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Bihar Plans Student Welfare Directorate

Bihar Education News: चार विभागों के लिए बनेगा छात्र कल्याण निदेशालय, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी

surbhi अगस्त 10, 2026 0
Bihar government plans student welfare directorate and education reforms to improve student services, exams and online learning.
Bihar Student Welfare Directorate Education Reform

पटना: बिहार में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं को बिहार के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार की नई पहल में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए दो राज्यस्तरीय कमेटियों का गठन, चार विभागों से जुड़ी छात्र कल्याण योजनाओं को एक मंच पर लाने के लिए छात्र कल्याण निदेशालय की स्थापना और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने सहयोग शिविर आयोजित करने जैसी योजनाएं शामिल हैं।

इन फैसलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं, शैक्षणिक सुविधाओं और परीक्षा से जुड़ी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।

चार विभागों को जोड़कर बनेगा छात्र कल्याण निदेशालय

बिहार सरकार शिक्षा से जुड़े चार विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए छात्र कल्याण निदेशालय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस प्रस्तावित निदेशालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करना है। अलग-अलग विभागों में बंटी छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ संचालित किए जाने से छात्रों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो सकती है।

नई व्यवस्था में छात्रों की समस्याओं को चिन्हित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

हर महीने आयोजित होंगे छात्र सहयोग शिविर

सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए हर महीने सहयोग शिविर आयोजित करने की योजना भी बना रही है।

इन शिविरों में छात्र अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। छात्रवृत्ति, प्रमाणपत्र, परीक्षा, शैक्षणिक सुविधाओं या अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके समाधान की कोशिश की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों और सरकारी तंत्र के बीच संवाद को बेहतर बनाना है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो विद्यार्थियों को अपनी शिकायतों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो सकती है।

रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा

बिहार में ऑनलाइन शिक्षा को भी नई व्यवस्था के तहत बढ़ावा देने की तैयारी है। छात्रों को रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई करने के लिए अतिरिक्त समय देना है। खासकर वे विद्यार्थी जो दिन के समय स्कूल, कॉलेज, कोचिंग या अन्य जिम्मेदारियों के कारण ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उन्हें इससे फायदा मिल सकता है।

हालांकि इस व्यवस्था की वास्तविक उपयोगिता ऑनलाइन कंटेंट की गुणवत्ता, इंटरनेट सुविधा और विद्यार्थियों तक इसकी पहुंच पर निर्भर करेगी।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए दो कमेटियां

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए दो राज्यस्तरीय कमेटियों के गठन की घोषणा की है।

इन समितियों के जरिए मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद कमेटियां सुधार के लिए जरूरी सुझाव सरकार को देंगी।

परीक्षाओं में समयबद्धता, पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और विद्यार्थियों का भरोसा बनाए रखना इस प्रक्रिया के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।

परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंताओं पर फोकस

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर छात्रों की ओर से पारदर्शिता, परीक्षा कार्यक्रम, परिणाम और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

ऐसे माहौल में परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए राज्यस्तरीय कमेटियों का गठन महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। यदि कमेटियां जमीनी समस्याओं की पहचान कर व्यावहारिक सुझाव देती हैं और उन पर समयबद्ध तरीके से अमल होता है, तो परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में ठोस बदलाव संभव है।

सरकार के सामने लागू करने की बड़ी चुनौती

छात्र कल्याण निदेशालय, सहयोग शिविर और ऑनलाइन शिक्षा जैसी योजनाओं की घोषणा के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल इनके प्रभावी क्रियान्वयन का है।

नई व्यवस्था का लाभ तभी व्यापक स्तर पर छात्रों तक पहुंचेगा, जब विभागों के बीच समन्वय मजबूत हो, शिकायतों का समय पर समाधान हो और विद्यार्थियों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं को बिहार के भविष्य की ताकत बताया है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे इन बदलावों का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को कितनी तेजी से समझती और उनका समाधान करती है।

आने वाले समय में दोनों राज्यस्तरीय कमेटियों की सिफारिशें और छात्र कल्याण निदेशालय की कार्यप्रणाली बिहार की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा तय कर सकती है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Dark clouds over Patna as Bihar faces thunderstorms, rain and lightning alerts across 12 districts.
बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, पटना समेत कई शहरों में छाए काले बादल; 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 15 अगस्त तक चेतावनी

पटना: बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है। सोमवार सुबह राजधानी पटना समेत आसपास के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 अगस्त तक मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और किशनगंज में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 11 से 15 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 11 अगस्त को दक्षिण और मध्य बिहार के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 अगस्त को भी राज्य के लगभग आधे हिस्से में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में बारिश और आंधी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। 13 अगस्त को मौसम की गतिविधियां और व्यापक हो सकती हैं। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, सीवान और सारण को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। 14 अगस्त को भी उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 15 अगस्त को पूरे बिहार के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मुंगेर, गोपालगंज समेत कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। दूसरी ओर पटना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। राज्य में अधिकतम तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में अभी भी सामान्य की तुलना में करीब 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। इसकी एक बड़ी वजह नेपाल में हो रही भारी बारिश को बताया जा रहा है। नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश कम, लेकिन बाढ़ का खतरा क्यों? बिहार में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, जबकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का सीधा असर उत्तर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। नेपाल से निकलने वाली और उत्तर बिहार से गुजरने वाली कई नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होगा। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल बिहार में 15 अगस्त तक मौसम के उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग जिलों में अलर्ट की स्थिति बदल सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर नजर रखना जरूरी है।  

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Bihar Pension: पेंशनधारियों के खाते में आज आएंगे 1,100 रुपये, 94 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

पटना: बिहार के वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों के लिए 10 अगस्त का दिन अहम है। राज्य सरकार आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 94 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,100 रुपये की मासिक पेंशन राशि सीधे ट्रांसफर करने जा रही है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से डीबीटी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेंशन की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजेंगे। सरकार के अनुसार इस भुगतान के तहत करीब 1,100 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक महीने की 10 तारीख को पेंशन जारी करने का प्रावधान किया गया है। 94 लाख से ज्यादा पेंशनधारियों को मिलेगा लाभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत बिहार के 94 लाख से अधिक लाभार्थियों को इस भुगतान का फायदा मिलेगा। जिन लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक है और जिनका जरूरी सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके खाते में राशि डीबीटी के माध्यम से पहुंचाई जाएगी। सरकार का कहना है कि नियमित भुगतान व्यवस्था से बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांग लाभार्थियों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी। इससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है। पहले 400 रुपये थी मासिक पेंशन बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस बढ़ी हुई राशि का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों के साथ-साथ विधवा और दिव्यांग लाभार्थियों को भी शामिल किया गया है। इन पेंशन योजनाओं में मिल रहा 1,100 रुपये का लाभ मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार निःशक्तता पेंशन योजना लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मासिक पेंशन का भुगतान किया जाता है। खाते में पैसा आया या नहीं, ऐसे करें चेक अगर आप पेंशन के लाभार्थी हैं और जानना चाहते हैं कि 1,100 रुपये की राशि खाते में पहुंची या नहीं, तो कई तरीकों से इसकी जांच कर सकते हैं। बैंक SMS: बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले आधिकारिक एसएमएस को चेक करें। ATM या बैंक शाखा: नजदीकी बैंक शाखा या एटीएम के माध्यम से खाते का बैलेंस जांच सकते हैं। CSP: नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर भी खाते में आई राशि की जानकारी ली जा सकती है। ऑनलाइन स्टेटस: समाज कल्याण विभाग, बिहार के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध डीबीटी सुविधा के माध्यम से भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है। आधार लिंक नहीं है तो रुक सकती है पेंशन पेंशन का भुगतान सुचारू रूप से प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक होना और आवश्यक सत्यापन पूरा होना महत्वपूर्ण है। अगर आधार सीडिंग या सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो भुगतान में परेशानी आ सकती है। सरकार ने ऐसे लाभार्थियों से जल्द से जल्द जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है। साथ ही 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे वरिष्ठ नागरिकों से भी आवेदन करने को कहा गया है, जो अभी तक पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। हर महीने 10 तारीख को पेंशन देने की व्यवस्था बिहार सरकार ने पेंशन भुगतान को नियमित बनाने के लिए हर महीने की 10 तारीख को पेंशन जारी करने की व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को भुगतान की निश्चित तारीख उपलब्ध कराना और पेंशन वितरण में अनिश्चितता कम करना है। आज होने वाला डीबीटी भुगतान इसी व्यवस्था का हिस्सा है। हालांकि, किसी भी लाभार्थी के खाते में राशि पहुंचने का वास्तविक समय बैंकिंग प्रक्रिया और खाते की स्थिति पर निर्भर कर सकता है। कुल मिलाकर, 1,100 रुपये की मासिक पेंशन और निश्चित भुगतान तिथि की व्यवस्था बिहार के लाखों सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है। अब सबसे अहम यह है कि पात्र लाभार्थियों का आधार, बैंक खाता और सत्यापन संबंधी प्रक्रिया पूरी हो, ताकि उन्हें पेंशन का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।  

surbhi अगस्त 10, 2026 0
Justice V Kameshwar Rao recommended as next Patna High Court Chief Justice by the Supreme Court Collegium.

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Patna Traffic: आज से बदला ट्रैफिक रूट, चिड़ियाघर के पास मेट्रो निर्माण से डायवर्जन लागू; जानें पटना जंक्शन जाने का नया रास्ता

पटना: राजधानी पटना में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते आज यानी 10 अगस्त से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। चिड़ियाघर के पास करीब 200 मीटर सड़क की एक लेन बंद होने के कारण वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर में जाम की स्थिति बन रही है। राजवंशी नगर स्थित हनुमान मंदिर के आसपास भी वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने सगुना मोड़ की तरफ से आने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए नए डायवर्जन प्लान को लागू किया है। अब इन वाहनों को चिड़ियाघर के सामने से सीधे आगे जाने के बजाय वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। डुमरा चौकी से बदलेगा व्यावसायिक वाहनों का रास्ता सगुना मोड़ की ओर से आने वाले व्यावसायिक वाहन राजाबाजार पुल के नीचे से आगे बढ़ने के बाद चिड़ियाघर पहुंचने से पहले डुमरा चौकी के पास डायवर्ट किए जाएंगे। यहां से वाहन एयरपोर्ट की तरफ जा सकेंगे। इसके बाद एयरपोर्ट के मुख्य गेट के सामने से आगे बढ़ते हुए पटेल गोलंबर और हार्डिंग रोड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके बाद वाहन आयकर गोलंबर होते हुए पटना जंक्शन की ओर जा सकेंगे। यातायात पुलिस का मानना है कि इस रूट से व्यावसायिक वाहनों को मुख्य निर्माण क्षेत्र से हटाने पर चिड़ियाघर के पास ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सामान्य वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सकेगी। एलएनजेपी अस्पताल के रास्ते भी भेजे जाएंगे वाहन व्यावसायिक वाहनों के लिए एक दूसरा वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया गया है। चिड़ियाघर पहुंचने से पहले कुछ वाहनों को एलएनजेपी अस्पताल की ओर डायवर्ट किया जाएगा। यहां से वाहन पुनाईचक की दिशा में जा सकेंगे। हालांकि एलएनजेपी अस्पताल से पुनाईचक जाने वाली सड़क अपेक्षाकृत संकरी है। ऐसे में इस रूट पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बनी हुई है। इसी वजह से यातायात पुलिस इस मार्ग की लगातार निगरानी करेगी। जरूरत के अनुसार वाहनों की संख्या और दिशा में बदलाव करते हुए डायवर्जन प्लान को भी संशोधित किया जा सकता है। पीक आवर में सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव चिड़ियाघर के पास मेट्रो निर्माण के कारण सड़क की एक लेन बंद किए जाने का असर आसपास के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। सुबह कार्यालय और स्कूल जाने के समय तथा शाम को काम से लौटने के दौरान वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। इस दौरान राजवंशी नगर के हनुमान मंदिर के आसपास भी ट्रैफिक धीमा होने की स्थिति बन रही है। व्यावसायिक वाहनों को मुख्य मार्ग से हटाकर वैकल्पिक रास्तों पर भेजने का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है। विकास भवन और विद्युत भवन के पास भी बदल सकता है रूट पटना में मेट्रो निर्माण का अगला चरण विकास भवन और विद्युत भवन के आसपास शुरू होने की तैयारी है। वहां निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यातायात व्यवस्था में एक बार फिर बदलाव किए जाने की संभावना है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, उस समय व्यावसायिक वाहनों को आयकर गोलंबर के पास से ही डायवर्ट किया जा सकता है। इसका मतलब है कि मेट्रो निर्माण के अलग-अलग चरणों के साथ पटना के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव होता रहेगा। दो प्रमुख जगहों से डायवर्जन फिलहाल सगुना मोड़ की तरफ से आने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए दो प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट तय किए गए हैं। पहला डायवर्जन: डुमरा चौकी के पास से वाहन एयरपोर्ट, पटेल गोलंबर और हार्डिंग रोड की ओर जाएंगे। इसके बाद आयकर गोलंबर होते हुए पटना जंक्शन की ओर जाने का विकल्प रहेगा। दूसरा डायवर्जन: चिड़ियाघर से पहले वाहनों को एलएनजेपी अस्पताल की तरफ मोड़ा जाएगा, जहां से वे पुनाईचक की दिशा में जा सकेंगे। यातायात पुलिस दोनों रूट पर स्थिति की लगातार निगरानी करेगी। किसी मार्ग पर अत्यधिक दबाव बनने की स्थिति में मौके के हिसाब से डायवर्जन में बदलाव किया जा सकता है। वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह मेट्रो निर्माण क्षेत्र के आसपास जाने वाले वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। खासकर पीक आवर में चिड़ियाघर और राजवंशी नगर के आसपास अनावश्यक रुकने से बचें। व्यावसायिक वाहन चालक नए डायवर्जन रूट की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, ताकि निर्माण क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्हें अचानक रास्ता बदलने की परेशानी न हो। पटना मेट्रो का निर्माण शहर के सार्वजनिक परिवहन ढांचे के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन निर्माण अवधि में ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बनी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में निर्माण की प्रगति के साथ ट्रैफिक प्लान में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।  

surbhi अगस्त 10, 2026 0
Bihar villages face large-scale migration as residents leave for jobs, higher income and better opportunities outside the state.

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surbhi अगस्त 7, 2026 0

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