टेक्नोलॉजी

4 Easy Tricks to Boost Your WiFi Signal at Home

WiFi Speed Boost Tips: एल्युमिनियम फॉयल और सोडा कैन से बढ़ाएं WiFi सिग्नल, जानें 4 आसान और असरदार तरीके

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Aluminium foil and a soda can placed behind a WiFi router antenna to improve wireless signal direction at home.
Easy WiFi Signal Boost Tips Using Aluminium Foil

आज के समय में घर या ऑफिस में तेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन हर किसी की जरूरत बन चुका है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि एक कमरे में WiFi की स्पीड शानदार रहती है, जबकि दूसरे कमरे या बालकनी में पहुंचते ही सिग्नल कमजोर पड़ जाते हैं। ऐसे में अधिकांश लोग नया और महंगा राउटर खरीदने की सोचते हैं, जबकि कुछ आसान घरेलू उपाय भी WiFi सिग्नल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

रिसर्च के मुताबिक, किचन में इस्तेमाल होने वाला एल्युमिनियम फॉयल (Aluminium Foil) और खाली सॉफ्ट ड्रिंक कैन WiFi सिग्नल की दिशा को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। डार्टमाउथ कॉलेज की WiPrint रिसर्च के अनुसार, सही तरीके से बनाए गए रिफ्लेक्टर कुछ स्थानों पर WiFi सिग्नल की ताकत में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं।

1. एंटीना के पीछे लगाएं पैराबोलिक फॉयल रिफ्लेक्टर

एल्युमिनियम फॉयल की एक शीट को हल्के घुमावदार (Parabolic) आकार में मोड़कर राउटर के एंटीना के पीछे लगाएं। यह डिश की तरह काम करता है और सिग्नल को चारों ओर फैलाने के बजाय एक निश्चित दिशा में भेजने में मदद करता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे कुछ जगहों पर सिग्नल स्ट्रेंथ में लगभग 55 प्रतिशत तक सुधार देखा गया।

2. कार्डबोर्ड ट्यूब और फॉयल से बनाएं DIY सिग्नल बूस्टर

खाली टिश्यू रोल या कार्डबोर्ड ट्यूब पर एल्युमिनियम फॉयल लपेटकर उसे राउटर के एंटीना के आसपास लगाएं। यह रेडियो तरंगों को एक दिशा में रिफ्लेक्ट करता है, जिससे घर के उन हिस्सों में नेटवर्क बेहतर मिल सकता है जहां पहले सिग्नल कमजोर आते थे।

3. घर के बाहर सिग्नल जाने से रोकें

यदि आपके WiFi का सिग्नल घर के बाहर तक फैल रहा है, तो एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल उसकी दिशा नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इससे सिग्नल घर के अंदर अधिक केंद्रित रहता है और अनचाहे क्षेत्रों में कम फैलता है। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि इस तरह सिग्नल को नियंत्रित करने से बाहरी अनधिकृत एक्सेस का जोखिम भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

4. सोडा कैन से तैयार करें आसान रिफ्लेक्टर

यदि आपके पास एल्युमिनियम फॉयल उपलब्ध नहीं है, तो खाली सॉफ्ट ड्रिंक कैन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कैन को सावधानीपूर्वक काटकर उसे सेमी-सर्कल के आकार में राउटर के पीछे लगाएं। यह भी एक साधारण रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है और WiFi सिग्नल को जरूरत वाली दिशा में केंद्रित करने में मदद करता है।

ध्यान रखें

ये सभी उपाय WiFi सिग्नल की दिशा और कवरेज को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन ये आपके इंटरनेट प्लान की वास्तविक स्पीड नहीं बढ़ाते। यदि समस्या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, पुराने राउटर या कम बैंडविड्थ की है, तो बेहतर प्लान, नया राउटर या WiFi Mesh सिस्टम अधिक प्रभावी समाधान हो सकता है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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नई दिल्ली, एजेंसियां। स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Xiaomi ने भारत में अपना नया पावर बैंक Xiaomi Power Bank 5i लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह पावर बैंक बड़ी बैटरी क्षमता, तेज चार्जिंग और मल्टी-डिवाइस सपोर्ट के साथ यूजर्स के लिए एक बेहतर पोर्टेबल चार्जिंग विकल्प होगा।   20,000mAh बैटरी और 67W फास्ट चार्जिंग   Xiaomi Power Bank 5i में 20,000mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे स्मार्टफोन, टैबलेट और कुछ अन्य डिवाइस को तेजी से चार्ज किया जा सकता है।   इन-बिल्ट USB Type-C केबल की सुविधा   इस पावर बैंक की खासियत इसका बिल्ट-इन USB Type-C केबल है। इससे यूजर्स को अलग से चार्जिंग केबल रखने की जरूरत कम हो जाती है। कंपनी ने इसे यात्रा और रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।   डिजिटल डिस्प्ले से मिलेगी बैटरी जानकारी   Xiaomi Power Bank 5i में डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है, जिससे यूजर बैटरी लेवल और चार्जिंग स्थिति की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। यह फीचर खासकर लंबे सफर के दौरान उपयोगी साबित हो सकता है।   कीमत और उपलब्धता   Xiaomi Power Bank 5i की शुरुआती कीमत 3,499 रुपये रखी गई है। यह पावर बैंक Xiaomi की आधिकारिक वेबसाइट, Amazon India और Xiaomi रिटेल स्टोर्स के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।   Xiaomi के अन्य लोकप्रिय पावर बैंक विकल्प   अगर कम बजट में विकल्प चाहिए तो Xiaomi के Power Bank 4i 20,000mAh (33W), Pocket Power Bank Pro 10,000mAh (33W) और 10000mAh मॉडल भी बाजार में उपलब्ध हैं।

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Google Selfie Video Feature: अगर आप अपने Google अकाउंट का पासवर्ड भूल गए हैं और आपके पास रिकवरी फोन नंबर, ईमेल या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का एक्सेस भी नहीं है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं होगी। Google ने अकाउंट रिकवरी को पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नया 'Selfie Video' फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पहचान एक छोटे सेल्फी वीडियो के जरिए सत्यापित कर सकेंगे और अकाउंट का एक्सेस वापस पा सकेंगे। क्या है Google का नया Selfie Video फीचर? Google का नया Selfie Video Recovery फीचर एक वैकल्पिक (Optional) अकाउंट रिकवरी सिस्टम है। इसका उद्देश्य उन यूजर्स की मदद करना है जो पासवर्ड भूल जाने या अकाउंट लॉक होने की स्थिति में पारंपरिक रिकवरी विकल्पों का उपयोग नहीं कर पाते। इस फीचर के तहत यूजर को पहले से अपने Google अकाउंट में एक छोटा रेफरेंस सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करके सुरक्षित रखना होगा। बाद में यदि पासवर्ड भूल जाएं, तो Google नया लाइव सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहेगा और दोनों वीडियो का मिलान करके पहचान सत्यापित करेगा। ऐसे काम करेगा नया फीचर इस फीचर का उपयोग करने के लिए पहले इसे Google अकाउंट में सेटअप करना होगा। सेटअप के दौरान Google यूजर से कैमरे के सामने देखकर कुछ आसान निर्देशों का पालन करने के लिए कहेगा, जैसे— कैमरे की ओर सीधे देखना। सिर को दाएं-बाएं घुमाना। चेहरे की हल्की गतिविधियां करना। स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना। इसी रिकॉर्डिंग को भविष्य के लिए रेफरेंस वीडियो के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। अगर भविष्य में अकाउंट रिकवरी की जरूरत पड़ती है, तो Google दोबारा लाइव सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड कराएगा और उसकी तुलना पहले सेव किए गए वीडियो से करेगा। फोटो या पुराना वीडियो क्यों नहीं चलेगा? Google ने इस फीचर में Liveness Detection तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब है कि केवल फोटो या पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो दिखाकर अकाउंट एक्सेस नहीं किया जा सकेगा। यूजर को लाइव वीडियो रिकॉर्ड करते समय स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। इससे सिस्टम यह सुनिश्चित कर सकेगा कि वीडियो वास्तविक समय में रिकॉर्ड किया गया है और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। यूजर्स के पास रहेगा पूरा कंट्रोल Google का कहना है कि चेहरा एक संवेदनशील बायोमेट्रिक डेटा है, इसलिए इसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कंपनी के अनुसार— सेल्फी वीडियो केवल यूजर की अनुमति से रिकॉर्ड होगा। वीडियो एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित रखा जाएगा। यूजर किसी भी समय Google अकाउंट सेटिंग्स में जाकर इस वीडियो को डिलीट कर सकता है। यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक है और इसे उपयोग करना या न करना यूजर के हाथ में होगा। कब मिलेगा नया फीचर? Google ने जानकारी दी है कि Selfie Video Recovery फीचर को दुनिया भर के Google अकाउंट यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से रोल आउट किया जा रहा है। आने वाले समय में यह फीचर अधिक से अधिक यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा और अकाउंट रिकवरी को पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।  

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