दुनिया

Philippines School Shooting: स्कूल में छात्र ने की फायरिंग, साथी छात्र की मौत; खुद को भी मारी गोली

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
Philippines School Shooting
Philippines School Shooting

मनीला, एजेंसियां। फिलीपींस के दक्षिणी शहर जाम्बोआंगा में मंगलवार को एक हाई स्कूल में गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। दो बंदूकें लेकर स्कूल पहुंचे एक छात्र ने पहले एक शिक्षक पर गोली चलाई और इसके बाद अपने एक साथी छात्र को गोली मार दी। साथी छात्र की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद हमलावर छात्र ने खुद को भी गोली मार ली।

यह घटना एटेनिओ डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी कैंपस के हाई स्कूल में हुई। गोलीबारी की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

 

शिक्षक पर भी चलाई गोली

 

जाम्बोआंगा शहर के मेयर खाइमर अदान ओलासो के मुताबिक, हमलावर ने सबसे पहले एक शिक्षक को निशाना बनाकर गोली चलाई। हालांकि, शिक्षक को गोली लगी या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

 

इसके बाद हमलावर ने अपने एक साथी छात्र को गोली मार दी। गोली लगने से छात्र की मौत हो गई। फिर हमलावर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना में दो अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

 

बॉडी कैमरा पहनने का दावा

 

मेयर ओलासो ने आशंका जताई कि हमलावर ने घटना को लाइव-स्ट्रीम करने के इरादे से बॉडी कैमरा पहन रखा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

गोलीबारी के बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्कूल परिसर को सुरक्षित किया और छात्रों को वहां से बाहर निकाला। स्कूल की इमारत एक सुरक्षित परिसर में स्थित है, जो कैथोलिक यूनिवर्सिटी के मुख्य कैंपस से अलग है।

 

पुलिस ने कहा- स्थिति नियंत्रण में

 

घटना के कुछ घंटे बाद पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने छात्रों के माता-पिता और अभिभावकों से शांत रहने की अपील की और स्कूल प्रशासन की ओर से बताए गए निर्देशों के अनुसार बच्चों को लेने के लिए कहा।

 

नेशनल पुलिस चीफ जनरल जोस मेलेंसियो नार्टाटेज जूनियर ने कहा कि अधिकारी घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपुष्ट खबरें, तस्वीरें या वीडियो साझा नहीं करने की अपील की।

 

फिलीपींस में पहले भी हो चुकी हैं स्कूल फायरिंग

 

फिलीपींस में अवैध और बिना लाइसेंस वाली बंदूकों की उपलब्धता के कारण हथियारों से जुड़े अपराध सामने आते रहते हैं। हालांकि, स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं।

इस घटना से पहले जून में मध्य टैकलोबन शहर में एक स्कूल शूटिंग में तीन हाई स्कूल छात्रों की मौत हुई थी और कम से कम 20 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 14 और 15 साल के दो छात्रों को गिरफ्तार किया था।

फिलीपींस की ताजा घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन अब जाम्बोआंगा गोलीकांड के पीछे की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

दुनिया

View more
Philippines School Shooting
Philippines School Shooting: स्कूल में छात्र ने की फायरिंग, साथी छात्र की मौत; खुद को भी मारी गोली

मनीला, एजेंसियां। फिलीपींस के दक्षिणी शहर जाम्बोआंगा में मंगलवार को एक हाई स्कूल में गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। दो बंदूकें लेकर स्कूल पहुंचे एक छात्र ने पहले एक शिक्षक पर गोली चलाई और इसके बाद अपने एक साथी छात्र को गोली मार दी। साथी छात्र की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद हमलावर छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। यह घटना एटेनिओ डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी कैंपस के हाई स्कूल में हुई। गोलीबारी की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।   शिक्षक पर भी चलाई गोली   जाम्बोआंगा शहर के मेयर खाइमर अदान ओलासो के मुताबिक, हमलावर ने सबसे पहले एक शिक्षक को निशाना बनाकर गोली चलाई। हालांकि, शिक्षक को गोली लगी या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।   इसके बाद हमलावर ने अपने एक साथी छात्र को गोली मार दी। गोली लगने से छात्र की मौत हो गई। फिर हमलावर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना में दो अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।   बॉडी कैमरा पहनने का दावा   मेयर ओलासो ने आशंका जताई कि हमलावर ने घटना को लाइव-स्ट्रीम करने के इरादे से बॉडी कैमरा पहन रखा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। गोलीबारी के बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्कूल परिसर को सुरक्षित किया और छात्रों को वहां से बाहर निकाला। स्कूल की इमारत एक सुरक्षित परिसर में स्थित है, जो कैथोलिक यूनिवर्सिटी के मुख्य कैंपस से अलग है।   पुलिस ने कहा- स्थिति नियंत्रण में   घटना के कुछ घंटे बाद पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने छात्रों के माता-पिता और अभिभावकों से शांत रहने की अपील की और स्कूल प्रशासन की ओर से बताए गए निर्देशों के अनुसार बच्चों को लेने के लिए कहा।   नेशनल पुलिस चीफ जनरल जोस मेलेंसियो नार्टाटेज जूनियर ने कहा कि अधिकारी घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपुष्ट खबरें, तस्वीरें या वीडियो साझा नहीं करने की अपील की।   फिलीपींस में पहले भी हो चुकी हैं स्कूल फायरिंग   फिलीपींस में अवैध और बिना लाइसेंस वाली बंदूकों की उपलब्धता के कारण हथियारों से जुड़े अपराध सामने आते रहते हैं। हालांकि, स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं। इस घटना से पहले जून में मध्य टैकलोबन शहर में एक स्कूल शूटिंग में तीन हाई स्कूल छात्रों की मौत हुई थी और कम से कम 20 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 14 और 15 साल के दो छात्रों को गिरफ्तार किया था। फिलीपींस की ताजा घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन अब जाम्बोआंगा गोलीकांड के पीछे की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
UN awards medals to 210 Indian peacekeepers in South Sudan, including six women and seven staff officers

दक्षिण सूडान में भारत का बढ़ा मान, 210 शांति सैनिकों को UN मेडल; 6 महिलाएं भी सम्मानित

India Pakistan tensions rise after Amit Shah's claim on alleged ISI-backed Shah Bhatti network

‘ISI का शहजाद भट्टी नेटवर्क तबाह’, अमित शाह के दावे पर पाकिस्तान का पलटवार, फिर उठाया कुलभूषण जाधव का मुद्दा

Imran Khan Health

इमरान खान की सेहत पर पूर्व राष्ट्रपति अल्वी चिंतित, मेडिकल रिपोर्ट को बताया गंभीर; स्वतंत्र डॉक्टरों से जांच की मांग

China Arctic Sea Route
चीन ने शुरू की ‘आर्कटिक सी रूट’ से नियमित कंटेनर सेवा, यूरोप पहुंचने में बचेगा समय

बीजिंग, एजेंसियां। चीन ने रूस के उत्तरी तट से होकर गुजरने वाले नॉर्दर्न सी रूट (NSR) पर नियमित कंटेनर शिपिंग सेवा शुरू कर दी है। चीनी कंपनी Sea Legend ने 15 अगस्त 2026 से चीन-यूरोप के बीच इस आर्कटिक मार्ग पर साप्ताहिक सेवा शुरू की है, जिसे ‘China-Europe Arctic Express’ और ‘Ice Silk Road’ के नाम से भी जाना जा रहा है।   चीन से यूरोप का सफर होगा छोटा   नॉर्दर्न सी रूट रूस के आर्कटिक तट के साथ चलता है और एशिया को यूरोप से जोड़ता है। इस मार्ग से चीन से उत्तरी यूरोप तक यात्रा करीब 18-20 दिन में पूरी हो सकती है, जबकि पारंपरिक स्वेज नहर मार्ग से इसमें करीब 40 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।   ‘आइस सिल्क रोड’ से चीन को रणनीतिक फायदा   चीन लंबे समय से आर्कटिक क्षेत्र को अपनी ‘Polar Silk Road’ पहल का हिस्सा मानता रहा है। नया समुद्री मार्ग यूरोप तक चीनी सामान पहुंचाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देगा। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन, लिथियम बैटरी और अन्य उच्च मूल्य वाले सामान के परिवहन में इस मार्ग की संभावनाएं देखी जा रही हैं।   रूस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण   नॉर्दर्न सी रूट का अधिकांश हिस्सा रूस के आर्कटिक तट के साथ गुजरता है, इसलिए इस मार्ग के संचालन में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका है। रूस पहले से ही इस रूट का इस्तेमाल ऊर्जा और कच्चे तेल के परिवहन के लिए कर रहा है। 2026 में एशिया की ओर इस मार्ग से रूसी तेल की आवाजाही भी बढ़ी है।   अभी कई चुनौतियां भी मौजूद   हालांकि आर्कटिक रूट छोटा और तेज है, लेकिन इसे सालभर इस्तेमाल करना अभी आसान नहीं है। बर्फ, मौसम, आइस-क्लास जहाजों की जरूरत, आइसब्रेकर, अधिक बीमा लागत और रूस से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिम बड़ी चुनौतियां हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह स्वेज नहर का पूर्ण विकल्प नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त और मौसमी समुद्री मार्ग है।

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय चीन दौरे पर, शी जिनपिंग से करेंगे मुलाकात

डोनाल्ड ट्रंप भारतीय वोटर ID और चुनावी व्यवस्था की सराहना करते हुए

डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वोटर ID प्रणाली की सराहना की, अमेरिकी चुनावों के लिए बताया उदाहरण

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच संभावित बातचीत

किम जोंग उन पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध, उन्होंने मेरे प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब दिया’

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास में सैनिक
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास में कटौती, ट्रंप के फैसले से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत की उम्मीद

वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को काफी कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने इन अभ्यासों को महंगा और उत्तर कोरिया के लिए अनावश्यक रूप से उकसाने वाला बताया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ दोबारा बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।   ‘उकसाने वाला संकेत’ बताया सैन्य अभ्यास     ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यासों पर काफी खर्च होता है और ये उत्तर कोरिया को शत्रुतापूर्ण संकेत देते हैं। उन्होंने किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का भी हवाला दिया और कहा कि उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान उत्तर कोरिया का व्यवहार अमेरिका के प्रति अपेक्षाकृत सम्मानजनक रहा है।     अभ्यास फिर भी तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू     ट्रंप के निर्देश के बावजूद Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास 17 अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू हुआ। इस वर्ष के अभ्यास में करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक शामिल हैं और इसका कार्यक्रम 27 अगस्त तक चलना है। हालांकि, अमेरिकी निर्देश के बाद अभ्यास के कुछ हिस्सों के आकार में कटौती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।     ईरान मुद्दे ने भी बढ़ाई खटास     ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों में कटौती के पीछे लागत के अलावा ईरान को लेकर दक्षिण कोरिया के रुख को भी वजह बताया। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने दक्षिण कोरिया से ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रयासों में सहयोग करने को कहा था, लेकिन सियोल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।     दक्षिण कोरिया को बातचीत की उम्मीद, सुरक्षा पर चिंता     दक्षिण कोरिया की सरकार ने उम्मीद जताई है कि ट्रंप और किम के बीच बेहतर व्यक्तिगत संबंधों से अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता दोबारा शुरू हो सकती है। हालांकि, दक्षिण कोरिया में इस फैसले को लेकर सुरक्षा चिंताएं भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त अभ्यासों में कमी से लंबे समय में दोनों देशों की सैन्य तैयारी और उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिरोध क्षमता प्रभावित हो सकती है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 18, 2026 0
अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता में गतिरोध के बीच डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता में गतिरोध, ट्रंप ने ईरान से ‘सरेंडर’ करने को कहा

स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ट्रंप की ओमान को चेतावनी

स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान के साथ समझौते पर ट्रंप की ओमान को चेतावनी

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एर्दोगन और ट्रंप की बातचीत

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एर्दोगन की मध्यस्थता की पेशकश, ट्रंप से बातचीत जारी रखने की अपील

0 Comments

Top week

Prashant Kishor addresses Bankipur voters and promises private sector jobs for 10,000 educated unemployed youths.
बिहार

MLA बनते ही प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, बांकीपुर के 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का दावा

surbhi अगस्त 12, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?