहरणालय परिसर में लगाया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच उपस्थित होना होगा।   ग्रामीण क्षेत्र के लिए जारी हुआ कार्यक्रम   17 अगस्त को पूर्वी टुंडी के 98 अभ्यर्थियों का सत्यापन होगा। 18 अगस्त को टुंडी और बलियापुर के 98, 19 अगस्त को कलियासोल और बाघमारा के 110 तथा 20 अगस्त को निरसा और गोविंदपुर के 112 अभ्यर्थियों की जांच होगी। इसके बाद 21 अगस्त को तोपचांची के 56 और 22 अगस्त को एग्यारकुंड एवं धनबाद ग्रामीण क्षेत्र के 114 अभ्यर्थियों का मेडिकल और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा।   शहरी क्षेत्र के अभ्यर्थियों की जांच 24 अगस्त से   शहरी क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया 24 अगस्त से शुरू होगी। 24 अगस्त को शहरी गैर-तकनीकी धनबाद और चिरकुंडा क्षेत्र के 77 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इसके बाद मेरिट सूची के क्रम के अनुसार अन्य अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जाएगा। तकनीकी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 29 और 31 अगस्त को मेडिकल जांच एवं दस्तावेज सत्यापन निर्धारित है।   अनुपस्थित अभ्यर्थियों को मिलेगा अंतिम मौका   निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हो पाने वाले अभ्यर्थियों को 1 सितंबर 2026 को अंतिम अवसर दिया जाएगा। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपने निर्धारित दिन पर सभी जरूरी मूल प्रमाण-पत्रों और संबंधित दस्तावेजों के साथ समाहरणालय परिसर में पहुंचने को कहा है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
छाताबाद में भू-धंसान प्रभावित ग्रामीणों के आंदोलन को मंत्री इरफान अंसारी का समर्थन
छाताबाद में भू-धंसान के बाद बढ़ा आक्रोश, पुनर्वास की मांग को मंत्री इरफान अंसारी का समर्थन

धनबाद। कतरास के छाताबाद में भू-धंसान की घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घर और जमीन पर मंडरा रहे खतरे के बीच ग्रामीण पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर STG-DECO आउटसोर्सिंग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने अपने आंदोलन को ‘आशियाना बचाओ आंदोलन’ नाम दिया है। सोमवार को झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया।   भू-धंसान से 15 घर हुए जमींदोज   छाताबाद में हाल के दिनों में भू-धंसान की घटना से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना में करीब 15 घर जमींदोज हो चुके हैं। इलाके में जगह-जगह जमीन में दरारें पड़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला खनन और आउटसोर्सिंग परियोजनाओं के कारण क्षेत्र में भू-धंसान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रभावित परिवार अब सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास, रोजगार और उचित राहत की मांग कर रहे हैं।   मंत्री ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं   धरना स्थल पर पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। मंत्री ने BCCL और CIL प्रबंधन से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कंपनियों की प्राथमिकता सिर्फ कोयला उत्पादन नहीं होनी चाहिए, बल्कि खनन से प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास भी उनकी जिम्मेदारी है।   ‘पहले सुरक्षा, फिर पुनर्वास और रोजगार’   इरफान अंसारी ने कहा कि जिस इलाके में भू-धंसान का खतरा है, वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित पुनर्वास के साथ चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद पर भी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर पर्याप्त पहल नहीं करने का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों की आवाज को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।   मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान   ग्रामीणों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अपने घर और जान-माल की सुरक्षा है। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास किया जाए और उन्हें रोजगार की व्यवस्था दी जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ‘आशियाना बचाओ आंदोलन’ जारी रहेगा। अब मंत्री के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों और BCCL प्रबंधन के बीच क्या समाधान निकलता है, इस पर सभी की नजर है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 10, 2026 0
BCCL के 165 करोड़ रुपये के मामले में CVC की कार्रवाई
BCCL में 165 करोड़ का मामला, पूर्व CMD समेत 8 अधिकारी CVC के रडार पर

धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) से जुड़े एक बड़े मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने कंपनी के पूर्व सीएमडी समीरन दत्ता समेत आठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। मामला झरिया के ईजे एरिया स्थित भौंरा साउथ कोलियरी में आउटसोर्सिंग कंपनी देवप्रभा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को वर्ष 2022 में किए गए 165.97 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान से जुड़ा है। CVC ने जांच में अनुबंध की निर्धारित सीमा से काफी अधिक विचलन को मंजूरी दिए जाने को गंभीरता से लिया है। आयोग के अनुसार, अनुबंध में किए गए दो संशोधनों के कारण इसकी कुल कीमत करीब 59.60 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि नियमों के तहत सामान्य तौर पर 10 से 15 प्रतिशत तक ही विचलन की अनुमति थी।   अनुबंध मूल्य में 59.60% की बढ़ोतरी     CVC के 13 जुलाई 2026 के ज्ञापन के अनुसार, बीसीसीएल की कार्यात्मक निदेशक समिति (CFD) ने देवप्रभा कंस्ट्रक्शन के अनुबंध में दो संशोधनों को मंजूरी दी थी। इन संशोधनों के बाद अनुबंध मूल्य में करीब 59.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई।   CVC ने माना कि यह वृद्धि अनुबंध में निर्धारित स्वीकार्य सीमा से काफी अधिक थी। इसी आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई और कार्रवाई की सिफारिश की गई।   पूर्व CMD समेत तीन अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई से पहले सलाह     CVC ने बीसीसीएल के तत्कालीन सीएमडी समीरन दत्ता, तत्कालीन निदेशक (वित्त) राकेश कुमार सहाय और डीटी शंकर नागाचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई से पहले प्रथम चरण की सतर्कता सलाह (SSA) लेने की अनुशंसा की है।   इसका मतलब है कि इन अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई से पहले निर्धारित सतर्कता प्रक्रिया के तहत संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा।   चार अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सलाह     इसके अलावा CVC ने तत्कालीन निदेशक (तकनीकी ऑपरेशन) संजय कुमार सिंह, तत्कालीन डीटी और वर्तमान एमसीएल सीएमडी उदय अनंत कावले, तत्कालीन डीपी हर्ष नाथ मिश्रा और डीपी मुरली कृष्ण रमैया के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सलाह दी थी।     मंत्रालय ने चार अधिकारियों को दी चेतावनी     मामले में कोयला मंत्रालय ने CVC की प्रथम चरण की सलाह के आधार पर चार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी देकर मामला समाप्त कर दिया।   इनमें मुरली कृष्ण रमैया, संजय कुमार सिंह, उदय अनंत कावले और हर्षनाथ मिश्रा शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये अधिकारी परियोजना के क्रियान्वयन में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे।   क्या है पूरा मामला?     मामला भौंरा साउथ कोलियरी में संचालित आउटसोर्सिंग परियोजना से संबंधित है। आरोपों की जांच के दौरान यह सवाल उठा कि अनुबंध में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक बदलावों को किस आधार पर मंजूरी दी गई और इसके चलते अनुबंध मूल्य में इतनी बड़ी वृद्धि कैसे हुई।   CVC की जांच के बाद अधिकारियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर तय की गई और उसी आधार पर कुछ के खिलाफ दंडात्मक प्रक्रिया तथा कुछ के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की गई।   मुख्य बिंदु:     देवप्रभा कंस्ट्रक्शन को 165.97 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का मामला।   अनुबंध मूल्य में करीब 59.60% की वृद्धि हुई। नियमों के अनुसार सामान्य विचलन सीमा 10-15% थी। पूर्व बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ आगे की सतर्कता प्रक्रिया की सिफारिश। चार अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सलाह। कोयला मंत्रालय ने चार अधिकारियों को चेतावनी देकर मामला समाप्त किया।

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
Jhiliya River Diversion
तेज बारिश से मैथन मार्ग ठप, झिलिया नदी पर बना डायवर्सन बहा

धनबाद। जिले के चिरकुंडा क्षेत्र में तेज बारिश के बाद झिलिया नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी पर बना डायवर्सन बह गया। इसके कारण मैथन मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। मार्ग बाधित होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   तेज बारिश के बाद बिगड़े हालात   लगातार बारिश के कारण झिलिया नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। पानी के तेज दबाव के कारण नदी पर बनाया गया अस्थायी डायवर्सन बह गया। डायवर्सन के क्षतिग्रस्त होने के बाद इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मैथन आने-जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। ऐसे में रास्ता बंद होने से आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।   आवागमन पूरी तरह बाधित   डायवर्सन बहने के बाद मैथन मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने से रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका से भी लोगों में चिंता बनी हुई है।   प्रशासन के सामने चुनौती   डायवर्सन बहने के बाद सड़क संपर्क बहाल करना प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए चुनौती बन गया है। पानी का बहाव कम होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है। फिलहाल यात्रियों और वाहन चालकों को इस मार्ग पर जाने से पहले स्थिति की जानकारी लेने और वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।   बारिश से बढ़ी परेशानी   झारखंड में मानसून सक्रिय होने के बीच धनबाद समेत कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने भी कई स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

abhishek singh अगस्त 6, 2026 0
Dhanbad
धनबाद में फिर भू-धंसान, आधा दर्जन घर जमींदोज; सामान और मोटरसाइकिल जमीन में समाई

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आई है। कतरास थाना क्षेत्र के सेलेक्टेड गोविंदपुर इलाके में मंगलवार रात अचानक जमीन धंसने से करीब छह घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। भू-धंसान की चपेट में घरों में रखा सामान और एक मोटरसाइकिल भी जमीन में समा गई। घटना के समय लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते घरों से बाहर निकल जाने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते जमीन धंसने लगी।   प्रशासन और BCCL की टीम मौके पर पहुंची, प्रभावित परिवारों को किया जाएगा शिफ्ट   घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और BCCL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि भू-धंसान में छह मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल बेलगड़िया पुनर्वास कॉलोनी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए BCCL को विभिन्न क्षेत्रों में पहले से 20-20 क्वार्टर चिन्हित रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। लगातार हो रही बारिश के कारण कतरास क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं बढ़ने से स्थानीय लोगों में दहशत और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

abhishek singh अगस्त 5, 2026 0
Dhanbad Renu Devi
60 साल की उम्र में भी नहीं टूटा आस्था का संकल्प, 1998 से हर सावन सोमवार डाक बम बनती हैं रेणु देवी

देवघर। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और संकल्प की मिसाल पेश कर रही हैं धनबाद की 60 वर्षीय रेणु देवी। वह वर्ष 1998 से लगातार हर सावन सोमवार डाक बम बनकर सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचती हैं और बाबा का जलाभिषेक करती हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी श्रद्धा और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।   28 वर्षों से निभा रही हैं डाक बम का संकल्प   रेणु देवी ने वर्ष 1998 में पहली बार सावन के प्रत्येक सोमवार डाक बम बनकर बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने का संकल्प लिया था। इसके बाद उन्होंने इस परंपरा को लगातार जारी रखा। उनके लिए यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से निभाया जा रहा आस्था और संकल्प है। रेणु देवी का कहना है कि जब तक बाबा भोलेनाथ की कृपा और बुलावा रहेगा, तब तक वह इसी तरह अपनी यात्रा जारी रखेंगी।   लंबी यात्रा में नहीं महसूस होती थकान   डाक बम की कठिन यात्रा के बावजूद रेणु देवी के उत्साह में कमी नहीं आती। उनका कहना है कि डाक बम की वेशभूषा धारण करते ही उन्हें एक अलग तरह की ऊर्जा महसूस होती है। यात्रा के दौरान उनके साथ श्रद्धालुओं का जत्था भी रहता है, जो जरूरत के समय उनका सहयोग करता है।   ‘बाबा ने भक्त बनाया, यही सबसे बड़ा आशीर्वाद’   जब रेणु देवी से उनकी मनोकामना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ ने उन्हें अपना भक्त बनाया, इससे बड़ा आशीर्वाद उनके लिए कुछ नहीं हो सकता। वह अपने परिवार के सुखी और स्वस्थ होने को ही बाबा का आशीर्वाद मानती हैं। उनकी प्रार्थना है कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा हर व्यक्ति और हर परिवार पर बनी रहे और सभी लोग सुख, शांति और समृद्धि के साथ जीवन बिताएं।   पति भी वर्षों से कर रहे हैं देवघर की यात्रा   रेणु देवी की शिवभक्ति में उनके पति भी साथ हैं। उनके पति के अनुसार, वह स्वयं 1986 से देवघर जाकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। दोनों के लिए बाबा बैद्यनाथ की आराधना अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा बन चुकी है। 60 वर्ष की उम्र में भी हर सावन सोमवार डाक बम बनकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाली रेणु देवी की आस्था लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।

abhishek singh अगस्त 2, 2026 0
जयराम महतो कोर्ट में सरेंडर
डुमरी विधायक जयराम महतो ने कोर्ट में किया सरेंडर, वेदांता स्टील प्लांट आंदोलन मामले में मिली जमानत

धनबाद। डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता जयराम महतो ने वेदांता स्टील प्लांट आंदोलन से जुड़े मामले में शुक्रवार को अदालत में सरेंडर किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। मामला 2023 में चास के वेदांता स्टील प्लांट के पास हुए आंदोलन से जुड़ा बताया जा रहा है।   वेदांता स्टील प्लांट आंदोलन से जुड़ा है मामला   जयराम महतो के खिलाफ यह मामला वेदांता स्टील प्लांट से जुड़े आंदोलन के दौरान दर्ज हुआ था। मामले में आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर आरोप लगाए गए थे। इसी मामले में अदालत की ओर से जारी प्रक्रिया के तहत विधायक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।   कोर्ट ने जयराम महतो को दी जमानत   अदालत में सरेंडर करने के बाद जयराम महतो की ओर से जमानत की मांग की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी। जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में राहत देखी गई।   विधायक की राजनीतिक सक्रियता पर नजर   जयराम महतो झारखंड की राजनीति में प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हैं और डुमरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं पर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।   आगे भी अदालत में जारी रहेगी प्रक्रिया   जमानत मिलने के बावजूद मामले की कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। आगे की सुनवाई में मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर अदालत में प्रक्रिया जारी रहेगी। जयराम महतो की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखा जाएगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
धनबाद फायरिंग घटना
धनबाद में युवक पर फायरिंग, बाल-बाल बची जान; मारपीट विवाद में पक्ष लेने को लेकर हमला

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक युवक पर फायरिंग की घटना सामने आई। बरोरा थाना क्षेत्र के बरोरा चेकपोस्ट के पास कुछ युवकों ने कथित तौर पर युवक पर दो राउंड गोलियां चलाईं। हालांकि, युवक इस हमले में बाल-बाल बच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मौके से दो खोखा बरामद किए।   युवक की शिकायत पर शुरू हुई जांच   घटना के बाद पीड़ित युवक ने बरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल समेत आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।   पुराने मारपीट विवाद से जुड़ा है मामला   प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बिजली कनेक्शन को लेकर माथाबांध और मंद्रा गांव के लोगों के बीच मारपीट हुई थी। बताया जा रहा है कि फायरिंग का शिकार हुआ युवक उस विवाद में एक पक्ष का समर्थन कर रहा था। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोग उससे नाराज थे और इसी रंजिश में उस पर हमला किया गया।   गाली-गलौज के बाद की गई फायरिंग   पीड़ित मधु मंडल ने आरोप लगाया कि सन्नी चौहान, राज चौहान और आकाश चौहान उसके पास आए, गाली-गलौज की और पुराने विवाद में एक पक्ष का साथ देने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर पिस्तौल निकालकर दो राउंड फायरिंग कर दी। घटना के बाद से पीड़ित का परिवार दहशत में है।   दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: पुलिस   बाघमारा डीएसपी अजीत कुमार विमल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
धनबाद में कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी और जांच
धनबाद के कोयला कारोबारियों पर ED की छापेमारी, अवैध कोयला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई

ED ने 20 से ज्यादा ठिकानों पर की जांच, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाले; कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप   धनबाद। झारखंड के धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीमों ने कोयला कारोबारियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।   कई इलाकों में एक साथ पहुंची ED की टीम   जानकारी के अनुसार, ED ने धनबाद के कई क्षेत्रों में कार्रवाई की। टीमों ने कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के आवास, कार्यालय और अन्य परिसरों की तलाशी ली। छापेमारी के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद ली गई।   अवैध खनन और कोयला तस्करी की जांच   ED की यह कार्रवाई कथित अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।   जांच में नकदी और संपत्ति से जुड़े मामलों पर नजर   ED की कार्रवाई में कुछ मामलों में संपत्तियों और वित्तीय निवेश की जांच भी सामने आई है। एक मामले में एजेंसी ने कोयला कारोबारी एलबी सिंह से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज करने और नकदी जब्ती की जानकारी दी है।   कोयलांचल में बढ़ी हलचल   धनबाद को देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में गिना जाता है। ED की इस कार्रवाई के बाद कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 30, 2026 0
धनबाद में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जहरीली गैस से हुई मजदूरों की मौत के मामले की प्रतीकात्मक तस्वीर
धनबाद में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान हादसा, जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।   टैंक में उतरते ही बिगड़ी हालत   जानकारी के अनुसार, धनबाद में कुछ मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। टैंक के भीतर जहरीली गैस बनने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। बचाने की कोशिश में भी उन्हें बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई।   बचाव अभियान के बाद निकाले गए शव   घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल   सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से मौत के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन जांच और सावधानी के टैंक में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है।   प्रशासन ने शुरू की जांच   पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि मजदूरों को बिना सुरक्षा इंतजाम के टैंक में क्यों उतारा गया और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।   ऐसे हादसों को रोकने की जरूरत   प्रशासन की ओर से समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं कि सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
AK Rai
एके राय की सातवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, जननेता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

धनबाद। झारखंड के जननेता, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक स्वर्गीय एके राय की सातवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को धनबाद में भावुक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। नूतनडीह मोड़ स्थित केंद्रीय अस्पताल परिसर के समीप स्थापित उनकी प्रतिमा पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को नमन किया और उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।   निरसा विधायक अरूप चटर्जी, टुंडी विधायक मथुरा महतो और अन्य शामिल थे  कार्यक्रम में निरसा विधायक अरूप चटर्जी, टुंडी विधायक मथुरा महतो, कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा, एके राय स्मारक समिति के अध्यक्ष हरिप्रसाद पप्पू सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि एके राय केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि जनसंघर्ष, सादगी और सिद्धांतों की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूरों, किसानों, आदिवासियों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया।   अरूप चटर्जी ने क्या कहा  सभा को संबोधित करते हुए अरूप चटर्जी ने कहा कि नई पीढ़ी को एके राय के संघर्ष, ईमानदारी और जनसेवा से प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं, मथुरा महतो ने कहा कि यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि समाज की सेवा होना चाहिए।   सरकारी सुविधाओं, पेंशन, बंगले  वक्ताओं ने एके राय के सादगीपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद और विधायक रहने के बावजूद उन्होंने सरकारी सुविधाओं, पेंशन, बंगले और सुरक्षा का लाभ नहीं लिया। वे जीवनभर आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्षरत रहे।   श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने कहा कि एके राय की विचारधारा आज भी झारखंड की सामाजिक और राजनीतिक चेतना में जीवंत है। सामाजिक न्याय, श्रमिक अधिकार और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Katras
धनबाद में भू-धंसान से दहशत, कई घर क्षतिग्रस्त

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के आकाश किनारी और छाताबाद इलाके में मंगलवार को हुए अचानक भू-धंसान ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। विशाल तालाब के किनारे जमीन धंसने से तालाब का पूरा पानी जमीन के भीतर समा गया, जिससे आसपास की जमीन भी तेजी से प्रभावित होने लगी। घटना के बाद चार से पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई अन्य घरों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं। खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।   सड़क जाम कर किया प्रदर्शन घटना से नाराज ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से भू-धंसान का खतरा बना हुआ है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजे और पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की।   खतरे के बीच मछली पकड़ते दिखे लोग एक ओर जहां भू-धंसान से पूरे इलाके में भय का माहौल था, वहीं दूसरी ओर तालाब का पानी निकलने के बाद कुछ लोग मछली पकड़ने में जुट गए। प्रशासन ने इसे बेहद जोखिम भरा बताते हुए लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की।   प्रशासन और बीसीसीएल ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाघमारा के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि तालाब के किनारे हुए भू-धंसान के कारण आसपास के कई मकान प्रभावित हुए हैं। फिलहाल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।   प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जोखिम वाले क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। वहीं स्थानीय लोग तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जब तक पुनर्वास और मुआवजे को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Dhanbad Police Bulldozer Action
धनबाद के वासेपुर में गैंगस्टर प्रिंस खान के ठिकाने पर बुलडोजर, पुलिस ने अवैध निर्माण किया ध्वस्त

धनबाद। झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद के वासेपुर में फरार गैंगस्टर हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के ठिकाने पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने उसके कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश और पहले से चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।   संगठित अपराध पर शिकंजा कसने की मुहिम   धनबाद पुलिस का कहना है कि प्रिंस खान लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक धमकी सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में कथित रंगदारी और धमकी के मामलों के बाद उसके नेटवर्क पर कार्रवाई और तेज कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गैंग के अन्य सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।   सुरक्षा के बीच चला अभियान   बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया और भविष्य में भी संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Jharkhand Postal Delivery
झारखंड के 4 शहरों में जल्द शुरू होगी प्रीमियम डाक सेवा

रांची। झारखंड के लोगों को जल्द ही डाक सेवाओं में बड़ी सुविधा मिलने वाली है। डाक विभाग राज्य के चार प्रमुख शहरों रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में नई प्रीमियम डाक डिलीवरी सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए विभाग ने डाक निदेशालय को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इन शहरों में ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध डिलीवरी सेवा उपलब्ध होगी।   देश के छह महानगरों में मिल चुकी है सफलता डाक विभाग ने इस प्रीमियम सेवा की शुरुआत मार्च 2026 में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह महानगरों में की थी। विभाग के अनुसार, वहां इस सेवा को लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसी सफलता को देखते हुए अब इसे झारखंड सहित अन्य राज्यों के प्रमुख शहरों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई है।   रियल टाइम ट्रैकिंग और SMS अलर्ट की सुविधा नई प्रीमियम डाक सेवा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। इसके तहत ग्राहक पार्सल या महत्वपूर्ण दस्तावेज की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक हर चरण की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन ट्रैकिंग और रियल टाइम स्टेटस अपडेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे ग्राहक अपने पार्सल की मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रख सकेंगे और डिलीवरी की सटीक जानकारी हासिल कर पाएंगे।   समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी पर रहेगा जोर डाक विभाग का कहना है कि इस नई सेवा का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों और जरूरी पार्सलों की तेज, सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था से डाक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी, जिससे ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होगा।   विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में इस सेवा की शुरुआत कर दी जाएगी। इसके बाद इन शहरों के लोग आधुनिक तकनीक से लैस प्रीमियम डाक डिलीवरी सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh अगस्त 14, 2026 0