1269 – फ्रांस के राजा लुई ने सभी यहुदियों को शर्म का बिल्ला पहनने का फऱमान जारी किया।
1754 - अल्बानी कांग्रेस सात ब्रिटिश उपनिवेशों और इरकौई इंडियनों द्वारा आयोजित की गयी।
1770 - नई यरूशलेम की जनरल चर्च की स्थापना हुई।
1816 - सात ओक्स की लड़ाई में हडसन बे कंपनी को उत्तर पश्चिम कंपनी द्वारा विन्निपेग के नजदीक कनाडा में पराजित किया गया।
1843 – 'दास कैपिटल' के लेखक और समाजशास्त्री काल मार्क्स ने विवाह किया।
1846 - एलिसियन फील्ड्स में बेसबॉल का जन्म हुआ। आधिकारिक तौर पर पहली बार खेला गया।
1861 - फ्रांसिस पीरपॉन्ट वेस्ट वर्जीनिया के अनंतिम गवर्नर चुने गए।
1865 – यूनियन जनरल ग्रैनर ने टेक्सास के सभी गुलामों को आजाद किया।
1875 - प्रेसीडियो में अमेरिकी मरीन अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
1899 - एडवर्ड एल्गर का एनिग्मा वैरिएशंस लंदन में प्रीमियर हुआ।
1910 – पहली बार फादर्स डे वाशिंगटन के स्पोकेन में मनाया गया।
1921 – तुर्की और फिलीस्तीन के ईसाइयों ने यहूदियों के खिलाफ मैत्री समझौते पर हस्ताक्षर किया।
1933 – आस्ट्रिया की सरकार ने नाजी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया।
1934 - संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार से स्वतंत्र एजेंसी संघीय संचार आयोग (FCC) की स्थापना हुई।
1938 - इटली ने हंगरी को 4-२ रनो से हराकर विश्व कप जीता।
1948 – पनामा और कोस्टारिका ने इजरायल को मान्यता दी।
1948 – सोवियत संघ ने पश्चिमी बर्लिन की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया।
1949 – फ्रांस की उपनिवेश चंदरनगर की जनता ने भारतीय संघ के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।
1961 – कुवैत ने इंग्लैंड से स्वतंत्र होने की घोषणा की।
1968 – मार्टिन लूथर किंग के नेतृत्व में आर्थिक न्याय के लिए 50,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।
1981 – भारत ने एप्पल उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
1987 – लुई चतुर्थ की फ्रांस के राजा के रूप में ताजपोशी हुई।
1991 – सोवियत संघ ने हंगरी को अपने कब्जे से आजाद किया था।
1994 – अर्नेस्टो सेम्पर कोलंबिया के राष्ट्रपति बने।
1996 – प्रसिद्ध अंपायर डिकी बर्ड एम.सी.सी. की आजीवन सदस्यता से सम्मानित।
1996 - बौद्धिक संपदा क़ानून (आई.पी.आर.) पर चीन एवं सं.रा. अमेरिका में समझौते।
1996 - प्रसिद्ध अंपायर डिकी बर्ड एम.सी.सी. की आजीवन सदस्यता से सम्मानित।
1999 - कोलोन (जर्मनी) में समूह-8 की शिखर बैठक प्रारम्भ।
2002 - पाकिस्तान के विदेश सचिव इनामुल हक को पाकिस्तान का नया विदेश मंत्री बनाया गया।
2003 - फ़िनलैंड की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एनेली जाटिनमांकी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
2005 - फ़ोर्ब्स पत्रिका ने ओफ़्रा विनफ़े को दुनिया की सौ ताकतवर हस्तियों में पहला स्थान दिया।
2006 - जापान ने उत्तरी कोरिया को परमाणु परीक्षण मामले पर चेतावनी दी।
2007 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने सूचना मंत्री के पद से मोहम्मद अली दुर्रानी को हटाया।
2007 - विश्व में राजनीतिक रूप से अस्थिर देशों की सूची में पाकिस्तान को 12वाँ स्थान प्राप्त हुआ।
2008 - उत्तराखण्ड सरकार ने गंगा पर निर्माणाधीन 480 मेगावाट की पाला मनेरी व 380 मेगावाट की भैरोंधारी परियोजना को स्थगित किया।
2008 - गाजापट्टी में हिंसक संघर्ष रोकने के लिए इस्रायल व हमास के बीच युद्ध विराम समझौता लागू हुआ।
2019 - भाजपा सांसद और एनडीए के उम्मीदवार ओम बिरला को आज सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुन लिया गया।
2019 - श्रीलंका ने स्वदेश निर्मित अपना पहला सेटेलाइट रावन-1 कक्षा में लांच किया।
2019 - भारत सरकार ने बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया के साथ समझौते किए , इनके तहत दूरदर्शन (डीडी) इंडिया का प्रसारण उन देशों में किया जाएगा।
2020 - आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।{ रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए विशेष लघु-ऋण (माइक्रो-क्रेडिट) सुविधा योजना का शुभारंभ }।
2020 - उर्जित पटेल को Economic Think Tank NIPFP के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।
2021 - ईरान राष्ट्रपति चुनावों में इब्राहीम रईसी 62 फीसदी वोटों से जीतने के बाद देश के 13वें राष्ट्रपति बने (शपथ अगस्त में)।
2022 - पटना से दिल्ली जा रहे स्पाइस जेट के विमान में आग लगने से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई , 185 यात्री बाल-बाल बचे।
2022 - बिहार में बिजली गिरने और आंधी से संबंधित घटनाओं में अलग अलग जिलों में 17 लोगों की मौत हुई।
2022 - प्रधानमंत्री ने शतरंज ओलंपियाड के 44वें सत्र से पहले ऐतिहासिक मशाल रिले का शुभारंभ किया व प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना राष्ट्र को समर्पित की।
2022 - भारत में स्कूली शिक्षा में आईसीटी के उपयोग को यूनेस्को की मान्यता मिली।
2023 - पर्यटकों को टाइटैनिक तक ले जाने वाली पनडुब्बी लापता हुई। ब्रिटिश अरबपति समेत कई मशहूर हस्तियां इसमें सवार।
2023 - असम के माजुली में 134 यात्रियों से भरी नौका लापता हुई।
2023 - भारतीय सैन्य दल ने मंगोलिया में बहुराष्ट्रीय संयुक्त अभ्यास “एक्स खान क्वेस्ट 2023” में भाग लिया।
2023 - म्यांमार के विद्युत पेशेवरों के लिए भारत का पांचवां प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।
2023 - पर्यटन कार्यसमूह की चौथी बैठक दो सह - कार्यक्रमों के साथ गोवा में शुरू हुई।
2023 - संयुक्त राष्ट्र ने समुद्र पर नियंत्रण के लिए पहली बार कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय संधि को अपनाया।
2024 - राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (एनआईएमएएस) ने माउंट एवरेस्ट की सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाले अपने पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्रो को सम्मानित किया।
1595 - गुरू हरगोबिन्द सिंह - सिखों के छठें गुरू थे।
1623 – फ्रांसीसी गणितज्ञ, लेखक और दर्शनशास्त्री ब्लेज पास्कल का जन्म हुआ। जिन्होंने द्रव को समीकरणों में बांधकर विज्ञान को नया आयाम दिया।
1871 - माधवराव सप्रे - राष्ट्रभाषा हिन्दी के उन्नायक, प्रखर चिंतक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सार्वजनिक कार्यों के लिये समर्पित कार्यकर्ता थे।
1922- वी बालकृष्ण इरादी - प्रसिद्ध भारतीय वकील।
1922 - आजे नील्स बोर अथवा आजे नील्स बोहर नोबेल पुरस्कार विजेता डेनमार्क के नाभिकीय भौतिक विज्ञानी थे।
1931 - सुदर्शन अग्रवाल - उत्तराखंड और सिक्किम के पूर्व राज्यपाल।
1943 - शोमू मुखर्जी - एक बंगाली भारतीय निर्देशक, लेखक और निर्माता थे।
1945 – म्यामांर की नेता आंग सान सू की का जन्म हुआ।
1947 – मशहूर ब्रिटिश-भारतीय लेखक और उपन्यासकार सलमान रश्दी का जन्म।
1948 - ओकरम इबोबी सिंह 15 सालों तक मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे।
1962 आशीष विद्यार्थी - भारतीय अभिनेता।
1970 - राहुल गांधी - भारतीय नेता , सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
1985 - काजल अग्रवाल - एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री।
1949 - सैयद ज़फ़रुल हसन बीसवीं सदी के एक प्रमुख पाकिस्तानी मुस्लिम दार्शनिक थे।
1981 - सुभाष मुखोपाध्याय - भारतीय चिकित्सक व वैज्ञानिक थे। वह विश्व के दूसरे तथा भारत के 'प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी' के जनक थे।
2008 - पत्रकार वरुन सेन गुप्ता का देहांत हुआ।
2013 - जेम्स गंडॉल्लिनी - अभिनेता , संयुक्त राज्य अमेरिका।
2018 - नेरेला वेणु माधव एक भारतीय प्रभाववादी मिमिक्री कलाकार थे।
2020 - वयोवृद्ध अर्थशास्त्री और 10 वें वित्त आयोग के सदस्य बी.पी.आर. विट्ठल बारू का 93 वर्ष कि आयु में निधन।
2020 - पद्म श्री अवार्डी और सामाजिक कार्यकर्ता विद्याबेन शाह का निधन।
2021 - उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव डॉ. गुरुप्रसाद मोहापात्रा (59) का कोविड-19 से निधन हुआ।
2022 - जाने-माने फोटो पत्रकार जर्नलिस्ट आर. रवींद्रन (69) निधन हुआ।
2023 - लिथुआनियाई फुटबॉल स्टार कारोलिस च्वेदुकास (32) का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी रैगटाइम पियानोवादक, संगीतकार, अभिनेता और लेखक मैक्स एडवर्ड मोरथ (96) का निधन हुआ।
2024 - प्रमुख जर्मन ऑर्केस्ट्रा के प्रमुख नियुक्त होने वाले पहले ब्रिटिश कंडक्टर जेम्स लॉफ़्रान (92) का निधन हुआ।
संत श्री ज्ञानेश्वर महाराज पालकी का प्रस्थान (आलंदी)।
श्री विमलनाथ जी मोक्ष कल्याणक (जैन , आषाढ़ कृष्ण अष्टमी)।
गुरू श्री हरगोबिन्द सिंह जयन्ती (तारीखानुसार)।
मुकेश शास्त्री हालुवास द्वारा संकलित पंचांग।
श्री राहुल गांधी जन्म दिवस।
श्री ओकरम इबोबी सिंह जन्म दिवस।
राष्ट्रीय पठन दिवस (National Reading Day , CBSE)।
संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस।
विश्व सौहार्द दिवस (World Sauntering Day)।
विश्व एथनिक / जातीय दिवस (World Ethnic Day)।
वर्ल्ड सिकल सेल अवेयरनेस डे (World Sickle Cell Awareness Day)।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में खाद्य उत्पादों के विज्ञापन और लेबलिंग पर सख्ती बढ़ाते हुए Food Safety and Standards Authority of India ने 14 प्रमुख फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर Food Safety and Standards Act, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन, भ्रामक ब्रांड दावों, गलत लेबलिंग और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों के आरोप हैं। नियामक का कहना है कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। 'नेचुरल', 'ऑर्गेनिक' और हेल्थ क्लेम पर उठाए सवाल FSSAI ने नोटिस में कई उत्पादों पर 'नेचुरल', 'ऑर्गेनिक', 'नो एडेड शुगर', 'हार्ट प्रो' और '100% ऑथेंटिक' जैसे दावों पर आपत्ति जताई है। जांच के दायरे में आए प्रमुख ब्रांडों में Kinder Joy, Saffola, Bikanervala, Pluck, Raw Pressery, Atom PWR और MasterChow Foods शामिल हैं। नियामक ने कंपनियों से इन दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। हाइजीन और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर भी सख्ती बीकानेरवाला को सोशल मीडिया पर सामने आई स्वच्छता संबंधी शिकायत के बाद नोटिस भेजा गया है। वहीं, परम डेयरी लिमिटेड से आईआरसीटीसी कैटरिंग के जरिए सप्लाई किए गए दही और रबड़ी में कथित फंगल संक्रमण की शिकायत पर जवाब मांगा गया है। FSSAI ने संबंधित कंपनियों से सप्लाई चेन, गुणवत्ता नियंत्रण, सुधारात्मक कदम और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। नियामक ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संबंधी दावे या किसी बीमारी के इलाज का प्रचार बिना मंजूरी के नहीं किया जा सकता। सभी कंपनियों को निर्धारित समय के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। FSSAI का मानना है कि इस अभियान से खाद्य उत्पादों के विज्ञापन अधिक पारदर्शी होंगे और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। केरल के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए 'नए केरल' के निर्माण का संकल्प दोहराया। अपने पहले बजट भाषण में उन्होंने समावेशी विकास, टिकाऊ बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही राज्य को वैश्विक समुद्री केंद्र बनाने के उद्देश्य से 'मिशन समुद्र' की घोषणा की, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन समुद्र के जरिए केरल की समुद्री क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाएगा और ब्लू इकोनॉमी को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य राज्य को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाना है। महंगाई और वित्तीय दबाव बनी चुनौती बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य वित्तीय दबाव, बढ़ती देनदारियों और महंगाई जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार विकास कार्यों की गति बनाए रखने और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए व्यापक रणनीति पर काम करेगी। एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के लिए 200 करोड़ बजट में केरल के चारों हवाई अड्डों के आसपास आधुनिक एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। निवेश बढ़ाने के लिए बनेगा 'इन्वेस्ट केरल सेल' राज्य में कारोबार को आसान बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार 'डाटा-आधारित इन्वेस्ट केरल सेल' की स्थापना करेगी। यह सेल निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा और उद्योगों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा।
धनबाद। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर धनबाद में खासा उत्साह है। इसे लेकर शुक्रवार को ‘रन फॉर योग’ का आयोजन हुआ, जिसमें धनबाद के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। लोगों ने दिया ये संदेश जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। DC आदित्य रंजन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत रणधीर वर्मा चौक से हुई। इसके बाद प्रतिभागी दौड़ते हुए सिटी सेंटर पहुंचे, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे रास्ते लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। हर तबके के लोग हुए शामिल ‘रन फॉर योग’ में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी, खेल प्रेमी, छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि समेत बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने जोश के साथ दौड़ में हिस्सा लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को योग के महत्व और उसके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि नियमित योग करने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है। योग को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प दौड़ में शामिल लोगों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। साथ ही स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही लोगों से अपील की कि 21 जून 2026 को मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर योग दिवस को सफल बनाएं।