राष्ट्रीय

Kharge Meets Karnataka Congress Leaders

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा फिर तेज, खरगे ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ की बैठक

surbhi मई 20, 2026 0
Congress leaders Siddaramaiah, D K Shivakumar and Mallikarjun Kharge during meeting over Karnataka leadership issue
Karnataka Congress Leadership Meeting

Karnataka में कांग्रेस नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar के बीच नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने दोनों नेताओं के साथ अहम बैठक की।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खरगे ने सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ Thiruvananthapuram से Bengaluru लौटने के बाद राज्य के ऊर्जा मंत्री K. J. George के आवास पर चर्चा की।

सत्ता संघर्ष की अटकलें फिर तेज

कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता साझाकरण और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से अटकलें लगती रही हैं। पिछले साल नवंबर में कांग्रेस सरकार के आधे कार्यकाल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई थीं।

राजनीतिक गलियारों में लगातार यह चर्चा रही है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने को लेकर अंदरखाने खींचतान जारी है।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

सूत्रों के अनुसार, केरल में नई कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से लौटने के बाद नेताओं की यह अनौपचारिक बैठक हुई। इस दौरान राज्य के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर चर्चा की गई।

बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेता नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान से स्पष्ट रुख चाहते हैं।

कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

मधुगिरी से कांग्रेस विधायक K. N. Rajanna ने भी संकेत दिया कि नेतृत्व के मुद्दे पर अनौपचारिक चर्चा हुई होगी।

उन्होंने कहा,

“खरगे, राहुल गांधी, सिद्धारमैया और शिवकुमार सभी केरल में मौजूद थे, तो फिर वहीं चर्चा क्यों नहीं हुई?”

राहुल गांधी ने भी मांगी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक Rahul Gandhi ने राज्य की राजनीतिक स्थिति और अंदरूनी समीकरणों को लेकर वरिष्ठ नेताओं, जिनमें के.जे. जॉर्ज भी शामिल हैं, से फीडबैक मांगा था।

कांग्रेस के अंदर अब पार्टी महासचिव K. C. Venugopal के अवकाश से लौटने का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दिल्ली में भी अहम बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
SBI closed 6 days
SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, तुरंत निपटा लें जरूरी काम

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। 23 से 28 मई के बीच बंद रह सकते हैं SBI बैंक 23 मई से 28 मई के बीच बैंकों में कामकाज प्रभावित होने के अलग-अलग कारण हैं। वीकेंड की छुट्टियां: 23 मई को महीने का चौथा शनिवार है और 24 मई को रविवार है। नियम के मुताबिक, देश के सभी बैंकों में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है, जिसके कारण इन दो दिनों में बैंक बंद रहेंगे। SBI स्टाफ की हड़ताल: ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी कई मांगों को लेकर 25 और 26 मई (सोमवार और मंगलवार) को देशभर में दो दिन की हड़ताल का प्रस्ताव दिया है। इससे बैंकों के कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है। बकरीद की छुट्टी: भारत के अलग-अलग राज्यों में बकरीद का त्योहार अलग-अलग दिन मनाया जाएगा, जिसके लिए RBI ने दो दिन की छुट्टियां तय की हैं। देश के अधिकांश हिस्सों में 27 मई को बकरीद के कारण SBI बंद रहेगा, जबकि कुछ हिस्सों में 28 मई को छुट्टी रहेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 27 और 28 मई दोनों दिन बैंक बंद रहेंगे। क्यों हड़ताल पर जाना चाहते हैं SBI कर्मचारी ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी 16 मांगों को लिए हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, काम करने की बेहतर स्थिति तय करने और ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई है। हड़ताल का असर क्या होगा? चूंकि यह हड़ताल 'वर्कमेन कैटेगरी' (क्लर्क और अन्य स्टाफ) की है, इसलिए चेक क्लियरिंग, कैश काउंटर और पासबुक अपडेट जैसे काम ठप रह सकते हैं। SBI कर्मचारियों की 16 प्रमुख मांगे मेसेंजर्स की नई भर्ती: बैंक में चतुर्थ श्रेणी (मेसेंजर्स) के खाली पदों पर तुरंत स्थाई भर्ती की जाए। सशस्त्र गार्डों (Armed Guards) की भर्ती: बैंक की सुरक्षा और शाखाओं की जरूरतों के लिए पर्याप्त आर्म्ड गार्ड्स नियुक्त किए जाएं। NPS में ऑप्शन की सुविधा: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को अपना 'पेंशन फंड मैनेजर' चुनने की आजादी मिले। इंटर सर्कल ट्रांसफर (ICT): 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को दूसरे सर्कल में ट्रांसफर का मौका दिया जाए। आउटसोर्सिंग पर रोक: स्थाई प्रकृति के कामों को बाहरी एजेंसियों को देना तुरंत बंद किया जाए। पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति: सभी शाखाओं में काम के बढ़ते बोझ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती हो। समानता (Parity) का मुद्दा: स्टेट बैंक में कर्मचारियों के बीच वेतन और अन्य सुविधाओं में आ रही असमानताओं को दूर किया जाए। करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा: कर्मचारियों के प्रमोशन और करियर ग्रोथ से जुड़ी मौजूदा नीतियों में सुधार हो। रिटायर्ड कर्मचारियों को लाभ: 10वें द्विपक्षीय समझौते के तहत रिटायर हुए कर्मचारियों को '8वें स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट' का लाभ दिया जाए। कंसल्टेशन चार्ज: 15 जुलाई 2024 से लागू फिजिशियन कंसल्टेशन चार्जेस की समीक्षा और उसमें सुधार। मेडिकल स्कीम में सुधार: मेडिकल रिइम्बर्समेंट स्कीम को और बेहतर और सरल बनाया जाए। पेंशन में सभी भत्ते जोड़ना: 7वें द्विपक्षीय समझौते के तहत रिटायर हुए कर्मियों की पेंशन गणना में वेतन के सभी कंपोनेंट्स को शामिल किया जाए। HRMS समस्याओं का समाधान: बैंक के एचआर सॉफ्टवेयर (HRMS) में आ रही तकनीकी दिक्कतों को स्थाई रूप से ठीक किया जाए। कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति: बैंक के बोर्ड में वर्कमेन कैटेगरी से एक निदेशक नियुक्त करने की पुरानी परंपरा बहाल हो। PF ट्रस्टी का नामांकन: प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट में कर्मचारियों के प्रतिनिधि की नियुक्ति की जाए। मिस-सेलिंग पर लगाम: 'क्रॉस-सेलिंग' (बीमा, म्यूचुअल फंड आदि बेचना) के नाम पर कर्मचारियों पर दबाव डालकर ग्राहकों को गलत प्रोडक्ट बेचने का चलन बंद हो।

Anjali Kumari मई 22, 2026 0
Subhendu Adhikari PA murder

शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड के फिर बिहार से जुड़े तार बंगाल STF ने बक्सर सेंट्रल जेल से 1 अपराधी को लिया रिमांड पर

India successfully tests Vayu Astra-1 suicide drone capable of striking targets 100 km away at high altitude

14 हजार फीट की ऊंचाई पर ‘वायु अस्त्र-1’ का कमाल, 100 KM दूर लक्ष्य तबाह करने वाला ड्रोन टेस्ट सफल

CBI investigates NEET paper leak scam linked to multiple states including Maharashtra and Rajasthan

NEET पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा, 5 राज्यों में बिका था पेपर; महाराष्ट्र सबसे बड़ा केंद्र

Heavy police deployment during anti-encroachment drive in Mumbai’s Bandra East after violent protests erupted
बांद्रा में रेलवे का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, 85% झुग्गियां हटाईं; विरोध के बीच हिंसा, 18 गिरफ्तार

Western Railway ने मुंबई के Bandra East स्थित गरीब नगर इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। रेलवे के अनुसार, अभियान का करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों के विरोध ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पर पथराव और बुलडोजर रोकने की कोशिश के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बुलडोजर रोकने की कोशिश, पुलिस पर पथराव मंगलवार को करीब 150 लोगों की भीड़ ने डिमोलिशन टीम और पुलिस पर हमला कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और सीमेंट ब्लॉक फेंककर बुलडोजर रोकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि हिंसा अचानक भड़का विरोध नहीं था, बल्कि एक “पूर्व-नियोजित साजिश” का हिस्सा प्रतीत होती है। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाने की बात कही है, जिनमें हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा भी शामिल है। रेलवे की कार्रवाई क्यों जरूरी? पश्चिम रेलवे के अनुसार, बांद्रा स्टेशन के पूर्वी हिस्से में स्थित करीब 500 अवैध संरचनाओं को हटाया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि अब तक लगभग 5,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। इस भूमि का उपयोग 5वीं और 6वीं रेल लाइन के विस्तार और Bandra Terminus के विकास के लिए किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना मुंबई की रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मस्जिद गिराने को लेकर विवाद कार्रवाई के दौरान एक स्थानीय मस्जिद को गिराए जाने का मुद्दा भी विवाद का कारण बन गया है। प्रतिवादियों के वकीलों ने दावा किया कि धार्मिक स्थल को बिना उचित दस्तावेजी प्रक्रिया के हटाया गया। उनका कहना है कि Bombay High Court के मूल आदेश में धार्मिक स्थलों को हटाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। वहीं, प्रभावित परिवारों ने ईद से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार से पहले बड़ी संख्या में परिवारों को बेघर कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर चल रही कार्रवाई रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पात्र परिवारों को पहले ही पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई 23 मई तक जारी रह सकती है। इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।  

surbhi मई 22, 2026 0
BJP leader P P Chaudhary speaks on One Nation One Election and governance reforms in India

‘एक देश, एक चुनाव’ से अर्थव्यवस्था और शासन को होगा फायदा: पीपी चौधरी

Election Commission announces Rajya Sabha Election 2026 schedule for 24 seats across 10 states

Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 18 जून को होगी वोटिंग

Pulwama attack conspirator Burhan Hamza reportedly shot dead by unidentified attackers in Pakistan occupied Kashmir

पुलवामा हमले का साजिशकर्ता बुरहान हमजा ढेर, PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

Congress MP Shashi Tharoor reacts to viral Cockroach Janata Party trend and youth political expression debate
“X अकाउंट बंद करना गलत फैसला”, Cockroach Janata Party पर बोले शशि थरूर

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई “Cockroach Janata Party (CJP)” को लेकर दिलचस्प प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक इंटरनेट ट्रेंड नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक भावनाओं की अभिव्यक्ति है। थरूर ने इस उभरते घटनाक्रम को विपक्ष के लिए भी एक बड़ा संकेत बताया। “युवाओं की आवाज दबाना ठीक नहीं” शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि केवल पांच दिनों में इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुटाना यह दिखाता है कि देश के युवा अपनी बात नए तरीकों से रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में किसी अकाउंट को बंद करना सही कदम नहीं माना जा सकता। थरूर के मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति, व्यंग्य, हास्य और गुस्से के लिए भी जगह होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि युवाओं की भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझने की जरूरत है। थरूर ने कहा कि सोशल मीडिया आज युवाओं के लिए अपनी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। “CJP अब सिर्फ इंटरनेट ट्रेंड नहीं” Cockroach Janata Party को लेकर दिए गए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि यह ट्रेंड अब सिर्फ ऑनलाइन मजाक या वायरल कंटेंट तक सीमित नहीं रह गया है। उनके अनुसार, यह मौजूदा राजनीति को लेकर युवाओं की निराशा और असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से अलग सोच रहा है और अपनी बात नए प्रतीकों और व्यंग्य के जरिए सामने ला रहा है। विपक्ष के लिए बताया बड़ा मौका थरूर ने कहा कि विपक्षी दलों को इस बदलते राजनीतिक मूड को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने माना कि युवाओं की इस ऊर्जा को मुख्यधारा की राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना जरूरी है। कांग्रेस सांसद के मुताबिक, अगर यह भावना सही दिशा में आगे बढ़ती है तो भविष्य में यह वोट और राजनीतिक भागीदारी के जरिए बदलाव की ताकत बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह आंदोलन आगे चलकर किस रूप में सामने आएगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि युवाओं में राजनीतिक असंतोष बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रही चर्चा बीते कुछ दिनों में “Cockroach Janata Party” सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। खासतौर पर युवाओं के बीच यह नाम मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक चर्चाओं के जरिए लोकप्रिय हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल ट्रेंड अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं की राजनीतिक सोच और सिस्टम के प्रति उनके नजरिए को भी दिखा रहे हैं।  

surbhi मई 22, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi chairs high-level cabinet meeting on energy security and Viksit Bharat 2047 vision

पीएम मोदी की 4 घंटे लंबी महाबैठक, एनर्जी सिक्योरिटी और ‘विकसित भारत 2047’ पर बड़ा मंथन

ED officials conduct raids in Kolkata and Murshidabad over alleged extortion racket linked to ex-IPS officer

बंगाल में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, पूर्व IPS अफसर से जुड़े कथित उगाही रैकेट की जांच तेज

Rajya Sabha election

खली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होगा मतदान

0 Comments

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?