शिक्षा

NEET PG 2026: आवेदन में सुधार का अंतिम मौका शुरू, 15 अगस्त तक कर सकेंगे फोटो-सिग्नेचर में सुधार

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
NEET PG Application Correction
NEET PG Application Correction

नई दिल्ली, एजेंसियां। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2026 के उम्मीदवारों के लिए चयनित (Selective) एडिट विंडो फिर से खोल दी है। यह सुविधा खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जिनकी फोटो, हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान में कमी पाई गई है। उम्मीदवार 12 अगस्त दोपहर 1 बजे से 15 अगस्त रात 11:55 बजे तक जरूरी सुधार कर सकते हैं।

 

किन उम्मीदवारों को मिलेगा मौका?

 

यह सामान्य रूप से सभी आवेदकों के लिए खुली एडिट विंडो नहीं है। NBEMS ने जिन उम्मीदवारों के अपलोड किए गए फोटोग्राफ, सिग्नेचर या थंब इंप्रेशन को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया है, उन्हें अंतिम सुधार का मौका दिया है। ऐसे उम्मीदवारों को NBEMS की ओर से ईमेल के जरिए भी जानकारी दी गई है।

 

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने आवेदन पोर्टल पर लॉगिन करके इमेज की स्थिति जरूर जांच लें और यदि सुधार जरूरी है तो निर्धारित समय के भीतर नया फोटो, हस्ताक्षर या थंब इंप्रेशन अपलोड करें।

 

15 अगस्त के बाद नहीं मिलेगा मौका

 

NBEMS के अनुसार, यह अंतिम चयनित एडिट विंडो है। निर्धारित समय सीमा के भीतर इमेज में सुधार नहीं करने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। इसलिए उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार न करने की सलाह दी गई है।

 

30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा

 

NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित की जाएगी। NBEMS के आधिकारिक नोटिस में परीक्षा की तारीख की पुष्टि की गई है। परीक्षा का परिणाम 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाने का कार्यक्रम है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

शिक्षा

View more
CBSE Class 12 Compartment Result 2026
CBSE 12वीं कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 का इंतजार, अगस्त में जारी होने की उम्मीद

नई दिल्ली। CBSE कक्षा 12वीं के कंपार्टमेंट यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के रिजल्ट का विद्यार्थियों को इंतजार है। ताजा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, CBSE ने अभी तक रिजल्ट जारी करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन रिजल्ट अगस्त 2026 में जारी होने की उम्मीद है।   13 मई को आया था मुख्य रिजल्ट   CBSE ने कक्षा 12वीं का मुख्य परीक्षा परिणाम 13 मई 2026 को जारी किया था। इस साल कुल 85.20 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे, जबकि 1,63,800 विद्यार्थी कंपार्टमेंट श्रेणी में रखे गए थे। इसके बाद कंपार्टमेंट विद्यार्थियों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित की गई। CBSE ने परीक्षा की डेटशीट भी जारी की थी।   कब जारी होगा रिजल्ट?   फिलहाल CBSE की ओर से रिजल्ट की निश्चित तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, पिछले वर्षों के परिणाम जारी होने के पैटर्न और इस साल की परीक्षा प्रक्रिया को देखते हुए अगस्त में रिजल्ट आने की संभावना जताई जा रही है। विद्यार्थियों को सलाह है कि वे रिजल्ट के लिए केवल CBSE के आधिकारिक पोर्टल और DigiLocker पर भरोसा करें।   रिजल्ट कहां और कैसे देख सकेंगे?   रिजल्ट जारी होने के बाद विद्यार्थी अपना परिणाम इन माध्यमों से देख सकेंगे:   CBSE की आधिकारिक वेबसाइट CBSE Results पोर्टल DigiLocker UMANG ऐप रिजल्ट देखने के लिए विद्यार्थियों को अपना रोल नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करनी होगी। CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल 2026 के सप्लीमेंट्री परीक्षा से संबंधित नोटिस और परीक्षा कार्यक्रम उपलब्ध हैं।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
NEET PG 2026

NEET PG 2026 सिटी स्लिप में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद NBEMS का स्पष्टीकरण, जानें किस शहर को मानें सही

NEET PG Application Correction

NEET PG 2026: आवेदन में सुधार का अंतिम मौका शुरू, 15 अगस्त तक कर सकेंगे फोटो-सिग्नेचर में सुधार

QS World University Rankings 2027 में IIT दिल्ली और भारतीय संस्थानों की रैंकिंग

QS रैंकिंग 2027 में भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़कर 52 हुई, IIT दिल्ली भारत में सबसे आगे

पंजाब विधानसभा का निजी स्कूल फीस बढ़ोतरी 5 प्रतिशत तक सीमित करने वाला फैसला
पंजाब विधानसभा ने निजी स्कूलों की सालाना फीस बढ़ोतरी 5% तक सीमित करने वाला विधेयक पास किया

चंडीगढ़, एजेंसियां। पंजाब विधानसभा ने निजी स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सालाना फीस बढ़ोतरी को अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित करने वाला विधेयक पारित कर दिया है। यह प्रावधान राज्य के गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर हर साल बढ़ने वाली फीस का बोझ कम होगा।   करीब 32 लाख विद्यार्थियों को फायदा     नए प्रावधान का असर पंजाब के करीब 7,800 निजी स्कूलों पर पड़ने की बात सामने आई है। इससे लगभग 32 लाख विद्यार्थियों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर नियंत्रण लगाना है।   अब स्कूल किसी शैक्षणिक वर्ष में पिछली फीस की तुलना में 5 प्रतिशत से ज्यादा वार्षिक बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। इससे अभिभावकों को स्कूल फीस में अचानक होने वाली बड़ी वृद्धि से राहत मिलने की उम्मीद है।   अतिरिक्त फीस वसूली पर भी शिकंजा     विधेयक में केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से लिए जाने वाले विभिन्न शुल्कों को भी नियमन के दायरे में लाने का प्रावधान है। निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूले जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अतिरिक्त वसूली की वापसी, ऑडिट और जुर्माने जैसे प्रावधान भी रखे हैं।     अभिभावकों को मनमानी फीस से राहत की उम्मीद     पंजाब सरकार लंबे समय से निजी स्कूलों की फीस में मनमानी बढ़ोतरी को लेकर शिकायतों का हवाला देती रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले भी निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने की बात कही थी। बाद में 5 प्रतिशत की सीमा से जुड़ा अध्यादेश भी मंजूर किया गया था।   विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब इसके प्रभावी होने की प्रक्रिया और लागू किए जाने वाले नियम महत्वपूर्ण होंगे। सरकार का दावा है कि नए कानून से शिक्षा के खर्च को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने में मदद मिलेगी।

ranjan kumar tiwari अगस्त 11, 2026 0
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के रिक्त पद

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के 828 पद खाली, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

NEET PG 2026 सिटी इंटिमेशन स्लिप और 30 अगस्त की परीक्षा

NEET PG 2026 की सिटी इंटिमेशन स्लिप आज जारी, 30 अगस्त को होगी परीक्षा

UGC NET जून 2026 आंसर की में देरी को लेकर NTA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

UGC NET जून 2026 की आंसर की में देरी से नाराज अभ्यर्थी आज NTA कार्यालय के बाहर करेंगे प्रदर्शन

UGC NET जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की जारी करने की तैयारी
UGC NET जून 2026 की आंसर की पर NTA का बड़ा अपडेट, इसी सप्ताह जारी होगी प्रोविजनल आंसर की

नई दिल्ली, एजेंसियां। UGC NET जून 2026 परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की को लेकर अपडेट दिया है। NTA के अनुसार आंसर की इसी सप्ताह जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद अभ्यर्थियों को अपने उत्तरों की जांच करने और गलत उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।   40 दिन से आंसर की का इंतजार   UGC NET जून 2026 की परीक्षा 22 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच आयोजित की गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद से अभ्यर्थी प्रोविजनल आंसर की और रिस्पॉन्स शीट का इंतजार कर रहे थे। आंसर की जारी होने में देरी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई उम्मीदवारों ने NTA से जल्द से जल्द आंसर की जारी करने की मांग की और 11 अगस्त को NTA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी थी।   इसी सप्ताह जारी होगी आंसर की   ताजा अपडेट के अनुसार NTA अब UGC NET जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की इसी सप्ताह जारी करने की तैयारी में है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आंसर की 16 अगस्त तक जारी होने की संभावना है, हालांकि अंतिम तारीख को लेकर NTA की ओर से अभी स्पष्ट आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। आंसर की के साथ उम्मीदवारों की रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स शीट और प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है। इससे अभ्यर्थी अपने दिए गए उत्तरों का मिलान NTA की ओर से जारी सही उत्तरों से कर सकेंगे।   आपत्ति दर्ज करने का मिलेगा मौका   प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवारों को किसी उत्तर में गलती होने पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा। NTA द्वारा तय समय सीमा के भीतर उम्मीदवार संबंधित प्रश्न और उत्तर पर चुनौती दर्ज कर सकेंगे। उम्मीदवारों की आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाएगी। इसके बाद संशोधित या अंतिम आंसर की जारी की जाएगी और उसी के आधार पर आगे UGC NET जून 2026 का परिणाम तैयार किया जाएगा।   अभ्यर्थियों को अब क्या करना चाहिए?   आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवारों को अपनी रिस्पॉन्स शीट और प्रोविजनल आंसर की का मिलान करना चाहिए। अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपत्ति है, तो निर्धारित समय के भीतर प्रमाण के साथ चुनौती दर्ज करना जरूरी होगा। फिलहाल उम्मीदवारों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। आंसर की जारी होते ही स्कोर का अनुमान लगाने और संभावित कटऑफ का आकलन करना भी आसान हो जाएगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 11, 2026 0
UP ITI Result 2026

UP ITI Result 2026: यूपी आईटीआई रिजल्ट जारी, PRN-रोल नंबर से ऐसे करें चेक

DU SOL में 2027-28 से ऑनलाइन शुरू होने वाले पांच पाठ्यक्रम

DU SOL Online Courses 2027-28: देश-विदेश में बैठकर पढ़ सकेंगे छात्र, 5 कोर्स ऑनलाइन शुरू करने की तैयारी

BPSC TRE 4.0

बिहार शिक्षक भर्ती में बढ़ सकते हैं पद, सभी जिलों से खाली पदों की रिपोर्ट मांगी गई

0 Comments

Top week

French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
राष्ट्रीय

भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?