मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।अपने विचारों को सकारात्मक रखें, क्योंकि आपको ‘डर’ नाम के दानव का सामना करना पड़ सकता है। नहीं तो आप निष्क्रिय होकर इसका शिकार हो सकते हैं। हालाँकि धन आपकी मुट्ठियों से आसानी से सरक जाएगा, लेकिन आपके अच्छे सितारे तंगी नहीं आने देंगे। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। रोमांस के नज़रिए से आज ज़िन्दगी बहुत जटिल रहेगी। आज आपका कोई छुपा विरोधी आपको ग़लत साबित करने की पुरज़ोर कोशिश करेगा। अगर आप यात्रा कर रहें है तो सभी ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखना न भूलें। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का मौक़ा दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है।
उपाय :- सूर्य अनुशासन प्रिय ग्रह है, इसलिए यथासंभव अनुशासित जीवन जीने से फैमिली लाइफ अच्छी रहेगी।
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। व्यापार में आज अच्छा खास मुनाफा होने की संभावना है। आज के दिन आप अपने बिजनेस को नई ऊंचाईयां दे सकते हैं। अपने मित्रों के माध्यम से आपका ख़ास लोगों से परिचय होगा, जो आगे चलकर फ़ायदेमंद रहेगा। आपका प्रिय दिन भर आपको याद करने में समय बिताएगा। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। आज खाली वक्त्त किसी बेकार के काम में खराब हो सकता है। जीवनसाथी की वजह से आपको महसूस होगा कि उनके लिए दुनिया में आप ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।
उपाय :- हरे रंग की कांच की बोतल में जल भरकर धूप में रखें व उस जल का सेवन करने से फैमिली लाइफ में खुशियाँ बढ़ती हैं।
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। दोस्त शाम के लिए कोई बढ़िया योजना बनाकर आपका दिन ख़ुशनुमा कर देंगे। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। दफ़्तर में आप तारीफ़ पाएंगे। दिक़्क़तों का तेज़ी से मुक़ाबला करने की आपकी क्षमता आपको ख़ास पहचान दिलाएगी। जीवनसाथी के साथ कुछ तनातनी मुमकिन है, लेकिन शाम के खाने के साथ चीज़ें भी सुलझ जाएंगी।
उपाय :- गरीब छात्रों की पढ़ाई में सहायता करने से बुध ग्रह प्रसन्न होगा व प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।आपकी सकारात्मक सोच पुरस्कृत होगी, क्योंकि आप अपनी कोशिशों में क़ामयाबी पा सकते हैं। अपने ख़र्चों पर क़ाबू रखें और आज हाथ खोलकर व्यय करने से बचें। सामाजिक समारोह में परिवार के साथ शामिल होना सबके लिए अच्छा अनुभव रहेगा। आज प्यार के मामले में सामाजिक बंधन तोड़ने से बचें। अपना बायोडाटा भेजने या किसी इंटरव्यू में जाने के लिए अच्छा समय है। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। ख़र्चों को लेकर जीवनसाथी से तनातनी संभव है।
उपाय :- काले-सफेद कुत्ते को दूध-रोटी खिलाने से प्रेम सम्बन्ध बेहतर होंगे।
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।उम्रदराज़ लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने की ज़रूरत है। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। यह उन उम्दा दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। आज आपको अपनेे ससुराल पक्ष से कोई बुरी खबर मिल सकती है जिसके कारण आपका मन दुखी हो सकता है और आप काफी समय सोच विचार करने में गंवा सकते हैं। मुमकिन है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं।
उपाय :- भगवान में विश्वास रखें और मानसिक हिंसा से बचें, इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा।
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।अपने विचार व्यक्त करने में हिचकिचाएँ नहीं। आत्मविश्वास की कमी को ख़ुद पर हावी न होने दें, क्योंकि यह सिर्फ़ आपकी समस्या को और जटिल बनाएगा, साथ ही आपकी तरक़्क़ी में भी रोड़ा अटकाएगा। अपना आत्मविश्वास फिर से हासिल करने के लिए अपनी बात खुल कर कहें और परेशानियों का सामना होठों पर मुस्कुराहट के साथ करें। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। लोग आपको आशाएँ और सपने देंगे, लेकिन असल में सारा दारोमदार आपके प्रयासों पर रहेगा। एक बार आप अपने हमक़दम को हासिल कर लें, तो ज़िन्दगी में किसी और की ज़रूरत नहीं होती। इस बात को आज आप गहराई से महसूस करेंगे। लगता है कि आपके विरष्ठ आज देवदूतों जैसा व्यवहार करने वाले हैं। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। अगर थोड़ी-सी कोशिश की जाए तो जीवनसाथी के साथ आज का दिन आपकी ज़िन्दगी के सबसे रोमानी दिनों में से एक हो सकता है।
उपाय :- घर में लोबान की धूप जलाना पारिवारिक सुख के लिए अच्छा रहेगा।
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। ख़ास तौर पर माइग्रेन के मरीज़ों को समय पर खाना नहीं छोड़ना चाहिए, नहीं तो उन्हें व्यर्थ में भावनात्मक तनाव से गुज़रना पड़ सकता है। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। आपके ईमानदार और ज़िंदादिल प्यार में जादू करने की ताक़त है। जब तक आपको तसल्ली न हो जाए कि सारा काम पूरा हो चुका है, दस्तावेज़ अपने वरिष्ठ को न दें। बेवजह की उलझनों से दूर होकर आज आप किसी मंदिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थल पर अपना खाली समय बिता सकते हैं। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी।
उपाय :- सोते समय एक तांबे के पात्र में जल रखकर अगली सुबह घर के पास वाले पेड़ की जड़ में उस जल को डालने से सेहत अच्छी रहेगी।
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरा दिन नहीं है और आप छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाएंगे। नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा। आज आप जहाँ भी जाएंगे, लोगों के बीच आप सबके ध्यान का केंद्र बने रहेंगे। ज़िंदगी में एक नया मोड़ आ सकता है, जो प्यार और रोमांस को नयी दिशा देगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रतिद्वन्द्वियों को अपने ग़लत कामों का फल मिलेगा। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं।
उपाय :- तांबे का कड़ा धारण करने से स्वास्थ्य बना रहेगा।
धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. घर में कुछ बदलाव लाने के लिए पहले बाक़ी लोगों की राय भली-भांति जान लें। अगर आपको लगता है कि आपका लवमेट आपकी बातों को समझ नहीं पाता तो आज उनके साथ वक्त बिताएं और अपनी बातों को स्पष्टता के साथ उनके सामने रखें। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। जीवनसाथी से आपको अपने दिल की सारी बातें करने का भरपूर समय मिलेगा।
उपाय :- घर में फटे-पुरानी पुस्तकें या धार्मिक ग्रंथों को न रखने से फैमिली लाइफ अच्छी चलेगी।
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।ध्यान और योग न केवल आध्यात्मिक तौर पर, बल्कि शारीरिक तौर पर भी आपके लिए फ़ायदेमन्द साबित होंगे। आप ख़ुद को नए रोमांचक हालात में पाएंगे- जो आपको आर्थिक फ़ायदा पहुँचाएंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लुत्फ़ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। अपने दोस्त से बहुत लम्बे समय बाद मिलने का ख़याल आपके दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। आप जो भी करेंगे, बिल्कुल बेहतर ढंग से करेंगे। आपका लाजवाब काम ख़ुद ही आपकी असली क़ीमत लोगों को बताएगा। आपका व्यक्तित्व और लोगों से थोड़ा अलग है आप अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। आज आपको अपने लिए वक्त तो मिलेगा लेकिन ऑफिस की कोई समस्या आपको सताती रहेगी। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है।
उपाय :- हरे रंग के वस्त्र अधिक पहने इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।अपनी सेहत को ध्यान में रखकर चीखने-चिल्लाने से बचें। आर्थिक समस्याओं ने रचनात्मक सोचने की आपकी क्षमता को बेकार कर दिया है। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। प्यार-मोहब्बत की नज़रिए से बेहतरीन दिन है। प्यार का मज़ा चखते रहें। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। आज कुछ नया और सृजनात्मक करने के लिए अच्छा दिन है। आँखें दिल की बातें बयान कर देती हैं। यह दिन अपने जीवनसाथी के साथ इसी भाषा में बात करने के लिए है।
उपाय :- अपने इष्टदेव को पूजा में लाल सिंदूर अर्पित करने से हेल्थ अच्छी रहेगी।
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।इच्छाशक्ति की कमी आपको भावनात्मक और मानसिक परेशानियों में फँसा सकती है। दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। कल्पनाओं के पीछे न दौड़ें और यथार्थवादी बनें- कुछ वक़्त अपने दोस्तों के साथ गुज़ारें- क्योंकि यह आपके लिए काफ़ी अच्छा साबित होगा। प्यार का बुख़ार आपके सर पर चढ़ने के लिए तैयार है। इसका अनुभव कीजिए। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। आज आप अपने जीवनसाथी को सरप्राइज दे सकते हैं, अपने सारे कामों को छोड़कर आज आप उनके साथ वक्त बिता सकते हैं। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं।
उपाय :- भगवान में विश्वास रखें और मानसिक हिंसा से बचें, इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देने में कथित कमी को आधार बनाकर जमानत देने में कानूनी त्रुटि की थी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना आवश्यक है। हालांकि, इस मामले में ऐसा नहीं था कि सोनम रघुवंशी को गिरफ्तारी के कारण बिल्कुल नहीं बताए गए थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी न देना और दी गई जानकारी में पर्याप्त विवरण का अभाव होना, दोनों अलग-अलग कानूनी स्थितियां हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो सोनम रघुवंशी नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शादी के बाद सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी के साथ मेघालय घूमने गई थीं, जहां कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि सोनम ने तीन अन्य लोगों की मदद से हत्या की साजिश रची और शव को गहरी खाई में फेंक दिया गया। मामले में विवाद उस समय भी सामने आया था, जब गिरफ्तारी दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के स्थान पर धारा 403(1) का उल्लेख किया गया था। गौरतलब है कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम मई 2025 में मेघालय के सोहरा क्षेत्र में हनीमून के दौरान लापता हो गए थे। बाद में 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव गहरी खाई से बरामद हुआ था, जिसके बाद इस चर्चित हत्याकांड की जांच में सोनम रघुवंशी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। 20 जुलाई को दिल्ली में हुए संसद मार्च को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिस पर कल सुनवाई होगी। याचिका में मार्च के दौरान हुई घटनाओं, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मार्च के दौरान हुआ था विवाद 20 जुलाई को छात्रों और प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके साथ सख्ती बरती गई, जबकि पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए। NIA जांच की मांग क्यों उठी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मार्च के दौरान हुई घटनाओं की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है। हालांकि, NIA जांच का फैसला अदालत सुनवाई के बाद ही करेगी। हाईकोर्ट के फैसले पर नजर दिल्ली हाईकोर्ट कल इस मामले की सुनवाई करेगा। अदालत याचिका में दिए गए तथ्यों, आरोपों और जांच की आवश्यकता को देखते हुए आगे का रुख तय करेगी। अगर कोर्ट जांच के संबंध में कोई निर्देश देता है तो इससे संसद मार्च विवाद की जांच की दिशा तय हो सकती है। छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ी सियासी सरगर्मी NEET और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच यह मामला सामने आया है। संसद मार्च के बाद राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर है, जिससे यह साफ होगा कि मामले की जांच किस एजेंसी से होगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हर मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट आने के बजाय उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप यह याचिका जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों के साथ कार्रवाई को लेकर दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ सख्ती बरती गई और उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ। याचिका में अदालत से पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल दखल से किया इनकार सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि अदालत के सामने आने से पहले संबंधित कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि हर प्रशासनिक कार्रवाई को सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया उचित नहीं है। छात्र आंदोलन को लेकर पहले से जारी है विवाद NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया था। CJP आंदोलन से जुड़ा है मामला यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उससे जुड़े प्रदर्शनकारियों के आंदोलन से संबंधित बताया जा रहा है। संगठन की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के रुख पर चर्चा तेज सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जहां कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया के पालन की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं, वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों ने अदालत से अधिक संवेदनशील रुख अपनाने की उम्मीद जताई है। फिलहाल छात्र प्रदर्शन, परीक्षा सुधार और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।