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New Electric Buses Start in Patna

पटना में दौड़ने लगीं नई इलेक्ट्रिक बसें, बेली रोड से शुरू हुआ परिचालन; महिलाओं और दिव्यांगों के लिए खास सुविधाएं

surbhi अगस्त 13, 2026 0
New electric buses begin operations on Bailey Road in Patna with special facilities for women and disabled passengers
Patna Electric Bus Service on Bailey Road

पटना: राजधानी पटना के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। बेली रोड पर नई इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू हो गया है। पीएम ई-बस योजना के पहले चरण के तहत शहर में पहुंची बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जा रहा है। इससे राजधानी में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक और सुविधाजनक विकल्प मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक, पटना में फिलहाल 12 से 15 नई इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं, जिनमें से करीब 7 से 8 बसों का परिचालन शुरू हो गया है। बाकी बसों को भी जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग-अलग रूटों पर चलाने की तैयारी है।

बेली रोड पर शुरू हुआ ई-बसों का सफर

राजधानी के प्रमुख मार्गों में शामिल बेली रोड पर नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। यह रूट पटना के महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है और यहां बड़ी संख्या में रोजाना यात्री सफर करते हैं।

नई बसों के आने से यात्रियों को डीजल बसों के अलावा आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों को पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि इनके संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों पर विशेष फोकस

नई ई-बस सेवा में महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बसों को इस तरह तैयार किया गया है कि अलग-अलग जरूरत वाले यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके।

राजधानी में बड़ी संख्या में लोग नौकरी, पढ़ाई, कारोबार और रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। ऐसे में बस सेवा में सुविधाओं का विस्तार खासकर नियमित यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभी चरणबद्ध तरीके से चलेंगी बसें

राजधानी में पहुंची सभी नई इलेक्ट्रिक बसों को एक साथ सड़कों पर नहीं उतारा गया है। फिलहाल कुछ बसों का संचालन शुरू किया गया है, जबकि बाकी बसों को भी चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर शामिल किया जाएगा।

इससे आने वाले दिनों में पटना के अलग-अलग इलाकों में ई-बसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलने के साथ प्रमुख रूटों पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता भी बेहतर हो सकती है।

पटना के बाद दूसरे जिलों में भी विस्तार की तैयारी

ई-बस सेवा का विस्तार सिर्फ पटना तक सीमित रखने की योजना नहीं है। BSRTC की ओर से आने वाले समय में इसे बिहार के दूसरे जिलों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि, दूसरे जिलों में इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू करने के लिए जरूरी NOC और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। अनुमति मिलने के बाद राज्य के दूसरे शहरों में भी ई-बस सेवा शुरू किए जाने की संभावना है।

पटना के सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा नया विकल्प

ई-बसों की संख्या बढ़ने के साथ पटना में सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप भी धीरे-धीरे बदल सकता है। आधुनिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिश होगी।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Bihar weather alert predicts rain, thunderstorms and strong winds in Patna and several districts on August 13
बिहार में आज फिर बदलेगा मौसम, पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट; आंधी-गरज के बीच रहें सतर्क

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा और अचानक तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बारिश की गतिविधि पूरे बिहार में एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में घर से निकलने वाले लोगों को अपने इलाके का स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए। पटना में बारिश के साथ बदलेगा मौसम राजधानी पटना में 13 अगस्त को बादल और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है और दिन के अलग-अलग समय पर बारिश हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी परेशान कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोगों के लिए छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर रहेगा। इन जिलों में भी बारिश के आसार उत्तर बिहार के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा मध्य और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की तीव्रता जिले-दर-जिले अलग हो सकती है। तेज बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी जहां कम समय में तेज बारिश होगी, वहां निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आ सकती है। शहरों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने और फिसलन बढ़ने की संभावना रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और कच्ची सड़कों पर बारिश का असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी काम से निकलने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। आकाशीय बिजली और तेज हवा को लेकर रहें सावधान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। अगर अचानक बिजली चमकने लगे या तेज हवा चलने लगे तो खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प है। किसानों के लिए भी अहम है मौसम बिहार में खरीफ फसलों के लिए मानसून की बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है। हालांकि, कम समय में बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी पैदा हो सकती है। ऐसे में किसानों को अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए खेती से जुड़े जरूरी काम करने चाहिए। अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर बिहार में मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, मौसम का असर हर जिले में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए पूरे बिहार के लिए एक जैसा मौसम मानने के बजाय अपने जिले का ताजा स्थानीय पूर्वानुमान देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा। कुल मिलाकर, पटना समेत बिहार के कई जिलों में आज बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बौछार, आंधी और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी जरूरी है। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर जांचें।  

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Bihar CM Samrat Choudhary holds closed-door meeting with BJP ministers after cabinet meeting in Patna
बिहार कैबिनेट के तुरंत बाद CM सम्राट की BJP मंत्रियों संग बंद कमरे में बैठक, आखिर क्या है सियासी राज?

पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। कैबिनेट की बैठक खत्म होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों के साथ अलग से बंद कमरे में बैठक की। बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसके कारण इसके उद्देश्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि एनडीए सरकार में शामिल अन्य सहयोगी दलों के मंत्रियों को इस बैठक में शामिल नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मुख्यमंत्री ने केवल बीजेपी के मंत्रियों के साथ अलग बैठक क्यों की और क्या इसके पीछे सरकार के कामकाज से आगे कोई राजनीतिक या संगठनात्मक रणनीति भी थी? कैबिनेट खत्म होते ही बीजेपी मंत्रियों को बुलाया गया जानकारी के मुताबिक, पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद बीजेपी कोटे के मंत्रियों को अलग से बुलाया गया। बैठक में सिर्फ बीजेपी के मंत्री मौजूद रहे। बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, बताया गया है कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के विभागीय कामकाज और सरकार की योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक के बाद मंत्री केदार गुप्ता ने आगामी समीक्षा बैठकों का जिक्र किया। इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि प्रशासनिक और विभागीय कामकाज भी बैठक के एजेंडे का हिस्सा रहा होगा। बंद कमरे की बैठक से बढ़ा सियासी सस्पेंस बैठक का स्वरूप और इसमें केवल बीजेपी मंत्रियों की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। एनडीए की साझा सरकार में जेडीयू और अन्य सहयोगी दल भी शामिल हैं। ऐसे में केवल बीजेपी कोटे के मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री की अलग बैठक को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, बैठक को लेकर अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे यह पुष्टि हो कि इसमें किसी बड़े राजनीतिक फैसले या गठबंधन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई। इसलिए फिलहाल बैठक को लेकर सामने आ रही राजनीतिक अटकलों को संभावनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। क्या विभागीय समीक्षा या चुनावी रणनीति? राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि मुख्यमंत्री और बीजेपी मंत्रियों के बीच हुई इस बैठक का वास्तविक उद्देश्य क्या था। इसके पीछे कई संभावनाएं देखी जा रही हैं: मंत्रियों के विभागीय कामकाज की समीक्षा सरकार की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा आगामी समीक्षा बैठकों की तैयारी संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर रणनीति इनमें से किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मंत्रियों की चुप्पी ने बढ़ाई चर्चा बैठक समाप्त होने के बाद कई मंत्री मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मंत्री मुख्यमंत्री आवास के पिछले रास्ते से भी बाहर निकले। मंत्रियों की इस तरह की चुप्पी ने बैठक को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी। हालांकि, किसी बैठक के बाद मीडिया से दूरी बनाना अपने आप में किसी बड़े राजनीतिक फैसले का प्रमाण नहीं माना जा सकता। बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर के बाद बदला माहौल? बिहार में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने बीजेपी के सामने नई चुनौतियां जरूर खड़ी की हैं। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे और प्रशांत किशोर की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी राज्य में चर्चा जारी है। ऐसे माहौल में बीजेपी के मंत्रियों की अलग बैठक को राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बैठक में चुनावी रणनीति या किसी बड़े संगठनात्मक फैसले पर चर्चा हुई। अब सबसे बड़ा सवाल क्या? फिलहाल मुख्यमंत्री आवास की इस बैठक को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद केवल बीजेपी कोटे के मंत्रियों के साथ अलग बैठक की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह महज विभागीय समीक्षा थी, या फिर बिहार बीजेपी की आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई? क्या सरकार और संगठन के बीच किसी नए रोडमैप पर विचार हुआ? इन सवालों का स्पष्ट जवाब बैठक का आधिकारिक एजेंडा या आने वाले दिनों में सरकार और बीजेपी की ओर से सामने आने वाले बयान ही दे सकते हैं।  

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Hajipur Murder
Hajipur Murder: मॉर्निंग वॉक पर निकले कंस्ट्रक्शन ठेकेदार की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

हाजीपुर। हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी नया टोला में गुरुवार सुबह अपराधियों ने कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी। रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले ठेकेदार को अपराधियों ने नजदीक से पांच गोलियां मारीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।   दो बाइक से पहुंचे चार अपराधी   जानकारी के अनुसार, राम नरेश राय रोज सुबह टहलने के लिए निकलते थे। गुरुवार को भी वह अकेले मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरे में वारदात से पहले की गतिविधियां कैद हुई हैं।   CCTV फुटेज में राम नरेश राय सड़क पर टहलते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अपराधी वहां पहुंचे और उनके पास बाइक रोक दी।   बातचीत के बाद भागने की कोशिश   CCTV फुटेज के मुताबिक, बाइक सवार अपराधियों ने कुछ देर तक ठेकेदार से बातचीत की। इसके बाद राम नरेश राय ने वहां से भागने की कोशिश की। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे दो अपराधी नीचे उतरे और उनका पीछा करने लगे।   दोनों अपराधी ठेकेदार का पीछा करते हुए पास के जंगल की ओर गए। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। अपराधियों ने नजदीक से पांच गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।   CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश   घटना के बाद सामने आया CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है। फुटेज में आरोपियों की गतिविधियां और वारदात से पहले की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। हत्या के पीछे की वजह का भी पता लगाया जा रहा है।   बिना पोस्टमार्टम कराए शव घर ले गए परिजन   हत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। परिजन शव को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को वापस घर ले आए।   घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।   परिवार में मचा कोहराम   राम नरेश राय अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी पत्नी पटना में रहकर उनके इकलौते बेटे की पढ़ाई-लिखाई संभाल रही हैं। ठेकेदार की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।   पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

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