राष्ट्रीय

25 जून की महत्त्वपूर्ण  घटनाएं

abhishek singh जून 25, 2026 0
Aaj Ka Itihas
Today's Important Events

1529 – मुगल शासक बाबर बंगाल पर विजय प्राप्त कर अपनी राजधानी आगरा लौटा।
1741 - ऑस्ट्रिया के मारिया थेरेसा को ब्रातिस्लावा में हंगरी के रानी रेजनेंट का ताज पहनाया गया।
1788 – वर्जीनिया अमेरिका के संविधान को अपनाने वाला 10वां राज्य बना।
1798 - अमेरिका ने एलियन अधिनियम पारित कर दिया, ताकि राष्ट्रपति को खतरनाक एलियंस को छोड़ दिया जा सके।
1868 – अमेरिका के राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन ने सरकारी कर्मचारियों के लिये दिन में आठ घंटे काम करने का कानून पारित किया।
1932 – भारतीय क्रिकेट टीम ने ब्रिटेन के लॉर्ड्स मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेला।
1940 – जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने पेरिस, फ्रांस में नेपोलियन की कब्र और एफिल टाॅवर देखा।
1941 – फिनलैंड ने सोवियत संघ पर हमले की घोषणा की। 
1947 – एन फ्रैंक की डायरी ऑफ ए यंग गर्ल आज ही के दिन प्रकाशित हुई थी। इसकी 3 करोड़ प्रतियां बिकी और 67 भाषाओं में अनुवादित हुई।
1950 – आजादी की लड़ाई लड़ रहे उत्तरी और दक्षिण कोरिया के बीच गृह युद्ध शुरू हो गया ।
1951 – अमेरिकी टेलीविजन एवं रेडियो नेटवर्क सीबीएस ने न्यूयार्क से चार शहरों में पहले रंगीन टीवी प्रोग्राम का प्रसारण किया।
1961 – इराक ने घोषणा की कि कुवैत इराक का हिस्सा है, कुवैत ने विरोध जताया।
1975 – इंदिरा गांधी सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली ने देश में आपातकाल की घोषणा की।
1975 – मोज़ाम्बिक देश ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, आज ही के दिन इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1977 - आपातकाल की बरसी 25 जून को 'काला दिवस' के रुप में मनाया जाता है।
1983 – भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रनों से हरा कर पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
1993 – किम कैंपबेल कनाडा की 19वीं प्रधानमंत्री बनीं।
1994 – जापान के प्रधानमंत्री सुतोमु हाता ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
1998 – माइक्रोसॉफ्ट ने ऑरेटिग सिस्टम विडोज 98 को आम लोगों के लिए पेश किया।
1998 - सं.रा. अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन 9 दिन की यात्रा पर चीन पहुँचे।
1999 - संयुक्त राज्य अमेरीका द्वारा युगोस्लावियाई राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच की गिरफ़्तारी की सूचना देने पर 50 लाख डालर के इनाम की घोषणा।
2002 - अफ़ग़ानिस्तान में नये मंत्रिमंडल ने शपथ ग्रहण किया।
2004 - रूस द्वारा भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का निर्णय।
2005 - अहमदी नेजाद ईरान के राष्ट्रपति बने।
2008 - उत्तर प्रदेश सरकार ने मकान व प्लाट की रजिस्ट्री सस्ती कर उस पर लगने वाला स्टाम्प शुल्क 8% से घटाकर 5% कर दिया।
2014 – लुईस सुआरेज पर फीफा 2014 विश्वकप के दौरान विपक्षी टीम के खिलाड़ी को दांत से काटने का आरोप लगा।
2015 - प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) को लॉन्च किया गया।
2017- श्रीकान्त ने ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज़ का ख़िताब जीता।
2019 - अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने औपचारिक रूप से ओलंपिक खेलों को पुनर्जीवित करने के ठीक 125 वर्ष बाद स्विट्जरलैंड में नया मुख्यालय खोला।
2019 - वेयिल मरंगल(ट्रीज़ अंडर द सन) शंघाई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में 'उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धि ’पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।
2020 - कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए अटारी बाघा बोर्डर बंद करने से पाकिस्तान में फसे 748 भारतीयों में से 250 भारतीय वापिस लौटे।
2020 - वज्रपात से ( आकाशीय बिजली गिरने से ) बिहार में 92 और उत्तर प्रदेश में 28 लोगों की मोत हुई । वज्रपात से अब तक एक दिन में इतनी मौत कभी नहीं हुई।
2021 - डीआरडीओ ने स्वदेश में विकसित पिनाक रॉकेट के नये संस्करण व 122 मिमी कैलिबर रॉकेट के उन्नत संस्करण का ओडिसा के चांदीपुर से सफल परीक्षण किया।
2021 - हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक अखबार द् ऐप्‍पल डेली का प्रकाशन बंद हो गया(24 को अन्तिम प्रकाशन हुआ)।
2021 - मेक्सिको में ड्रग माफियाओं के बीच हुई गोलीबारी में 18 लोग मारे गए।
2022 - अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बंदूक हिंसा रोधी विधेयक पर हस्ताक्षर किए।
2022 - राष्ट्रीय महिला आयोग ने मानव तस्करी विरोधी जागरूकता पर संगोष्ठी का आयोजन किया।
2023 - 24 वें राष्ट्रीय निरंतारा कलेमने महोत्सव की शुरुआत कुमार परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर (केपीएसी), मैसूरु से हुई।
2023 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने मिस्र का सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द नाइल' से सम्मानित किया।
2023 - ग्रीक मतदाताओं ने काइरियाकोस मित्सोताकिस की न्यू डेमोक्रेसी पार्टी को भारी मतों से पुनः चुना।
2024 - MP में सरकार  मंत्रियों का टैक्स नहीं भरेगी, मोहन सरकार ने 52 साल बाद नियम बदला।
2024 - केन्या में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में आग लगा दी , गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हुई।
2024 -  पेपर लीक में दोषी पाए गए तो उम्रकैद और एक करोड़ का जुर्माना , योगी सरकार ने अध्यादेश को मंजूरी दी।

 

25 जून को जन्मे व्यक्ति

 

1900 - लॉर्डमाउंटबेटन - ब्रिटिश राजनेता, नौसेना प्रमुख और भारत के अन्तिम वाइसराय।
1903 - चन्द्रशेखर पाण्डे - प्रसिद्ध साहित्यकारों में से एक।
1908 - सुचेता कृपलानी - उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री थीं।
1924 - मदन मोहन - बॉलीवुड फ़िल्म संगीत निर्देशक।
1931 – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्म।
1945 - गायिका प्लेबैक सिंगर शारदा का जन्म तमिलनाडु को हुआ।
1957 - गोपाल प्रसाद दुबे - सरायकेला छऊ नृत्य के पद्म श्री सम्मानित अग्रणी नर्तक।
1961 - सतीश शाह - भारत के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता हैं।
1966 - एम० वी० वी० सत्यनारायण- लोकसभा के सदस्य बने (2019)।
1974 – बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्री करिश्‍मा कपूर का जन्‍म।
1975 - मनोज कुमार पांडेय - परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक।
1985 - काजल अग्रवाल -भारतीय अभिनेत्री।
1986 - सुधा सिंह भारत की अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित एक खिलाड़ी। 

 

25 जून को हुए निधन

 

1950 - स्वामी सहजानंद सरस्वती - भारत के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी।
2009 - शिवचरण माथुर - राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ।
2009 – म्यूजिक और डांस की नई परिभाषा लिखने वाले माइकल जैक्‍सन का निधन हुआ।
2019 - भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रनंद गिरि महाराज (87) अपने निवास राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हो गए। 
2019 - गोवा की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानी मोहन रानाडे का निधन।
2020 - वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन करने वाले , वीर चक्र से सम्मानित स्क्वाड्रन लीडर (सेवानिवृत्त) परवेज रुस्तम जामसजी का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन बी. गुडएनफ (100) का निधन हुआ।
2023 - जर्मन घुड़सवार विल्हेम बुसिंग (102) का निधन हुआ।
2024 - अमेरिकी अभिनेता बिल कॉब्स (90) का निधन हुआ।

 

25 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

 

  • श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जयन्ती।
  • श्रीमती सुचेता कृपलानी जयन्ती।
  • कैप्टन मनोज कुमार पांडेय जयन्ती (परमवीर चक्र सम्मानित)।
  • श्री शिवचरण माथुर स्मृति दिवस।
  • श्री परवेज रुस्तम जामसजी स्मृति दिवस (वीर चक्र सम्मानित)।
  • अंतरराष्ट्रीय नाविक दिवस।
  • विश्व विटिलिगो दिवस (World Vitiligo Day)।

 

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   यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारत ने फिर खोले दरवाजे

नई दिल्ली/ढाका, एजेंसियां।  भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा सेवा दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। 28 जून से बांग्लादेश के नागरिक एक बार फिर भारत आने के लिए टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह घोषणा बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका स्थित भारतीय वीजा केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। इस फैसले को दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।   दो साल बाद फिर मिलेगी पर्यटक वीजा सुविधा भारत ने अगस्त 2024 में बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद उत्पन्न राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के चलते बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा जारी करना बंद कर दिया था। उस दौरान केवल चिकित्सा (मेडिकल) और व्यापार (बिजनेस) वीजा ही जारी किए जा रहे थे। अब लगभग दो वर्ष बाद पर्यटक वीजा सेवा बहाल होने से दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही फिर से आसान होगी।   चार प्रमुख केंद्रों से मिलेगा वीजा भारतीय उच्चायुक्त ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक ढाका, राजशाही, चटगांव और खुलना स्थित भारतीय वीजा आवेदन केंद्रों के माध्यम से पर्यटक वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बेनापोल सीमा मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा और दोनों देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।   रिश्तों में सुधार की दिशा में अहम पहल दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से शिष्टाचार मुलाकात भी की थी। इसके बाद वीजा सेवा बहाल करने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच लोगों का आवागमन महत्वपूर्ण है।   गौरतलब है कि दिनेश त्रिवेदी अप्रैल 2026 में बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त नियुक्त किए गए थे। उनके कार्यभार संभालने के बाद यह पहला बड़ा कूटनीतिक फैसला माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि पर्यटक वीजा सेवा दोबारा शुरू होने से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलेगी तथा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Champat Rai Anil Mishra

राम मंदिर दान विवाद में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

Passport

1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा

Ketan Agrawal Murder

पुणे मर्डर केस: 'अगर मेरी बेटी दोषी है तो उसे भी सख्त सजा मिले', सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान

Bengal Assembly UCC
पश्चिम बंगाल में UCC बिल लाने की तैयारी, सोमवार को विधानसभा में हो सकता है पेश

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार आगामी सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद विधेयक का मसौदा सभी विधायकों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।   विधानसभा में होगी अहम चर्चा   सूत्रों का कहना है कि सरकार विधेयक पेश करने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा कराना चाहती है। इसे मौजूदा विधानसभा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव माना जा रहा है।   विपक्ष ने जताई आपत्ति   विपक्षी दलों ने प्रस्तावित विधेयक को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण कानून पर सभी पक्षों से व्यापक चर्चा और परामर्श होना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि यह कदम समान कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाया जा रहा है।   राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल   UCC विधेयक की संभावित पेशी को लेकर राज्य की राजनीति गर्मा गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। साथ ही इसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।   पूरे देश की नजर बंगाल विधानसभा पर   यदि यह विधेयक विधानसभा में पेश होता है, तो पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां समान नागरिक संहिता को लेकर विधायी पहल की जा रही है। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली बंगाल विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी है।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Police arrest Kalicharan Banerjee, former OSD to ex-Kolkata Mayor Firhad Hakim, in connection with the Taratala warehouse shed collapse investigation.

तारातला हादसा: पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व OSD कालीचरण बनर्जी गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूछताछ

Senior IPS officer Mahesh Dixit appointed as the new Director of India's Intelligence Bureau (IB).

डॉक्टर से IPS और अब IB चीफ: कौन हैं महेश दीक्षित, जिन्हें मिली देश की सबसे अहम जिम्मेदारी?

Nihang Sikhs gather at the Uttarakhand–Himachal Pradesh border before returning after successful talks with the state administration.

उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर खत्म हुआ निहंग सिखों और प्रशासन का गतिरोध, कई घंटे की वार्ता के बाद बनी सहमति

Father of accused Siya Goyal says she should receive the strictest punishment if found guilty in the Ketan Agrawal murder case.
पुणे मर्डर केस: 'अगर बेटी दोषी है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले', सिया गोयल के पिता का भावुक बयान

  पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने अपनी बेटी को लेकर भावुक लेकिन सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि अदालत में सिया के खिलाफ हत्या के आरोप साबित हो जाते हैं, तो उसे कानून के अनुसार सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक पिता होने के बावजूद वह न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की रियायत नहीं चाहते। 'अब भी यकीन नहीं कि मेरी बेटी ऐसा कर सकती है' समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्रवीण गोयल ने कहा कि उन्हें आज भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी बेटी ऐसा अपराध कर सकती है। उन्होंने बताया कि सिया की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद उन्हें गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा, "मेरी बेटी ने कभी मुझसे झूठ नहीं बोला। वह हमेशा सही रास्ते पर चली। इसलिए उस पर लगे आरोपों पर यकीन करना मेरे लिए बेहद मुश्किल है।" 'दोषी साबित हुई तो सबसे कड़ी सजा मिले' प्रवीण गोयल ने कहा कि अगर अदालत में सिया के खिलाफ सभी आरोप साबित हो जाते हैं, तो उसे बिना किसी रियायत के कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "एक पिता होने के बावजूद मैं न्याय के रास्ते में नहीं आऊंगा। अगर मेरी बेटी दोषी है तो उसे वही सजा मिलनी चाहिए जिसकी वह हकदार है।" भावुक होकर कही बड़ी बात बातचीत के दौरान प्रवीण गोयल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यदि सिया दोषी साबित होती है तो उसे उसी लोहागढ़ किले पर ले जाकर उसी जगह से धक्का दे देना चाहिए, जहां से पुलिस के अनुसार केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दिया गया था। यह उनके भावनात्मक बयान का हिस्सा था। अंतिम फैसला अदालत और भारतीय कानून के अनुसार ही होगा। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले पर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने केतन को किले के एक सुनसान हिस्से में ले जाकर खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि मामले की जांच जारी है।  

Deepshikha जून 26, 2026 0
Uttar Pradesh Police arrest eight accused in Ayodhya Ram Temple donation mismanagement case following an SIT investigation.

राम मंदिर दान चोरी मामला: FIR दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर 8 आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच के बाद बड़ी कार्रवाई

Prime Minister Narendra Modi to visit Seychelles for a three-day state visit and attend the National Day Golden Jubilee celebrations.

PM Modi Seychelles Visit: 27 जून से सेशेल्स दौरे पर रहेंगे प्रधानमंत्री मोदी, हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत

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anjali kumari जून 24, 2026 0

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