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पीतल-तांबे के बर्तनों की चमक लौटाने के आसान घरेलू तरीके

काले पड़े पीतल-तांबे के बर्तनों में लौटाएं चमक, नींबू-नमक और इमली समेत ये आसान तरीके आएंगे काम

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
पीतल और तांबे के बर्तनों की सफाई के घरेलू तरीके
नींबू-नमक और इमली से पीतल-तांबे के बर्तन चमकाएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। घर में रखे पीतल और तांबे के बर्तन समय के साथ अपनी चमक खोने लगते हैं। हवा, नमी, तेल-मसाले और पानी की वजह से इनकी सतह पर दाग और परत जम सकती है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू तरीकों से इन बर्तनों को दोबारा चमकाया जा सकता है।

 

क्यों काले पड़ने लगते हैं पीतल-तांबे के बर्तन?

 

 

पीतल और तांबे की सतह लंबे समय तक हवा और नमी के संपर्क में रहने से धीरे-धीरे बदलने लगती है। इसके अलावा बर्तन पर तेल, मसाले या पानी की बूंदें रह जाने से भी चमक कम हो सकती है। लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर भी इनकी सतह पर दाग दिखाई देने लगते हैं।

 

 

पितांबरी पाउडर से ऐसे करें सफाई

 

 

पीतल और तांबे के बर्तनों की सफाई के लिए पितांबरी जैसे क्लीनिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। पहले बर्तन को पानी से धो लें। इसके बाद थोड़े पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें।

 

इस पेस्ट को बर्तन की सतह पर लगाकर मुलायम कपड़े या सॉफ्ट स्पंज से हल्के हाथों से साफ करें। ज्यादा दाग वाली जगह पर पेस्ट थोड़ी देर लगा रहने दें। इसके बाद साफ पानी से बर्तन धोकर तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ दें।

किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले पैकेट पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें और पहले बर्तन के छोटे हिस्से पर परीक्षण कर लें।

 

नींबू और नमक से भी चमकाएं बर्तन

 

 

घर में मौजूद नींबू और नमक से भी हल्के दाग साफ किए जा सकते हैं। इसके लिए आधे नींबू पर थोड़ा नमक लगाएं और बर्तन की सतह पर बहुत हल्के हाथ से रगड़ें।

 

सफाई के बाद बर्तन को पानी से अच्छी तरह धो लें और तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ दें। बहुत पुराने या जिद्दी दाग को हटाने में एक से ज्यादा बार सफाई करनी पड़ सकती है।

 

इमली का पेस्ट भी आएगा काम

 

 

पीतल और तांबे के बर्तनों की सफाई के लिए इमली का इस्तेमाल भी पुराने समय से किया जाता रहा है। इमली को थोड़े पानी में भिगोकर नरम करें और उसका पेस्ट बना लें।

 

अब इस पेस्ट को बर्तन पर लगाकर मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें। इसके बाद साफ पानी से धोकर बर्तन को अच्छी तरह सुखा लें।

 

सफाई के बाद इन बातों का रखें ध्यान

 

 

बर्तन धोने के तुरंत बाद उन्हें सुखाएं।

 

बर्तनों को लंबे समय तक गीला न छोड़ें।

बहुत खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल न करें।

क्लीनिंग पाउडर को जरूरत से ज्यादा देर तक सतह पर न लगा रहने दें।

सफाई के बाद बर्तन को सूखी जगह पर रखें।

किसी भी नए क्लीनिंग प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसके निर्देश जरूर पढ़ें।

थोड़ी सी नियमित देखभाल से पुराने पीतल और तांबे के बर्तनों की चमक बरकरार रखी जा सकती है और उन्हें बार-बार बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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नई दिल्ली, एजेंसियां। व्रत के दौरान मीठा खाने का मन हो तो फल, मखाने या साबूदाने से बनी सामान्य डिश के बजाय इस बार साबूदाना रसमलाई ट्राई कर सकते हैं। दूध, साबूदाना, ड्राई फ्रूट्स और इलायची से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद में रसमलाई जैसी लगती है और इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।   साबूदाना रसमलाई के लिए सामग्री     1 कप साबूदाना   1 लीटर फुल क्रीम दूध 4-5 चम्मच चीनी या स्वादानुसार 8-10 बादाम 8-10 काजू 1 चम्मच पिस्ता 3-4 इलायची 1 चुटकी केसर 1-2 चम्मच दूध 1 चम्मच घी   ऐसे तैयार करें साबूदाना रसमलाई     साबूदाना भिगोकर करें तैयार     सबसे पहले साबूदाने को अच्छी तरह धोकर 4-5 घंटे के लिए पर्याप्त पानी में भिगो दें। फूलने के बाद अतिरिक्त पानी निकालकर साबूदाने को कुछ देर छलनी में रखें।   इसके बाद इसे हल्के हाथ से मैश करें। साबूदाने को पूरी तरह पेस्ट न बनाएं, बल्कि दानों को थोड़ा टूटने दें।   बनाएं साबूदाने की टिक्की     मैश किए हुए साबूदाने में थोड़ा घी मिलाएं। हाथों पर हल्का घी लगाकर इसकी छोटी-छोटी लोई बनाएं और हथेली से दबाकर चपटा कर दें।   अब नॉनस्टिक पैन में इन टिक्कियों को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक सेंक लें। टिक्कियों को बहुत ज्यादा क्रिस्पी न करें, क्योंकि बाद में इन्हें दूध में पकाना है।   दूध को अच्छी तरह पकाएं     भारी तले वाले बर्तन में फुल क्रीम दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और बीच-बीच में चलाते रहें। दूध थोड़ा गाढ़ा और कम होने लगे तो इसमें चीनी, इलायची पाउडर और केसर वाला दूध डालें।   इसके बाद कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता मिलाकर कुछ मिनट और पकाएं।   दूध में डालें साबूदाने की टिक्कियां     दूध गाढ़ा होने पर गैस धीमी कर दें और तैयार साबूदाने की टिक्कियों को सावधानी से दूध में डालें। इन्हें ज्यादा चलाने से बचें, वरना टिक्कियां टूट सकती हैं।   करीब 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने से टिक्कियां दूध का स्वाद सोखकर नरम हो जाएंगी।   ठंडी करके करें सर्व     गैस बंद करने के बाद साबूदाना रसमलाई को कमरे के तापमान पर थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद इसे 1-2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। सर्व करते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता और बादाम डालें।  

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दही से घर पर तैयार किया गया मलाईदार ताजा मक्खन
दही से घर पर बनाएं मलाईदार मक्खन, स्वाद और ताजगी दोनों में लगेगा एकदम देसी

नई दिल्ली, एजेंसियां। ब्रेड, पराठे, रोटी या गर्मागर्म सब्जी के साथ ताजा मक्खन खाने का स्वाद ही अलग होता है। अगर आप बाजार के मक्खन की जगह घर का शुद्ध और फ्रेश मक्खन बनाना चाहते हैं, तो गाढ़े दही की मदद से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती।   मक्खन बनाने के लिए चाहिए ये चीजें     घर पर मक्खन बनाने के लिए करीब 1 किलो गाढ़ा जमा हुआ दही, थोड़ा ठंडा पानी, एक गहरा बर्तन और मथनी या हैंड ब्लेंडर की जरूरत होगी। स्वाद के अनुसार नमक भी मिलाया जा सकता है।     दही को अच्छी तरह मथें     सबसे पहले जमा हुआ दही एक बड़े बर्तन में निकालें और मथनी या हैंड ब्लेंडर से अच्छी तरह फेंटें। कुछ देर लगातार मथने पर दही में मौजूद मलाई और फैट अलग होने लगेंगे। इसके बाद सतह पर मक्खन के छोटे-छोटे दाने दिखाई देने लगेंगे।     ठंडा पानी डालने से ऐसे बनेगा मक्खन     जब मक्खन के कण अलग नजर आने लगें, तो इसमें थोड़ा-थोड़ा करके ठंडा पानी डालें और फिर से मथें। ठंडा पानी मक्खन के कणों को एक साथ इकट्ठा करने में मदद करता है। कुछ देर बाद मक्खन एक जगह जमा हो जाएगा और नीचे छाछ जैसा तरल बच जाएगा।     मक्खन को साफ करना जरूरी     अब मक्खन को हाथ या चम्मच की मदद से अलग बर्तन में निकाल लें। इसे 2-3 बार ठंडे पानी से हल्के हाथों से धोएं, ताकि उसमें बची छाछ निकल जाए। इसके बाद हाथ से हल्का दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें।     नमकीन या सादा, जैसा पसंद हो     अगर आपको नमकीन मक्खन पसंद है तो इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक मिला सकते हैं। वहीं मीठे या सादे स्वाद के लिए इसे बिना नमक के भी रखा जा सकता है। घर का ताजा मक्खन रोटी, पराठे, टोस्ट और सब्जियों के साथ स्वादिष्ट लगता है।     फ्रेश रखने के लिए अपनाएं ये तरीका     तैयार मक्खन को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें और फ्रिज में स्टोर करें। मक्खन निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। इससे मक्खन को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 10, 2026 0
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