प्रधानमंत्री Narendra Modi शुक्रवार से अपने पांच देशों के दौरे की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस दौरे का पहला पड़ाव United Arab Emirates होगा, जहां वह अबू धाबी में कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए इस दौरे में एनर्जी सिक्योरिटी सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है।
पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती सख्ती और समुद्री गतिविधियों पर असर से दुनिया भर के तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक सहयोग मजबूत करने की कोशिश में है।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे। इस दौरान LPG सप्लाई, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
बताया जा रहा है कि भारत और UAE के बीच ऊर्जा क्षेत्र में नए समझौतों पर भी सहमति बन सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Indian Oil Corporation और ADNOC के बीच LPG सप्लाई को लेकर रणनीतिक साझेदारी की घोषणा हो सकती है।
इसके अलावा इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) और ADNOC के बीच तेल भंडारण को लेकर भी अहम डील होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी छह दिनों में पांच देशों का दौरा करेंगे। UAE के बाद वह Netherlands जाएंगे। इसके बाद उनका दौरा Sweden, Norway और आखिर में Italy में समाप्त होगा।
सरकार का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य सिर्फ ऊर्जा सहयोग नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी, व्यापार और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना भी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। अपने जीवनसाथी का बोझ दूर करने के लिए घरेलू कामकाज में हाथ बटाएँ। इससे आपको साथ में काम करने का आनंद मिलेगा और जुड़ाव महसूस होगा। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। अहम लोगों से बातचीत करते वक़्त अपने आँख-कान खुले रखिए, हो सकता है आपके हाथ कोई क़ीमती बात या विचार लग जाए। तनाव से भरा दिन, जब नज़दीकी लोगों से कई मतभेद उभर सकते हैं। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है। उपाय :- मिटटी का खाली घड़ा ढक्कन सहित बहते जल में प्रवाहित करने से पारिवारिक जीवन की बाधाएं दूर होंगी। वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।बच्चे आपके मुताबिक़ नहीं चलेंगे, जो आपके झुंझलाहट की वजह बन सकता है। आपको ख़ुद पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि नाराज़गी सभी के लिए नुक़सानदेह है और यह सोचने-समझने की ताक़त को ख़त्म कर देती है। इससे सिर्फ़ मुश्किल बढ़ती है। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। दिन के दूसरे हिस्से में कुछ दिलचस्प और रोमांचक काम करने के लिए बढ़िया वक़्त है। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जी हाँ, यह प्यार का ही ख़ुमार है। अगर आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो आपके सहयोगी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। अगर आप जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालेंगे और ग़ैर-ज़रूरी काम करेंगे, तो आज का दिन काफ़ी निराशाजनक हो सकता है। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक ख़ूबसूरत बदलाव से गुज़रेगा। उपाय :- जलप्रधान वस्तुओं का सेवन करना हेल्थ के लिए अच्छा रहेगा। मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।आप आज ऊर्जा से भरपूर होंगे और कुछ असाधारण करेंगे। अगर आप यात्रा पर जाने वाले हैं तो अपने कीमती सामान का ध्यान रखें उसके चोरी होने की संभावना है। खासकर अपने पर्स को आज बहुत संभालकर रखें। अपनी नई परियोजनाओं के लिए अपने माता-पिता को विश्वास में लेने का सही समय है। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। खाली समय का पुरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। उपाय :- आटा, बूरा, घी मिलाकर सूखे नारियल के गोले में भरकर पीपल के नीचे रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।मित्रों या परिवार के सदस्यों के साथ मौज-मस्ती भरी यात्रा आपको सुकून देगी। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। बच्चे ज़्यादा वक़्त साथ बिताने की मांग करेंगे- लेकिन उनका बर्ताव सहयोगी और समझदारी भरा होगा। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। हालाँकि वरिष्ठों से कुछ विरोध के स्वर सुनाई देंगे- लेकिन फिर भी आपको दिमाग़ ठण्डा रखने की ज़रूरत है। कार्यक्षेत्र के किसी काम में खराबी की वजह से आज आप परेशान रह सकते हैं और इस बारे में सोचकर अपना कीमती वक्त बर्बाद कर सकते हैं। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है। उपाय :- सफेद गाय को सफेद मिष्ठान खिलाना नौकरी व बिज़नेस के लिए अच्छा रहेगा। सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आप अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास की वजह से आस-पास के लोगों को प्रभावित करेंगे। आपने बीते समय में बहुत पैसा खर्च किया है जिसका खामियाजा आज आपको भुगतना पड़ सकता है। आज आपको पैसों की जरुरत होगी लेकिन वो आपको मिल नहीं पाएगा। अपने परिवार के साथ रुखा व्यवहार न करें। यह पारिवारिक शान्ति को भंग कर सकता है। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। अपने लक्ष्यों का पीछा करने के लिए उम्दा दिन है। अपनी शारीरिक-ऊर्जा का स्तर ऊँचा बनाए रखें, ताकि आप जी-तोड़ मेहनत कर जल्द-से-जल्द उन्हें हासिल कर सकें। इस मामले में आप अपने दोस्तों की मदद भी ले सकते हैं। इससे आपका उत्साह बढ़ेगा और उद्देश्य को पाने में सहायता मिलेगी। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। आपका प्यार, आपका जीवनसाथी आपको कोई ख़ूबसूरत तोहफ़ा दे सकता है। उपाय :- आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए घर में तिल के तेल का दीपक अवश्य जलाएं। कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। आज आप काफ़ी पैसे बना सकते हैं- लेकिन इसे अपने हाथों से फिसलने न दें। आप दोस्तों के साथ बेहतरीन वक़्त बिताएंगे, लेकिन गाड़ी चलाते वक़्त ज़्यादा सावधानी बरतें। किसी छोटी-मोटी बात को लेकर भी आपके प्रिय से आपकी नोंक-झोंक हो सकती है। अगर आप अपने दिमाग़ के दरवाज़े खुले रखें, तो कई उम्दा मौक़े आपको मिल सकते हैं। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। जीवनसाथी के ख़राब स्वास्थ्य की वजह से आपका कामकाज प्रभावित हो सकता है। उपाय :- किसी काले कुत्ते की देख-भाल करना प्रेम सम्बन्धों को अच्छा करने के लिए शुभ है। तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।आज के दिन ऐसी चीज़ों पर काम करने की ज़रूरत है, जो आपकी सेहत में सुधार ला सकती हैं। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। आज आपको अपने होशियारी और प्रभाव का उपयोग संवेदनशील घरेलू मुद्दों को हल करने के लिए करना चाहिए। ख़ुशी के लिए नए संबंध की प्रतीक्षा करें। आने वाले समय में दफ़्तर में आपका आज का काम कई तरीक़े से असर दिखाएगा। आज अपनेे विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही घर के लोगों से बातें करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो बेवजह के झगड़ों की वजह से आपका समय खराब हो सकता है। आपका जीवनसाथी किसी फ़रिश्ते की तरह आपका बहुत ध्यान रखेगा। उपाय :- चाँदी के आभूषणों का अधिक प्रयोग करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा। वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।मानसिक शान्ति के लिए किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता करें। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आपकी दिलचस्प रचनात्मकता आज घर के वातावरण को सुखद बनाएगी। सिर्फ़ स्पष्ट समझ के माध्यम से आप अपनी पत्नी/पति को भावनात्मक सहारा दे सकते हैं। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर आप चिंतित रह सकते हैं। उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए जलन, डाह और ईर्ष्या से बचें। धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।अपने जीवनसाथी के मामले में ग़ैर-ज़रूरी टांग अड़ाने से बचें। अपने काम-से-काम रखना बेहतर रहेगा। कम-से-कम दख़ल दें, नहीं तो इससे निर्भरता बढ़ सकती है। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। परिवार में आप एक संधि कराने वाले दूत का दायित्व निभाएंगे। सबकी परेशानियों पर ग़ौर करें, जिससे समस्याओं पर समय रहते क़ाबू पाया जा सके। सैर-सपाटे पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है, जो आपकी ऊर्जा और उत्साह को तरोताज़ा कर देगा। कामकाज के सिलसिले में आपके ऊपर ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं। उपाय :- हरी मूंग का खाने में प्रयोग करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। अपनी बातों पर क़ाबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े-बुज़ुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। याद रखें कि समझदार कामों के ज़रिए ही हम जीवन को अर्थ देते हैं। उन्हें महसूस करने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें। उपाय :- कौओं को रोटी डालने से नौकरी व बिज़नेस में उन्नति होगी। कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आपका तनाव काफ़ी हद तक ख़त्म हो सकता है। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। आपके परिवार वाले किसी छोटी-सी बात को लेकर राई का पहाड़ बना सकते हैं। आज प्यार की मदहोशी में हक़ीक़त और फ़साना मिलकर एक होते मालूम होंगे। इसे महसूस करें। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी। आपकी संप्रेषण अर्थात कम्यूनिकेशन की क्षमता प्रभावशाली साबित होगी। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रह सकता है। जहां तक सम्भव हो बात को बढ़ने न दें। उपाय :- बेडरूम की दक्षिण दीवार पर ज़ीरो वाट का लाल बल्ब जलाएं, इससे पारिवारिक सुख बढ़ेगा। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। आज आपके और आपके प्यार के बीच कोई आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके सामने नई चुनौतियाँ आएंगी- ख़ास तौर पर अगर आप कूटनीतिक तरीक़े से चीज़ों को नहीं इस्तेमाल करेंगे तो। जब आपको लगता है कि आपके पास घर वालों या अपने दोस्तों के लिए टाइम नहीं है तो आपका मन खराब हो जाता है। आज भी आपकी मन स्थिति ऐसी ही रह सकती है। अपने जीवनसाथी के साथ प्यार-मुहब्बत के लिए काफ़ी वक़्त मिलेगा, लेकिन सेहत गड़बड़ हो सकती है। उपाय :- चने की दाल गाय को खिलाने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने देश के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कुल ₹14,115 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं के तहत दिल्ली में छह लेन की द्वारका टनल और उत्तर प्रदेश में कानपुर से कबरई तक चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। दिल्ली में बनने वाली 8.1 किलोमीटर लंबी द्वारका दिल्ली में बनने वाली 8.1 किलोमीटर लंबी द्वारका टनल पर करीब ₹6,970 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे के शिवमूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। परियोजना का लगभग 3.1 किलोमीटर हिस्सा सदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे से गुजरेगा। इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा और अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण से पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा आसान होगी तथा ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कानपुर से कबरई तक 242 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर ₹7,145 करोड़ की लागत आएगी और इसे बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। हाईवे कानपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना को लगभग ढाई वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि दोनों परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। आधुनिक सड़क नेटवर्क से यात्रा सुरक्षित और तेज होगी, जबकि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। इन परियोजनाओं को देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। टाटा समूह के वरिष्ठ उद्योगपति और सफल रिटेल रणनीतिकार नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कंपनी की 72वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में स्वयं इसकी जानकारी दी। इससे कुछ दिन पहले ही वह ट्रेंट लिमिटेड के चेयरमैन पद छोड़ने की घोषणा भी कर चुके हैं। लगातार दो बड़ी कंपनियों से उनके हटने को टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ज़ूडियो और वेस्टसाइड को बनाया देश का लोकप्रिय फैशन ब्रांड नोएल टाटा को भारतीय रिटेल सेक्टर में नई पहचान दिलाने का श्रेय दिया जाता है। उनके नेतृत्व में ट्रेंट लिमिटेड ने वेस्टसाइड और ज़ूडियो जैसे ब्रांडों को देशभर में मजबूत पहचान दिलाई। जहां वेस्टसाइड को प्राइवेट लेबल मॉडल के जरिए विकसित किया गया, वहीं वर्ष 2016 में लॉन्च हुआ ज़ूडियो कम कीमत में ट्रेंडी फैशन उपलब्ध कराकर तेजी से ग्राहकों की पहली पसंद बन गया। खासकर छोटे शहरों और मध्यम वर्ग के बीच इस ब्रांड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। रणनीति से बदली कंपनी की तस्वीर नोएल टाटा की व्यावसायिक रणनीति का असर कंपनी के प्रदर्शन में भी साफ दिखाई दिया। उनके नेतृत्व में ट्रेंट का कारोबार करीब 1,300 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि मुनाफा लगभग 130 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,700 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। आज वेस्टसाइड के 300 से अधिक और ज़ूडियो के करीब 960 से ज्यादा स्टोर देशभर में संचालित हो रहे हैं। कंपनी का मार्केट कैप भी लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। समृद्ध अनुभव और वैश्विक दृष्टि 1957 में जन्मे नोएल टाटा, नवल टाटा और सिमोन टाटा के पुत्र तथा रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। उन्होंने ब्रिटेन के ससेक्स विश्वविद्यालय से स्नातक और फ्रांस के INSEAD बिजनेस स्कूल से प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त की। अपने लंबे करियर में उन्होंने टाटा इंटरनेशनल, ट्रेंट और वोल्टास जैसी कंपनियों को नई दिशा दी। अब उनके पद छोड़ने के साथ टाटा समूह में नई नेतृत्व टीम की भूमिका पर उद्योग जगत की नजरें टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएल टाटा की बनाई मजबूत रणनीति और रिटेल मॉडल आने वाले वर्षों में भी समूह की कंपनियों की विकास यात्रा को दिशा देते रहेंगे।