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अगस्त में घर पर उगाएं ये 5 सब्जियां

Monsoon Gardening Tips: अगस्त में घर पर उगाएं ये 5 सब्जियां, खाली गमलों को बनाएं छोटा किचन गार्डन

ranjan kumar tiwari अगस्त 19, 2026 0
अगस्त में मानसून के दौरान घर पर सब्जियां उगाने के किचन गार्डन टिप्स
Monsoon Gardening Tips: अगस्त में भिंडी, पालक, धनिया, लौकी और खीरा उगाएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। बारिश का मौसम घर पर किचन गार्डन तैयार करने के लिए अच्छा समय हो सकता है। अगर आपके पास बालकनी, छत या छोटा सा आंगन है, तो सीमित जगह में भी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियां उगाई जा सकती हैं। हालांकि, मानसून में पौधों की देखभाल के दौरान जल निकासी का खास ध्यान रखना जरूरी है।

 

अगस्त में लगाएं ये 5 सब्जियां

 

 

भिंडी

 

 

गर्म और नम मौसम में भिंडी का पौधा अच्छी तरह बढ़ सकता है। इसे पर्याप्त धूप वाले गमले या ग्रो बैग में लगाया जा सकता है। ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो।

 

 

पालक

 

 

पालक कम जगह में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए चौड़े गमले और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें। मिट्टी में जरूरत के मुताबिक नमी बनाए रखें।

 

 

धनिया

 

 

अगर आप पहली बार किचन गार्डन शुरू कर रहे हैं तो धनिया आसान विकल्प हो सकता है। इसे छोटे गमले या कंटेनर में भी उगाया जा सकता है और जरूरत के अनुसार इसकी पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं।

 

 

लौकी

 

 

लौकी की बेल को फैलने के लिए पर्याप्त जगह और सहारे की जरूरत होती है। छत या बालकनी में जाली या ट्रेलिस की व्यवस्था हो तो इसे आसानी से लगाया जा सकता है।

 

 

खीरा

 

 

मानसून में खीरे की बेल भी अच्छी तरह बढ़ सकती है। इसे पर्याप्त रोशनी के साथ मजबूत सहारा देना जरूरी है। गमले में लगाने के लिए जाली या ट्रेलिस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

छोटी जगह में सही देखभाल के साथ ये सब्जियां आपके घर के किचन गार्डन को हरा-भरा बनाने के साथ रोजमर्रा की रसोई के लिए ताजी सब्जियों का अच्छा विकल्प दे सकती हैं।

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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नई दिल्ली, एजेंसियां। बारिश का मौसम घर पर किचन गार्डन तैयार करने के लिए अच्छा समय हो सकता है। अगर आपके पास बालकनी, छत या छोटा सा आंगन है, तो सीमित जगह में भी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियां उगाई जा सकती हैं। हालांकि, मानसून में पौधों की देखभाल के दौरान जल निकासी का खास ध्यान रखना जरूरी है।   अगस्त में लगाएं ये 5 सब्जियां     भिंडी     गर्म और नम मौसम में भिंडी का पौधा अच्छी तरह बढ़ सकता है। इसे पर्याप्त धूप वाले गमले या ग्रो बैग में लगाया जा सकता है। ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो।     पालक     पालक कम जगह में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए चौड़े गमले और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें। मिट्टी में जरूरत के मुताबिक नमी बनाए रखें।     धनिया     अगर आप पहली बार किचन गार्डन शुरू कर रहे हैं तो धनिया आसान विकल्प हो सकता है। इसे छोटे गमले या कंटेनर में भी उगाया जा सकता है और जरूरत के अनुसार इसकी पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं।     लौकी     लौकी की बेल को फैलने के लिए पर्याप्त जगह और सहारे की जरूरत होती है। छत या बालकनी में जाली या ट्रेलिस की व्यवस्था हो तो इसे आसानी से लगाया जा सकता है।     खीरा     मानसून में खीरे की बेल भी अच्छी तरह बढ़ सकती है। इसे पर्याप्त रोशनी के साथ मजबूत सहारा देना जरूरी है। गमले में लगाने के लिए जाली या ट्रेलिस का इस्तेमाल किया जा सकता है।   छोटी जगह में सही देखभाल के साथ ये सब्जियां आपके घर के किचन गार्डन को हरा-भरा बनाने के साथ रोजमर्रा की रसोई के लिए ताजी सब्जियों का अच्छा विकल्प दे सकती हैं।

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हरियाली तीज पर महिलाएं कपड़ों, मेहंदी और गहनों के साथ अपनी स्किन का भी खास ख्याल रखती हैं। अगर आप त्योहार से पहले चेहरे पर नेचुरल निखार चाहती हैं और महंगे फेशियल से बचना चाहती हैं, तो घर पर बेसन और दूध से बना उबटन ट्राई कर सकती हैं।   बेसन और दूध से बनाएं आसान उबटन   बेसन का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू स्किनकेयर में त्वचा की सफाई के लिए किया जाता रहा है, जबकि दूध त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसमें हल्दी और कॉफी मिलाकर एक आसान होममेड उबटन तैयार किया जा सकता है।   उबटन बनाने के लिए सामग्री 2 चम्मच बेसन 1-2 चम्मच दूध ¼ चम्मच हल्दी 1 चम्मच कॉफी पाउडर जरूरत के अनुसार गुलाब जल ऐसे तैयार करें उबटन सबसे पहले एक साफ कटोरी में बेसन, कॉफी और हल्दी डालें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध मिलाकर अच्छी तरह फेंटें। अगर पेस्ट ज्यादा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें थोड़ा गुलाब जल मिला सकती हैं। पेस्ट न बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा, ताकि चेहरे पर आसानी से लगाया जा सके।   चेहरे पर लगाने का सही तरीका सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें। तैयार उबटन की पतली परत चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे करीब 10-15 मिनट तक लगा रहने दें। हल्का सूखने पर पानी की मदद से धीरे-धीरे साफ करें। चेहरे को जोर से रगड़ने से बचें। आखिर में त्वचा के अनुसार मॉइश्चराइजर लगाएं। तीज से पहले पैच टेस्ट जरूर करें   घरेलू नुस्खे होने के बावजूद हर सामग्री हर व्यक्ति की त्वचा को सूट करे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या कान के पास थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करें। जलन, खुजली या लालिमा होने पर इसका इस्तेमाल न करें।   नोट: अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या पहले से किसी स्किन प्रोडक्ट से एलर्जी होती है, तो नया घरेलू मिश्रण इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

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हरियाली तीज के मौके पर घर आने वाले मेहमानों के लिए अगर आप कुछ खास और रिफ्रेशिंग बनाना चाहती हैं, तो बाजार की पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह घर पर तैयार देसी पेय सर्व कर सकती हैं। तीज की पार्टी में केसर ठंडाई, गुलाब लस्सी, नींबू-पुदीना कूलर, आम पन्ना और जलजीरा जैसे ड्रिंक्स स्वाद के साथ मेहमानों को ठंडक भी देंगे।   शाही केसर ठंडाई     दूध, बादाम, काजू, सौंफ, इलायची और केसर से तैयार ठंडाई तीज के लिए शानदार विकल्प है। इसे पहले से बनाकर फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है। सर्व करते समय ऊपर से केसर, पिस्ता और गुलाब की पंखुड़ियां डालें।     गुलाब लस्सी     ठंडे दही, दूध और गुलाब के शरबत से बनने वाली गुलाब लस्सी त्योहार के लिए आसान और स्वादिष्ट ड्रिंक है। इसे लंबे ग्लास में पिस्ते और गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सर्व किया जा सकता है।     नींबू-पुदीना कूलर     नींबू, पुदीना, काला नमक, चीनी और बर्फ से कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाला कूलर गर्म और उमस भरे मौसम में रिफ्रेशिंग विकल्प है। चाहें तो इसमें ठंडे पानी की जगह सोडा भी इस्तेमाल कर सकती हैं।     खट्टा-मीठा आम पन्ना     कच्चे आम, भुना जीरा, काला नमक और पुदीने से तैयार आम पन्ना तीज के स्नैक्स के साथ भी खूब पसंद किया जा सकता है। इसका कॉन्संट्रेट पहले से तैयार करके फ्रिज में रखा जा सकता है।     मसालेदार जलजीरा     अगर मेहमानों को चटपटा स्वाद पसंद है तो जलजीरा जरूर बनाएं। पुदीना, सौंफ, भुना जीरा, काला नमक, चाट मसाला और नींबू से तैयार जलजीरा स्वादिष्ट होने के साथ पार्टी में देसी फ्लेवर भी जोड़ता है।     ठंडा केसर दूध     दूध में केसर और इलायची मिलाकर तैयार किया गया ठंडा केसर दूध भी तीज के लिए अच्छा विकल्प है। इसे ठंडा करके ऊपर से कटे हुए मेवे और केसर डालकर सर्व किया जा सकता है।   सजाने का आइडिया: ड्रिंक्स को खूबसूरत ग्लास में बर्फ, पुदीने की पत्तियों, गुलाब की पंखुड़ियों, नींबू स्लाइस और केसर से गार्निश करें। इससे आपकी तीज पार्टी की ड्रिंक्स टेबल और भी आकर्षक लगेगी।

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