राष्ट्रीय

HPCL Turns to Russian Oil Imports

HPCL का बड़ा फैसला: बढ़ती ऊर्जा लागत से बचने के लिए रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई

surbhi मई 13, 2026 0
HPCL oil refinery operations as India increases Russian crude imports amid rising global energy prices
HPCL Increases Russian Oil Imports

भारत की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) ने बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद में तेजी लाने का फैसला किया है, ताकि उत्पादन लागत और मुनाफे पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Vikas Kaushal ने पोस्ट-अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल में बताया कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए कंपनी अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए रूसी तेल पर अधिक निर्भर हो रही है।

मुनाफे को स्थिर रखने की रणनीति

HPCL ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के कारण लागत बढ़ रही है। ऐसे में कंपनी अपने रिफाइनिंग मार्जिन को बचाने के लिए सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रही है।

प्रबंधन के अनुसार, कंपनी ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली है। साथ ही, जुलाई महीने के लिए स्पॉट कार्गो की खरीद भी शुरू कर दी गई है।

रूस से बढ़ी खरीद, वैश्विक संकट का असर

जानकारी के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जैसे हालात ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। इसी दबाव को कम करने के लिए HPCL अब रूस से ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल खरीद रही है।

कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो घरेलू स्तर पर ईंधन कीमतों को स्थिर रखना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

वित्तीय नतीजे: मुनाफे में 20% की बढ़ोतरी

HPCL ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • शुद्ध मुनाफा: ₹4,902 करोड़
  • पिछले तिमाही में: ₹4,703 करोड़
  • EBITDA में वृद्धि: 27.9% की मजबूत बढ़त
  • कुल राजस्व: लगभग ₹1.14 लाख करोड़ (स्थिर)

कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए ₹19.25 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

ईंधन खपत पर सरकार की चिंता

कंपनी की यह रणनीति ऐसे समय में सामने आई है जब देश में ऊर्जा खपत और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की ओर से भी ईंधन की बचत और खपत कम करने की अपील की गई है।

हालांकि HPCL का कहना है कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुसार संतुलित नीति अपना रही है ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ न बढ़े।

क्या है आगे की चुनौती?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो भारत की तेल कंपनियों को सप्लाई और कीमत दोनों स्तर पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रूस जैसे स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखी जा रही है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
Pune Murder Case
पुणे मर्डर केस: रेस्क्यू टीम का बड़ा दावा, केतन का सिर बुरी तरह कुचला था,

शव देखकर भी नहीं रोई सिया पुणे, एजेंसियां। कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। लोहगढ़ किले से केतन का शव निकालने वाली रेस्क्यू टीम के सदस्य ने दावा किया है कि शव मिलने के समय जहां परिवार और अन्य लोग रो रहे थे, वहीं मंगेतर सिया गोयल पूरी तरह शांत नजर आई। इस बीच पुलिस ने सिया के माता-पिता से भी पूछताछ की है, जबकि एक दिन पहले उसके भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी।   रेस्क्यू टीम ने  क्या कहा ? रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ के अनुसार, केतन का शव गहरी खाई से बरामद किया गया था। उनके सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना सुबह करीब 10:30 बजे मिली थी। कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोपहर में शव को बाहर निकालकर एम्बुलेंस के हवाले किया गया।   जांच के दौरान पुलिस ने सिया के परिवार से भी कई महत्वपूर्ण सवाल किए हैं। साहिल गोयल ने कथित तौर पर बताया कि यदि सिया ने शादी से इनकार किया होता तो परिवार रिश्ता तोड़ देता। वहीं, पुलिस सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बीच संबंधों और कथित साजिश के पहलुओं की भी जांच कर रही है।   पुलिस के अनुसार पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने घटना से पहले और बाद की मोबाइल चैट डिलीट कर दी थी। फॉरेंसिक जांच के लिए मोबाइल फोन भेजे गए हैं ताकि हटाए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं। उधर, केतन के परिवार का कहना है कि घटना वाले दिन से ही उन्हें सिया के व्यवहार पर संदेह हो गया था। परिवार का दावा है कि सिया ने उनके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और बाद में सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उनका शक और गहरा हो गया। फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Ketan Agrawal Murder Case

पुणे केतन हत्याकांड: प्रेम संबंध, जबरन तय शादी और 2,004 कॉल; पुलिस जांच में रोज हो रहे नए खुलासे

North India Monsoon

Weather Alert: असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत में मानसून जल्द देगा दस्तक

Maharashtra TET paper leak

महाराष्ट्र TET पेपर लीक, परीक्षा से 24 घंटे पहले एग्जाम रद्द

Pune murder case
पुणे हत्याकांड: शव मिलने के बाद भी शांत रही सिया, रेस्क्यू टीम ने सुनाई पूरी घटना

पुणे, एजेंसियां। पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब रेस्क्यू टीम के एक सदस्य के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने दावा किया कि लोहागढ़ किले से केतन का शव निकालने के दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन वह अन्य लोगों की तरह भावुक या परेशान नजर नहीं आई। उन्होंने बताया कि शव के सिर पर गंभीर चोटें थीं और शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान मिले थे। पुलिस को सुबह सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया गया और दोपहर तक शव को खाई से निकालकर एम्बुलेंस के हवाले कर दिया गया।   भाई ने कहा- मना करती तो शादी रुक जाती मामले की जांच के तहत पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साहिल ने कथित तौर पर बताया कि यदि सिया ने परिवार से साफ कहा होता कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार यह रिश्ता तोड़ देता। पुलिस ने साहिल से सह-आरोपी चेतन चौधरी के साथ सिया के संबंधों को लेकर भी कई सवाल पूछे और उसके बयान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।   पहले भी हत्या की कोशिश का दावा जांच एजेंसियों का दावा है कि घटना से पहले भी केतन को लोहागढ़ किले ले जाने की कई बार कोशिश की गई थी। पुलिस के अनुसार, 31 मई और 4 जून को भी किले की यात्रा की योजना बनी थी। इतना ही नहीं, 14 जून को भी कथित तौर पर केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया। उस समय सिया ने कथित रूप से पास में सांप होने की बात कहकर मामला टाल दिया था।   फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी जांच पुलिस अब मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। फिलहाल मामले में जुटाए जा रहे साक्ष्यों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

anjali kumari जून 27, 2026 0
US President Donald Trump and Indian Prime Minister Narendra Modi during a bilateral meeting as the US announces Trump's proposed India visit to strengthen trade and strategic ties.

जल्द भारत दौरे पर आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, पीएम मोदी से मुलाकात की तैयारी; अमेरिकी विदेश मंत्री ने किया ऐलान

Encounter site in Lucknow where police killed ₹1 lakh reward criminal Sanjay, the main shooter in the Sandeep Singh builder murder case.

एक लाख का इनामी बदमाश संजय पुलिस मुठभेड़ में ढेर, बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य शूटर

Suvendu Adikari

धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लाएगी बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान

Congress MP Shashi Tharoor congratulates Lieutenant General Rajesh Pushkar on his appointment as the new General Officer Commanding-in-Chief of the Indian Army's Southern Command.
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर बने दक्षिणी कमान के नए प्रमुख, शशि थरूर बोले- परिवार और देश के लिए गर्व का क्षण

  नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय सेना की एक अहम नियुक्ति पर खुशी और गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने अपने बहनोई लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को भारतीय सेना की दक्षिणी कमान (सदर्न कमांड) का नया जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। थरूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर के भाई हैं। थरूर ने बताया कि उन्होंने फोन पर राजेश पुष्कर से बातचीत कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में राजेश पुष्कर के साथ एक पुरानी तस्वीर और एक वीडियो भी साझा किया। 1 जुलाई से संभालेंगे दक्षिणी कमान की कमान शशि थरूर ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर 1 जुलाई से भारतीय सेना की दक्षिणी कमान का नेतृत्व संभालेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की छह ऑपरेशनल कमांड में दक्षिणी कमान क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ी है और देश के कई महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है। 'उनकी सैन्य क्षमता पर पूरा भरोसा' थरूर ने कहा कि राजेश पुष्कर का सैन्य अनुभव, उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड और वर्दी के प्रति समर्पण उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह उपयुक्त बनाता है। उन्होंने लिखा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वह इस पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन सर्वोच्च पेशेवर क्षमता और सम्मान के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि एक सक्षम और समर्पित सैन्य अधिकारी का इतनी महत्वपूर्ण कमान संभालना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश के लिए भरोसे और गर्व की बात है। पिपिंग सेरेमनी की तस्वीर भी की साझा अपने पोस्ट में शशि थरूर ने एक तस्वीर साझा की, जिसे उन्होंने उस समय की बताया जब राजेश पुष्कर को मेजर जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया था। इस पिपिंग सेरेमनी में थरूर और राजेश पुष्कर की पत्नी अनु भी मौजूद थीं। ऑपरेशन सिंदूर का वीडियो भी किया साझा थरूर द्वारा साझा किए गए वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में वह अभियान को भारतीय सेना की महत्वपूर्ण सफलता बताते हैं और कहते हैं कि सेना भविष्य में भी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देशवासियों से मांगा समर्थन पोस्ट के अंत में शशि थरूर ने देशवासियों से अपील की कि वे भी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दें। उन्होंने लिखा कि वह देश की सुरक्षा और सेवा की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। पोस्ट का समापन उन्होंने "जय हिंद!" के साथ किया।  

Deepshikha जून 27, 2026 0
Bageshwar Dham chief Dhirendra Krishna Shastri reacts to the Ayodhya Ram Temple donation embezzlement case during an event in Jakarta.

'रावण ने सिर्फ माता सीता का हरण किया था, यहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था लूटी गई'... राम मंदिर दान मामले पर बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

Pune Police investigating the Ketan Agrawal murder case as forensic experts examine deleted chats and mobile phones of the accused.

2,004 कॉल, डिलीट चैट और 238 घंटे की बातचीत... केतन अग्रवाल मर्डर केस में डिजिटल सबूतों से बड़े खुलासे

Accused Siya Goyal during police investigation in the Ketan Agrawal murder case in Pune as investigators examine digital evidence and chat records.

पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, बोली- 'केतन विग पहनता था इसलिए नहीं करना चाहती थी शादी'; मोबाइल चैट ने भी खोले कई राज

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?