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MGM Medical College MBBS Admission Guide

MGM मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में लेना चाहते हैं MBBS में एडमिशन? जानें फीस, सीट, कट-ऑफ और प्रवेश प्रक्रिया की पूरी जानकारी

surbhi अगस्त 2, 2026 0
MGM Medical College Jamshedpur campus for MBBS admission, fees, seats and NEET counselling information
MGM Medical College Jamshedpur MBBS Admission Guide

MGM Medical College Jamshedpur: अगर आप झारखंड के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) आपके लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए कॉलेज चुनते समय छात्रों और अभिभावकों के मन में फीस, सीटों की संख्या, कट-ऑफ, कोर्स और एडमिशन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल होते हैं।

ऐसे में आइए जानते हैं MGM मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में MBBS और PG कोर्स से जुड़ी जरूरी जानकारी।

MGM मेडिकल कॉलेज में कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में UG स्तर पर MBBS और PG स्तर पर मेडिकल पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। MBBS में दाखिले के लिए छात्रों को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) में शामिल होना होता है।

NEET में प्राप्त स्कोर और रैंक के आधार पर निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए सीट आवंटित की जाती है। इसलिए मेडिकल कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए NEET में बेहतर प्रदर्शन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

MBBS और PG के लिए कितनी सीटें हैं?

कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार MGM मेडिकल कॉलेज में UG और PG स्तर पर सीटों की संख्या इस प्रकार बताई गई है:

  • MBBS (UG): 150 सीटें
  • PG: 51 सीटें

MBBS की 150 सीटों के कारण यह कॉलेज झारखंड में मेडिकल शिक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक प्रमुख विकल्प माना जाता है।

किस यूनिवर्सिटी से संबद्ध है MGM मेडिकल कॉलेज?

MGM मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर कोल्हान यूनिवर्सिटी, चाईबासा से संबद्ध है। कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह जमशेदपुर का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज है।

मेडिकल कॉलेज में दाखिले से पहले छात्रों को कॉलेज की मान्यता, संबद्धता और उस वर्ष की सीटों की स्थिति की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।

MGM मेडिकल कॉलेज की फीस कितनी है?

MGM मेडिकल कॉलेज की सबसे बड़ी खासियतों में से एक इसकी अपेक्षाकृत कम फीस है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार MBBS छात्रों के लिए ट्यूशन फीस करीब 9,130 रुपये प्रति वर्ष बताई गई है।

सरकारी मेडिकल कॉलेज होने के कारण इसकी ट्यूशन फीस कई निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। हालांकि, छात्रों को हॉस्टल, परीक्षा, सिक्योरिटी, यूनिवर्सिटी और अन्य शुल्क के बारे में दाखिले के समय जारी आधिकारिक शुल्क विवरण जरूर देखना चाहिए।

MGM मेडिकल कॉलेज का कट-ऑफ कितना रहा?

MGM मेडिकल कॉलेज में MBBS में दाखिले के लिए कट-ऑफ हर साल NEET के परिणाम, कैटेगरी, सीटों की उपलब्धता और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर बदल सकता है।

उपलब्ध 2025 के आंकड़ों के अनुसार कट-ऑफ स्कोर इस प्रकार बताया गया है:

  • SC कैटेगरी: 488
  • OBC कैटेगरी: 559
  • General कैटेगरी: 564

ध्यान रखें कि ये पिछले वर्ष के आंकड़े हैं। 2026 में कट-ऑफ अलग हो सकता है। इसलिए एडमिशन लेने वाले छात्रों को केवल पिछले साल के कट-ऑफ पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और अपनी NEET रैंक, कैटेगरी तथा संबंधित काउंसलिंग के आधिकारिक डेटा के आधार पर कॉलेज की संभावना का आकलन करना चाहिए।

एडमिशन के लिए क्या करना होगा?

MGM मेडिकल कॉलेज में MBBS में दाखिले के लिए छात्रों को सबसे पहले NEET-UG परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा में क्वालिफाई करने के बाद निर्धारित मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन करना होता है।

काउंसलिंग के दौरान NEET रैंक, कैटेगरी, उपलब्ध सीट और उम्मीदवार की पसंद के आधार पर कॉलेज का आवंटन किया जाता है। सीट मिलने के बाद छात्रों को निर्धारित समयसीमा के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

MGM मेडिकल कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों को कॉलेज की सीट, फीस और कट-ऑफ के साथ-साथ 2026-27 सत्र के लिए जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जरूर देखना चाहिए। सीटों, फीस, काउंसलिंग नियमों या कट-ऑफ में बदलाव संभव है।

मेडिकल कॉलेज में दाखिले का फैसला केवल फीस या पिछले वर्ष के कट-ऑफ के आधार पर न लें। कॉलेज की मान्यता, पाठ्यक्रम, अस्पताल की सुविधाएं, क्लीनिकल एक्सपोजर, हॉस्टल और काउंसलिंग नियमों की भी जानकारी हासिल करना जरूरी है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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राष्ट्रीय परीक्षा संशोधन बिल अब बना कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी मंजूरी

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर शिकंजा कसने के लिए लाया गया लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 अब कानून बन गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधेयक को मंजूरी दे दी है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के साथ ही इसे कानून का रूप मिल गया है।   पेपर लीक और नकल पर सख्ती   नए कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली पेपर लीक, नकल और संगठित गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ पहले की तुलना में अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।   दोषियों पर बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई   संशोधित कानून में पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों को बढ़ावा देने वाले मामलों में सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य परीक्षा माफिया और संगठित नकल गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई कर परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाना है।   फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष जांच व्यवस्था   कानून में परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच और सुनवाई को तेजी से पूरा करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। संसद में चर्चा के दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष टास्क फोर्स जैसे प्रावधानों का उल्लेख किया गया था, ताकि मामलों का निपटारा लंबा न खिंचे।   छात्रों के हित में परीक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा   सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। नए कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता मजबूत होगा और मेहनत के आधार पर चयन की प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।    

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नई दिल्ली, एजेंसियां। अगस्त 2026 की शुरुआत के साथ ही छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए छुट्टियों की सूची भी सामने आ गई है। इस महीने स्वतंत्रता दिवस, मिलाद-उन-नबी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और धार्मिक पर्वों के अवसर पर देश के कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रह सकते हैं। हालांकि, छुट्टियों की अंतिम सूची संबंधित राज्य सरकारों और स्कूल प्रशासन की अधिसूचना के अनुसार तय होगी।   15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी   अगस्त की पहली बड़ी छुट्टी 15 अगस्त (शनिवार) को होगी। इस दिन देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। स्कूलों में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, जबकि अधिकांश सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा।   26 अगस्त को मिलाद-उन-नबी   26 अगस्त (बुधवार) को मिलाद-उन-नबी का पर्व मनाया जाएगा। पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के रूप में मनाए जाने वाले इस अवसर पर कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा सकता है। School, कॉलेज और सरकारी कार्यालय स्थानीय आदेशों के अनुसार बंद रह सकते हैं।   28 अगस्त को रक्षाबंधन का अवकाश   28 अगस्त (शुक्रवार) को भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर कई राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी रहने की संभावना है। कई जगह सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी अवकाश घोषित किया जा सकता है।   राज्यों के अनुसार अलग हो सकती है छुट्टियों की सूची   अगस्त महीने में घोषित होने वाली छुट्टियां सभी राज्यों में समान नहीं होंगी। कई राज्यों में स्थानीय त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण अतिरिक्त अवकाश भी मिल सकता है। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को अपने स्कूल या संबंधित शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।   अगस्त 2026 की प्रमुख छुट्टियां   15 अगस्त 2026 - शनिवार - स्वतंत्रता दिवस 26 अगस्त 2026 - बुधवार - मिलाद-उन-नबी 28 अगस्त 2026 - शुक्रवार - रक्षाबंधन   अगस्त में लगातार आने वाले प्रमुख त्योहारों के कारण कई परिवार पहले से यात्रा और अन्य कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं। ऐसे में छुट्टियों की आधिकारिक जानकारी पहले से जांच लेना बेहतर रहेगा।

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IIM Kozhikode
IIM कोझिकोड ने लॉन्च किया नया 'AI & Agentic AI' कोर्स, प्रोफेशनल्स को मिलेगी भविष्य की AI लीडरशिप ट्रेनिंग

17 सप्ताह के ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम में Agentic AI, AI Governance और Enterprise Automation पर होगा फोकस   कोझिकोड, एजेंसियां। भारतीय प्रबंधन संस्थान IIM कोझिकोड ने पेशेवरों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नया "Certificate Programme in Agentic AI for Leaders" लॉन्च किया है। 17 सप्ताह का यह ऑनलाइन कार्यक्रम तेजी से उभर रही Agentic AI तकनीक, AI रणनीति, एंटरप्राइज ऑटोमेशन और AI गवर्नेंस पर केंद्रित है। संस्थान का उद्देश्य उद्योगों में AI-आधारित नेतृत्व तैयार करना है।   क्या सीखेंगे प्रतिभागी?   इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को Generative AI, Agentic AI, Autonomous AI Systems, Responsible AI, Cyber Security, AI Governance, Workflow Automation और Human-AI Collaboration जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। साथ ही Claude, n8n और अन्य आधुनिक Agentic AI टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।   उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए तैयार किया गया कोर्स   IIM कोझिकोड के अनुसार यह कोर्स विशेष रूप से CXO, बिजनेस लीडर्स, वरिष्ठ प्रबंधकों और AI ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें AI को व्यावसायिक रणनीति के साथ जोड़ने और संगठनों में बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता विकसित की जाएगी।   ऑन-कैंपस नेटवर्किंग और इंडस्ट्री मास्टरक्लास   कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों की लाइव मास्टरक्लास, AI आधारित प्रोजेक्ट्स और IIM कोझिकोड परिसर में एक वैकल्पिक ऑन-कैंपस नेटवर्किंग सत्र भी शामिल होगा। सफल प्रतिभागियों को IIM कोझिकोड का आधिकारिक प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 31, 2026 0
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