शिक्षा

OUAT PG and PhD Students to Get Monthly Stipend

PG और PhD छात्रों के लिए बड़ी राहत, हर महीने मिलेगा 15 हजार रुपये तक स्टाइपेंड; जानें किसे मिलेगा लाभ

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Odisha government announces monthly stipends for eligible PG and PhD agriculture students at OUAT
OUAT PG and PhD Student Stipend Scheme

भुवनेश्वर: उच्च शिक्षा और कृषि क्षेत्र में रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए ओडिशा सरकार ने अहम पहल की है। ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (OUAT) में कृषि और इससे जुड़े विषयों में नियमित पोस्ट-ग्रेजुएशन और PhD कर रहे छात्रों के लिए मासिक स्टाइपेंड देने का फैसला किया गया है।

इस योजना के तहत योग्य PhD स्कॉलर्स को तीन साल तक हर महीने 15,000 रुपये, जबकि योग्य PG छात्रों को दो साल तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद छात्रों पर आर्थिक दबाव कम करना और उन्हें पढ़ाई, रिसर्च तथा नवाचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर देना है।

PhD छात्रों को तीन साल तक मिलेंगे 15 हजार रुपये

नई स्टाइपेंड व्यवस्था के तहत कृषि में PhD कर रहे योग्य छात्रों को तीन साल तक हर महीने 15,000 रुपये दिए जाएंगे। इससे रिसर्च के दौरान छात्रों को अपनी पढ़ाई और शोध से जुड़े खर्चों को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यह आर्थिक सहायता खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो उच्च शिक्षा के साथ-साथ लंबे समय तक रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

PG छात्रों को दो साल तक 10 हजार रुपये

कृषि और इससे जुड़े विषयों में नियमित PG प्रोग्राम कर रहे योग्य छात्रों के लिए भी सरकार ने सहायता का ऐलान किया है।

इन छात्रों को दो साल तक हर महीने 10,000 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। योजना OUAT में कृषि और संबंधित विषयों में पढ़ाई कर रहे नियमित PG छात्रों के लिए लागू होगी।

इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान होने वाले व्यक्तिगत और अकादमिक खर्चों में कुछ आर्थिक राहत मिल सकती है।

किस यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेगा लाभ?

यह स्टाइपेंड योजना ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (OUAT) से जुड़ी है। योजना के दायरे में कृषि और इससे संबंधित विषयों में नियमित PG और PhD प्रोग्राम कर रहे पात्र छात्र शामिल होंगे।

इसका मतलब यह नहीं है कि ओडिशा के सभी PG और PhD छात्रों को अपने आप स्टाइपेंड मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक योजना का दायरा OUAT में कृषि और संबंधित विषयों के नियमित छात्रों तक है।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

ओडिशा सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण रिसर्च को बढ़ावा देना और प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करना है।

सरकार के मुताबिक, आर्थिक सहायता मिलने से रिसर्च स्कॉलर्स को अपने खर्चों को लेकर कम चिंता करनी पड़ेगी और वे नए प्रयोग, तकनीकी नवाचार तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े शोध पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।

कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, बेहतर उत्पादन प्रणाली और किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शोध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि स्टाइपेंड जैसी आर्थिक मदद से छात्रों की रिसर्च में भागीदारी बढ़ेगी।

ओडिशा के कृषि क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद

राज्य सरकार के अनुसार, रिसर्च छात्रों को आर्थिक सहायता देने का असर केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहेगा। इससे राज्य में कृषि से जुड़े शोध और नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।

सरकार का मानना है कि मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम से उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर कृषि पद्धतियों और किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों पर काम करने में मदद मिलेगी।

यानी इस पहल को छात्रों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ ओडिशा के कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

स्टाइपेंड का सार एक नजर में

श्रेणी

स्टाइपेंड

अवधि

कृषि एवं संबंधित विषयों के पात्र PhD छात्र

₹15,000 प्रति माह

3 साल

कृषि एवं संबंधित विषयों के पात्र PG छात्र

₹10,000 प्रति माह

2 साल

छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

PG और PhD की पढ़ाई के दौरान फीस, किताबों, रिसर्च सामग्री, यात्रा और अन्य शैक्षणिक खर्चों का दबाव छात्रों पर रहता है। खासकर PhD रिसर्च लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया होती है।

ऐसे में नियमित मासिक आर्थिक सहायता छात्रों को अपनी पढ़ाई और शोध जारी रखने में मदद कर सकती है। सरकार की उम्मीद है कि इस पहल से आर्थिक कारणों से रिसर्च पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा।

हालांकि, छात्रों को स्टाइपेंड की पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन से जुड़े आधिकारिक नियमों की जानकारी OUAT या संबंधित सरकारी अधिसूचना से जरूर जांचनी चाहिए।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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IIT जोधपुर ने लॉन्च किया 4 साल का BS प्रोग्राम, JEE के बिना मिलेगा दाखिला

जोधपुर, एजेंसियां। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर ने BS in Management and Technology नाम से नया चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें दाखिले के लिए JEE की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, उम्मीदवारों को संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया के तहत क्वालिफायर टेस्ट देना होगा।   मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी की होगी पढ़ाई   यह कार्यक्रम मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और सामाजिक विज्ञान को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया है। चार साल के दौरान छात्रों को अर्थशास्त्र, मार्केटिंग, कंप्यूटिंग, अकाउंटिंग, सांख्यिकी और उद्यमिता जैसे विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। कार्यक्रम में कुल 141 क्रेडिट और 47 पाठ्यक्रम हैं, जिन्हें आठ सेमेस्टर में पूरा करना होगा।   12वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन   इस पाठ्यक्रम के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है। उम्मीदवार किसी भी स्ट्रीम से आवेदन कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं।   JEE की जरूरत नहीं, क्वालिफायर टेस्ट जरूरी   IIT जोधपुर के इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए JEE अनिवार्य नहीं है। उम्मीदवारों को आवेदन के बाद संस्थान की ओर से आयोजित क्वालिफायर टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा। चयनित उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।   चार साल में मिलेगी BS डिग्री   कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से भी पूरा किया जा सकता है। पहले साल के बाद बिजनेस फंडामेंटल्स में प्रमाणपत्र, दूसरे साल के बाद मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और तीसरे साल के बाद तीन वर्षीय BS डिग्री का विकल्प है। चार साल पूरा करने पर BS in Management and Technology की डिग्री मिलेगी। कार्यक्रम की कुल चार वर्षीय फीस ₹5.60 लाख है, जबकि आवेदन के लिए ₹999 का प्रवेश परीक्षा शुल्क अलग से निर्धारित है।

abhishek singh अगस्त 2, 2026 0
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IIT कानपुर डेटा साइंस कोर्स
IIT कानपुर ने लॉन्च किया 6-महीने का ऑनलाइन डेटा साइंस कोर्स, AI और मशीन लर्निंग की मिलेगी ट्रेनिंग

कानपुर, एजेंसियां। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने Advanced Data Science and Machine Learning for Business Analytics नाम से छह महीने का ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम खास तौर पर डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और एआई आधारित विश्लेषण की जानकारी हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2026 से होगी।   छह महीने का ऑनलाइन कार्यक्रम   IIT कानपुर का यह पाठ्यक्रम पूरी तरह ऑनलाइन होगा और इसमें 60 घंटे की पढ़ाई शामिल है। सप्ताहांत में प्रशिक्षक के साथ लाइव कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान डेटा साइंस और मशीन लर्निंग के साथ बिजनेस एनालिटिक्स से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।   डेटा साइंस और मशीन लर्निंग पर फोकस   पाठ्यक्रम में डेटा आधारित निर्णय लेने, मशीन लर्निंग और उन्नत विश्लेषण से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है, जो तकनीकी ज्ञान को कारोबारी रणनीति और वास्तविक समस्याओं के समाधान के साथ जोड़ सकें।   प्रवेश के लिए क्या है योग्यता   IIT कानपुर के अनुसार, आवेदन के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। तीन वर्ष या उससे अधिक संबंधित कार्य अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 40 प्रतिशत तक हो सकती है। प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान और स्कूली स्तर की गणित को पर्याप्त बताया गया है।   फीस और आवेदन की जानकारी   कार्यक्रम की आवेदन फीस ₹1,000 + 18 प्रतिशत GST है, जबकि कार्यक्रम की फीस ₹85,000 + 18 प्रतिशत GST निर्धारित है। GST सहित कुल कार्यक्रम शुल्क ₹1,00,300 है, जिसे दो किस्तों में जमा किया जा सकता है। प्रवेश के लिए आवेदन 15 सितंबर 2026 तक किए जा सकते हैं और कक्षाएं 3 अक्टूबर से शुरू होंगी।   इस पाठ्यक्रम के जरिए IIT कानपुर ने डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में कामकाजी पेशेवरों और अन्य योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन कौशल-विकास का अवसर बढ़ाया है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
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