झारखंड

CM Hemant Soren to Visit Jamshedpur Today

आज जमशेदपुर आएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शहीद निर्मल महतो को देंगे श्रद्धांजलि; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

kalpana अगस्त 8, 2026 0
Chief Minister Hemant Soren paying tribute to martyr Nirmal Mahto in Jamshedpur
Hemant Soren to Visit Jamshedpur, Pay Tribute to Martyr Nirmal Mahto

जमशेदपुर: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार, 8 अगस्त को जमशेदपुर पहुंचेंगे. अपने करीब डेढ़ घंटे के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वे आमसभा को भी संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया है.

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. डीसी और एसएसपी स्वयं सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सोनारी हवाई अड्डे से लेकर उलियान और फिर परिसदन तक मुख्यमंत्री के कारकेड के पूरे रूट पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गयी है. प्रमुख चौक-चौराहों के अलावा संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गयी है.

दोपहर 1 बजे सोनारी एयरपोर्ट पहुंचेंगे सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर से सोनारी हवाई अड्डा पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर आवश्यक औपचारिकताओं के बाद वे सड़क मार्ग से सीधे उलियान के लिए रवाना होंगे. करीब 1:10 बजे मुख्यमंत्री उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पहुंचेंगे.

उलियान में मुख्यमंत्री शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगे. कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां की गयी हैं.

शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि देंगे हेमंत सोरेन

उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो का समाधि स्थल झारखंड की राजनीति और आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. मुख्यमंत्री का यहां पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करना कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा होगा. आमसभा में मुख्यमंत्री के संबोधन पर भी लोगों की नजर रहेगी.

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. पुलिस अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और मुख्यमंत्री के सुरक्षित आवागमन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं.

सोनारी से उलियान तक सुरक्षा का विशेष इंतजाम

मुख्यमंत्री के कारकेड के रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है. सोनारी एयरपोर्ट से उलियान और उलियान से परिसदन तक जगह-जगह पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गयी है.

प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त बल लगाया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर रखेंगे.

परिसदन में भी रुकेंगे मुख्यमंत्री

उलियान में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे समाधि स्थल से रवाना होंगे. इसके बाद करीब 2:10 बजे वे जमशेदपुर परिसदन (सर्किट हाउस) पहुंचेंगे. यहां कुछ समय रुकने के बाद दोपहर 2:25 बजे सोनारी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे.

करीब 2:30 बजे मुख्यमंत्री सोनारी हवाई अड्डा पहुंचेंगे और इसके कुछ मिनट बाद यानी 2:35 बजे हेलीकॉप्टर से रांची के लिए रवाना हो जायेंगे. इस तरह मुख्यमंत्री का जमशेदपुर दौरा करीब डेढ़ घंटे का रहेगा.

मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम

  • दोपहर 1:00 बजे: हेलीकॉप्टर से सोनारी हवाई अड्डा, जमशेदपुर आगमन
  • 1:05 बजे: सोनारी एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से उलियान के लिए प्रस्थान
  • 1:10 बजे: उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो समाधि स्थल पहुंचेंगे
  • इसके बाद: शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि
  • इसके बाद: आमसभा को संबोधित करेंगे
  • 2:00 बजे: उलियान समाधि स्थल से प्रस्थान
  • 2:10 बजे: परिसदन (सर्किट हाउस) पहुंचेंगे
  • 2:25 बजे: परिसदन से सोनारी एयरपोर्ट के लिए रवाना
  • 2:30 बजे: सोनारी हवाई अड्डा पहुंचेंगे
  • 2:35 बजे: हेलीकॉप्टर से रांची के लिए रवाना

मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर यातायात तक सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रशासन का पूरा जोर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है.

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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77वां वन महोत्सव: सिर्फ पौधारोपण के ठेके से नहीं, संवेदनशीलता से बचेगा पर्यावरण- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों से सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की है. उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण के ठेके देने से पर्यावरण की स्थिति नहीं बदलेगी. इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. तेजी से बढ़ती आबादी और प्रकृति के साथ लगातार हो रही छेड़छाड़ का असर अब झारखंड में भी दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री शुक्रवार को खेलगांव परिसर में आयोजित 77वें वन महोत्सव के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और वन विभाग के साथ मिलकर पर्यावरण एवं वन संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में करीब दो हजार लोग मौजूद थे. हर व्यक्ति अपने घर के आसपास लगाए एक पौधा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपने-अपने घर के आसपास कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. जब तक आम लोग इसमें अपनी भागीदारी नहीं निभायेंगे, तब तक बड़े स्तर पर बदलाव संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण में हो रहा बदलाव केवल झारखंड की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की चुनौती बन चुका है. जलवायु और पर्यावरण में बदलाव का असर हर जगह देखने को मिल रहा है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों के जरिये प्रकृति को बचाने की दिशा में काम करना जरूरी है. प्रकृति से छेड़छाड़ का असर झारखंड में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसानों ने विकास के नाम पर जंगलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में लगातार हस्तक्षेप किया है. इसका असर अब मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष के रूप में भी देखने को मिल रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंसान हाथियों के प्राकृतिक आवास तक पहुंच गया है. जंगल और पेड़ काटकर नये शहर और बस्तियां बसायी जा रही हैं. ऐसे में हाथियों का इंसानी इलाकों में आना और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ना स्वाभाविक है. सीएम ने यह भी कहा कि केवल सुंदर दिखने वाले पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है. कुछ ऐसे पौधे भी लगाये जा रहे हैं, जो स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए उपयोगी नहीं हैं. इसलिए झारखंड में अब ऐसे पौधों को प्राथमिकता दी जायेगी, जो स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता के लिए उपयोगी हों. एक पौधा लगाने पर शहरों में मिलेगी पांच यूनिट मुफ्त बिजली मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शहरों में एक पौधा लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त देने की व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है. केवल पौधे लगा देने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा. वन, पर्यावरण और वन्यजीवन जीवन का अभिन्न हिस्सा वन विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख ने कहा कि वन, पर्यावरण और वन्यजीवन मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं. इनके बिना स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण केवल नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व भी है. पीसीसीएफ हॉफ संजीव कुमार ने कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव से पूरी दुनिया प्रभावित है. अगर इस वैश्विक चुनौती से निपटना है, तो स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. छोटे स्तर पर किये गये प्रयास ही आगे चलकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं. ओपन सफारी को दिखाई हरी झंडी वन महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने ओपन सफारी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. कार्यक्रम में वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में पी बर्नादित कुजूर, टिकैत चंद्र प्रधान, बुद्धदेव चालक, पौथी राम हांसदा, रमेश नायक, तारकेश्वर मुंडा, निरोज टेटे, लक्ष्मण मुरमू, कृष्णा सिंह, मिथिलेश कुमार, खुर्शीद आलम, गुड्डल सिंह, मनोज राणा, सुरेंद्र पासवान, सोनी देवी, राजीव रंजन प्रसाद, मुनेश्वर मेहता, मो जुनैल अंसारी, राजू कोरबा और नासिर खान समेत अन्य लोग शामिल रहे. कार्यक्रम में पीसीसीएफ विश्वनाथ साह, एटी मिश्रा, एपीसीसीएफ वेंकटेश्वरलू, डीएफओ श्रीकांत वर्मा समेत वन विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे.  

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झारखंड शराब घोटाले में ACB ने अरुण कुमार सिंह से पूछताछ की
झारखंड शराब घोटाला: IAS विनय चौबे के करीबी अरुण कुमार सिंह से ACB की पूछताछ, मनी ट्रेल की जांच तेज

रांची। झारखंड के चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में एजेंसी ने कथित मामले में आरोपी IAS अधिकारी विनय चौबे के करीबी और नेक्सजेन कंपनी के सीईओ अरुण कुमार सिंह से लंबी पूछताछ की। जांच का फोकस कथित घोटाले के मनी ट्रेल, उत्पाद नीति में संभावित अनियमितताओं और वित्तीय लेन-देन पर है।   व्यावसायिक संबंध और लेन-देन पर पूछताछ     सूत्रों के अनुसार, अरुण कुमार सिंह गुरुवार दोपहर ACB मुख्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की। जांच टीम ने उनसे तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे के साथ उनके संबंधों, संभावित व्यावसायिक लेन-देन, धन के आदान-प्रदान और कथित घोटाले से जुड़े वित्तीय प्रवाह के बारे में सवाल किए।   बताया जा रहा है कि जांचकर्ताओं ने यह भी जानने का प्रयास किया कि कथित घोटाले से जुड़े धन का इस्तेमाल किन-किन उद्देश्यों के लिए किया गया और क्या उससे जमीन या अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। हालांकि, ACB ने पूछताछ में सामने आई जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।   डिजिटल फोरेंसिक और दस्तावेजों के आधार पर जांच     ACB अब डिजिटल फोरेंसिक, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच के अगले चरण में आगे बढ़ रही है। एजेंसी ने JSBCL के आईटी प्रबंधक अमर कुमार महतो को पूछताछ के लिए तलब किया है। उनसे ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, डिजिटल निगरानी व्यवस्था, सिस्टम लॉग और शराब आपूर्ति की डिजिटल ट्रैकिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर सवाल किए जाएंगे।     10 अगस्त को फिर बुलाए गए तीन अधिकारी     ACB ने पहले जारी समन का पालन नहीं करने वाले प्लेसमेंट हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि. के संयुक्त सहायक निदेशक विकास अग्रवाल तथा A-2-Z इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक मनोज तिवारी और अरुण गौर को 10 अगस्त को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है।     मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने में जुटी ACB     एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय अभिलेखों और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी संबंधित लोगों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच का उद्देश्य कथित शराब घोटाले में धन के प्रवाह, निर्णय प्रक्रिया और संभावित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला का पता लगाना है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
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Maternity Rest House
देवघर श्रावणी मेले में महिला श्रद्धालुओं के लिए 10 स्थानों पर मातृत्व विश्राम गृह

देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 में आने वाली महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवघर जिला प्रशासन ने रूटलाइन में 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य लंबी यात्रा और भीड़ के बीच महिलाओं, खासकर छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं को आराम और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।   महिलाओं और बच्चों के लिए राहत केंद्र   श्रावणी मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंच रहे हैं। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने रूटलाइन में विशेष मातृत्व विश्राम गृह तैयार किए हैं। इन केंद्रों में महिलाओं और बच्चों को भीड़ से अलग कुछ समय आराम करने की सुविधा मिल रही है। प्रशासन की इस पहल को महिला श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा माना जा रहा है।   गर्मी और भीड़ के बीच मिल रही राहत   श्रावणी मेले के दौरान लंबी कतार और पैदल यात्रा के कारण छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। ऐसे में मातृत्व विश्राम गृह उन्हें बीच रास्ते में आराम करने का सुरक्षित स्थान उपलब्ध करा रहे हैं। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सहायता केंद्रों और अन्य सुविधाओं के साथ इन विश्राम गृहों को भी सक्रिय रखा गया है।   प्रशासन ने सुविधाओं पर बढ़ाया जोर   देवघर प्रशासन इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई व्यवस्थाएं कर रहा है। मातृत्व विश्राम गृहों के अलावा रूटलाइन में सहायता और सूचना केंद्र भी बनाए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आवश्यक सहायता समय पर मिल सके।   महिला श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी पहल   मातृत्व विश्राम गृहों की व्यवस्था को श्रावणी मेले में महिला-केंद्रित सुविधाओं की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजन में ऐसी व्यवस्था से महिलाओं और बच्चों को आराम के साथ-साथ यात्रा के दौरान राहत मिलने की उम्मीद है। श्रावणी मेला जारी रहने के दौरान इन केंद्रों के माध्यम से महिला श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर प्रशासन का विशेष ध्यान रहेगा।

abhishek singh अगस्त 7, 2026 0
Rahul Kranti

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BJP legislators protesting over the alleged JPSC-JSSC recruitment irregularities outside the Jharkhand Assembly in Ranchi.

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