फ़ूड रेसिपी

Easy No-Wrap Samosa Recipe

न आटा गूंथने की झंझट, न समोसे का शेप देने की टेंशन; सिर्फ 1 चम्मच तेल में बनाएं क्रिस्पी ‘नो-रैप समोसा’

surbhi अगस्त 9, 2026 0
Crispy no-wrap samosas made in an air fryer with potato filling, served with green chutney and ketchup.
Crispy No-Wrap Samosa Recipe

नई दिल्ली: शाम की चाय के साथ गरमा-गरम, कुरकुरा समोसा मिल जाए तो बात ही अलग है। लेकिन घर पर समोसा बनाने का नाम आते ही आटा गूंथने, लोई बेलने और सही तिकोना आकार देने की मेहनत कई लोगों को पीछे हटा देती है। अगर आप भी इसी वजह से घर पर समोसा बनाने से बचते हैं, तो एक आसान तरीका आपके काम आ सकता है।

फूड क्रिएटर इति बरनवाल ने ‘नो-रैप समोसा’ बनाने का तरीका शेयर किया है। इसमें न आटा गूंथने की जरूरत है और न ही समोसे की पारंपरिक परत बनाकर उसे आकार देने की। आलू-मटर की स्टफिंग तैयार करें, उसकी छोटी-छोटी बॉल्स बनाएं और खास मैदा मिश्रण की कोटिंग करके एयर फ्रायर में तैयार कर लें।

इस तरीके की खासियत यह है कि इसे बनाने में करीब एक चम्मच तेल या थोड़ा-सा ऑयल स्प्रे इस्तेमाल किया जा सकता है।

सबसे पहले तैयार करें चटपटा समोसा मसाला

समोसे का स्वाद काफी हद तक उसके मसाले पर निर्भर करता है। इसके लिए एक पैन में 1 छोटा चम्मच सौंफ, 2 छोटे चम्मच साबुत धनिया, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च और एक चौथाई छोटा चम्मच लौंग डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें।

मसालों को ठंडा करने के बाद इन्हें 3-4 हरी मिर्च और अदरक के एक छोटे टुकड़े के साथ दरदरा पीस लें। ताजा तैयार यह मसाला स्टफिंग को खास स्वाद देगा।

ऐसे तैयार करें आलू-मटर की स्टफिंग

अब पैन में 1-2 छोटे चम्मच तेल गर्म करें। इसमें एक चुटकी हींग, थोड़ा कटा हुआ काजू और किशमिश डालकर हल्का भूनें।

इसके बाद 3-4 उबले और मैश किए हुए आलू, 4-5 छोटे चम्मच उबले मटर और तैयार किया हुआ समोसा मसाला डालें। इसमें आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं।

सभी सामग्री को अच्छी तरह भूनने के बाद थोड़ा हरा धनिया डालें और मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें। स्टफिंग को इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें।

बिना आटा गूंथे ऐसे तैयार होगी बाहरी परत

अब इस रेसिपी का सबसे खास हिस्सा आता है। एक चौड़े बर्तन में 100-150 ग्राम मैदा, 2-3 छोटे चम्मच सूजी, एक चौथाई छोटा चम्मच अजवाइन, एक चौथाई छोटा चम्मच कलौंजी, एक चौथाई छोटा चम्मच बेकिंग सोडा और स्वादानुसार नमक डालें।

इसमें 4-5 छोटे चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को इस तरह मिलाना है कि वह भुरभुरा हो जाए। ध्यान रखें कि इस सूखे मिश्रण में पानी नहीं डालना है।

पानी में डुबोकर बनाएं समोसे की कोटिंग

ठंडी हो चुकी आलू-मटर की स्टफिंग से छोटी-छोटी बॉल्स बना लें। एक बॉल को सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें ताकि उसकी सतह पर हल्की कोटिंग आ जाए।

अब इसे पानी में सिर्फ एक सेकंड के लिए डुबोएं और तुरंत निकालकर दोबारा सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें। इसी प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराया जा सकता है। इससे बॉल के ऊपर धीरे-धीरे एक मोटी और क्रिस्पी बाहरी परत तैयार हो जाएगी।

एयर फ्रायर में ऐसे करें क्रिस्पी

कोटिंग की हुई समोसा बॉल्स को करीब 15 मिनट तक सूखने दें, ताकि बाहरी परत अच्छी तरह सेट हो जाए।

अब इनके ऊपर थोड़ा तेल स्प्रे करें और 180-200 डिग्री सेल्सियस पर करीब 30-40 मिनट तक एयर फ्राई करें। बीच में एक बार पलट दें, जिससे समोसे चारों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे बनें।

अगर एयर फ्रायर नहीं है, तो इन्हें मध्यम आंच पर गर्म तेल में भी सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तला जा सकता है।

हरी चटनी के साथ परोसें

तैयार ‘नो-रैप समोसे’ को गरमा-गरम धनिया-पुदीना चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या टमैटो केचप के साथ परोसें।

यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए आसान हो सकता है जिन्हें समोसा पसंद है, लेकिन आटा गूंथने, बेलने और सही आकार देने की मेहनत पसंद नहीं। हालांकि, एयर फ्रायर में पकाने का समय और तापमान उपकरण के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए पकाते समय समोसे की सतह पर नजर रखें।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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बादामी रंग की दानेदार बेसन बर्फी बनाने का हलवाई वाला तरीका, न चिपकेगी न होगी सख्त; जानें राजस्थानी रेसिपी

नई दिल्ली: त्योहार हो, कोई खास मौका हो या घर पर मेहमानों की आवभगत करनी हो, बेसन की बर्फी हमेशा पसंद की जाने वाली मिठाइयों में शामिल रहती है। लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर शिकायत होती है कि बर्फी या तो बहुत सख्त हो जाती है, दानेदार टेक्सचर नहीं आता या फिर खाते समय दांतों में चिपकने लगती है। अगर आप भी हलवाई जैसी बादामी रंग की, दानेदार और मुंह में घुलने वाली बेसन बर्फी बनाना चाहते हैं, तो मारवाड़ी हलवाई बिट्टू पंचारिया की बताई पारंपरिक विधि काम आ सकती है। इसमें बेसन को सही तरीके से ‘मोइन’ देकर तैयार करने से लेकर धीमी आंच पर भूनने और सही तार की चाशनी बनाने तक कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है। सबसे पहले बेसन में दें मोइन दानेदार टेक्सचर के लिए बेसन की तैयारी सबसे अहम है। इसके लिए 4 किलो दरदरा पिसा बेसन लें। इसमें करीब 200 ग्राम गुनगुना देसी घी और 200-250 ग्राम पानी डालकर हाथों से अच्छी तरह मसलें। इसके बाद इस मिश्रण को बड़े छेद वाली मोटी चलनी से छान लें। इससे बेसन में एक समान दाने तैयार होंगे और बर्फी का टेक्सचर ज्यादा बेहतर आएगा। देसी घी में धीमी आंच पर भूनें बेसन अब एक बड़ी कड़ाही में करीब 3.5 किलो देसी घी गर्म करें। घी हल्का गर्म होने पर इसमें तैयार दानेदार बेसन डाल दें। बेसन को मध्यम से धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना बेहद जरूरी है। तेज आंच पर बेसन जल्दी जल सकता है और स्वाद कड़वा हो सकता है। वहीं घी की मात्रा बहुत कम रखने से बर्फी ज्यादा सख्त होने की संभावना रहती है। बेसन को तब तक भूनें जब तक उसका कच्चापन काफी हद तक खत्म न हो जाए। मावा डालकर लाएं बादामी रंग जब बेसन करीब 50-60 प्रतिशत तक भुन जाए, तब इसमें अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा मावा डालें। मावा बर्फी को रिच स्वाद देने के साथ उसकी बाइंडिंग में भी मदद करता है। मावा मिलाने के बाद आंच धीमी कर दें और लगातार चलाते हुए मिश्रण को भूनें। जब बेसन का रंग सुंदर बादामी हो जाए और अच्छी खुशबू आने लगे, तब समझें कि इसकी सिकाई सही दिशा में है। एक तार की चाशनी है सबसे जरूरी अब एक अलग बर्तन में करीब 2.8 लीटर पानी और 4 किलो चीनी डालकर चाशनी तैयार करें। बर्फी के लिए चाशनी को करीब एक तार से थोड़ी कड़क रखना जरूरी है। चाशनी तैयार होने के बाद इसमें केसर का घोल मिलाएं और इसे थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद चाशनी को भुने हुए बेसन और मावा के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिलाएं। सही कंसिस्टेंसी की चाशनी बर्फी को बहुत ज्यादा चिपचिपा होने से बचाने में मदद करती है। जायफल-जावित्री और इलायची से आएगी शाही खुशबू अब मिश्रण में जावित्री-जायफल पाउडर और इलायची पाउडर डालें। ये मसाले बर्फी में खास खुशबू और स्वाद जोड़ते हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद कड़ाही को ढककर करीब 1-2 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे बेसन चाशनी को अच्छी तरह सोख लेता है और मिश्रण में बेहतर दानेदार एवं मुलायम टेक्सचर विकसित होता है। ट्रे में जमाएं और ऐसे करें गार्निश जब मिश्रण जमने लायक हो जाए, तो इसे घी लगी या तैयार ट्रे में डालकर समान रूप से फैला दें। ऊपर से बारीक कटे पिस्ता, बादाम और सूखी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर सजाएं। अब इसे करीब 5-6 घंटे तक सेट होने दें। पूरी तरह जम जाने के बाद चाकू से मनचाहे आकार में काट लें। तैयार होगी मारवाड़ी स्टाइल की दानेदार बेसन बर्फी, जिसमें बादामी रंग, घी की खुशबू और मसालों का शाही स्वाद मिलेगा। बर्फी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान बेसन को तेज आंच पर न भूनें। दानेदार टेक्सचर के लिए बेसन को छानना महत्वपूर्ण है। मावा डालने के बाद आंच धीमी रखें। चाशनी की सही कंसिस्टेंसी बर्फी के टेक्सचर के लिए बेहद जरूरी है। बर्फी को काटने से पहले पूरी तरह सेट होने दें।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन के सोमवार व्रत में अगर आप रोजाना एक जैसा फलाहार खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार अपनी थाली में स्वादिष्ट फलाहारी सैंडविच शामिल कर सकते हैं। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे, उबले आलू और पनीर से तैयार यह सैंडविच कम समय में बन जाता है और नाश्ते, स्नैक या व्रत के मुख्य भोजन के रूप में परोसा जा सकता है।   कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से तैयार करें फलाहारी ब्रेड   फलाहारी सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले कुट्टू या सिंघाड़े के आटे में दही, सेंधा नमक और थोड़ा सा चीनी मिलाकर बैटर तैयार करें। बैटर को सैंडविच मेकर या तवे पर हल्का घी लगाकर दोनों तरफ से सेक लें। इससे व्रत में इस्तेमाल होने वाली ब्रेड तैयार हो जाएगी।   आलू-पनीर की स्वादिष्ट स्टफिंग बनाएं   एक बाउल में मैश किए हुए उबले आलू, कद्दूकस किया हुआ पनीर, सेंधा नमक, काली मिर्च, बारीक कटी हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें भुनी हुई मूंगफली का चूरा भी मिला सकते हैं।   दो आसान तरीकों से तैयार करें सैंडविच   तैयार फलाहारी ब्रेड के बीच स्टफिंग भरकर दोनों तरफ हल्का घी लगाएं और तवे या सैंडविच मेकर पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। दूसरा तरीका यह है कि बैटर फैलाने के बाद उसी पर स्टफिंग रखें, ऊपर से फिर बैटर डालें और दोनों तरफ से अच्छी तरह पकाएं।   दही या व्रत वाली चटनी के साथ करें सर्व   गरमा-गरम फलाहारी सैंडविच को त्रिकोण आकार में काटकर दही, व्रत वाली हरी चटनी या ताजे फलों के साथ परोसें। ऊपर से भुना जीरा पाउडर या काली मिर्च छिड़कने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।   इन बातों का रखें ध्यान   स्वाद और सेहत दोनों बनाए रखने के लिए घी का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। सैंडविच हमेशा ताजा बनाकर तुरंत परोसें और व्रत के नियमों के अनुसार ही सामग्री का चयन करें। ताजे दही या लस्सी के साथ परोसने पर यह भोजन अधिक संतुलित और पौष्टिक बन जाता है।

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भरवां करेले में गुड़ का ट्विस्ट और स्वादिष्ट रेसिपी
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नई दिल्ली, एजेंसियां। भरवां करेला भारतीय रसोई की पारंपरिक और लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। हालांकि, इसकी कड़वाहट के कारण कई लोग इसे खाने से बचते हैं। लेकिन रसोई के कुछ आसान पारंपरिक नुस्खों की मदद से इसे स्वादिष्ट और संतुलित बनाया जा सकता है। ऐसा ही एक तरीका है मसाले में थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाना, जिससे करेले का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है।   गुड़ से संतुलित होती है कड़वाहट   विशेषज्ञों के अनुसार, भरवां करेले के मसाले में थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ गुड़ मिलाने से इसकी कड़वाहट संतुलित हो जाती है। गुड़ मसाले में हल्की मिठास और गहराई जोड़ता है, जिससे सब्जी का स्वाद अधिक संतुलित और पारंपरिक लगता है, बिना उसे मीठा बनाए।   ऐसे करें करेले की तैयारी   भरवां करेला बनाने से पहले करेले को अच्छी तरह धोकर हल्का छील लें और बीच से चीरा लगाकर बीज निकाल दें। इसके बाद उस पर नमक लगाकर 30 से 40 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में धोकर हल्का निचोड़ लें। इससे करेले की कड़वाहट कुछ हद तक कम हो जाती है।   मसाला तैयार करने का तरीका   सरसों के तेल में प्याज को सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद सौंफ, धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च और अमचूर डालकर मसाला अच्छी तरह भूनें। अंत में कद्दूकस किया हुआ गुड़ मिलाकर 1–2 मिनट तक पकाएं। यही छोटा-सा कदम भरवां करेले के स्वाद को खास बनाता है।   धीमी आंच पर पकाएं   तैयार मसाले को करेले के अंदर भरकर जरूरत पड़ने पर धागे से बांध दें। फिर हल्के तेल में धीमी आंच पर 20–25 मिनट तक ढककर पकाएं और बीच-बीच में पलटते रहें। इससे मसाले का स्वाद करेले के अंदर तक अच्छी तरह समा जाता है और सब्जी स्वादिष्ट बनकर तैयार होती है।  

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