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Best Citroen eC3 X Variant Explained

नई Citroen eC3 X खरीदने का प्लान है? जानिए कौन-सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी

surbhi जून 20, 2026 0
New 2026 Citroen eC3 X electric SUV showcased with modern styling and EV features.
2026 Citroen eC3 X Electric Variants Explained

भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।

Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए

11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है।

मुख्य फीचर्स:

  • हैलोजन हेडलैंप
  • 15-इंच स्टील व्हील
  • रियर पार्किंग सेंसर
  • रिमोट कीलेस एंट्री
  • फैब्रिक सीट्स
  • मैनुअल एसी
  • डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
  • Eco और Power ड्राइव मोड
  • 4 एयरबैग
  • ABS और EBD

यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते।

Live (O): सबसे संतुलित विकल्प

12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है।

अतिरिक्त सुविधाएं:

  • 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
  • वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto
  • ब्लूटूथ कनेक्टिविटी
  • 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम
  • रिवर्स पार्किंग कैमरा
  • लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री
  • व्हील कवर

आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है।

Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए

13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है।

मुख्य फीचर्स:

  • प्रोजेक्टर LED हेडलैंप
  • LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप
  • 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील
  • वायरलेस चार्जर
  • 10.2-इंच टचस्क्रीन
  • My Citroen Connect टेक्नोलॉजी
  • 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले
  • हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट
  • 6 एयरबैग
  • सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट

यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

बैटरी, रेंज और चार्जिंग

नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है।

  • रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित)
  • पावर: 57hp
  • टॉर्क: 143Nm
  • 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड
  • टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा

चार्जिंग समय

  • AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट
  • DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट

कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए?

अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा।

लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Suzuki E-Access electric scooter with 93km range, TFT display, keyless features and modern technology
Suzuki E-Access: 93KM रेंज, TFT डिस्प्ले और कीलेस फीचर्स के साथ कैसा है यह इलेक्ट्रिक स्कूटर? खरीदने से पहले जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी को देखते हुए Suzuki Motorcycle India ने अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Suzuki E-Access पेश किया है। यह स्कूटर आधुनिक फीचर्स, 93 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ आता है। यदि आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Suzuki E-Access आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बैटरी और रेंज Suzuki E-Access में 3kWh LFP (Lithium Iron Phosphate) बैटरी दी गई है। इसमें हब-माउंटेड परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर मिलती है, जो 4.1kW की अधिकतम पावर और 15Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 93 किलोमीटर तक की रेंज दे सकता है, जो रोजाना शहर में आने-जाने के लिए पर्याप्त मानी जाती है। राइडिंग मोड और परफॉर्मेंस Suzuki E-Access में तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं: Ride A Ride B Eco Mode Ride A और Ride B की परफॉर्मेंस लगभग समान है, लेकिन दोनों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का स्तर अलग-अलग मिलता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब बैटरी 97% से अधिक चार्ज होती है, तब स्कूटर 20 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार काफी तेजी से पकड़ लेता है। इसकी टॉप स्पीड तक पहुंचने की रफ्तार संतुलित है, जिससे शहर की ट्रैफिक में ओवरटेक करना आसान हो जाता है। ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर में आगे की तरफ डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक दिया गया है। इसके अलावा इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम मिलता है, जो धीमी गति वाले ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाने की जरूरत कम करता है और बैटरी की ऊर्जा रिकवर करने में भी मदद करता है। हालांकि, तेज गति पर पीछे का ब्रेक अचानक जोर से लगाने पर रियर व्हील लॉक होने की संभावना हो सकती है, इसलिए संतुलित ब्रेकिंग की सलाह दी जाती है। फीचर्स Suzuki E-Access कई आधुनिक फीचर्स के साथ आता है, जिनमें शामिल हैं: 4.2-इंच TFT कलर डिजिटल डिस्प्ले Bluetooth कनेक्टिविटी Keyless Remote System Keyless Ignition Remote Boot Unlock Charging Port Access Tip-Over Sensor Combined Braking System (CBS) फुल LED लाइटिंग इन फीचर्स की मदद से स्कूटर का उपयोग अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनता है। कीमत Suzuki E-Access को कंपनी ने पूरी तरह नए प्लेटफॉर्म पर विकसित किया है। इसका पेट्रोल Suzuki Access से कोई मैकेनिकल संबंध नहीं है। यह फिलहाल एक ही वेरिएंट में उपलब्ध है, जिसकी शुरुआती एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत ₹1.88 लाख रखी गई है। क्या आपको Suzuki E-Access खरीदना चाहिए? अगर आपकी प्राथमिकता शहर में रोजाना सफर, अच्छी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और विश्वसनीय ब्रांड है, तो Suzuki E-Access एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, खरीदने से पहले अपने शहर में इसकी सर्विस नेटवर्क, चार्जिंग सुविधा और उपलब्ध सरकारी सब्सिडी की जानकारी जरूर लें।  

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