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20 मिनट में बनाएं बिना फर्मेंटेशन वाला सूजी ढोकला

सूजी से बनाएं इंस्टेंट ढोकला, बिना फर्मेंटेशन के 20 मिनट में तैयार होगा स्पंजी नाश्ता

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
सूजी से तैयार इंस्टेंट स्पंजी ढोकला
बिना फर्मेंटेशन के सूजी का इंस्टेंट ढोकला

रांची। सुबह के नाश्ते या बच्चों के टिफिन के लिए कुछ हल्का और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो इंस्टेंट सूजी ढोकला एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने के लिए बैटर को घंटों फर्मेंट करने की जरूरत नहीं होती। सूजी, दही और ईनो की मदद से घर पर आसानी से सॉफ्ट और स्पंजी ढोकला तैयार किया जा सकता है।

 

ढोकला बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री

 

 

इसके लिए एक कप सूजी, आधा कप दही, आधा कप पानी, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, चीनी, नमक, तेल, नींबू का रस और एक पैकेट ईनो फ्रूट साल्ट की जरूरत होगी। तड़के के लिए राई, हरी मिर्च, करी पत्ता और सफेद तिल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

 

 

ऐसे तैयार करें सूजी का बैटर

 

 

सबसे पहले एक बर्तन में सूजी और दही डालकर मिलाएं। इसमें धीरे-धीरे पानी डालते हुए गाढ़ा लेकिन आसानी से फैलने वाला बैटर तैयार करें। अब नमक, चीनी, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और थोड़ा तेल मिलाकर बैटर को 10 से 15 मिनट ढककर रख दें।

 

इसके बाद बैटर की कंसिस्टेंसी जांचें। अगर यह ज्यादा गाढ़ा हो गया हो तो थोड़ा पानी मिला सकते हैं।

 

ईनो डालते ही तुरंत करें स्टीम

 

 

ढोकला बनाने से ठीक पहले बैटर में नींबू का रस डालें। इसके बाद ईनो और थोड़ा पानी डालकर हल्के हाथ से मिलाएं। ईनो डालने के बाद बैटर को ज्यादा देर रखने के बजाय तुरंत स्टीम करने के लिए रखना जरूरी है, ताकि ढोकला अच्छी तरह फूले।

 

अब तेल लगी प्लेट या ढोकला ट्रे में बैटर डालें। इसे पहले से गर्म स्टीमर में रखकर मध्यम आंच पर करीब 15 से 20 मिनट तक पकाएं। टूथपिक डालकर चेक करें। अगर टूथपिक साफ निकल आए तो ढोकला तैयार है।

 

राई और करी पत्ते का लगाएं तड़का

 

 

तड़का तैयार करने के लिए पैन में तेल गर्म करें। इसमें राई डालें। राई चटकने लगे तो हरी मिर्च, करी पत्ता और सफेद तिल डालकर हल्का भूनें। आखिर में थोड़ा पानी डालकर गैस बंद कर दें। तैयार तड़के को ढोकले के ऊपर अच्छी तरह फैला दें।

 

 

हरी चटनी के साथ करें सर्व

 

 

कुछ देर ठंडा होने के बाद ढोकले को मनचाहे आकार में काट लें। इसे हरी धनिया-पुदीने की चटनी या मीठी चटनी के साथ परोसा जा सकता है। झटपट तैयार होने वाला यह सूजी ढोकला नाश्ते, शाम के स्नैक और बच्चों के टिफिन के लिए अच्छा विकल्प है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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सावन सोमवार के व्रत के लिए कुट्टू की पूरी, चीला, पकौड़ी और पराठा
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नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान सोमवार के व्रत का विशेष महत्व होता है। सावन के दूसरे सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर फलाहार करते हैं। ऐसे में अगर आप व्रत के दौरान कुछ स्वादिष्ट और आसानी से बनने वाला खाना चाहते हैं, तो कुट्टू का आटा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कुट्टू के आटे से व्रत के लिए पूरी, चीला, पकौड़ी और पराठे जैसे कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इन्हें सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ तैयार किया जा सकता है।   कुट्टू की पूरी   सावन सोमवार के फलाहार में कुट्टू की पूरी काफी लोकप्रिय है। इसे बनाने के लिए कुट्टू के आटे में उबला हुआ आलू, सेंधा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर आटा गूंथ लें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बेलें और गर्म तेल या घी में सुनहरा होने तक तलें। इसे दही या व्रत वाली सब्जी के साथ खाया जा सकता है।   कुट्टू का चीला   अगर आप ज्यादा तेल में बनी चीजों से बचना चाहते हैं, तो कुट्टू का चीला बेहतर विकल्प हो सकता है। कुट्टू के आटे में पानी डालकर घोल तैयार करें और इसमें बारीक कटी हरी मिर्च व सेंधा नमक मिलाएं। तवे पर थोड़ा घी लगाकर घोल फैलाएं और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। इसे दही के साथ परोसा जा सकता है।   कुट्टू की पकौड़ी   फलाहार में कुट्टू की पकौड़ी भी बनाई जा सकती है। इसके लिए कुट्टू के आटे में उबला आलू, सेंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। छोटे-छोटे हिस्से लेकर गर्म तेल या घी में सुनहरा होने तक तलें। इसे व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ खाया जा सकता है।   कुट्टू का पराठा   कुट्टू के आटे से स्वादिष्ट पराठा भी तैयार किया जा सकता है। आटे में उबला हुआ आलू और सेंधा नमक मिलाकर नरम आटा गूंथें। इसकी लोई बनाकर हल्के हाथ से बेलें और तवे पर घी लगाकर दोनों तरफ से सेंक लें। इसे दही या व्रत वाली आलू की सब्जी के साथ परोस सकते हैं।   व्रत में रखें इन बातों का ध्यान   व्रत के दौरान भोजन बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि इस्तेमाल की जा रही सभी सामग्री आपके व्रत के नियमों के अनुरूप हो। सेंधा नमक और व्रत में मान्य सामग्री का ही इस्तेमाल करें। साथ ही, तले हुए पकवानों का सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर है।

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