टेक्नोलॉजी

Vi ₹3,749 Annual Recharge Plan

Vi का 3,749 रुपये वाला सालाना प्लान: 28 दिन का खर्च सिर्फ 288 रुपये, 4G-5G डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Vi annual recharge plan offers 365-day validity, unlimited calls, 4G and 5G data benefits
Vi ₹3,749 Annual Recharge Plan

मोबाइल रिचार्ज के बढ़ते खर्च के बीच ऐसे प्लान की तलाश हमेशा रहती है, जिसमें लंबे समय तक कॉलिंग और इंटरनेट की सुविधा मिले और बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत न पड़े। इसी तरह के यूजर्स के लिए Vodafone Idea यानी Vi का 3,749 रुपये वाला सालाना प्लान खास हो सकता है। यह प्लान 365 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है और इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ 4G और 5G डेटा का लाभ मिलता है।

इस प्लान की सबसे खास बात इसकी 28 दिनों वाली डेटा व्यवस्था है। कंपनी के अनुसार, हर 28 दिन के लिए 300GB डेटा की सीमा मिलती है और यह सीमा अगली 28-दिन की अवधि शुरू होने पर फिर से रीसेट हो जाती है। पूरे साल की कीमत को 28-दिन की अवधि के हिसाब से देखें तो इसका खर्च करीब 288 रुपये प्रति 28 दिन बैठता है।

3,749 रुपये में 365 दिनों की वैलिडिटी

Vi का यह प्लान उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जो बार-बार रिचार्ज कराने के झंझट से बचना चाहते हैं। 3,749 रुपये का एक बार रिचार्ज कराने पर प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों तक रहती है।

इस दौरान यूजर को अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। डेटा की बात करें तो 4G और 5G नेटवर्क पर इस्तेमाल के लिए हर 28 दिन की अवधि में 300GB तक डेटा उपलब्ध है।

यानी इसमें सामान्य डेली डेटा लिमिट जैसी व्यवस्था नहीं है। यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से डेटा इस्तेमाल कर सकता है, हालांकि 28 दिनों के भीतर 300GB की सीमा को ध्यान में रखना होगा।

28 दिन के हिसाब से करीब 288 रुपये का खर्च

इस प्लान की कीमत को अगर पूरे साल की अवधि और 28-दिन के चक्र के हिसाब से समझें तो यह करीब 288 रुपये प्रति 28 दिन बैठता है। यही वजह है कि ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह प्लान आकर्षक नजर आता है।

खासकर ऐसे लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है जिन्हें रोजाना ज्यादा डेटा की जरूरत पड़ती है और वे छोटे-छोटे रिचार्ज के बजाय सालभर के लिए एक लंबी अवधि वाला प्लान लेना चाहते हैं।

4G और 5G दोनों यूजर्स के लिए विकल्प

इस प्लान का फायदा 4G और 5G दोनों तरह के यूजर्स उठा सकते हैं। जहां Vi का 5G नेटवर्क उपलब्ध होगा, वहां योग्य डिवाइस और नेटवर्क परिस्थितियों के अनुसार 5G सेवा का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं 5G उपलब्ध नहीं होने वाले क्षेत्रों में यूजर 4G नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है।

हालांकि, 5G की उपलब्धता हर जगह समान नहीं है। इसलिए रिचार्ज कराने से पहले अपने इलाके में Vi की नेटवर्क उपलब्धता और 5G कवरेज की जांच करना बेहतर रहेगा।

अनलिमिटेड कॉलिंग भी शामिल

इंटरनेट के साथ इस प्लान में पूरे 365 दिनों के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग भी दी जाती है। ऐसे यूजर्स जिन्हें फोन कॉल का ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ता है, उनके लिए यह सुविधा प्लान की उपयोगिता बढ़ाती है।

इस तरह एक ही रिचार्ज के जरिए सालभर कॉलिंग और डेटा की जरूरत पूरी करने का विकल्प मिलता है।

SMS और OTT को लेकर क्या मिलेगा?

इस प्लान में कॉलिंग और डेटा के अलावा SMS से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल बताई गई हैं। हालांकि, इसका एक बड़ा अंतर यह है कि इसमें कोई OTT सब्सक्रिप्शन शामिल नहीं है।

आजकल कई मासिक या अन्य रिचार्ज प्लान के साथ कुछ OTT सेवाओं का सब्सक्रिप्शन मिलता है। लेकिन Vi के इस सालाना प्लान में ऐसा लाभ नहीं दिया गया है। अगर किसी ग्राहक को OTT कंटेंट की सुविधा चाहिए, तो उसे अलग से ऐड-ऑन या OTT वाले किसी दूसरे प्लान का विकल्प चुनना पड़ सकता है।

किन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है यह प्लान?

Vi का यह सालाना प्लान खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें:

  • सालभर के लिए एक लंबी वैलिडिटी वाला रिचार्ज चाहिए।
  • अनलिमिटेड कॉलिंग की जरूरत रहती है।
  • इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
  • रोजाना डेटा की तय सीमा वाला प्लान नहीं चाहते।
  • 4G या 5G नेटवर्क पर ज्यादा डेटा इस्तेमाल करना चाहते हैं।
  • बार-बार रिचार्ज कराने से बचना चाहते हैं।
  • OTT सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं है।

हालांकि, जिन ग्राहकों के लिए OTT सब्सक्रिप्शन जरूरी है या जिनका डेटा इस्तेमाल बहुत कम है, उनके लिए दूसरे प्लान अधिक उपयुक्त हो सकते हैं।

रिचार्ज कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सालाना प्लान लेने से पहले अपने डेटा इस्तेमाल का अंदाजा लगाना जरूरी है। 300GB की 28-दिन की सीमा काफी ज्यादा है, लेकिन इसे वास्तव में अनलिमिटेड डेटा समझना सही नहीं होगा। 28 दिनों के भीतर 300GB की सीमा लागू है और इसके बाद अगली अवधि में लिमिट रीसेट होती है।

साथ ही 5G का लाभ लेने के लिए आपके क्षेत्र में Vi की 5G सेवा, 5G सपोर्ट वाला स्मार्टफोन और अन्य जरूरी नेटवर्क परिस्थितियां उपलब्ध होना जरूरी है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

टेक्नोलॉजी

View more
Pixel 11 Pro Fold
Google ने Pixel 11 Pro Fold की पहली झलक दिखाई, लॉन्च से पहले टीज़र में सामने आया डिजाइन

नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने अपने आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Pixel 11 Pro Fold का डिजाइन आधिकारिक टीज़र वीडियो के जरिए लॉन्च से पहले ही रिवील कर दिया है। कंपनी ने यह वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसमें फोन का नया लुक साफ दिखाई दे रहा है। Google इस डिवाइस को 12 अगस्त को न्यूयॉर्क में आयोजित Pixel लॉन्च इवेंट में पेश करेगा। भारतीय समयानुसार यह इवेंट 13 अगस्त सुबह 3:30 बजे शुरू होगा। टीज़र में फोन पहले के मुकाबले ज्यादा पतला और प्रीमियम डिजाइन के साथ नजर आ रहा है। साथ ही ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और नए Pixel Glow फीचर की भी झलक देखने को मिली है।   Tensor G6 चिपसेट और 4,800mAh बैटरी मिलने की उम्मीद, कीमत बढ़ने के संकेत   लीक्स के मुताबिक, Pixel 11 Pro Fold में Google का नया Tensor G6 प्रोसेसर और करीब 4,800mAh की बैटरी मिल सकती है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस बार Pixel 11 सीरीज की कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले अधिक हो सकती है। इससे पहले OnLeaks और MySmartPrice की लीक रिपोर्ट्स में भी इसी तरह का डिजाइन सामने आया था। वहीं, टेक रिपोर्ट्स के अनुसार Google लॉन्च इवेंट में Pixel Watch 5 और एक नए ट्रैकिंग डिवाइस को भी पेश कर सकता है। हालांकि, इन सभी फीचर्स और डिवाइसों की आधिकारिक पुष्टि कंपनी लॉन्च इवेंट के दौरान ही करेगी।

abhishek singh अगस्त 5, 2026 0
Samsung Galaxy Z Fold 8 और Flip 8 पर नो-कॉस्ट EMI ऑफर

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra, Fold 8 और Flip 8 पर 30 महीने की नो-कॉस्ट EMI, ₹4,167 से किस्त

Redmi Note 17 5G स्मार्टफोन की 8000mAh बैटरी

Redmi Note 17 5G भारत में 6 अगस्त को होगा लॉन्च, 8,000mAh बैटरी बनी सबसे बड़ी खासियत

Meta की वैश्विक टीम के साथ सरकार की बैठक का प्रतीकात्मक चित्र

Meta की ग्लोबल टीम को भारत बुलाया, CSAM और सोशल मीडिया कंटेंट मॉडरेशन पर होगी चर्चा

वाहनों के बीच V2V कम्युनिकेशन तकनीक का प्रतीकात्मक चित्र
सड़क सुरक्षा में V2V कम्युनिकेशन की बढ़ेगी भूमिका, वाहन साझा करेंगे रियल-टाइम जानकारी

सड़क सुरक्षा के लिए गाड़ियों का ‘V2V कम्युनिकेशन’, वाहनों के बीच रियल-टाइम जानकारी साझा करने पर जोर   नई दिल्ली, एजेंसियां। सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए वाहनों के बीच V2V (Vehicle-to-Vehicle) Communication तकनीक को महत्वपूर्ण समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। इस तकनीक के जरिए सड़क पर चल रही गाड़ियां एक-दूसरे के साथ गति, दिशा, स्थिति और संभावित खतरे से जुड़ी जानकारी साझा कर सकती हैं।   कैसे काम करता है V2V कम्युनिकेशन?     V2V तकनीक में आसपास के वाहन वायरलेस संचार के जरिए एक-दूसरे को जरूरी जानकारी भेजते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आगे चल रही कार अचानक ब्रेक लगाती है तो पीछे आ रहे वाहन को इसकी सूचना तेजी से मिल सकती है। इससे ड्राइवर को खतरे के बारे में समय रहते चेतावनी देने और दुर्घटना से बचने में मदद मिल सकती है।     दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद     V2V का इस्तेमाल खासतौर पर अचानक ब्रेक लगाने, टक्कर की आशंका, ब्लाइंड स्पॉट, लेन बदलने और चौराहों पर संभावित टक्कर जैसी परिस्थितियों में चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। भविष्य में इसे उन्नत ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और स्वचालित वाहनों के साथ जोड़कर सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने की संभावना है।     V2V के साथ V2I भी महत्वपूर्ण     V2V के अलावा V2I (Vehicle-to-Infrastructure) तकनीक पर भी काम किया जा रहा है। इसमें वाहन ट्रैफिक सिग्नल, सड़क किनारे लगे सेंसर और अन्य बुनियादी ढांचे से जानकारी हासिल कर सकते हैं।   V2V और V2I जैसी तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल होने पर वाहनों और सड़क के बीच रियल-टाइम संचार का नेटवर्क तैयार किया जा सकता है, जिससे यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा दोनों में सुधार की उम्मीद है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
Vi annual recharge plan offers 365-day validity, unlimited calls, 4G and 5G data benefits

Vi का 3,749 रुपये वाला सालाना प्लान: 28 दिन का खर्च सिर्फ 288 रुपये, 4G-5G डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा

Beehive Cooling Technology uses traditional clay pots and water evaporation to naturally cool hot air

मिट्टी की मटकियों से बिना बिजली घर को ठंडा करेगी भारत की Beehive तकनीक, जानें कैसे काम करता है यह देसी कूलिंग सिस्टम

चंद्रमा की ओर बढ़ता SpaceX Falcon 9 का ऊपरी चरण

SpaceX का भटका Falcon 9 रॉकेट चांद से टकराएगा, 8,690 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा प्रभाव

Google Pixel 11
Google Pixel 11 सीरीज की कीमत लॉन्च से पहले लीक! भारत में ₹69,999 से शुरू हो सकती है कीमत

नई दिल्ली, एजेंसियां। Google की बहुप्रतीक्षित Pixel 11 सीरीज लॉन्च से पहले ही अपनी संभावित कीमत को लेकर चर्चा में आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में Pixel 11 की शुरुआती कीमत ₹69,999 हो सकती है। हालांकि, Google ने अभी तक नई Pixel सीरीज की आधिकारिक कीमतों का खुलासा नहीं किया है, इसलिए लीक हुई कीमतों को फिलहाल संभावित माना जा रहा है।   Pixel 11 की कीमत हो सकती है ₹69,999   लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 के बेस मॉडल की कीमत भारत में करीब ₹69,999 रखी जा सकती है। वहीं, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL की कीमत इससे काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।   हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में कीमतों को लेकर अंतर देखने को मिल रहा है। ऐसे में लॉन्च से पहले सामने आई कीमतों को अंतिम कीमत मानना सही नहीं होगा। Google की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही सही जानकारी सामने आएगी।   Tensor G6 चिपसेट से होगा लैस   Pixel 11 सीरीज में Google का नया Tensor G6 चिपसेट मिलने की उम्मीद है। कंपनी इस बार भी AI और मशीन लर्निंग आधारित फीचर्स पर खास ध्यान दे सकती है। नए प्रोसेसर के साथ कैमरा प्रोसेसिंग, फोटो एडिटिंग, वॉयस फीचर्स और डिवाइस पर AI से जुड़े कार्यों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। Pixel सीरीज की पहचान रहे कैमरा और AI फीचर्स को भी इस बार और बेहतर किए जाने की उम्मीद है।   चार मॉडल लॉन्च कर सकती है Google   रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 सीरीज में Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold जैसे मॉडल पेश कर सकती है। इनमें अलग-अलग स्क्रीन साइज और हार्डवेयर के साथ प्रीमियम फीचर्स दिए जा सकते हैं। Pixel 11 Pro Fold कंपनी का फोल्डेबल मॉडल होगा, जिसकी कीमत सामान्य Pixel 11 मॉडल की तुलना में काफी ज्यादा होने की संभावना है।   अगस्त में हो सकती है लॉन्चिंग   Google Pixel 11 सीरीज को लेकर माना जा रहा है कि कंपनी इसे अगस्त 2026 में अपने हार्डवेयर इवेंट के दौरान पेश कर सकती है। लॉन्च के दौरान कंपनी कीमत, स्टोरेज वेरिएंट, कलर ऑप्शन और भारत में बिक्री से जुड़ी आधिकारिक जानकारी साझा करेगी।   फिलहाल Pixel 11 की ₹69,999 की संभावित शुरुआती कीमत को लेकर Google की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए खरीदारी का फैसला करने से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना बेहतर होगा।

abhishek singh अगस्त 4, 2026 0
WhatsApp Account

WhatsApp ने कई यूजर अकाउंट्स को 24 घंटे के लिए ‘Under Review’ में डाला, अचानक बंद हुई मैसेजिंग सेवा

Skullcandy Aviator 900 ANC वायरलेस हेडफोन

Skullcandy Aviator 900 ANC हेडफोन लॉन्च, 60 घंटे की बैटरी और THX Spatial Audio से लैस

Amazon और Flipkart सेल में इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान पर ऑफर

Amazon-Flipkart पर बड़ी सेल, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रोजमर्रा के सामान पर मिल रहे बंपर ऑफर

0 Comments

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?