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Fuel Prices Show Mixed Trend

6 मई 2026: पेट्रोल-डीजल के दामों में मिला-जुला असर, कहीं राहत तो कहीं बढ़ोतरी

surbhi मई 6, 2026 0
Fuel station display showing petrol and diesel prices fluctuating across Indian cities on May 6 2026
Petrol Diesel Price Update May 6

देशभर में 6 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हलचल देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां कुछ शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं कई जगहों पर मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है।

बड़े शहरों में क्या है हाल?

देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि New Delhi में भी कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
इसी तरह डीजल के दाम भी मुंबई में 90.03 रुपये और दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं।

यूपी, बिहार और झारखंड में बदलाव

पूर्वी और उत्तरी राज्यों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला:

  • Gaya में पेट्रोल 50 पैसे बढ़कर 106.44 रुपये हो गया
  • Noida में पेट्रोल 13 पैसे सस्ता हुआ
  • Dhanbad में पेट्रोल 30 पैसे घटा
  • Patna में पेट्रोल 8 पैसे बढ़ा

डीजल की बात करें तो:

  • पटना में 7 पैसे की बढ़त
  • मुजफ्फरपुर में 8 पैसे की गिरावट
  • जमशेदपुर में 23 पैसे महंगा
  • धनबाद में 31 पैसे सस्ता हुआ

प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा भाव (₹/लीटर)

  • लखनऊ – 94.69
  • नोएडा – 94.77
  • गया – 106.44
  • पटना – 105.42
  • भागलपुर – 106.27
  • मुजफ्फरपुर – 105.98
  • धनबाद – 97.87
  • रांची – 97.86
  • देवघर – 97.68
  • जमशेदपुर – 98.03
  • मुंबई – 103.54
  • नई दिल्ली – 94.77
  • कोलकाता – 105.45
  • चेन्नई – 100.84
  • भोपाल – 106.52
  • गुरुग्राम – 95.51
  • बेंगलुरु – 102.92

प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा भाव (₹/लीटर)

  • लखनऊ – 87.81
  • नोएडा – 87.89
  • गया – 92.63
  • पटना – 91.67
  • भागलपुर – 92.44
  • मुजफ्फरपुर – 92.17
  • धनबाद – 92.62
  • रांची – 92.62
  • देवघर – 92.39
  • जमशेदपुर – 92.78
  • मुंबई – 90.03
  • नई दिल्ली – 87.67
  • कोलकाता – 92.02
  • चेन्नई – 92.39
  • भोपाल – 91.89
  • गुरुग्राम – 87.98
  • बेंगलुरु – 90.99

क्या है बदलाव की वजह?

विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा विनिमय दर (रुपया बनाम डॉलर) सीधे तौर पर घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा राज्यों के टैक्स स्ट्रक्चर के कारण भी अलग-अलग शहरों में दामों में अंतर देखने को मिलता है।

आगे क्या उम्मीद?

आने वाले दिनों में अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता रहती है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें संतुलित रह सकती हैं। हालांकि, छोटे स्तर पर उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Dhurandhar Controversy
धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद, बोलीं- पाकिस्तान की नागरिकता ले लो

मुंबई, एजेंसियां। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की। साथ ही एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि फिल्म में मुसलमानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। दरअसल, शमा ने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर देखी और उन्हें इसका डायरेक्शन, स्क्रिप्ट और एक्टिंग काफी पसंद आई। उन्होंने एक्टर रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म में पुराने हिंदी गानों को सीन्स से जोड़ने का तरीका शानदार था। यूजर ने फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा मूवी शमा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने कहा, ‘तुम यह कैसे पोस्ट कर सकती हो? इस प्रोपेगेंडा फिल्म में मुसलमानों को गलत तरीके से दिखाया गया है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए।’ इस पर शमा ने जवाब देते हुए कहा, ‘इस फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया गया, बल्कि पाकिस्तानियों को गलत दिखाया गया है। दोनों को एक जैसा बताना गलत है। तुम्हारे जैसे लोग भारत में मुसलमानों की इमेज खराब करते हैं। अगर तुम्हें भारत से इतनी दिक्कत है, तो तुम पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो।’   धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,792 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,141 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,365 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 426 करोड़ रुपए की कमाई की है।

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पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है. प्रधानमंत्री Narendra Modi के 9 मई के दौरे और Brigade Parade Ground में होने वाले भव्य समारोह को देखते हुए Kolkata Police ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. 16 घंटे तक भारी वाहनों पर रोक कोलकाता पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक शहर में भारी और मालवाहक वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी. हालांकि एलपीजी, ऑक्सीजन, दूध, दवा, फल-सब्जी और मछली जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है. कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट ब्रिगेड परेड ग्राउंड और Victoria Memorial के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इस वजह से कई अहम मार्गों पर ट्रैफिक बंद या डायवर्ट रहेगा. इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा: एस्प्लेनेड खिदिरपुर रोड हॉस्पिटल रोड क्वींसवे एजेसी बोस रोड कैथेड्रल रोड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इन रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें. नो-पार्किंग जोन घोषित विक्टोरिया मेमोरियल और ब्रिगेड ग्राउंड के आसपास कई इलाकों को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है. नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी. बस और ट्राम सेवाएं भी प्रभावित मध्य कोलकाता और ब्रिगेड इलाके की ओर जाने वाली कई बस और ट्राम सेवाओं के रूट बदले जा सकते हैं. यात्रियों को देरी और ट्रैफिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है. पुलिस ने लोगों को मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने की सलाह दी है. 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना प्रशासन को उम्मीद है कि शपथ ग्रहण समारोह में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं. इसे देखते हुए शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है. करीब 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और स्नाइपर्स के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है. ब्रिगेड ग्राउंड बना ‘नो-फ्लाई जोन’ सुरक्षा कारणों से ब्रिगेड परेड ग्राउंड को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है. निजी ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. नागरिकों के लिए पुलिस की अपील कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें. रियल-टाइम जानकारी के लिए पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखने की सलाह दी गई है.  

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WBBSE Madhyamik 10th Result 2026
WBBSE Madhyamik 10th Result 2026: पश्चिम बंगाल बोर्ड ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट, 86.83% छात्र सफल

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) ने आखिरकार माध्यमिक परीक्षा 2026 यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अहम रहा। बोर्ड ने सुबह 9:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रिजल्ट की घोषणा की, जबकि छात्रों के लिए ऑनलाइन रिजल्ट लिंक सुबह 10:30 बजे एक्टिव किया गया।   जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष माध्यमिक परीक्षा में करीब 9.69 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 8,14,440 छात्र सफल घोषित किए गए हैं। इस बार कुल पास प्रतिशत 86.83% रहा, जो पिछले साल 2025 के 86.56% से थोड़ा बेहतर है। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ किया गया था।   टॉपर्स ने किया शानदार प्रदर्शन इस बार उत्तर दिनाजपुर के छात्र अभिरूप भद्र ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 698 अंक यानी 99.71 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं प्रियतोष मुखर्जी 696 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर अंकन कुमार जाना और मैनाक मंडल ने जगह बनाई।   ऐसे चेक करें रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट wbresults.nic.in और wbbse.wb.gov.in पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी। रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद छात्र उसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।   डिजिलॉकर और SMS से भी मिलेगी मार्कशीट इंटरनेट की समस्या होने पर छात्र SMS के जरिए भी रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल में “WB10 रोल नंबर” टाइप कर 5676750 पर भेजना होगा। इसके अलावा डिजिलॉकर ऐप या वेबसाइट के माध्यम से भी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी मार्कशीट में नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि और विषयवार अंक जैसी जानकारियां ध्यान से जांच लें। किसी भी गलती की स्थिति में तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करें।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
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