राष्ट्रीय

Russia Boosts Energy Supply to India

होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत: S. Jaishankar की कूटनीति रंग लाई, रूस ने बढ़ाई ऊर्जा सप्लाई

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
S Jaishankar meeting Russian officials as India secures increased oil and gas supply amid Hormuz crisis
India Russia Energy Deal Jaishankar

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित सप्लाई के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस के शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठक के बाद रूस ने भारत को तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा दिया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है और भारत जैसे बड़े आयातक देशों की चिंता बढ़ गई थी।

रूस का भरोसा: ऊर्जा संकट में बड़ी राहत

रूस के उप-प्रधानमंत्री Denis Manturov ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि रूसी कंपनियां भारत को कच्चा तेल और एलएनजी (LNG) की सप्लाई बढ़ाने में सक्षम हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में रूस से भारत को तेल सप्लाई में करीब 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस संकट के समय भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उर्वरक आपूर्ति में भी बढ़ोतरी

ऊर्जा के साथ-साथ रूस ने उर्वरकों की सप्लाई बढ़ाने का भी भरोसा दिया है। 2025 के अंत तक भारत को खनिज उर्वरकों की आपूर्ति में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। दोनों देशों के बीच यूरिया उत्पादन को लेकर संयुक्त परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जो भारत के कृषि क्षेत्र को मजबूती देंगी।

कूटनीतिक स्तर पर बढ़ा सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। वहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती

हाल के समय में भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से मजबूत हुआ है। प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद रूस एक बार फिर भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।

इसके साथ ही परमाणु ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है, जो रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बना रहा है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
INS Mahendragiri
भारतीय नौसेना 11 जुलाई को स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि को बेड़े में करेगी शामिल

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय नौसेना 11 जुलाई को विशाखापत्तनम स्थित नौसैनिक अड्डे पर आयोजित समारोह में स्वदेशी स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि (F38) को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित छठा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा क्षमता को नई मजबूती देगा।   75% से अधिक स्वदेशी तकनीक से तैयार   INS महेंद्रगिरि में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसे भारतीय नौसेना के Warship Design Bureau ने डिजाइन किया है, जबकि इसका निर्माण Mazagon Dock Shipbuilders Limited ने किया है। युद्धपोत में अत्याधुनिक स्टेल्थ तकनीक, आधुनिक सेंसर, मिसाइल प्रणाली और पनडुब्बी रोधी हथियार लगाए गए हैं।   समुद्री सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बल   यह अत्याधुनिक फ्रिगेट वायु, सतह और पनडुब्बी से होने वाले खतरों का मुकाबला करने में सक्षम है। इसके बेड़े में शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की निगरानी, युद्धक क्षमता और समुद्री सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।   'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मिलेगी नई मजबूती   INS महेंद्रगिरि का कमीशनिंग समारोह भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण और घरेलू रक्षा उद्योग की बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Amit Shah

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे, अमित शाह बोले- 30 करोड़ लोगों के जीवन में आया बड़ा बदलाव

Mumbai Rain

मुंबई में लगातार बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज आज भी बंद, BMC ने लोगों से घर में रहने की अपील

Government school classroom in Ramban where a Class 7 student was accidentally locked inside for nearly four hours after the school closed for summer vacation.

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूल में ग्रीष्मकालीन छुट्टियों से पहले बड़ी लापरवाही: कक्षा में बंद रह गया 7वीं का छात्र, पूरा स्टाफ निलंबित

Prime Minister Narendra Modi departs for Australia to attend the India-Australia Annual Leaders' Summit and address the Indian community in Melbourne.
पीएम मोदी 8-10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर, रक्षा से ग्रीन एनर्जी तक कई अहम समझौतों की उम्मीद

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के भारत स्थित हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को नई मजबूती देगा। तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया जाएंगे पीएम मोदी एएनआई के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान मेलबर्न में भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम 'मेलबर्न मीट्स मोदी' में भी शामिल होंगे। फिलिप ग्रीन ने बताया कि प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा। चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस फिलिप ग्रीन ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सहयोग बढ़ाने के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है— शिक्षा कृषि एवं खाद्य क्षेत्र पर्यटन ग्रीन एनर्जी सप्लाई चेन उन्होंने कहा कि दोनों देश इन क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापार को बढ़ाने के लिए नए रोडमैप पर काम कर रहे हैं। व्यापारिक संबंधों में तेज़ी हाई कमिश्नर के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में भारत के कुल वैश्विक निर्यात में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इसी अवधि में ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात करीब 200 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में पहले से मजबूत सहयोग है। कोयला, डीजल, एविएशन फ्यूल और एलएनजी जैसे ऊर्जा संसाधनों के व्यापार के अलावा अब स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन सप्लाई चेन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रक्षा सहयोग को मिलेगी नई दिशा फिलिप ग्रीन ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने का अवसर होगा। व्यापक साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर ने विश्वास जताया कि यह दौरा केवल रक्षा और सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क को भी नई दिशा देगा। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Delhi Police Special Cell officials display seized weapons, petrol bombs and a stolen motorcycle after busting two alleged terror-linked modules.

दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार

Krishna Mohan

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल, चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन को मिली महासचिव की जिम्मेदारी

Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust members during a meeting in Ayodhya announcing Krishna Mohan as interim General Secretary.

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: अंतरिम महासचिव बने कृष्ण मोहन, बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त सजा

SIT officials investigating the alleged donation theft case at Ayodhya Ram Temple, with CCTV footage under review during the probe.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कपड़ों-जूतों में छिपाए जाते थे नोट; चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर के दान की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारी कथित रूप से नकदी अपने कपड़ों, जेबों और यहां तक कि जूतों में छिपाकर बाहर ले जाने की कोशिश करते थे। हालांकि, जांच में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंदिर की चांदी की ईंटें और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। CCTV फुटेज में सामने आईं 70 संदिग्ध घटनाएं एसआईटी ने 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान करीब 70 ऐसी घटनाएं चिन्हित की गईं, जिनमें गिनती कक्ष के अंदर कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। रिपोर्ट के अनुसार, कई मौकों पर कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और खुली नकदी अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए देखा गया। सुरक्षा व्यवस्था में मिली कई बड़ी खामियां एसआईटी की रिपोर्ट में मंदिर के दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच में सामने आई प्रमुख कमियां इस प्रकार हैं— गिनती कक्ष में प्रवेश और निकास के समय कर्मचारियों की शारीरिक तलाशी नहीं ली जाती थी। कर्मचारियों को निजी सामान अंदर ले जाने से रोकने की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। कई दानपात्रों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हुई। मूल्यवान चढ़ावे के दस्तावेजीकरण और सत्यापन प्रक्रिया में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। छह मुख्य आरोपी चिन्हित, आठ गिरफ्तार प्रारंभिक जांच में एसआईटी ने छह लोगों की भूमिका संदिग्ध बताते हुए उनके नाम उजागर किए हैं। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा शामिल हैं। अब तक इस मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों ने लगभग 78.94 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 4 जून को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये और बरामद हुए थे। एसआईटी के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिसकी वित्तीय जांच जारी है। ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित एसआईटी ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को खारिज किया है, जिनमें चांदी की ईंटें और मंदिर के आभूषण गायब होने की बात कही जा रही थी। जांच में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि मंदिर के सभी आभूषण और मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने मीडिया के सामने आभूषणों का प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच अवधि बढ़ाई गई उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को गठित एसआईटी के कार्यकाल को 1 जुलाई को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया था। अब विस्तृत जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Collapsed section of the Kalindi River embankment in Hingalganj, North 24 Parganas, raising flood fears among nearby villages during the monsoon.

पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज में कालिंदी नदी का बांध धंसा, 300 फुट हिस्से में दरार से बाढ़ का खतरा

IMD Weather Alert

IMD ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की

NIA Pahalgam Terror Attack

NIA ने पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद को बनाया आरोपी

0 Comments

Top week

Bihar Assistant Professor
जॉब्स

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?