हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय हो गया। राहत एवं बचाव अभियान के लिए NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और लापता व्यक्ति तथा वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है।
लगातार बारिश के कारण तमक नाला का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ गया। तेज पानी के दबाव में बेली ब्रिज टिक नहीं सका और देखते ही देखते बह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन फिलहाल यह पता लगाने में जुटा है कि पुल के बहने के समय वहां कितने लोग और वाहन मौजूद थे। एक व्यक्ति और एक वाहन के बह जाने की आशंका के बाद खोज अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
बचाव दल तेज बहाव और प्रतिकूल मौसम के बीच संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चला रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्थानीय परिस्थितियों और जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
बेली ब्रिज के बह जाने के बाद ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें।
पुल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के कुछ गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चमोली सहित संवेदनशील इलाकों में नदियों और नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा है। जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र चमोली सहित संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी कर रहा है। जिला प्रशासन को नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
चमोली और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील मार्गों और जलस्रोतों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता व्यक्ति और वाहन की तलाश, प्रभावित मार्ग को सुरक्षित करना तथा संपर्क प्रभावित गांवों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाना है। बचाव अभियान और प्रशासन की अगली कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़े नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को बड़ा हादसा सामने आया। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाला में अचानक पानी का बहाव तेज होने से बेली ब्रिज बह गया। घटना के दौरान एक व्यक्ति और एक वाहन के भी तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय हो गया। राहत एवं बचाव अभियान के लिए NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और लापता व्यक्ति तथा वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है। अचानक बढ़ा नाले का जलस्तर लगातार बारिश के कारण तमक नाला का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ गया। तेज पानी के दबाव में बेली ब्रिज टिक नहीं सका और देखते ही देखते बह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन फिलहाल यह पता लगाने में जुटा है कि पुल के बहने के समय वहां कितने लोग और वाहन मौजूद थे। एक व्यक्ति और एक वाहन के बह जाने की आशंका के बाद खोज अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल तेज बहाव और प्रतिकूल मौसम के बीच संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चला रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्थानीय परिस्थितियों और जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। मलारी मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोकी गई बेली ब्रिज के बह जाने के बाद ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें। पुल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के कुछ गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों और नालों के जलस्तर पर निगरानी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चमोली सहित संवेदनशील इलाकों में नदियों और नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा है। जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र चमोली सहित संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी कर रहा है। जिला प्रशासन को नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बीच बढ़ी चुनौती चमोली और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील मार्गों और जलस्रोतों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता व्यक्ति और वाहन की तलाश, प्रभावित मार्ग को सुरक्षित करना तथा संपर्क प्रभावित गांवों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाना है। बचाव अभियान और प्रशासन की अगली कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़े नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
3114 ईसा पूर्व – चर्चित माया कैलेंडर की शुरुआत हुई, 2012 में महाप्रलय के उल्लेख से इसकी चर्चा हुई। 1347 – अलाउद्दीन हसन गंगू ने राजसी सत्ता हासिल की और बहमनी वंश की स्थापना की। 1492 – रोर्डिगो डी बोरजा पोप बने नया नाम एलेक्सजेंडर षष्ठम् रखा। 1718 - केप पासर्स की लड़ाई: ब्रिटिश बेड़े ने स्पेनिश के सिसिली को नष्ट कर दिया। 1804 - फ्रांसिस द्वितीय ने ऑस्ट्रिया के पहले सम्राट का शीर्षक ग्रहण किया। 1828 - एक साल पहले रेड बार्न में मारिया मार्टन की हत्या के लिए विलियम सीडर को इंग्लैंड के बुरी सेंट एडमंड्स में लटका दिया गया। 1863 – कंबोडिया फ्रांस का संरक्षित क्षेत्र बना। 1908 – क्रांतिकारी खुदीराम बोस को सिर्फ साढ़े 18 साल की उम्र में फांसी दी गई। 1912 - मैक्सिको सिटी के पास एक ट्रेन पर जापटिस्ट विद्रोहियों के हमले में 35 सैनिक और 20 नागरिक मारे गए। 1914 – फ्रांस ने आस्ट्रिया और हंगरी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1914 – पोलैंड के मिस्तेचेनिक क्षेत्र से यहूदियों को बाहर निकाला गया। 1929 – पर्शिया और इराक के बीच मैत्री संधि पर हस्ताक्षर किए गए। 1929 – रूस और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर लड़ाई शुरू हुई। 1940 – ब्रिटेन के पोर्टलैंड बंदरगाह पर जर्मनी ने हवाई हमला किया। 1944 – अमेरिका ने सुमात्रा द्वीप समूह के पालेमबेंग क्षेत्र पर हवाई हमला किया। 1948 – लंदन में समर ओलंपिक की शुरुआत हुई। 1951 - रेने प्लीवेन फ्रांस के प्रधानमंत्री बने। 1960 – अफ्रीकी देश चाड़ ने फ्रांस से स्वतंत्रता हासिल की। 1961 – दादर नगर हवेली का भारत में विलय हुआ और इसे केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया। गोवा की तरह यह इलाका भी कई साल पुर्तगाली उपनिवेश में रहा था। 1975 - ब्रिटिश लेलैंड मोटर कॉर्पोरेशन ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में आयी। 1976 – दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में दंगो में 17 लोग मारे गए। 1984 – तत्कालीन सोवियत रूस ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 1985 – रोनाल्ड रीगन अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति बने। 1999 - यूरोप और एशिया में सदी का अंतिम सूर्यग्रहण। 2000 - फिजी के विद्रोही नेता जार्ज स्पेट के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुकदमा चलाने का निर्णय। 2001 - उत्तरी आयरलैंड विधानसभा भंग, आयरिश विद्रोहियों को निशस्त्रीकरण के लिए दो सप्ताह का समय। 2003 – उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नाटो ने अफगानिस्तान में शांति बल की कमान संभाली। 2004 - भारत और पाकिस्तान ने वांछित अपराधियों की सूचियों की अदला-बदली की। भारत और पाकिस्तान के मध्य आतंकवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी सहित आठ मुद्दों पर इस्लामाबाद में वार्ता सम्पन्न। 2004 - संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान को पाकिस्तान द्वारा परमाणु मदद दिये जाने की पुष्टि की। 2006 - पाकिस्तान ने तीसरी अगोस्टा 90बी श्रेणी की पनडुब्बी का जलावतरण किया। 2007 - मोहम्मद हामिद अंसारी भारत के 13वें उपराष्ट्रपति बने। 2008 - एकीकृत इस्पात मैन्युफैक्चरर्स गोदावरी पावर एण्ड इस्पात ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ 1570 करोड़ रुपये के एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये। 2008 - आर जे नायक पार्श्वनाथ रिटेल में स्वतन्त्र निदेशक नियुक्त हुए। 2012 – ईरान के तबरीज और अहार में भूकंप से 153 लोग मारे गए और करीब 1300 लोग घायल हुए। 2012 – बंगलादेश में एक मस्जिद में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हुई और 15 अन्य झुलस गए। 2013 – पाकिस्तान के काबुल में बाढ़ से 22 लोग मरे। 2019 - समझौता एक्सप्रेस से यात्रा रद करने के पाकिस्तान के फैसले के बाद भारत ने भी इस आशय की औपचारिक घोषणा कर दी। 2019 - कोहली वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बने। 2020 - रूस, कोविड-19 की वैक्सीन जारी करने वाला पहला देश बना, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को भी वैक्सीन दी गई। 2020 - रिलायंस को फॉर्च्यून की 2020 की वैश्विक कंपनियों की सूची में 96वां स्थान मिला , फॉर्च्यून की शीर्ष 100 की सूची में शामिल होने वाली रिलायंस इकलौती भारतीय कंपनी बनी। 2021 - हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूस्खलन में 10 लोगों की मौत और 14 लोग बचाए गए। 2021 - 127वां संविधान संशोधन ओबीसी आरक्षण बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ। 2022 - श्री जगदीप धनखड़ ने भारत के 14वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ली। 2022 - यूपी के बांदा जिले में यमुना नदी में नाव पलटने से 20 लोग डूबे 3 की मौत की पुष्टि हुई। 2022 - चौथी भारत - बांग्लादेश वार्षिक रक्षा वार्ता नई दिल्ली में आयोजित की गई। 2022 - यूक्रेन के जापोरिषजिया परमाणु संयंत्र के संकट को दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक हुई। 2023 - लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह में तीन विधेयक पेश किए। 2023 - अभिनेत्री से राजनेत्री बनीं जया प्रदा को चेन्नई की कोर्ट ने छह महीने जेल व 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। 2023 - चीन में भारी बारिश के कारण मिट्टी का बहाव होने से 21 लोगों मौत हुई। 2023 - अमेरिका में गवर्नर हॉब्स ने अत्यधिक गर्मी के कारण आपातकाल की घोषणा की। 2023 - माउई के जंगलों में लगी आग से मरने वालों की संख्या 80 हुई। 2023 - म्यांमार में मानसून की बाढ़ से पांच लोगों की मौत हुई व 40,000 लोगों को निकाला गया। 2023 - उत्तरी नाइजीरिया में मस्जिद ढहने से 7 लोगों की मौत हुई। 2024 - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। 2024 - राजस्थान भरतपुर के बाणगंगा नदी के किनारे बनी पोखर की पाल टूटने से सात नवयुवकों की डूबने से मौत हुई। 2024 - हि. प्र. के ऊना जिले के 9 लोगों की पंजाब में खड्ड के तेज बहाव में बह जाने से मौत हुई व 2 लोग लापता हुए। 2025 - अमेरिकी विदेश विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी विंग 'मजीद ब्रिगेड' को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया। 2025 - नया टैक्स बिल लोकसभा में पास हुआ , 1961 एक्ट खत्म, रिफंड रिलीफ से TDS नियम तक में बदलाव हुए। (1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी हुआ)। 11 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1778 – दुनिया में जिमनास्टिक्स की नींव रखने वाले जर्मन शिक्षक फ्रेडरिक लुडविग का जन्म हुआ। 1892 - पश्चिम भारतीय क्रिकेटर आर्ची विलेस का जन्म हुआ। 1924 - लालमणि मिश्र - भारतीय संगीत जगत के ऐसे मनीषी थे, जो अपनी कला और विद्वता के लिए जाने जाते थे। 1937 - निर्देशक जॉन अब्राहम - लघु कथा लेखक, मलयाली भारतीय फ़िल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक थे। 1949 - डी. सुब्बाराव - भारतीय रिज़र्व बैंक के बाइसवें गवर्नर। 1954 - यशपाल शर्मा एक भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी (1983 में विश्वकप विजेता टीम के सदस्य थे)। 1954 - मोदीरेड्डी वेंकट 'बॉबजी' नरसिम्हा राव, एमबीई, एक भारतीय पूर्व क्रिकेटर। 1961- सुनील सेट्टी भारतीय अभिनेता। 1974 - अंजू जैन एक भारतीय महिला क्रिकेट की पूर्व खिलाड़ी। 1985 - जैकलीन फर्नांडीस श्रीलंकाई मूल की, भारतीय अभिनेत्री। *11 अगस्त को हुए निधन👉* 1908 - खुदीराम बोस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी। 1967 - नंददुलारे वाजपेयी - हिन्दी के प्रसिद्ध पत्रकार, समीक्षक, साहित्यकार, आलोचक तथा सम्पादक थे। 2000 - पी. जयराज, अभिनेता। 2004 - चीनी कम्प्यूटर उद्योग के पितामह चेन चुनशियान (70) का निधन। 2007 - ब्रिटेन की महान् संगीतज्ञ एन्थनी विल्सन का निधन। 2015 - भालचंद्र पेंढारकर एक मराठी मंच अभिनेता, गायक और नाटक निर्माता थे। 2016 - हनीफ मोहम्मद एक पाकिस्तानी क्रिकेटर थे। 2018 - वी.एस. नायपॉल या विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल आधुनिक युग के प्रसिद्ध अंग्रेजी साहित्यकार थे। 2020 - मध्य प्रदेश में उर्दू के जाने-माने शायर और गीतकार राहत इंदौरी (70) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ। 2020 - गायिका और गिटारिस्ट ट्रिनी लोपेज़ (83) का निधन हुआ। 2020 - जाने-माने खेल पत्रकार जीके मेनन का निधन। 2022 - राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कन्नड़ गायक शिवमोग्गा सुब्बन्ना (83) का हार्ट अटैक से निधन हुआ। 2022 - अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक आत्मघाती हमले में तालिबानी नेता शेख रहीमुल्ला हक्कानी की मौत हुई। 2023 - ऑस्ट्रेलियाई गायक-गीतकार रॉन पेनो (68) का निधन हुआ। 2023 - प्रसिद्ध परमाणु भौतिक विज्ञान बिकाश सिन्हा (78) का निधन हुआ। 2024 - भारत के पूर्व विदेश मंत्री और दिग्गज राजनेता के. नटवर सिंह (लगभग 93-94 वर्ष) का निधन हुआ। 2025 - हिंदी सिनेमा की गुज़रे ज़माने की अभिनेत्री नाज़िमा (77) का मुंबई में निधन हुआ। *11 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🌟 संत श्री सावता माळी पुण्यतिथि। 🌟 महान संगीतज्ञ श्री लालमणि मिश्र जयन्ती। 🌟 जाने माने क्रिकेटर यशपाल शर्मा जयन्ती। 🌟 उर्दू के प्रसिद्ध शायर। 🌟 गीतकार राहत इंदौरी स्मृति दिवस। 🌟 महान स्वतन्त्रता सेनानी श्री खुदीराम बोस शहीदी दिवस। 🌟 राष्ट्रीय पुत्र एवं पुत्री दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
पटियाला, एजेंसियां। पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। दो दिन मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 11 और 12 अगस्त को पंजाब में भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 13 अगस्त से मौसम फिर करवट लेगा और राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया जा सकता है। रविवार को बढ़ा तापमान रविवार को पंजाब में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, जिसके कारण दिन के तापमान में औसतन 3.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रूपनगर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था। अमृतसर में 31.3, लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट में 35.5, बठिंडा में 32 और एसबीएस नगर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश के चलते आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।