झारखंड

JSSC CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
JSSC CGL Exam Cancelled
JSSC CGL Exam Cancelled

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ ही TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रियाओं को निरस्त करने की घोषणा की।

 

24 दिन से जारी था छात्रों का आंदोलन

 

JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच शामिल थी। सरकार के फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों ने जश्न भी मनाया।

 

14वीं JPSC PT समेत कई परीक्षाओं पर फैसला

 

सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें 14वीं JPSC PT, JET, सहायक लोक अभियोजक, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, सिविल जज जूनियर, वन रक्षक और PGT जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2014 से अब तक राज्य में हुई भर्ती परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक रिफॉर्म कमेटी गठित करने की भी बात कही है।

 

SOP का पालन होता तो नहीं होती गड़बड़ी: हेमंत सोरेन

 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा संचालन के लिए पहले से SOP मौजूद है। यदि उसका सही तरीके से पालन किया गया होता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। सरकार अब भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव भी लेगी।

 

छात्रों की एक मांग अभी बाकी

 

सरकार के फैसले के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग पर अभी भी कायम हैं। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करना महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।

 

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त की। उन्होंने इसे झारखंड के छात्रों की बड़ी जीत बताया।

 

सरकार के इस फैसले से राज्य में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि 2014 से अब तक की परीक्षाओं की जांच किस तरह होती है और नई भर्ती व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

झारखंड

View more
Dhanbad Encounter
धनबाद में लेवी वसूलने पहुंचे अपराधियों से पुलिस की मुठभेड़, दो के पैर में लगी गोली

धनबाद। झारखंड के धनबाद में मंगलवार सुबह लेवी वसूली के लिए पहुंचे अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। घटना बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के निरंकारी चौक और कुर्मीडीह के बीच हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों की पहचान इरफान आलम और नन्हे अंसारी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेजा गया है।   लेवी लेने पहुंचे थे अपराधी   पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी बरवाअड्डा इलाके में लेवी की रकम लेने पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने निरंकारी चौक और कुर्मीडीह के बीच घेराबंदी कर दी।   बताया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही अपराधियों ने वहां से भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की स्थिति बन गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी।   घायल इरफान आलम वासेपुर और नन्हे अंसारी पुटकी का रहने वाला बताया जा रहा है।   पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा   गोली लगने के बाद दोनों अपराधियों को पुलिस ने कब्जे में लिया और इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेजा। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। निरंकारी चौक से कुर्मीडीह तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।   पुलिस आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के साथ कोई और अपराधी भी मौजूद था या नहीं।   गोपी खान से बातचीत का सामने आया कनेक्शन   धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार के अनुसार, दोनों आरोपी फोन पर गोपी खान से बातचीत कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि वे कथित तौर पर गोपी खान के कहने पर लेवी की रकम लेने पहुंचे थे।   पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि लेवी वसूली के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में गैंगस्टर के बेटे के नाम का कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।   लेवी नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश   मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि लेवी वसूली से जुड़े नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। घायल आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में और नाम सामने आने की संभावना है।   फिलहाल दोनों आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
JSSC CGL Exam Cancelled

JSSC CGL परीक्षा रद्द होने से नौकरी पर संकट, नियुक्त कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी

JSSC CGL Exam Cancelled

JSSC CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान

Jharkhand Student Protest

देवेंद्र महतो को नहीं मिली अस्पताल से छुट्टी, डॉक्टरों ने कहा- अभी हालत ठीक नहीं; धरना स्थल लौटे छात्र

NAMTI Independence Day 2026
NAMTI में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश

रांची। हटिया स्थित NAMTI परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के कुलपति अरुण कुमार झा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद सभी ने राष्ट्रगान गाया। समारोह में संस्थान के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्रोफेसर, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।   ध्वजारोहण के बाद गूंजा राष्ट्रगान   स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर NAMTI परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। कुलपति अरुण कुमार झा ने तिरंगा फहराया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया। पूरे परिसर में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।   युवाओं की भूमिका पर कुलपति ने दिया जोर   समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति अरुण कुमार झा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में करने का आह्वान किया।   एकता और अखंडता के प्रति जताई प्रतिबद्धता   कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और देशहित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।   समारोह का समापन देशभक्ति की भावना और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को खास बना दिया।

anjali kumari अगस्त 17, 2026 0
झारखंड कांग्रेस की प्रेस वार्ता में छात्र आंदोलन SIR और माइनिंग बिल पर नेताओं की प्रतिक्रिया

छात्र आंदोलन से SIR और माइनिंग बिल तक, कांग्रेस ने केंद्र और बीजेपी पर साधा निशाना

Bhuiyandih Football

भुइयांडीह में फुटबॉल का महासंग्राम, 32 टीमों ने दिखाया दम, अर्पित स्पोर्टिंग क्लब बना चैंपियन

जमशेदपुर में भारतीय मजदूर संघ के धरना प्रदर्शन में पांच दिन कार्य दिवस की मांग

5 दिन ही काम करेंगे बैंक कर्मचारी? मजदूर संघ ने उठाई मांग, सरकार को सौंपा ज्ञापन

रांची में ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार महिला और पुलिस की कार्रवाई
रांची में 5 लाख के ब्राउन शुगर के साथ महिला गिरफ्तार, पुलिस को देखकर भागने लगी थी आरोपी

रांची। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुमार पुल बस स्टैंड के पास से एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर, एक मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद ब्राउन शुगर की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।   गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल   पुलिस को 16 अगस्त को सूचना मिली थी कि बिहार की ओर से एक महिला भारी मात्रा में ब्राउन शुगर लेकर रांची पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सदर के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम गठित की गई। टीम जुमार पुल बस स्टैंड के पास पहुंची और महिला का इंतजार करने लगी। दोपहर करीब 3:10 बजे एक महिला ऑटो में अकेली बैठी दिखाई दी। पुलिस को अपनी ओर आते देखकर वह घबरा गई और ऑटो से उतरकर भागने लगी। पुलिस टीम ने महिला चौकीदार की मदद से उसे पकड़ लिया।   पर्स से मिला 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर   पकड़े जाने के बाद महिला की तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार, उसके काले रंग के पर्स में रखे प्लास्टिक के पाउच से 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके अलावा एक आई-टेल कंपनी का काला की-पैड मोबाइल और 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए। पूछताछ में महिला ने अपना नाम मुन्नी देवी (43) बताया। वह रांची के सदर थाना क्षेत्र के जतराटांड़ स्थित कोकर बाजार के देवी मंडप के पास रहने वाली बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने रांची के अलग-अलग चौक-चौराहों पर ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करने की बात स्वीकार की है।   एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज   पुलिस ने मामले में सदर (मेसरा) थाना कांड संख्या 384/26, दिनांक 16 अगस्त 2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 22(बी), 23 और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।   महिला के खिलाफ पहले से दर्ज हैं दो मामले   पुलिस के अनुसार, मुन्नी देवी के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। वर्ष 2024 में सदर थाना में कांड संख्या 496/2024 दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2025 में सदर थाना कांड संख्या 632/2025 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(बी) और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।   20 हजार रुपये और मोबाइल भी जब्त   पुलिस ने आरोपी के पास से 500 रुपये के छह नोट, 200 रुपये के 35 नोट और 100 रुपये के 100 नोट बरामद किए। कुल नकद राशि 20 हजार रुपये है। इसके साथ मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कार्रवाई में सदर, कोतवाली, मेसरा और सुखदेवनगर थाना के पुलिस पदाधिकारी व जवान शामिल रहे। महिला चौकीदार कृति मुंडा ने आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
CM हेमंत सोरेन की कैबिनेट बैठक में JPSC-JSSC आंदोलन और माइंस बिल पर चर्चा

JPSC-JSSC आंदोलन और माइंस बिल पर बड़ा फैसला लेगी सरकार? CM हेमंत सोरेन ने बुलाई कैबिनेट बैठक

झींकपानी एसीसी सीमेंट प्लांट बंदी से 1600 से अधिक कर्मियों के रोजगार पर संकट

एसीसी सीमेंट प्लांट बंदी का संकट बरकरार, 1600 से अधिक कर्मियों के रोजगार पर खतरा

देवघर में ऑनलाइन दवा ऑर्डर के दौरान साइबर ठगी का मामला

ऑनलाइन दवा मंगाना पड़ा महंगा, साइबर ठगों ने खाते से उड़ाए 40,600 रुपये

0 Comments

Top week

Prashant Kishor addresses Bankipur voters and promises private sector jobs for 10,000 educated unemployed youths.
बिहार

MLA बनते ही प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, बांकीपुर के 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का दावा

surbhi अगस्त 12, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?