मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को शादी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आमिर ने बताया कि शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा स्थित घर पर बेहद सादे और निजी समारोह में होगी। इस समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे।
आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शादी का आयोजन बेहद सादा रखा गया है। उन्होंने कहा, "घर पर ही कर रहे हैं, आप सबकी दुआएं चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह में किसी तरह का भव्य आयोजन नहीं होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर और गौरी ने शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। दोनों ने केवल परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करने का निर्णय लिया है।
गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस व ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। आमिर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी को सार्वजनिक रूप से मीडिया से मिलवाया था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से रिश्ते में हैं।
शादी की पुष्टि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार आमिर और गौरी को बधाई दे रहे हैं। अभिनेता विक्की कौशल सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी इस नए सफर के लिए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को शादी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आमिर ने बताया कि शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा स्थित घर पर बेहद सादे और निजी समारोह में होगी। इस समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। 5 जुलाई को घर पर होगी शादी आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शादी का आयोजन बेहद सादा रखा गया है। उन्होंने कहा, "घर पर ही कर रहे हैं, आप सबकी दुआएं चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह में किसी तरह का भव्य आयोजन नहीं होगा। रिसेप्शन नहीं होगा आयोजित रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर और गौरी ने शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। दोनों ने केवल परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करने का निर्णय लिया है। कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस व ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। आमिर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी को सार्वजनिक रूप से मीडिया से मिलवाया था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से रिश्ते में हैं। फैंस और सितारों ने दी शुभकामनाएं शादी की पुष्टि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार आमिर और गौरी को बधाई दे रहे हैं। अभिनेता विक्की कौशल सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी इस नए सफर के लिए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं।
नई दिल्ली: भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बुधवार का दिन कई फिल्मों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी 'वेलकम टू द जंगल' की कमाई में छठे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फिल्म ने पिछले दिन के मुकाबले करीब 33.5% कम कारोबार किया, जिससे मेकर्स की चिंता बढ़ गई है। वहीं, 'मैं वापस आऊंगा' और 'कॉकटेल 2' की कमाई में भी गिरावट देखने को मिली, हालांकि इन दोनों फिल्मों का नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा। अब सभी की निगाहें शुक्रवार को रिलीज होने वाली 'अल्फा' पर हैं, जो मौजूदा फिल्मों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा साबित हो सकती है। 'वेलकम टू द जंगल' को लगा बड़ा झटका अहमद खान के निर्देशन में बनी 'वेलकम टू द जंगल' शुरुआती पांच दिनों तक मिश्रित समीक्षाओं के बावजूद अच्छी कमाई कर रही थी। लेकिन छठे दिन फिल्म की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। छठे दिन का कलेक्शन (बुधवार) कमाई: ₹6.15 करोड़ (नेट) मंगलवार की कमाई: ₹9.25 करोड़ गिरावट: करीब 33.51% यानी फिल्म को सिर्फ एक दिन में लगभग ₹3.10 करोड़ का नुकसान हुआ। फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी प्रभावित हुई। मंगलवार को जहां औसतन 29% सीटें भरी थीं, वहीं बुधवार को यह घटकर 15% रह गई। अब तक का भारत कलेक्शन दिन कमाई पेड प्रीव्यू ₹3.75 करोड़ शुक्रवार ₹15.25 करोड़ शनिवार ₹20.00 करोड़ रविवार ₹24.75 करोड़ सोमवार ₹8.50 करोड़ मंगलवार ₹9.25 करोड़ बुधवार ₹6.15 करोड़ कुल नेट कलेक्शन: ₹87.65 करोड़ फिल्म के दूसरे वीकेंड तक घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹100 करोड़ क्लब में शामिल होने की संभावना बनी हुई है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन 'वेलकम टू द जंगल' ने भारत में ₹104.42 करोड़ (ग्रॉस) का कारोबार किया है। वहीं, विदेशी बाजारों से फिल्म ने अब तक ₹24.95 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की है। कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: ₹129.37 करोड़ हालांकि, आने वाले दिनों में नई रिलीज फिल्मों से इसकी कमाई पर असर पड़ सकता है। 'मैं वापस आऊंगा' की स्थिर कमाई जारी इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी रोमांटिक ड्रामा 'मैं वापस आऊंगा' तीसरे सप्ताह में भी संतुलित प्रदर्शन कर रही है। 20वें दिन की कमाई: ₹1.40 करोड़ (नेट) अब तक का प्रदर्शन कुल नेट कलेक्शन: ₹50.95 करोड़ भारत ग्रॉस: ₹60.69 करोड़ ओवरसीज ग्रॉस: ₹16.95 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: ₹77.64 करोड़ करीब ₹70 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के दम पर अब भी सिनेमाघरों में बनी हुई है। 'कॉकटेल 2' की कमाई भी धीमी शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर 'कॉकटेल 2' के लिए भी बुधवार ज्यादा अच्छा नहीं रहा। 13वें दिन की कमाई: ₹1.40 करोड़ (नेट) अब तक का कलेक्शन भारत नेट: ₹88.15 करोड़ भारत ग्रॉस: ₹105.10 करोड़ ओवरसीज ग्रॉस: ₹29.00 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: ₹134.10 करोड़ करीब ₹150 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म फिलहाल लागत के मुकाबले अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए इसे बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में गिना जा रहा है। अब सबकी नजर 'अल्फा' पर शुक्रवार को सिनेमाघरों में तीन नई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं— अल्फा बेबी डू डाई डू नागबंधम इनमें सबसे ज्यादा चर्चा आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर 'अल्फा' की है, जो YRF Spy Universe की नई फिल्म है। फिल्म में अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो पहले ही वीकेंड में यह बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत कर सकती है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' से शुरुआती दिन में सीमित कमाई की उम्मीद जताई जा रही है।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री रवीना टंडन की बेटी और उभरती बॉलीवुड अभिनेत्री राशा थडानी एक बार फिर अपने व्यवहार और सादगी को लेकर चर्चा में हैं। मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच राशा मंदिर में भगवान के दर्शन करने पहुंचीं। दर्शन के बाद मंदिर परिसर के बाहर उन्होंने एक जरूरतमंद बुजुर्ग महिला की मदद की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनके इस मानवीय व्यवहार की फैंस जमकर सराहना कर रहे हैं। मंदिर से बाहर आते ही बढ़ाया मदद का हाथ वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर से बाहर निकलते समय एक बुजुर्ग महिला राशा थडानी से सहायता मांगती है। राशा बिना किसी हिचकिचाहट के अपने पर्स से 500 रुपये निकालकर महिला को देती हैं। सहायता मिलने पर बुजुर्ग महिला उन्हें आशीर्वाद देती नजर आती हैं। इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद लोगों ने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस ने की सादगी और संवेदनशीलता की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स राशा थडानी की सादगी और दरियादिली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि स्टार किड होने के बावजूद उनका विनम्र व्यवहार उन्हें खास बनाता है। वहीं कुछ प्रशंसकों ने इसे उनकी अच्छी परवरिश का उदाहरण बताया। फिल्मों में भी सक्रिय हैं राशा राशा थडानी ने पिछले वर्ष फिल्म ‘आजाद’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन उनकी अभिनय क्षमता को सराहा गया। आने वाले समय में राशा निर्देशक सौरभ गुप्ता की फिल्म ‘लईकी लईका’ में अभिनेता अभय के साथ मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी। इसके अलावा वह एक दक्षिण भारतीय फिल्म का भी हिस्सा हैं। फिल्मी करियर के साथ-साथ अपने सहज स्वभाव और सामाजिक संवेदनशीलता के कारण राशा थडानी लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। मंदिर परिसर में जरूरतमंद महिला की मदद का उनका यह वीडियो एक बार फिर लोगों का दिल जीत रहा है।