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Khan Sir Slams NTA Over NEET Row

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर भड़के Khan Sir, सरकार को दिए 5 बड़े सुझाव

surbhi मई 13, 2026 0
Khan Sir speaking on NEET UG 2026 cancellation and demanding major exam system reforms

पेपर लीक विवाद पर NTA और सरकार पर उठाए सवाल

देशभर में NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर अब मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir ने भी सरकार और National Testing Agency (NTA) पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए और सुधार के लिए सरकार को पांच बड़े सुझाव दिए।

“NTA को भंग कर देना चाहिए”

Khan Sir ने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देना समस्या का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक NTA लगातार परीक्षा प्रबंधन में असफल साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, इसलिए सरकार को इस एजेंसी को भंग करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पेपर लीक करने वालों को मिले कड़ी सजा

Khan Sir ने पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की वजह से मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उनका कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।

रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में हो जांच

Khan Sir ने मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच सिर्फ Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपना काफी नहीं है।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

CBI जांच जल्द पूरी करने की मांग

Khan Sir ने कहा कि CBI जांच प्रक्रियाएं अक्सर काफी लंबी चलती हैं। उन्होंने मांग की कि जांच तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।

उन्होंने कहा कि अगर जांच में बहुत ज्यादा समय लगेगा तो प्रभावित छात्र लंबे समय तक असमंजस में रहेंगे। उनका बयान था कि “रिपोर्ट आते-आते कई बच्चे डॉक्टर भी बन जाएंगे।”

सुरक्षित और पारदर्शी एजेंसी को मिले जिम्मेदारी

उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं केवल ऐसी एजेंसियों को करानी चाहिए, जो पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कर सकें।

उनके अनुसार बार-बार पेपर लीक और परीक्षा विवादों के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर होता जा रहा है।

NTA को बताया “Never Trustable Agency”

Khan Sir ने NTA की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे “Never Trustable Agency” तक कह दिया। उनका कहना है कि जिस संस्था पर देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी है, वही लगातार विवादों में घिरी हुई है।

उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार करने की अपील की, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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MAHA TET Exam
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की SIT जांच के आदेश, 6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा स्थगित

मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET) 2026 के कथित पेपर लीक मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पेपर लीक की आशंका के चलते 28 जून को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई, जिससे राज्यभर के 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए।   मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश   मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने ठाणे पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में SIT गठित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।   पेपर लीक का कैसे हुआ खुलासा?   पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले कुछ लोग प्रश्नपत्र बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद भिवंडी में छापेमारी की गई, जहां से कथित तौर पर मूल प्रश्नपत्रों की प्रतियां बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र को करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की साजिश रची गई थी।   तीन आरोपी हिरासत में, और गिरफ्तारियां संभव   अब तक पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। SIT पूरे नेटवर्क की जांच करेगी।   नई परीक्षा तिथि जल्द होगी घोषित   महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने कहा है कि परीक्षा फिलहाल स्थगित की गई है। अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। परिषद ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है।   अभ्यर्थियों में नाराजगी   अचानक परीक्षा स्थगित होने से लाखों अभ्यर्थियों में नाराजगी है। कई उम्मीदवारों ने कहा कि वे महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और अंतिम समय में परीक्षा रद्द होने से उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला हैं।

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BPSC Auditor Exam 2026: बिहार ऑडिटर भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 5 जुलाई को होगा एग्जाम, 28 जून से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। Bihar Public Service Commission ने ऑडिटर भर्ती परीक्षा 2026 की तारीख आधिकारिक रूप से घोषित कर दी है। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत ऑडिटर के 102 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का इंतजार अब खत्म हो गया है। आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, विज्ञापन संख्या 09/2026 के तहत आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा 5 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। 5 जुलाई को होगी परीक्षा BPSC के कार्यक्रम के अनुसार ऑडिटर भर्ती की प्रारंभिक (ऑब्जेक्टिव) परीक्षा: परीक्षा तिथि: 5 जुलाई 2026 (रविवार) समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक परीक्षा अवधि: 2 घंटे कुल पद: 102 उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की तैयारी को अंतिम चरण में पहुंचाएं और महत्वपूर्ण विषयों का दोहराव शुरू कर दें। 28 जून से डाउनलोड होंगे एडमिट कार्ड आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के लिए ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया 28 जून 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। 2 जुलाई से मिलेगी परीक्षा केंद्र की जानकारी BPSC ने बताया है कि परीक्षा केंद्र से जुड़ी विस्तृत जानकारी 2 जुलाई 2026 से उम्मीदवारों के डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी। अभ्यर्थी अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स के माध्यम से परीक्षा केंद्र का पूरा विवरण देख सकेंगे। परीक्षा के दिन इन नियमों का रखें ध्यान आयोग ने उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं: ई-एडमिट कार्ड की अतिरिक्त प्रति साथ लेकर जाएं। अतिरिक्त कॉपी पर परीक्षा के दौरान निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद फोटो और QR Bar Code स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है या नहीं, इसकी जांच जरूर करें। किसी भी तकनीकी समस्या या त्रुटि की स्थिति में तुरंत आयोग से संपर्क करें। भर्ती क्यों है खास? यह भर्ती पंचायती राज विभाग में ऑडिटर के 102 पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, क्योंकि ऑडिटर पद वित्तीय निरीक्षण और लेखा परीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों वाला पद है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और परीक्षा केंद्र संबंधी सभी जानकारियां समय पर जांच लें, ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  

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रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने राज्य में पहली बार मैट्रिक और इंटरमीडिएट विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए होगी, जो राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के कारण नियमित बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। इसके साथ ही वर्ष 2026 की कंपार्टमेंटल, इंप्रूवमेंट और विशेष परीक्षा को लेकर भी परिषद ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।   JAC वेबसाइट से ऑनलाइन करें आवेदन परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी JAC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पूर्व में जारी यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए स्वीकार किए जाएंगे। इंप्रूवमेंट परीक्षा में विषयों की कोई सीमा नहीं रखी गई है। विद्यार्थी चाहें तो सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं या केवल उन विषयों का चयन कर सकते हैं, जिनमें वे अपने अंक सुधारना चाहते हैं।   खेल प्रतियोगिता के कारण मिली विशेष परीक्षा की सुविधा इस वर्ष मैट्रिक और इंटर की कुछ परीक्षाओं के दौरान राष्ट्रीय स्तर की अंडर-17 और अंडर-19 फुटबॉल एवं हॉकी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इनमें चयनित कई छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर JAC ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए पहली बार विशेष परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।   हजारों छात्रों को मिलेगा लाभ वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में करीब 20 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे, जबकि लगभग 1,800 छात्र आवेदन करने के बावजूद परीक्षा नहीं दे सके। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में करीब 26 हजार विद्यार्थी असफल रहे, जिनमें विज्ञान संकाय के लगभग 15 हजार छात्र शामिल हैं।   आवेदन की अंतिम तिथि मैट्रिक के छात्र 22 जून से 3 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क और 4 से 10 जुलाई तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं। वहीं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए आवेदन 25 जून से 7 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क तथा 8 से 13 जुलाई तक विलंब शुल्क के साथ स्वीकार किए जाएंगे। यह पहल हजारों विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक प्रगति सुधारने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

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anjali kumari जून 24, 2026 0

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