टेक्नोलॉजी

Honor Robot Phone लॉन्च, 200MP रोबोटिक कैमरा खासियत

Honor Robot Phone लॉन्च, रोबोटिक कैमरा और 200MP सेंसर ने खींचा ध्यान

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
Honor Robot Phone का 200MP रोबोटिक गिंबल कैमरा
Honor Robot Phone लॉन्च, 200MP कैमरा और मोटराइज्ड गिंबल सिस्टम

नई दिल्ली, एजेंसियां। Honor ने 12 अगस्त 2026 को चीन में अपने बहुप्रतीक्षित HONOR Robot Phone को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया। यह स्मार्टफोन अपने अनोखे मोटराइज्ड गिंबल कैमरा सिस्टम के कारण चर्चा में है। फोन के पिछले हिस्से में लगा कैमरा जरूरत के मुताबिक बाहर निकलकर घूम सकता है और AI की मदद से सब्जेक्ट को ट्रैक करते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है।

 

200MP का रोबोटिक गिंबल कैमरा

 

 

Robot Phone की सबसे बड़ी खासियत इसका 200MP मुख्य कैमरा है, जिसे एक मोटराइज्ड गिंबल सिस्टम पर लगाया गया है। कैमरा करीब 300 डिग्री तक घूम सकता है और 4-DoF मूवमेंट के जरिए वीडियो शूटिंग के दौरान अलग-अलग दिशाओं में कैमरा एंगल को बदल सकता है। इसमें AI आधारित सब्जेक्ट ट्रैकिंग और अलग-अलग शूटिंग मोड भी मिलते हैं।

 

फोन में 200MP टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा भी दिया गया है। Honor ने कैमरा सिस्टम में प्रोफेशनल सिनेमैटिक कलर और ARRI तकनीक के साथ इंटीग्रेशन पर भी खास जोर दिया है।

 

Snapdragon चिप और 7,060mAh बैटरी

 

 

परफॉर्मेंस के लिए फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसमें अधिकतम 16GB RAM और 1TB स्टोरेज का विकल्प मिलता है। पावर के लिए 7,060mAh बैटरी दी गई है।

 

फोन में करीब 6.3 इंच का डिस्प्ले है और इसका वजन लगभग 248 ग्राम बताया गया है। गिंबल कैमरा मैकेनिज्म के कारण फोन सामान्य फ्लैगशिप स्मार्टफोन की तुलना में थोड़ा भारी और मोटा है।

 

कीमत और भारत में लॉन्च की स्थिति

 

 

चीन में HONOR Robot Phone की शुरुआती कीमत 9,999 युआन रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में सीधे रूपांतरण पर करीब ₹1.2 लाख के आसपास बैठती है। हालांकि, यह भारतीय लॉन्च कीमत नहीं है।

 

अभी भारत में इसके लॉन्च की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इसकी बिक्री चीन तक सीमित बताई गई है। इसलिए इसे भारत में लॉन्च हो चुका फोन बताना सही नहीं होगा।

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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Bumble डेटिंग ऐप का नया बदलाव, अब पुरुष भी पहला मैसेज भेज सकेंगे
Bumble का बड़ा बदलाव, 12 साल पुराना ‘महिलाएं पहले मैसेज करें’ नियम खत्म

नई दिल्ली, एजेंसियां। लोकप्रिय डेटिंग ऐप Bumble ने अपने सबसे चर्चित फीचर में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने करीब 12 साल से चली आ रही ‘महिलाएं पहले मैसेज करें’ व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब मैच होने के बाद महिला या पुरुष, दोनों में से कोई भी बातचीत की शुरुआत कर सकता है।   अब पुरुष भी भेज सकेंगे पहला मैसेज     Bumble की पहचान लंबे समय से इस नियम से रही है कि खासकर पुरुष-महिला मैच में बातचीत की शुरुआत महिला करती थी। कंपनी का कहना है कि अब यूजर्स को बातचीत शुरू करने के मामले में ज्यादा स्वतंत्रता देने के लिए यह नियम बदला गया है।   इस बदलाव के बाद मैच बनने पर पुरुषों को भी महिला के पहले मैसेज करने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यानी दोनों पक्ष अपनी पसंद के अनुसार बातचीत शुरू कर सकेंगे।   जवाब देने की समयसीमा भी 24 से बढ़कर 72 घंटे     Bumble ने केवल पहला मैसेज भेजने का नियम ही नहीं बदला है। कंपनी ने रिप्लाई करने की समयसीमा 24 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दी है। इससे यूजर्स को मैच के बाद बातचीत शुरू करने और उसका जवाब देने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। कंपनी का यह बदलाव उन यूजर्स के लिए भी महत्वपूर्ण है जो 24 घंटे की समयसीमा के कारण कई मैच गंवा देते थे।     Bumble की पहचान बदलने वाला फैसला     ‘महिलाएं पहले कदम उठाएं’ वाला नियम Bumble की सबसे बड़ी पहचान रहा है। इसलिए इसे खत्म करना कंपनी की डेटिंग रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सोशल मीडिया और Bumble यूजर्स के बीच इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स इसे ज्यादा स्वतंत्रता देने वाला कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इससे Bumble और दूसरे डेटिंग ऐप्स के बीच अंतर कम हो जाएगा।   Bumble ने इसे अपनी मूल सोच से पूरी तरह पीछे हटना नहीं बताया है। कंपनी का कहना है कि वह यूजर्स को ज्यादा लचीला और कम दबाव वाला अनुभव देना चाहती है।   क्यों किया गया बदलाव?     Bumble के अनुसार, कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को नए तरीके से तैयार कर रही है और यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने पहले भी संकेत दिया था कि वह अपने ऐप के अनुभव को दोबारा डिजाइन कर रही है और AI-सक्षम प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स को ज्यादा सहज तरीके से कनेक्ट करने पर काम कर रही है।  

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Motorola फोन में Android 17 अपडेट रोलआउट
Motorola Android 17 अपडेट रोलआउट शुरू, 50 से ज्यादा फोन को मिलेगा नया अपडेट

नई दिल्ली, एजेंसियां। Motorola ने अपने स्मार्टफोन के लिए Android 17 का स्टेबल अपडेट रोलआउट शुरू कर दिया है। कंपनी की ओर से 50 से ज्यादा स्मार्टफोन को Android 17 के लिए योग्य बताया गया है। हालांकि, सभी डिवाइसों पर अपडेट एक साथ नहीं आएगा और इसे चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।   Motorola Edge 2025 को मिला पहला स्टेबल अपडेट     रिपोर्ट के मुताबिक Motorola Edge 2025 को Android 17 का स्टेबल अपडेट मिलना शुरू हो गया है। इसके बाद कंपनी अन्य चुनिंदा Razr, Edge और Moto G सीरीज के स्मार्टफोन में अपडेट पहुंचाएगी। नए मॉडल को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।   यह अपडेट पहले चल रहे Android 17 Beta प्रोग्राम से अलग है। इससे पहले Motorola Signature, Moto G57 Power और Motorola Edge 70 जैसे कुछ फोन पर Android 17 Beta उपलब्ध कराया गया था।   50 से ज्यादा Motorola फोन होंगे अपडेट     Motorola की अपडेट सूची में 50 से ज्यादा स्मार्टफोन शामिल हैं। इनमें Razr फोल्डेबल फोन, Edge सीरीज, Moto G सीरीज और Motorola Signature जैसे मॉडल शामिल हैं। हालांकि, किसी फोन का योग्य सूची में होना यह गारंटी नहीं देता कि उसे उसी समय अपडेट मिल जाएगा।   Motorola की आधिकारिक सपोर्ट वेबसाइट भी बताती है कि अपडेट की उपलब्धता डिवाइस और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।   Android 17 में क्या मिलेगा?     Android 17 के साथ Motorola के फोन में नए Android फीचर्स के अलावा कंपनी के Hello UI इंटरफेस से जुड़े बदलाव मिलने की उम्मीद है। Beta संस्करण में नए लॉक-स्क्रीन क्लॉक स्टाइल, नोटिफिकेशन और कंट्रोल सेंटर में बदलाव, अपडेटेड वॉल्यूम मिक्सर, बेहतर ऐप ड्रॉअर और ज्यादा स्मूद सिस्टम एनिमेशन जैसे बदलाव देखे गए हैं।   हालांकि, हर Motorola फोन में सभी फीचर्स समान रूप से उपलब्ध होंगे, यह जरूरी नहीं है। हार्डवेयर और क्षेत्र के आधार पर कुछ सुविधाएं अलग हो सकती हैं।   फोन में अपडेट कैसे चेक करें?     Motorola यूजर्स अपने फोन में Settings > System Updates > Check for Updates पर जाकर Android 17 की उपलब्धता जांच सकते हैं। अगर आपके मॉडल के लिए अपडेट जारी हो चुका है लेकिन अभी दिखाई नहीं दे रहा है, तो चरणबद्ध रोलआउट के कारण कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।  

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भारत के स्मार्टफोन बाजार में 11.1% गिरावट, महंगे कंपोनेंट और मेमोरी चिप बनी वजह

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Samsung और Apple को भारतीय स्मार्टफोन बाजार में फायदा, चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी घटी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के स्मार्टफोन बाजार में दूसरी तिमाही में कुल शिपमेंट में 11.1% की गिरावट के बावजूद Samsung और Apple ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। IDC के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में भारतीय बाजार में करीब 3.32 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए। महंगी मेमोरी चिप और अन्य कंपोनेंट की लागत बढ़ने से खासकर बजट सेगमेंट पर दबाव पड़ा, जिसका असर चीनी ब्रांडों पर ज्यादा दिखाई दिया।   Samsung और Apple की स्थिति मजबूत   दूसरी तिमाही में Samsung की भारतीय स्मार्टफोन बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 16.4% हो गई। Apple ने भी प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत की और उसकी हिस्सेदारी करीब 8.5% रही। दोनों कंपनियों को महंगे फोन खरीदने वाले ग्राहकों और प्रीमियम सेगमेंट की मजबूत मांग से फायदा मिला।   बाजार में कुल बिक्री घटने के बावजूद प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि Samsung और Apple को बजट सेगमेंट पर निर्भर कंपनियों की तुलना में कम नुकसान हुआ।   Vivo, Xiaomi और Realme को बड़ा झटका   इसके विपरीत Vivo, Oppo, Xiaomi और Realme जैसे चीनी ब्रांडों के शिपमेंट में दोहरे अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों का कारोबार बड़े पैमाने पर बजट और मिड-रेंज फोन पर निर्भर है, जहां बढ़ती कीमतों का असर सबसे ज्यादा पड़ा।   मेमोरी चिप की कीमतों में तेजी के कारण कंपनियों को फोन की कीमतें बढ़ानी पड़ीं। इससे ₹15,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन बाजार पर खास दबाव आया और ग्राहकों ने नए फोन खरीदने के बजाय मौजूदा फोन को ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना शुरू किया।   महंगे फोन से बढ़ा प्रीमियमाइजेशन   भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक बड़ा बदलाव यह भी देखने को मिल रहा है कि कुल यूनिट बिक्री घटने के बावजूद औसत स्मार्टफोन कीमत बढ़ रही है। इसका मतलब है कि बाजार में कम फोन बिक रहे हैं, लेकिन महंगे फोन की हिस्सेदारी बढ़ रही है।   इस बदलाव का सीधा फायदा Samsung और Apple जैसे प्रीमियम ब्रांडों को मिल रहा है। वहीं बजट-केंद्रित चीनी कंपनियों के लिए मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।   आगे भी चुनौती बनी रह सकती है   मेमोरी चिप की ऊंची कीमत और कंपोनेंट लागत का दबाव आने वाले महीनों में भी स्मार्टफोन कंपनियों के लिए चुनौती बना रह सकता है। ऐसे माहौल में Samsung और Apple की प्रीमियम बाजार में मजबूत स्थिति उन्हें अन्य कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में रख सकती है।

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अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?