दुनिया

Trump Says Iran Drops Nuclear Ambitions

ट्रंप का बड़ा दावा: “जंग जीत ली”, बोले-ईरान परमाणु हथियार न रखने पर हुआ सहमत

surbhi मार्च 25, 2026 0
Donald Trump speaking on Iran war with jets and nuclear symbols representing geopolitical tension
Trump Claims Victory Iran Nuclear Deal

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस जंग को “जीत चुका है” और ईरान अब कभी परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गया है

“ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह खत्म”

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान की न्यूक्लियर क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

उन्होंने कहा:

  • अगर हमला नहीं किया जाता, तो ईरान दो हफ्ते में परमाणु हथियार बना लेता
  • ईरान इसका इस्तेमाल इजरायल और पूरे पश्चिम एशिया में कर सकता था
  • अमेरिकी कार्रवाई ने इस खतरे को पूरी तरह खत्म कर दिया

“तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं हमारे विमान”

ट्रंप ने यह भी कहा कि जंग में ईरान की नौसेना और वायुसेना खत्म हो चुकी है।
उनके मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमान तेहरान और अन्य इलाकों के ऊपर उड़ान भर रहे हैं, जो उनकी सैन्य बढ़त को दिखाता है।

“समझौते के लिए तैयार है ईरान”

ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौता करना चाहता है।

बातचीत में शामिल प्रमुख नाम:

  • उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
  • विदेश मंत्री मार्को रूबियो
  • विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
  • जेरेड कुशनर

हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि वह पहले से सब कुछ सार्वजनिक नहीं करना चाहते, लेकिन ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो चुका है

ईरान में “सत्ता परिवर्तन” का दावा

ट्रंप ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है

उनके मुताबिक:

  • मौजूदा नेतृत्व पहले से अलग है
  • नए लोग सत्ता में आए हैं
  • यह बदलाव “रिजीम चेंज” जैसा है

पाकिस्तान की एंट्री: मध्यस्थता की पेशकश

इस बीच पाकिस्तान ने भी इस मुद्दे पर पहल दिखाई है।
ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि:

  • पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करना चाहता है
  • शांति वार्ता के लिए “सार्थक और निर्णायक भूमिका” निभाने को तैयार है
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Super Typhoon Bavi approaches Guam and the Northern Mariana Islands with destructive winds, as residents prepare for severe weather and possible power outages.
सुपर टाइफून 'बावी' का कहर! 280 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रहीं हवाएं, गुआम और उत्तरी मारियाना में हाई अलर्ट

Super Typhoon Bavi: अमेरिका के प्रशांत क्षेत्र की ओर बढ़ रहा सुपर टाइफून 'बावी' (Bavi) बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। तूफान को लेकर गुआम (Guam) और उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह (Northern Mariana Islands) में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह तूफान सीधे रोटा (Rota) द्वीप से टकराता है, तो कई सप्ताह या महीनों तक बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है। 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर (JTWC) के अनुसार, सुपर टाइफून बावी में लगातार 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जबकि हवा के झोंकों की गति 333 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। इसकी ताकत कैटेगरी-5 हरिकेन के बराबर बताई जा रही है, जिसे अत्यंत विनाशकारी माना जाता है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने जारी की गंभीर चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने कहा है कि सोमवार सुबह तूफान के गुजरने के दौरान उसके आईवॉल (Eyewall) वाले इलाकों में अत्यधिक तेज हवाएं, समुद्र में ऊंची लहरें और खतरनाक तूफानी ज्वार (Storm Surge) देखने को मिल सकते हैं। एजेंसी ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गुआम और उत्तरी मारियाना में दिखने लगा असर रविवार से ही गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीपों में तेज हवाओं और भारी बारिश का असर दिखाई देने लगा। संभावित खतरे को देखते हुए लोगों ने अपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित करने की तैयारी शुरू कर दी है। करीब 2.1 लाख आबादी वाले इन द्वीपों पर सड़कें लगभग खाली नजर आईं। पुलिस लगातार गश्त कर लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रही है। रोटा द्वीप के पास से गुजरेगा तूफान मौसम विभाग के अनुसार, सुपर टाइफून बावी सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 8 बजे उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के सबसे दक्षिणी द्वीप रोटा के बेहद करीब से गुजर सकता है। इस दौरान भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरों का गंभीर खतरा बना रहेगा। लंबे समय तक बिजली गुल रहने की आशंका विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तूफान सीधे रोटा द्वीप से टकराता है तो बिजली आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में कई इलाकों में हफ्तों या महीनों तक बिजली बाधित रहने की संभावना है। इस आशंका को देखते हुए लोग भोजन, पानी, ईंधन और अन्य जरूरी सामान का भंडारण कर रहे हैं। सुरक्षा तैयारियों में जुटे लोग तूफान की चेतावनी के बाद स्थानीय निवासी अपने घरों और दुकानों की खिड़कियों पर प्लाईवुड लगा रहे हैं ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो सके। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा है। हालांकि, प्रशासन की लगातार चेतावनियों के बावजूद गुआम के तालोफोफो बे (Talofofo Bay) में कुछ सर्फर ऊंची लहरों का आनंद लेते भी दिखाई दिए, जिसे अधिकारियों ने बेहद जोखिम भरा कदम बताया है। प्रशासन की अपील स्थानीय प्रशासन और मौसम एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक निर्देशों का पालन करें, समुद्र तटों से दूर रहें और तूफान के पूरी तरह गुजरने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटे हालात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Large crowds gather in Tehran during the second day of funeral ceremonies for former Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei.

दुश्मनों से प्रतिशोध और ‘खून का बदला’ के नारों से गूंजा तेहरान, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी लाखों की भीड़

Mourners gather in Tehran during the funeral ceremonies of former Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei as tensions rise over US President Donald Trump's remarks.

'ना सभ्यता, ना इतिहास...', ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार; कहा- इंसान मर सकता है, आदर्श नहीं

A cargo ship sails through the Red Sea after coming under attack near Yemen's coast as maritime security agencies investigate the incident.

लाल सागर में कार्गो शिप पर हमला, यमन तट के पास हथियारबंद हमलावरों ने बनाया निशाना; ब्रिटिश सेना ने की पुष्टि

Mourners gather during the funeral ceremonies of former Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei in Tehran as speeches and political slogans draw attention.
खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप के खिलाफ भड़काऊ नारे, कवि के बयान से मचा विवाद

तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान आयोजित कार्यक्रम में एक कवि के भड़काऊ बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया। राजधानी तेहरान में लाखों लोगों की मौजूदगी में कवि मोहम्मद रसूली ने अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए तीखी टिप्पणी की और भीड़ से अमेरिका व इजरायल विरोधी नारे लगवाए। ट्रंप को लेकर दिया विवादित बयान समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अंतिम संस्कार कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए कवि मोहम्मद रसूली ने भीड़ से पूछा कि "दुनिया का सबसे दुष्ट व्यक्ति अब तक जीवित क्यों है?" उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदर्भ देते हुए की। कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे भी लगाए। कार्यक्रम में कुछ लोगों के हाथों में ऐसे पोस्टर और बैनर भी देखे गए जिनमें ट्रंप के खिलाफ हिंसक संदेश लिखे होने की बात सामने आई है। तेहरान में उमड़ी बड़ी भीड़ रविवार को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में पहले दिन की तुलना में अधिक संख्या में लोग पहुंचे। काले कपड़े पहने हजारों-लाखों समर्थक काले झंडे और बैनर लेकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, छह दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। 9 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम कई चरणों में आयोजित किया जा रहा है। उनकी पार्थिव देह को ईरान के विभिन्न शहरों में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जा रहा है। इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। राजनीतिक महत्व भी रखता है आयोजन विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम संस्कार केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ईरान की मौजूदा राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था के समर्थन को प्रदर्शित करने का भी अवसर बन गया है। नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व को लेकर भी इस दौरान समर्थन जुटाने की कोशिशें देखी जा रही हैं। ईरान-अमेरिका वार्ता पर असर रिपोर्टों के मुताबिक, अंतिम संस्कार कार्यक्रम के चलते ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ताओं को फिलहाल स्थगित रखा गया है। दोनों देशों के बीच भविष्य की बातचीत अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद आगे बढ़ सकती है।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
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US Independence Day
अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबीं प्रियंका चोपड़ा, शेयर किया आतिशबाजी का वीडियो

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड और हॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) के मौके पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जश्न की खास झलक साझा की है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर देर रात का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उनके घर के बाहर आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगाता नजर आ रहा है। वीडियो में शांत माहौल के बीच रोशनी से सजा आसमान अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को बयां करता दिख रहा है।   इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा प्रियंका ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, "बिस्तर से 4 जुलाई की शुभकामनाएं"। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फैंस भी उन्हें अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दे रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी अमेरिका में 4 जुलाई को बड़े उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है और प्रियंका भी इस जश्न का हिस्सा बनीं।   प्रियंका चोपड़ा का अमेरिका से जुड़ाव काफी पुराना है। किशोरावस्था के दौरान उन्होंने मैसाचुसेट्स, आयोवा और न्यूयॉर्क के स्कूलों में पढ़ाई की थी। भारत लौटने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई और बाद में हॉलीवुड में भी सफल करियर स्थापित किया। साल 2018 में उन्होंने अमेरिकी सिंगर और अभिनेता निक जोनास से शादी की। वर्तमान में प्रियंका अपने पति निक जोनास और बेटी मालती मैरी के साथ अमेरिका में रहती हैं।   वर्कफ्रंट की बात करें तो वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा जल्द ही निर्देशक एस.एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'वाराणसी' से भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। इस फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्साह है। हाल ही में फिल्म की शूटिंग को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया था। ऐसे में प्रियंका एक बार फिर भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
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