मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। बच्चों से मिली ख़ुशख़बरी दिन बना सकती है। कोई आपको प्यार से दूर नहीं कर सकता है। कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में तरक़्क़ी मिलेगी। जरुरी कामों को समय न देना और फिजूल के कामों पर वक्त जाया करना आज आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है।
उपाय :- पीले सूरजमुखी के पौधे घर में लगाने से नौकरी व बिज़नेस में तरक्की होगी।
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। दोस्त और जीवनासाथी आराम तथा ख़ुशी देंगे, नहीं तो बाक़ी दिन उबाऊ और नीरस गुज़रेगा। अचानक हुई रोमांटिक मुलाक़ात आपके लिए उलझन पैदा कर सकती है। लंबित व्यावसायिक योजनाएँ शुरू होंगी। आपका व्यक्तित्व और लोगों से थोड़ा अलग है आप अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। आज आपको अपने लिए वक्त तो मिलेगा लेकिन ऑफिस की कोई समस्या आपको सताती रहेगी। रोमानी नज़रिए से वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा दिन है।
उपाय :- एकमुखी रुद्राक्ष को सफेद धागे में धारण करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। ऐसा लगता है आप जानते हैं कि लोग आपसे क्या चाहते हैं- लेकिन आज अपने ख़र्चों को बहुत ज़्यादा बढ़ाने से बचें। यह वक़्त इस बात को समझने का है कि ग़ुस्सा छोटा-पागलपन है और यह आपको बारी नुक़सान की तरफ़ धकेल सकता है। आज आपकी कोई बुरी आदत आपके प्रेमी को बुरी लग सकती है और वो आपसे नाराज हो सकते हैं। दफ़्तर में स्नेह का माहौल बना रहेगा। आज का दिन फ़ायदेमंद साबित होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि चीज़ें आपके पक्ष में जाएंगी और आप हर काम में अव्वल रहेंगे। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर आप चिंतित रह सकते हैं।
उपाय :- किसी भी मंगल कार्य विवाह आदि में रंग में भंग डालना, सीधे ही शुक्र को कमजोर करता है, इसलिए अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए ऐसे कार्यों से बचें।
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।अवांछित विचार दिमाग़ में छा सकते हैं। ख़ुद को शारीरिक व्यायाम का मज़ा लेने दें, क्योंकि खाली दिमाग़ शैतान का घर होता है। जिन लोगों ने जमीन खरीदी थी और अब उसे बेचना चाहते हैं उन्हें आज कोई अच्छा खरीदार मिल सकता है और जमीन बेचकर उन्हें अच्छा धन लाभ हो सकता है। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। लम्बे वक़्त से लटकी हुई दिक़्क़तों को जल्द ही हल करने की ज़रूरत है और आप जानते हैं कि आपको कहीं-न-कहीं से शुरुआत करनी होगी- इसलिए सकारात्मक सोचें और आज से ही प्रयास शुरू करें। आप महसूस करेंगे कि शादीशुदा ज़िन्दगी आपके लिए वाक़ई ख़ुशनसीबी लेकर आई है।
उपाय :- गरीब कन्याओं में सुंगंधित सफेद मिठाई बाँटने से स्वास्थ्य बेहतर होगा।
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। आज के दिन आपको शराब जैसे मादक तरल का सेवन नहीं करना चाहिए, नशे की हालत में आप कोई कीमती सामान खो सकते हैं। घर में कुछ बदलाव आपको काफ़ी भावुक बना सकते हैं, लेकिन आप अपनी भावनाएँ उनके सामने ज़ाहिर करने में क़ामयाब रहेंगे जो आपके लिए ख़ास हैं। रोमांस के लिहाज़ से रोमांचक दिन है। शाम के लिए कोई ख़ास योजना बनाएँ और जितना हो सके, इसे उतना रुमानी बनाने की कोशिश करें। कामकाज के मोर्चे पर आज का दिन काफ़ी अच्छा रहने वाला है। आज खाली वक्त का सही उपयोग करने के लिए आप अपने पुराने मित्रों से मिलने का प्लान बना सकते हैं। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।
उपाय :- चावल या चाँदी माता से लेकर अपने पास रखना आर्थिक उन्नति में सहायक होगा।
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।आज का दिन मौज-मस्ती और आनन्द से भरा रहेगा- क्योंकि आप ज़िन्दगी को पूरी तरह जिएंगे। लम्बे अरसे को मद्देनज़र रखते हुए निवेश करें। कुछ दिनों से आपका व्यक्तिगत जीवन ही आपके ध्यान का केंद्र रहा है। लेकिन आज आप सामाजिक कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देंगे और ज़रूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करेंगे। बीते दिनों की मीठी यादें आपको व्यस्त रखेंगी। करिअर में तरक़्क़ी के लिए नयी क्षमताएँ विकसित करना और नयी तकनीकें सीखना महत्वपूर्ण रहेगा। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। वैवाहिक जीवन के उजले पहलू का अनुभव करने के लिए अच्छा दिन है।
उपाय :- पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने से धन की स्थिति अच्छी रहेगी।
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। उधार मांगने वाले लोगों को नज़रअन्दाज़ करें। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। आपको उदार और स्नेह से भरे प्यार का तोहफ़ा मिल सकता है। अपने साथी को यूँ ही हमेशा के लिए मिला न मानें। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।
उपाय :- किसी सुपात्र व्यक्ति को पुस्तक या पठन सामग्री देना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है।
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा। आपके घर वाले आपकी कोशिशों और समर्पण को सराहेंगे। यह दिन प्रसन्नता और ज़िन्दादिली के साथ किसी ख़ास संदेश को भी देगा । पेशेवर तौर पर अपने अच्छे काम की पहचान आपको मिल सकती है। उन चीजों को दोहराना जिनका अब आपके जीवन में कोई महत्व नहीं है, आपके लिए ठीक नहीं है। ऐसा करके आप अपना वक्त ही बर्बाद करेंगे और कुछ नहीं। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा।
उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की के लिए सुबह घर के प्रवेश द्वार को जल से साफ़ करें।
धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। फ़ौरी तौर पर मज़े लेने की अपनी प्रवृत्ति पर क़ाबू रखें और मनोरंजन पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। आपकी परेशानी आपके लिए ख़ासी बड़ी हो सकती है, लेकिन आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। शायद उन्हें लगता हो कि इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। आज आपकी मुस्कान बेमानी है, हँसी में वो खनक नहीं है, दिल धड़कने में आनाकानी कर रहा है; क्योंकि आप किसी ख़ास के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं। आज किए गए निवेश काफ़ी फ़ायदेमन्द साबित होंगे, लेकिन आपको भागीदारों से विरोध का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुक्सान होगा। आपके लिए यह ख़ूबसूरत रोमानी दिन रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए पत्नी का मान-सम्मान व आदर करें।
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।योग और ध्यान आपको बेडौल होने से बचाने और मानसिक तौर पर सेहतमंद रखने में मददगार साबित होंगे। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ बाहर खाना या फ़िल्म देखना आपको सुकून देगा और ख़ुशमिज़ाज बनाए रखेगा। दिन को ख़ास बनाने के लिए स्नेह और उदारता के छोटे-छोटे तोहफ़े लोगों को दें। नयी साझीदारी आज के दिन फलदायी रहेगी। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है – जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा – लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा।
उपाय :- दूध से भरा बर्तन सिरहाने रखें और सुबह घर से बाहर किसी नज़दीक वृक्ष में डालने से हेल्थ अच्छी होगी।
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।बहुत ज़्यादा रोमांच और दीवानगी की ऊँचाई आपके तंत्रिका-तंत्र को नुक़सान पहुँचा सकती है। इन दिक़्क़तों से बचने के लिए अपने जज़्बात क़ाबू में रखें। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। आप आज प्रेमपूर्ण मनोभाव में होंगे, इसलिए अपने प्रिय के साथ कुछ अच्छा समय बिताने की योजना बनाएँ। काम में धीमी प्रगति हल्का-सा मानसिक तनाव दे सकती है। आज आप व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अपने लिए समय निकाल पाने में समर्थ होंगे और इस खाली समय में अपने परिवार वालों के साथ गुफ्तगू कर सकते हैं। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं।
उपाय :- बड़े भाई के पैर छूकर आशीर्वाद लेने से नौकरी/बिज़नेस में तरक्की देगा।
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।नर्वस ब्रेकडाउन आपकी सोचने की ताक़त और शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर बना सकता है। सकारात्मक सोच के ज़रिए इस समस्या से निजात पाएँ। धन की आवाजाही आज दिन भर होती रहेगी और दिन ढलने के बाद आप बचत करने में भी सक्षम हो पाएंगे। घर में साफ़-सफ़ाई की ज़रूरत तुरंत है। हमेशा की तरह इस काम को अगली बार के लिए न टालें और कमर कस कर जुट जाएँ। आप साथ में कहीं घूमने-फिरने जाकर अपने प्रेम-जीवन में नयी ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। नए ग्राहकों से बात करने के लिए बेहतरीन दिन है। आज आपको अपनेे ससुराल पक्ष से कोई बुरी खबर मिल सकती है जिसके कारण आपका मन दुखी हो सकता है और आप काफी समय सोच विचार करने में गंवा सकते हैं। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है।
उपाय :- अच्छी सेहत के लिए सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करें।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, DA में 20% बढ़ोतरी; 1 अक्टूबर से मिलेगा लाभ कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया है। नई दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला कुल DA 38 प्रतिशत हो जाएगा। अक्टूबर से बढ़ेगा महंगाई भत्ता राज्य सरकार के नए आदेश के मुताबिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अक्टूबर 2026 से संशोधित दर पर महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। DA में इस बढ़ोतरी से बड़ी संख्या में राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की आय में राहत देना है। नई दर लागू होने के बाद कर्मचारियों की मासिक आय में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ DA बढ़ोतरी का लाभ केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार के पात्र पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को भी संशोधित दर के अनुसार लाभ मिलेगा। हालांकि, वास्तविक अतिरिक्त राशि कर्मचारी के मूल वेतन या पेंशन के आधार पर अलग-अलग होगी। यानी हर कर्मचारी को मिलने वाली बढ़ी हुई रकम समान नहीं होगी। राज्य सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन DA बढ़ोतरी को लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इसमें नई दर और इसके लागू होने की तारीख से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। कर्मचारियों की बढ़ेगी मासिक आय नई DA दर लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते के रूप में मिलने वाली राशि बढ़ जाएगी। पेंशनभोगियों को भी संशोधित दर के अनुसार अधिक पेंशन मिलेगी। 1 अक्टूबर 2026 से 38 प्रतिशत DA लागू होने के बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति में कुछ राहत आने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ा वित्तीय लाभ माना जा रहा है।
देश के दक्षिण और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। केरल और असम में भारी बारिश तथा बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। दूसरी ओर, असम में भी कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। केरल में बाढ़ की भयावह तस्वीर केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। राज्यभर में 418 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 18,434 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ की वजह से 52 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 565 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा प्रभावित पथनमथिट्टा जिला है, जहां अकेले 133 राहत शिविरों में 6,400 से अधिक लोग रह रहे हैं। कई इलाकों में अब भी पानी नहीं उतरा है, जिससे लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने पथनमथिट्टा जिले का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को सभी आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार दे दिए गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने घोषणा की कि हर प्रभावित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 6 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, किसानों और व्यापारियों को हुए नुकसान के मुआवजे पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया जाएगा। बार-बार बाढ़ आने की वजह भी बताई मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ के बाद दीर्घकालिक समाधान पूरी तरह लागू नहीं हो पाए। लगातार बाढ़ आने से नदियों में गाद जमा होती गई, जिससे उनकी जलधारण क्षमता कम हो गई। उन्होंने नदियों की ड्रेजिंग (गाद हटाने) और बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार मौसम अचानक बिगड़ जाता है और आधिकारिक चेतावनी जारी होने से पहले ही तेज बारिश शुरू हो जाती है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। राज्य सरकार अब देश की सबसे बेहतर मौसम पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। पंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर पथनमथिट्टा जिले में पंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मूझियार बांध के जलग्रहण क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जलस्तर बढ़ने पर बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आठ जिलों में रेड अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं अलप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। कोट्टायम में घरों और दुकानों में घुसा पानी कोट्टायम जिले में लगातार बारिश के कारण कोडिमथा, थाझाथंगडी और इल्लीकल समेत कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया है। पानी घरों और दुकानों में घुस गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। खराब मौसम को देखते हुए कई शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। असम में भी बाढ़ से हालात गंभीर असम में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पांच दिवसीय दौरे पर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने शिवसागर में राहत शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिवसागर स्थित राहत शिविर में 162 परिवारों के 563 लोग रह रहे हैं। इनमें 35 बच्चे, 267 पुरुष और 261 महिलाएं शामिल हैं। मृतकों के परिजनों को 9 लाख रुपये की सहायता मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ में जान गंवाने वाले 10 लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये के चेक सौंपे। इससे पहले राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से 4-4 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी थी। इस तरह प्रत्येक प्रभावित परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। 9 अगस्त से शुरू होगा नुकसान का सर्वे असम सरकार ने घोषणा की है कि 9 अगस्त से बाढ़ प्रभावित चार जिलों में नुकसान का विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा। सर्वे के आधार पर घरों, फसलों, दुकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर और रबर की नाव से कई जलमग्न गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित लोगों तक हर जरूरी सुविधा समय पर पहुंचे। स्कूल-कॉलेज भी हुए प्रभावित बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। मुख्यमंत्री ने शिवसागर गर्ल्स कॉलेज और फुलेश्वरी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के बाढ़ प्रभावित परिसरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द शिक्षण संस्थानों में सामान्य स्थिति बहाल करने और भविष्य में जलभराव की समस्या रोकने के लिए स्थायी उपाय करने के निर्देश दिए। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक मौसम संबंधी चेतावनियों पर भरोसा करने की अपील की है।
NEET UG 2026: नीट-यूजी 2026 परीक्षा एक बार फिर विवादों में है। छह अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर OMR शीट की स्कैन कॉपी में उत्तर बदलने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने काउंसिलिंग शुरू होने से पहले मामले की जल्द सुनवाई पर सहमति जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई को दी मंजूरी प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की उस मांग को स्वीकार किया, जिसमें काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले मामले की शीघ्र सुनवाई की अपील की गई थी। क्या है छात्रों का आरोप? याचिकाकर्ता छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उन्होंने OMR शीट में जो उत्तर भरे थे, NTA की वेबसाइट पर अपलोड की गई स्कैन कॉपी में वे उत्तर अलग दिखाई दे रहे हैं। छात्रों के अनुसार: कई प्रश्नों के उत्तर बदले हुए या गलत दर्ज किए गए हैं। इससे उनके वास्तविक अंक प्रभावित हुए हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो उनकी मेरिट रैंक और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर असर पड़ सकता है। 600 से अधिक अंक पाने वाले छात्रों का दावा अदालत में छात्रों के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा में 600 से 650 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है कि OMR शीट में कथित गड़बड़ी के कारण उन्हें नुकसान हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। NTA से संपर्क के बावजूद नहीं मिला समाधान याचिका के मुताबिक, छात्रों ने OMR शीट में कथित विसंगतियों को लेकर NTA को कई ईमेल भेजे और कुछ अभ्यर्थी व्यक्तिगत रूप से एजेंसी के कार्यालय भी पहुंचे। हालांकि, उनका आरोप है कि NTA की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या समाधान नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल NEET-UG 2026 में OMR शीट और परिणामों को लेकर इससे पहले भी कई कानूनी विवाद सामने आ चुके हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट, झारखंड हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी अभ्यर्थियों ने OMR शीट और घोषित अंकों में अंतर का आरोप लगाते हुए याचिकाएं दायर की थीं। पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा गौरतलब है कि NEET-UG 2026 की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। अब OMR शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है।