धर्म

Vaishakh Amavasya 2026 Tarpan Rules

Vaishakh Amavasya 2026: तर्पण करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, पितरों की कृपा पाने के लिए जानें जरूरी नियम

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Tarpan rituals on Vaishakh Amavasya with traditional Hindu offerings and copper vessel
Vaishakh Amavasya Tarpan Rituals 2026

हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, खासकर पितरों की शांति और मोक्ष के लिए। वर्ष 2026 में वैशाख अमावस्या आज यानी 17 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जा रही है। इस दिन तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन किए गए पितृ कर्म सीधे पितरों तक पहुंचते हैं। लेकिन कई बार लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे तर्पण का पूरा फल नहीं मिल पाता। ऐसे में जरूरी है कि तर्पण करते समय कुछ खास सावधानियों का पालन किया जाए।

तर्पण करते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. सही दिशा का चुनाव करें
तर्पण करते समय हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें। शास्त्रों में दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। अन्य दिशा में किया गया तर्पण निष्फल हो सकता है।

2. काले तिल का प्रयोग जरूरी
तर्पण के जल में काले तिल डालना अनिवार्य माना गया है। बिना तिल के किया गया तर्पण पितरों तक नहीं पहुंचता। ध्यान रखें कि केवल काले तिल का ही उपयोग करें।

3. तांबे के पात्र का उपयोग करें
पितरों को जल अर्पित करने के लिए तांबे के बर्तन का प्रयोग श्रेष्ठ माना गया है। स्टील, प्लास्टिक या कांच के बर्तन से तर्पण करना शास्त्रों में उचित नहीं माना गया है।

4. शुभ समय का रखें ध्यान
तर्पण का सबसे उपयुक्त समय दोपहर (मध्याह्न) का होता है। सुबह स्नान के बाद मध्याह्न में तर्पण करना शुभ माना जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद तर्पण वर्जित है।

5. संयमित व्यवहार अपनाएं
अमावस्या के दिन क्रोध, विवाद और अपशब्दों से बचें। तर्पण करने वाले व्यक्ति को मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए।

पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

पीपल की पूजा करें
अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मान्यता है कि पीपल में देवताओं और पितरों का वास होता है।

पंचबलि भोग लगाएं
भोजन बनाने के बाद गाय, कुत्ते, कौवे, चींटियों और देवताओं के लिए अन्न का अंश निकालना शुभ माना जाता है।

दान का विशेष महत्व
इस दिन तिल, गुड़, अनाज और वस्त्र का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं। इससे वंश वृद्धि, सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

वैशाख अमावस्या का दिन पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर होता है। इस दिन विधि-विधान से तर्पण और दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मकता और शांति का संचार होता है। ऐसे में शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन कर आप पितरों की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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मेष संक्रांति 2026: सूर्य का मेष राशि में प्रवेश, नई ऊर्जा और शुभ बदलाव का संकेत

आज, 14 अप्रैल 2026 को पूरे देश में मेष संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी तिथि को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि सूर्य की उच्च राशि मानी जाती है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य अपनी उच्च स्थिति में होते हैं, तो उनका प्रभाव पृथ्वी पर अत्यंत शुभ और शक्तिशाली होता है। यही कारण है कि मेष संक्रांति को कई क्षेत्रों में नववर्ष की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है। यह दिन जीवन में नई योजनाओं, नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलावों का प्रतीक माना जाता है। क्या करें इस दिन? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मेष संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। यदि संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी लाभकारी माना गया है। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर है, उनके लिए यह उपाय अत्यंत फलदायी माना गया है। दान-पुण्य का विशेष महत्व इस दिन दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। विशेष रूप से गेहूं, गुड़, अन्न, मसूर की दाल, लाल वस्त्र और तांबे का दान करना लाभकारी होता है। जरूरतमंदों को संतरे का दान भी शुभ फल देने वाला बताया गया है। मंत्र जाप से मिलेगा लाभ मेष संक्रांति के दिन सूर्य मंत्रों का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रमुख मंत्र इस प्रकार हैं: ॐ घृणि सूर्याय नमः – स्वास्थ्य लाभ के लिए ॐ सूर्याय नमः – सामान्य कल्याण के लिए ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् – जीवन में ऊर्जा और प्रेरणा के लिए आस्था और ज्योतिष का संगम ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि मेष संक्रांति केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे धार्मिक कार्य भी जीवन में बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
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