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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 14 अगस्त 2026, शुक्रवार

anjali kumari अगस्त 14, 2026 0
Vedic Almanac
Vedic Almanac

दिनांक - 14 अगस्त 2026
दिन - शुक्रवार
विक्रम संवत 2083
शक संवत -1948
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा ॠतु
मास - श्रावण
पक्ष - शुक्ल
तिथि - द्वितीया शाम 06:46 तक तत्पश्चात तृतीया
नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी 15 अगस्त रात्रि 03:42 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
योग - परिघ सुबह 09:28 तक तत्पश्चात शिव
राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:43 तक
सूर्योदय - 05:28
सूर्यास्त -  06:08
दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- चंद्र-दर्शन (रात्रि 07:00 से रात्रि 08:05 तक)
विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Important Events: 14 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1248 – जर्मनी के कोलोन कैथेड्रल का आग में नष्ट हो जाने के बाद पुनर्निर्माण शुरू हुआ। 1523 – संत जॉन प्रथम ने कैथोलिक धर्म के सर्वोच्च गुरु पोप का पद संभाला। 1758 - ज़ोरेंडोर्फ की लड़ाई: प्रशिया ने रूस को हराया जिसमें हजारों लोग मारे गए। 1762 - अंग्रेजो ने हवाना के नौका-समुदाय पर कब्जा कर लिया। 1805 – अमेरिका और ट्यूनिस के बीच एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए गए। 1825 – ब्रिटेन के प्रख्यात भौतिक एवं रसायनशास्त्री माइकल फ़ैराडे ने डीज़ल की खोज की। 1848 – अमेरिका के ओरेगन क्षेत्र की स्थापना हुई। 1862 – बंबई उच्च न्यायालय की स्थापना की गयी। 1875 -  सोसायटी ऑफ रीगेट अफ्रीकांडर्स ने पर्ल में स्थापित किया गया। 1876 -  कोलोराडो को 38 वें अमेरिकी राज्य के रूप में स्वीकार किया गया। 1888 – बिजली के मीटर का पेटेंट ओलिवर बी शैलेनबर्गर को दिया गया। 1892 – अमेरिकी समाचार पत्र 'एफ्रो-अमेरिकन' का बाल्टीमोर से प्रकाशन शुरू हुआ। 1893 -  फ्रांस मोटर वाहन पंजीकरण शुरू किया गया जिसमे एक ड्राइविंग परीक्षण भी शामिल था। 1904 -  इस्माइल मोंटेस बोलीविया साउथ अमेरिका के राष्ट्रपति बने। 1908 – इंग्लैंड के फोकेस्टोन में पहली सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित की गयी। 1917 - चीन ने जर्मनी और आस्ट्रिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1920 - बेल्जियम के एंटवर्प में ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुयी। 1934 -  लड़ाकू क्रॉस की स्थापना न्यूयॉर्क पुलिस विभाग में गई। 1935 – अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने सामाजिक सुरक्षा अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। 1936 – जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ओलंपिक खेलों में पहली बार बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें अमेरिका ने कनाडा को 19-8 से हराया था। 1938 - बीबीसी की पहली फीचर फिल्म (स्टूडेंट ऑफ प्राग) टेलीविजन पर प्रसारित हुई। 1941 – ब्रितानी प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल और अमरीकी राष्ट्रपति फ़्रैंकलिन रूज़वेल्ट के बीच कई दिनों तक चलने वाली एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। 1945 – दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान, घटक देशों के सामने हथियार डालने पर विवश हुआ। 1947 - भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान पृथक् राष्ट्र बना। 1968 - मोरारजी देसाई पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान से सम्मानित किए गए। 1971 - बहरीन को 110 वर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। 1975 - पाकिस्तानी सेना ने राष्ट्रपति मुजीब उर-रहमान का तख्तापलट किया। 1979 - फास्टनेट रेस के दौरान 15 नाविकों की मौत हुई। 1980 – लेख वलेंसा के नेतृत्व में ग्दांस्क शिपयार्ड में मजदूरों ने हड़ताल की। 1980 - कम्युनिस्ट प्रभाव से पोलैंड की मुक्ति में आज का दिन काफी अहम है। 2001 - मेसेडोनिया सरकार व अल्बानियाई विद्रोहियों में समझौता, आयरिश रिपब्लिकन आर्मी द्वारा निशस्त्रीकरण से इन्कार। 2002 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ़ ने कश्मीर के चुनावों को ढोंग करार दिया। 2006 - संयुक्त राष्ट्र की पहल पर इस्रायल और दक्षिणी लेबनान में पांच सप्ताह से जारी संघर्ष थमा। इराक के कहतानिया में बमबारी में 400 लोग मारे गये। 2007 – इराक के कहतानिया में बमबारी में 400 लोग मारे गये। 2007 - पाकिस्तानी राष्ट्राध्यक्ष परवेज मुशर्रफ़ तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर के मध्य समझौता हुआ। 2010 -  पहला ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक खेल सिंगापुर में शुरू किया गया। 2013 - मिस्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में 638 लोग मारे गये। 2019 - राष्ट्रपति एवं शस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर श्री रामनाथ कोविंद ने सशस्त्र सेनाओं एवं अर्धसैनिक बल के कार्मिकों को 132 पुरस्कार अनुमोदित किए। 2019 - न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप में एक मानव के आकार के विशाल पेंगुइन का जीवाश्म पाया गया। 2020 - राजस्थान में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्‍व में कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में ध्‍वनिमत से विश्वास मत जीता। 2021 - हैती में शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 1297 लोगों की मौत, 2800 से ज्यादा घायल हुए (जान - माल के नुकसान का सिलसिला जारी )। 2021 - प्रधानमंत्री ने 14 अगस्त को प्रत्येक वर्ष मनाये जाने वाले विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस के रूप में घोषित किया। 2022 - जम्‍मू - कश्‍मीर के हैदरबाग में भारतीय सेना ने 108 फीट ऊंचे राष्‍ट्रीय ध्‍वज का उद्घाटन किया। 2022 - सरकार ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में 11 अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित किया। 2023 - नाइजीरिया में वायुसेना के MI-171 हेलिकॉप्टर क्रैश होने से 26 सैनिकों की मौत हुई व 8 घायल हुए। 2023 - रूस के दागेस्तान में एक गैस स्टेशन पर भीषण विस्फोट से 35 लोगों की मौत हुई व गरीब 127 लोग घायल हुए। 2023 - ट्यूनीशिया के तट पर प्रवासी नाव डूबने से 5 की मौत हुई व 7 लापता हुए। 2023 - कम्बोडिया के स्कूल में जमीन में दबे हजारों विस्फोटकों के टुकड़े मिले। 2023 - डोमिनिक गणराज्य की राजधानी के पास जबरदस्त विस्फोट से 10 लोगों की मौत हुई व 50 घायल हुए। 2023 - अर्मेनिया में मिनीबस-ट्रक की टक्कर में 11 लोगों की मौत व 9 घायल हुए। 2023 - न्यूजीलैंड ने कोविड-19 संबंधी अंतिम प्रतिबंध हटा दिए। 2023 - लातविया के प्रधानमंत्री क्रिसजानिस करिन्स ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। *14 अगस्त को जन्मे व्यक्ति👉* 1452 – इटली के प्रख्यात चित्रकार व शिल्पकार लियोनार्डो दावेन्ची का जन्म हुआ। 1900 - एस. के. पाटिल - मुंबई के प्रमुख नेता और केंद्र सरकार में अनेक विभागों में मंत्री रहे थे। 1923 - सैयद मुजफ्फर हुसैन बर्नी - त्रिपुरा, नागालैण्ड, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल। 1924 - कुलदीप नैयर - भारत के प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार। 1926 - अमर शहीद गुलाब सिंह पटेल । 1941 - तिरुप्पत्तुर वेंकटचलमूर्ति रामकृष्णन एफआरएस एक भारतीय सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी। 1957 - जॉनी लीवर, भारतीय अभिनेता। 1968 - प्रवीण कल्याण आमरे - एक भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी। 1970 - रामेश्वर तेली संसद सदस्य लोकसभा भारत। 1995 - ऐश्वर्या पिस्से भारतीय सर्किट और ऑफ़-रोड मोटरसाइकिल रेसर। *14 अगस्त को हुए निधन👉* 1941 - केसरी सिंह बारहट - प्रसिद्ध राजस्थानी कवि तथा स्वतंत्रता सेनानी। 1942- अमर शहीद गुलाब सिंह पटेल (जन्मदिन भी आज ही) । 1979 - एडौर्ड गौबर्ट - पुदुचेरी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री थे। 1984 - खाशाबा जाधव - भारत के ऐसे पहले कुश्ती खिलाड़ी थे, जिन्होंने हेलसिंकी ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता था। 1988 - कैलाश नाथ वांचू - भारत के दसवें मुख्य न्यायाधीश थे। 1996 - अमृतराय - प्रसिद्ध उपन्यासकार, निबन्धकार, समीक्षक तथा अनुवादक थे। 2000 - हवा सिंह - भारत के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजों में से एक थे। 2007 - दुनिया की सर्वाधिक उम्रदराज़ महिला जापान की येनो मीनागावा । 2011- शम्मी कपूर, प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता । 2012 - विलासराव दगड़ोजीराव देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री थे।  2013 - अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी मोहम्मद इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची । 2017 - चंद्रकांत देवताले - प्रसिद्ध भारतीय कवि एवं साहित्यकार। 2017 - डॉक्टर भक्ति यादव भारत की एक् समाजसेवी चिकित्सक थीं। वे निर्धन लोगों की निःशुल्क चिकित्सा करती थीं। 2018 - बलराम जी दास टंडन छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल थे। 2022 - प्रसिद्ध स्टॉक निवेशक दलाल स्ट्रीट के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला (62) का निधन हुआ। 2023 - बांग्लादेशी सैन्य अधिकारी, वायु सेना प्रमुख सुल्तान महमूद (79) का निधन हुआ। 2023 - कनाडाई शिक्षाविद और लेखक करेन बकर (51) का निधन हुआ। 2023 - बांग्लादेशी इस्लामी विद्वान, राजनेता और सांसद दिलवर हुसैन सईदी (83) का निधन हुआ। 2023 - थाई व्यवसायी ( ओसोत्सपा ) और गायक-गीतकार, बैंकॉक विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पेच ओसाथानुग्राह (68) का निधन हुआ। *14 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🔅 श्री नारायण महाराज पुण्य तिथि-पद्म तीर्थ (वाशिम)। 🔅 अमर शहीद श्री गुलाब सिंह पटेल दिवस। 🔅 श्री एडौर्ड गौबर्ट जयन्ती। 🔅 श्री विलासराव दगड़ोजीराव देशमुख पुण्य दिवस। 🔅 श्री शम्मी कपूर स्मृति दिवस। 🔅 श्री जानी लीवर जन्म दिवस। 🔅 विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस (भारत)। 🔅 पाकिस्तान का स्वतन्त्रता दिवस। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari अगस्त 14, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 14 अगस्त 2026, शुक्रवार

गोरखपुर से हैदराबाद अमृत भारत एक्सप्रेस को रेलवे बोर्ड की मंजूरी

गोरखपुर से हैदराबाद का सफर होगा आसान, अमृत भारत एक्सप्रेस को रेलवे बोर्ड की मंजूरी

फतेहपुर में पत्नी की हत्या के आरोपी पति की गिरफ्तारी
कुकर से सिर पर वार, टब में डुबोया; फतेहपुर में पत्नी की हत्या का खुलासा

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में लव मैरिज का खौफनाक अंत सामने आया है। नासिरपीर मोहल्ले में सहायक अध्यापिका शालिनी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति दिलीप यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर शक के चलते पहले कुकर के ढक्कन और हैंडल से उसके सिर पर हमला किया और फिर पानी से भरे टब में डुबो दिया। बाद में उसने हत्या को हादसा बताने की कोशिश की।   8 अगस्त को हुई थी वारदात   पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को दिलीप यादव ने कथित तौर पर शालिनी के सिर पर कुकर के ढक्कन और हैंडल से वार किया। इसके बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया गया। वारदात के बाद आरोपी करीब 20 मिनट के लिए घर से बाहर चला गया। वापस लौटने के बाद उसने अपने भाइयों को फोन कर पत्नी के हादसे में बेहोश होने की जानकारी दी। शालिनी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।   जांच में खुला हत्या का राज   शालिनी के परिजनों की शिकायत के बाद 9 अगस्त को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को हत्या का सुराग मिला। पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर पूरी घटना का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने दिलीप यादव को गिरफ्तार कर लिया।   2017 में हुई थी लव मैरिज   शालिनी और दिलीप ने 3 दिसंबर 2017 को प्रेम विवाह किया था। दोनों फतेहपुर में किराए के मकान में रहते थे। शालिनी एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम करती थी। पुलिस के मुताबिक, दिलीप को पत्नी के चरित्र पर शक था और इसी वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। पुलिस हत्या के पीछे इसी कथित शक को प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।   पिता ने बेटी पर लगे आरोपों को बताया गलत   मृतका के पिता धर्मराज यादव ने बेटी पर लगाए गए अवैध संबंधों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अप्रैल 2025 से शालिनी और दिलीप के बीच विवाद चल रहा था। पिता ने आरोप लगाया कि दिलीप का उसके स्कूल में काम करने वाली एक महिला शिक्षिका से संबंध था और शालिनी ने इसकी जानकारी परिवार को दी थी। उनके मुताबिक, परिवार की ओर से समझाने के बावजूद दोनों के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ।   आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया   पुलिस ने दिलीप यादव को 12 अगस्त को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आरोपी के भाइयों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
बागपत के गणेश मंदिर परिसर में दफन मिले दो दोस्तों के शव

बागपत में सनसनीखेज हत्याकांड: गणेश मंदिर परिसर में दफन मिले 2 दोस्तों के शव, 19 दिन बाद खुला राज

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कुड़माली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

मानसून सत्र में लोकसभा की करीब 16 प्रतिशत उत्पादकता

लोकसभा की उत्पादकता करीब 16% रही, मानसून सत्र में भारी हंगामे का असर

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के OBC-A और OBC-B प्रमाणपत्र रद्द किए
कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, OBC-A और OBC-B के तहत जारी प्रमाणपत्र रद्द

कोलकाता, एजेंसियां। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में OBC-A और OBC-B श्रेणियों के तहत संशोधित नियमों के आधार पर जारी किए गए सभी OBC प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि ये दोनों श्रेणियां अब राज्य में वैध रूप से अस्तित्व में नहीं हैं। यह फैसला 12 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा और न्यायमूर्ति अनुज सिंह की खंडपीठ ने सुनाया।   2025 के बाद जारी प्रमाणपत्र भी प्रभावित     अदालत के फैसले का असर खास तौर पर उन OBC प्रमाणपत्रों पर पड़ेगा, जो पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा लागू संशोधित व्यवस्था के तहत जारी किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में OBC-A और OBC-B श्रेणियों में जारी किए गए नए प्रमाणपत्र भी अब वैध नहीं माने जाएंगे।   अदालत के आदेश के बाद ऐसे प्रमाणपत्र रखने वाले लोगों को फिलहाल सामान्य श्रेणी में माना जाएगा। इसका सीधा असर सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले और आरक्षण के लाभ पर पड़ सकता है।   OBC-A और OBC-B व्यवस्था पर क्यों उठा विवाद?     पश्चिम बंगाल में OBC समुदायों को OBC-A और OBC-B में बांटने की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। 2010 के बाद OBC सूची में कई समुदायों को शामिल किए जाने और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।   2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने OBC सूची में शामिल 66 समुदायों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया था और राज्य को नए सर्वे के आधार पर सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। बाद में राज्य सरकार ने नए सर्वे के आधार पर OBC सूची में बदलाव किया। हालांकि, प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी रहा।   नई सरकार ने खत्म कर दी थी दोहरी श्रेणी     2026 में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद OBC-A और OBC-B की दोहरी व्यवस्था को खत्म करके एकल OBC श्रेणी लागू करने का फैसला किया गया। नई सरकार ने पिछली सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर चुनौती को भी वापस ले लिया।   इसके बाद संशोधित व्यवस्था के तहत जारी OBC-A और OBC-B प्रमाणपत्रों का कानूनी आधार कमजोर हो गया और अब हाईकोर्ट ने इन्हें रद्द करने का आदेश दिया है।   सरकारी नौकरी और दाखिले पर पड़ेगा असर     फैसले का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिन्होंने इन प्रमाणपत्रों के आधार पर आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी, भर्ती प्रक्रिया या शैक्षणिक दाखिले में आवेदन किया था। अदालत के आदेश के मुताबिक ऐसे प्रमाणपत्र अब आरक्षण के लिए मान्य नहीं होंगे और संबंधित लोगों को सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।   हालांकि, इस फैसले के व्यावहारिक असर को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे स्पष्टीकरण और आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
मंत्री सतीश शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से शिकायत की

मंत्री सतीश शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आदेश नहीं मानने का आरोप, मुख्यमंत्री से की शिकायत

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surbhi अगस्त 11, 2026 0

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